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Tejashwi Yadav
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Tejashwi Yadav
@yadavtejashwi
Ex. Deputy Chief Minister, Bihar
Patna Katılım Aralık 2013
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‘अमंगल दोष’ से ग्रसित बिहार का स्वास्थ्य विभाग बना नरक!
बिहार के अस्पतालों में कहीं डॉक्टर नहीं, कहीं रूई नहीं-रूई है तो सुई नहीं, कहीं दवा नहीं, कहीं बेड नहीं… और अब हालत यह है कि अस्पताल में मरीज के लिए व्हील चेयर तक उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में मरीज को कभी साईकिल, कभी चारपाई, कभी स्कूटर पर बैठाकर ले जाना पड़ रहा है।
अमंगल सरकार में समूचे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट हो चुकी है। भाजपा-जदयू की सरकार बताए, जब अस्पताल में डॉक्टर नहीं, व्हील चेयर नहीं, दवा नहीं, इलाज की व्यवस्था नहीं, स्वास्थ्य कर्मी नहीं तो इसे अस्पताल कहा ही क्यों जाए?
ईंट-गारे का ढांचा खड़ा कर फिर उसे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कह देने से स्वास्थ्य सेवा, सुविधा और व्यवस्था सुदृढ़ नहीं होती है? ये बिल्डिंग इसलिए बनाते और बनवाये है कि इसमें मोटा कमीशन खा सके अन्यथा बिना चिकित्सकों, नर्सों, ड्रेसर, लैब टेक्निशियन इत्यादि की भर्ती के बिना अस्पतालों के इन भवनों में कबूतर ही रहेंगे।
सत्ता के अहंकार में डूबी इस एनडीए सरकार को शायद गरीबों का यह दर्द दिखाई नहीं देता? क्योंकि इन्हें कुर्सी से मतलब है, भ्रष्टाचार से मतलब है, बिहार से नहीं। बिहार के सरकारी अस्पताल मरीजों के लिए रेफरल पॉइंट बन गए है, जहां से मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है।
स्वास्थ्य मंत्री रहते हमने 17 महीनों में स्वास्थ्य विभाग में जो सकारात्मक कार्य किए थे उन सभी को इन भ्रष्ट लोगों ने दरकिनार कर फिर से दलालों और मेडिकल माफियाओं को बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को सौंप दिया है।
#Bihar #Health #TejashwiYadav #RJD
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विगत दिनों पूर्व मंत्री श्री राजबल्लभ यादव जी एवं नवादा की वर्तमान विधायक श्रीमती विभा देवी जी के छोटे सुपुत्र का आकस्मिक निधन हो गया था।
नवादा में शोकाकुल परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की तथा उनका दुख-दर्द सांझा किया।
#TejashwiYadav #RJD #bihar #Nawada




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चौथी कक्षा का छात्र स्कूल में रखी शराब पीकर नशे में घर पहुंच गया। बिहार में शराबबंदी का काला, घिनौना और डरावना सच देखिए। ये नया बिहार है जहाँ विद्या के मंदिर शराब का गोदाम मिला है और स्कूल शराब की तस्करी के अड्डे बन गए हैं, जहाँ बिहार के नौनिहाल नशे के लिए प्रेरित किये जा रहे हैं।
छात्र के शराब पी कर घर आने के बाद जांच में स्कूल के जर्जर बाथरूम से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई। बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा कहाँ हैं ? पुलिस प्रशासन कहाँ हैं ? सुशासन कहाँ हैं ? मुख्यमंत्री जी ख़ुद का राज्यसभा सांसद बनने का सपना तो आपने पूरा कर लिया, बिहार की लाखों माँओं के सपनों को मत तोड़िए?
एनडीए की ये कैसी कुर्सी की खींचतान है जो बिहार का भविष्य, बिहार का कानून, बिहार का सुख-चैन सब लील रही है। सरकार अविलंब हर स्कूल-कॉलेज की जाँच करे और तस्करी मुक्त बिहार सुनिश्चित करे। #Bihar

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शराबबंदी लागू होने के 𝟏𝟎 वर्षों बाद बिहार में 𝟏𝟏 लाख केस दर्ज कर 𝟏𝟔 लाख से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक 𝟓 करोड़ लीटर से अधिक शराब बरामद की गई है।
विगत 𝟓 साल में 𝟐 करोड़ लीटर से अधिक शराब जब्त की गई है यानि प्रतिदिन औसतन 𝟏𝟏 हजार लीटर से अधिक! बिहार पुलिस के अपने आंकड़ों के अनुसार 𝟐𝟎𝟐𝟔 में औसतन 𝟑 लाख 𝟕𝟎 हजार 𝟔𝟖𝟒 लीटर प्रति महीने अवैध शराब बरामद की गई है यानि 𝟏𝟐,𝟑𝟓𝟔 लीटर प्रतिदिन।
यह तो सिर्फ दिखावटी जब्त शराब है लेकिन जमीनी सच्चाई के अनुसार बिहार में प्रतिदिन शराब की खपत 𝟏 लाख 𝟕𝟎 हज़ार लीटर से अधिक की है। बिहार सरकार के मुताबिक़ 𝟐𝟎𝟐𝟔 में 𝟏𝟖 प्रतिशत अधिक शराब बरामद की गई यानि पुलिस के दकियानुसी आंकड़ों के बावजूद भी बरामदगी में 𝟏𝟖% का उछाल है।
आप कल्पना करिए कि वास्तविकता में बिहार में शराब की उपलब्धता कितनी सहज और सरल है? सरकार यह क्यों नहीं बताती कि बिहार की सीमा में करोड़ो लीटर शराब कब, कैसे, क्यों और किसके सहयोग से आ रही है? कोई पैराशूट से तो गिराकर जाता है नहीं? सरकार जब्त की बजाय खपत के भी आंकड़े सार्वजनिक करे।
आज ये शराबबंदी के नाम पर सुधारक बनने का स्वांग कर रहे है लेकिन यथार्थ यह है कि इसके नाम पर इन्होंने संस्थागत भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर अफसरशाही को बेलगाम, भ्रष्ट, आरामपरस्त और तानाशाह बनाया है।




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हिन्द की चादर, महान संत, सिख धर्म के नौवें गुरु, धर्म एवं मानवता के रक्षक गुरु श्री तेग बहादुर जी महाराज के प्रकाश पर्व पर शत-शत नमन एवं समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
धर्म और मानवता की रक्षा हेतु समर्पित उनका बलिदानी व तपस्वी जीवन चिरकाल तक हमें मातृभूमि की सेवा हेतु प्रेरित करता रहेगा।
#PrakashPurab #GuruTeghBahadur

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शराबबंदी की विफलता का दोषी कौन? मेरे सवालों, तर्कों और तथ्यों का जवाब दें।
शराबबंदी क़ानून को लागू किए कल 𝟏𝟎 वर्ष पूर्ण हुए लेकिन यह शासन-प्रशासन और शराब माफिया के नापाक मजबूत गठजोड़ की बदौलत यह क़ानून अपने उद्देश्य की पूर्ति में एकदम विफल रहा।
शराबबंदी नीतीश कुमार का सबसे बड़ा सांस्थानिक भ्रष्टाचार साबित हुआ। इसके कारण बिहार में 𝟒𝟎 हज़ार करोड़ की अवैध समानांतर अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है। शराबबंदी क़ानून के क्रियान्वयन की देखरेख वाले गृह और मद्य निषेध विभाग भी अधिकांश इनके पास ही रहे है।
शराबबंदी लागू होने के बाद बिहार में 𝟏𝟏 लाख केस दर्ज कर 𝟏𝟔 लाख से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक 𝟓 करोड़ लीटर से अधिक शराब बरामद की गई है।
विगत 𝟓 साल में 𝟐 करोड़ लीटर से अधिक शराब जब्त की गई है यानि प्रतिदिन औसतन 𝟏𝟏 हजार लीटर से अधिक! बिहार पुलिस के अपने आंकड़ों के अनुसार 𝟐𝟎𝟐𝟔 में औसतन 𝟑 लाख 𝟕𝟎 हजार 𝟔𝟖𝟒 लीटर प्रति महीने अवैध शराब बरामद की गई है यानि 𝟏𝟐,𝟑𝟓𝟔 लीटर प्रतिदिन।
यह तो सिर्फ दिखावटी जब्त शराब है लेकिन जमीनी सच्चाई के अनुसार बिहार में प्रतिदिन शराब की खपत 𝟏 लाख 𝟕𝟎 लाख लीटर से अधिक की है। बिहार सरकार के मुताबिक़ 𝟐𝟎𝟐𝟔 में 𝟏𝟖 प्रतिशत अधिक शराब बरामद की गई यानि शराबबंदी और पुलिस के दकियानुसी आंकड़ों के बावजूद भी बरामदगी में 𝟏𝟖% का उछाल है।
अवैध शराब के अलावा इस कानून की विफलता के कारण बिहार में सूखा और अन्य प्रकार के नशे की सामग्री का कारोबार 𝟒𝟎 फ़ीसदी बढ़ा है। युवा गांजा, ब्राउन शुगर व नशीली दवाओं का सेवन कर रहे हैं।
अब आप कल्पना करिए कि वास्तविकता में बिहार में शराब की उपलब्धता कितनी सहज और सरल है? सरकार यह क्यों नहीं बताती कि बिहार की सीमा में करोड़ो लीटर शराब कब, कैसे, क्यों और किसके सहयोग से आ रही है? कोई पैराशूट से तो गिराकर जाता है नहीं? सरकार जब्त की बजाय खपत के भी आंकड़े सार्वजनिक करे।
आपको जानकर हैरानी होगी कि 𝟐𝟎𝟎𝟒-𝟎𝟓 में संपूर्ण बिहार के ग्रामीण इलाकों में 𝟓𝟎𝟎 से भी कम शराब की दुकानें थीं। 𝟐𝟎𝟎𝟓 में पूरे बिहार में लगभग 𝟑𝟎𝟎𝟎 हज़ार शराब की दुकाने थी जो मात्र 𝟐𝟎𝟏𝟓 तक नीतीश कुमार के 𝟏𝟎 वर्षों में बढ़कर 𝟔𝟎𝟎𝟎 से अधिक हो गयी। और इनमें से अधिकांश दुकाने नीतीश कुमार ने ग्रामीण क्षेत्रों-पंचायतों में खुलवाई ताकि हर घर शराब पहुँचाई जा सके।
आप कल्पना कीजिए आज़ादी के बाद 𝟏𝟗𝟒𝟕 से लेकर 𝟐𝟎𝟎𝟓 में यानि 𝟓𝟖 वर्षों में बिहार में केवल 𝟑𝟎𝟎𝟎 दुकाने ही खोली गयी लेकिन नीतीश कुमार ने 𝟏𝟎 वर्षों में ही इसे बढ़ाकर दुगुना यानि 𝟔𝟎𝟎𝟎 कर दिया। 𝟓𝟖 वर्षों में औसतन बिहार में प्रति वर्ष संपूर्ण बिहार में मात्र 𝟓𝟏 दुकाने ही खुलती रही लेकिन इनके 𝟐𝟎𝟎𝟓-𝟐𝟎𝟏𝟓 के 𝟏𝟎 वर्षों में प्रतिवर्ष औसतन 𝟑𝟎𝟎 शराब की दुकाने खोली गयी।
आज ये शराबबंदी के नाम पर सुधारक बनने का स्वांग कर रहे है लेकिन यथार्थ यह है कि इसके नाम पर इन्होंने संस्थागत भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर अफसरशाही को बेलगाम, भ्रष्ट, आरामपरस्त और तानाशाह बनाया है।
बिहार में शराबबंदी कानून अब मजाक बन गया है। इस कानून की आड़ में केवल गरीबों को निशाना बनाया जा रहा है। शराबबंदी कानून के तहत करीब 𝟏𝟔 लाख से अधिक जिन लोगों की गिरफ्तारियां हुई हैं इनमें सबसे अधिक गरीब, दलित, पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के लोग हैं।
बिहार में शराबबंदी को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि पुलिस के कारण ही शराब की तस्करी हो रही है और पुलिस का एकमात्र काम रह गया है भ्रष्टाचार, उगाही और कानून का दुरुपयोग करने वालों को संरक्षण देना।
𝟏𝟔 लाखों लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद भी सप्लायर और तस्करों को गिरफ्तार नहीं किया गया, किसी भी जिले के एसपी, डीएसपी या बड़े अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने यहां तक कहा कि सरकार जिसको चाहती है, उसी पर कार्रवाई होती है, चयनात्मक कार्रवाई होती है।
सरकार उन अधिकारियों और प्रशासनिक लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं करती जो भ्रष्टाचार के माध्यम से शराबबंदी को विफल करना चाहते हैं?
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भगवान बिरसा मुंडा की क्रांतिकारी पावन धरा झारखंड की राजधानी रांची में आज पार्टी की झारखंड इकाई द्वारा आयोजित भव्य अभिनंदन कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ।
कार्यक्रम में उमड़े जनसमूह का उत्साह, विश्वास, स्नेह, समर्थन और समर्पण ही पार्टी की असल ताकत है। आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद जी की जनहितैषी विचारधारा, जनवादी नीति, कार्यक्रम, त्याग तथा समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देश के सभी राज्यों में अपार जनसमर्थन और सम्मान प्राप्त होना हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
आइए, सभी न्यायप्रिय साथी मिलकर लोकतंत्र की मजबूती के लिए अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए सामाजिक न्याय, बंधुत्व, समानता, जन कल्याण, पारदर्शिता और समावेशी विकास की इस लड़ाई को और अधिक मजबूत करें।
#RJD #Jharkhand #TejashwiYadav




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👉 देश में सबसे कम साक्षरता दर बिहार की है।
👉 देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति आय बिहार की है।
👉 देश में सबसे कम किसानों की आय बिहार की है।
👉 देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति निवेश बिहार में है।
👉 देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति उपभोग बिहार में है।
👉 देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति ग्रामीण आय बिहार में है।
👉 देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति बिजली खपत बिहार में है।
👉 देश में सबसे अधिक अपराध बिहार में है।
👉 देश में सबसे अधिक गरीबी बिहार में है।
👉 देश में सबसे अधिक पलायन बिहार से है।
👉 देश में सबसे अधिक भ्रष्टाचार बिहार में है।
👉 देश में सबसे अधिक बेरोज़गारी बिहार में है।
👉 हिंसक अपराध और अपहरण में बिहार अव्वल है।
👉 भारत के 𝟓𝟎 सबसे प्रदूषित शहरों में सबसे अधिक शहर बिहार के है।
👉 देश में सबसे अधिक ग्रामीण युवा बेरोज़गार बिहार से है।
👉 सबसे अधिक शहरी बेरोज़गार युवा भी बिहार के ही है।
👉 सबसे अधिक 𝐒𝐜𝐡𝐨𝐨𝐥 𝐃𝐫𝐨𝐩 𝐎𝐮𝐭 𝐑𝐚𝐭𝐞 बिहार में है।
👉 सबसे ख़राब 𝐏𝐮𝐩𝐢𝐥-𝐓𝐞𝐚𝐜𝐡𝐞𝐫 𝐑𝐚𝐭𝐢𝐨 बिहार का है।
👉 देश में सबसे कम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बिहार में है।
👉 प्रति एक लाख आबादी पर सबसे कम कॉलेज बिहार में हैं।
👉 देश में सबसे कम 𝐂𝐃𝐑 (𝐂𝐫𝐞𝐝𝐢𝐭 𝐃𝐞𝐩𝐨𝐬𝐢𝐭 𝐑𝐚𝐭𝐢𝐨) साख-जमा अनुपात बिहार का है।
👉 𝐊𝐂𝐂 𝐋𝐨𝐚𝐧 के अन्तर्गत किसानों को देश में सबसे कम कृषि ऋण बिहार में मिलता है।
👉 नीति आयोग के सतत्त विकास के लक्ष्य और विकास के तमाम सूचकांकों में बिहार सबसे नीचे है।
👉 देश में सबसे अधिक “𝐔𝐧𝐝𝐞𝐫𝐰𝐞𝐢𝐠𝐡𝐭” (कम वजन के) बच्चे बिहार में है।
👉 देश में सबसे अधिक बच्चे “𝐒𝐭𝐮𝐧𝐭𝐞𝐝” यानि बौने बिहार के हैं।
👉 देश में सबसे अधिक 𝐀𝐧𝐚𝐞𝐦𝐢𝐜 यानि खून की कमी से पीड़ित महिलाए बिहार में है।
👉 𝐌𝐮𝐥𝐭𝐢 𝐝𝐢𝐦𝐞𝐧𝐬𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥 𝐩𝐨𝐯𝐞𝐫𝐭𝐲 सबसे अधिक बिहार में है।
👉 देश में सबसे अधिक डॉक्टरों के पद बिहार में रिक्त हैं। लगभग 𝟓𝟖% पद रिक्त है।
👉 देश में सबसे अधिक झोपड़ी में रहने वाले लोग बिहार के है। बिहार की 𝟏𝟒% आबादी झोपड़ी में रहती है।
👉 आधुनिक सुविधाओं और सेवाओं में देश में सबसे पीछे बिहार है।
👉 स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं में देश में सबसे पीछे बिहार है।
👉 औद्योगीकरण, औद्योगिक विकास-उत्पादन व निवेश में बिहार सबसे फिसड्डी है।
गंभीरता से इस पर मनन करो और बताओ 𝟐𝟏 वर्षों के एनडीए शासन बाद भी बिहार विकास के इन सभी संकेतकों में राष्ट्रीय औसत से अत्यधिक कम क्यों है? जब तक आप समस्या को चिह्नित कर उसका समाधान नहीं करेंगे तब तक अपनी असफलता छुपाने के लिए हर बार ऐसे ही चुनावों में चुनाव आयोग जैसी संस्था, भ्रष्ट अधिकारियों की चौकड़ी, सरकारी तंत्र का दुरुपयोग और मदद, 𝟏𝟎 हज़ार नगद और 𝟏 करोड़ नौकरी व हर महिला को 𝟐 लाख रुपए बांटने जैसे सफेद झूठ बोलना पड़ेगा।
𝟐𝟏 वर्षों की 𝐍𝐃𝐀 सरकार और 𝟏𝟐 वर्षों की डबल इंजन सरकार के कर कमलों से 𝐥 विगत दो दशकों से शिक्षा-रोजगार-आय, औद्योगिक विकास-उत्पादन व निवेश तथा स्वास्थ्य सेवा-सुविधा और पोषण से लेकर अधिकांश सामाजिक, मानवीय और आर्थिक संकेतकों में बिहार सबसे निचले पायदानों पर है।
बिहार को सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य बताने पर भ्रष्ट शासकों को अपमान लगता है क्योंकि यह इनके सफेद झूठ व अपार असफलता का पर्दाफाश कर इनकी सच्चाई को उजागर करता है इसलिए एनडीए के कर्णधारों को यह असहनीय दर्द-पीड़ा होती है।
बिहार की यह स्थिति 𝟐𝟏 वर्षों से बनी हुई है लेकिन निर्लज्ज, नाकाम, नकारा और निक्कमी सरकार हर बात में विपक्ष पर दोषारोपण कर अपनी राजक नीतियों, सफेद झूठ और खोखले दावों के बोझ तले अपनी आसमानी विफलता को छुपाने का असफल प्रयास करती है।
अगर मुख्यमंत्री, दो-दो उपमुख्यमंत्री में नैतिक साहस और योग्यता है तो बिहार की प्रगति व बेहतरी के लिए इस यथार्थ और सरकार के अपने ही आंकड़ों व तथ्यों पर मुझसे जब चाहे, जहाँ चाहे, जैसे चाहे सार्वजनिक बहस कर सकते हैं।
#TejashwiYadav #RJD #bihar #news
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𝟐𝟏 वर्षों की 𝐍𝐃𝐀 सरकार और 𝟏𝟐 वर्षों की डबल इंजन सरकार के कर कमलों से 𝐥 विगत दो दशकों से शिक्षा-रोजगार-आय, औद्योगिक विकास-उत्पादन व निवेश तथा स्वास्थ्य सेवा-सुविधा और पोषण से लेकर अधिकांश सामाजिक, मानवीय और आर्थिक संकेतकों में बिहार सबसे निचले पायदानों पर है।
बिहार को सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य बताने पर भ्रष्ट शासकों को अपमान लगता है क्योंकि यह इनके सफेद झूठ व अपार असफलता का पर्दाफाश कर इनकी सच्चाई को उजागर करता है इसलिए एनडीए के कर्णधारों को यह असहनीय दर्द-पीड़ा होती है।
बिहार की यह स्थिति 𝟐𝟏 वर्षों से बनी हुई है लेकिन निर्लज्ज, नाकाम, नकारा और निक्कमी सरकार हर बात में विपक्ष पर दोषारोपण कर अपनी राजक नीतियों, सफेद झूठ और खोखले दावों के बोझ तले अपनी आसमानी विफलता को छुपाने का असफल प्रयास करती है।
अगर मुख्यमंत्री, दो-दो उपमुख्यमंत्री में नैतिक साहस और योग्यता है तो बिहार की प्रगति व बेहतरी के लिए इस यथार्थ और सरकार के अपने ही आंकड़ों व तथ्यों पर मुझसे जब चाहे, जहाँ चाहे, जैसे चाहे सार्वजनिक बहस कर सकते हैं। अब आँख-कान और दिमाग खोलकर इन तथ्यों पर गौर फ़रमाइए:-
👉 देश में सबसे कम साक्षरता दर बिहार में है।
👉 देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति आय बिहार की है।
👉 देश में सबसे कम किसानों की आय बिहार की है।
👉 देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति निवेश बिहार में है।
👉 देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति उपभोग बिहार में है।
👉 देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति ग्रामीण आय बिहार में है।
👉 देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति बिजली खपत बिहार में है।
👉 देश में सबसे अधिक अपराध बिहार में है।
👉 देश में सबसे अधिक गरीबी बिहार में है।
👉 देश में सबसे अधिक पलायन बिहार से है।
👉 देश में सबसे अधिक बेरोज़गारी बिहार में है।
👉 देश में सबसे अधिक हिंसक अपराध और अपहरण बिहार में है।
👉 भारत के 𝟓𝟎 सबसे प्रदूषित शहरों में सबसे अधिक शहर बिहार के है।
👉 देश में सबसे अधिक ग्रामीण युवा बेरोज़गार बिहार से है।
👉 सबसे अधिक शहरी बेरोज़गार युवा भी बिहार के ही है।
👉 सबसे अधिक 𝐒𝐜𝐡𝐨𝐨𝐥 𝐃𝐫𝐨𝐩 𝐎𝐮𝐭 𝐑𝐚𝐭𝐞 बिहार में है।
👉 सबसे ख़राब 𝐏𝐮𝐩𝐢𝐥-𝐓𝐞𝐚𝐜𝐡𝐞𝐫 𝐑𝐚𝐭𝐢𝐨 बिहार का है।
👉 देश में सबसे कम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बिहार में है।
👉 प्रति एक लाख आबादी पर सबसे कम कॉलेज बिहार में हैं।
👉 देश में सबसे कम 𝐂𝐃𝐑 (𝐂𝐫𝐞𝐝𝐢𝐭 𝐃𝐞𝐩𝐨𝐬𝐢𝐭 𝐑𝐚𝐭𝐢𝐨) साख-जमा अनुपात बिहार का है।
👉 𝐊𝐂𝐂 𝐋𝐨𝐚𝐧 के अन्तर्गत किसानों को देश में सबसे कम कृषि ऋण बिहार में मिलता है।
👉 नीति आयोग के सतत्त विकास के लक्ष्य और विकास के तमाम सूचकांकों में बिहार सबसे नीचे है।
👉 देश में सबसे अधिक “𝐔𝐧𝐝𝐞𝐫𝐰𝐞𝐢𝐠𝐡𝐭” (कम वजन के) बच्चे बिहार में है।
👉 देश में सबसे अधिक बच्चे “𝐒𝐭𝐮𝐧𝐭𝐞𝐝” यानि बौने बिहार के हैं।
👉 देश में सबसे अधिक 𝐀𝐧𝐚𝐞𝐦𝐢𝐜 यानि खून की कमी से पीड़ित महिलाए बिहार में है।
👉 𝐌𝐮𝐥𝐭𝐢 𝐝𝐢𝐦𝐞𝐧𝐬𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥 𝐩𝐨𝐯𝐞𝐫𝐭𝐲 सबसे अधिक बिहार में है।
👉 देश में सबसे अधिक डॉक्टरों के पद बिहार में रिक्त हैं। लगभग 𝟓𝟖% पद रिक्त है।
👉 देश में सबसे अधिक झोपड़ी में रहने वाले लोग बिहार के है। बिहार की 𝟏𝟒% आबादी झोपड़ी में रहती है।
👉 आधुनिक सुविधाओं और सेवाओं में देश में सबसे पीछे बिहार है।
👉 स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं में देश में सबसे पीछे बिहार है।
👉 औद्योगीकरण, औद्योगिक विकास-उत्पादन व निवेश में बिहार सबसे फिसड्डी है।
गंभीरता से इस पर मनन करो और बताओ 𝟐𝟏 वर्षों के शासन बाद भी बिहार विकास के इन सभी संकेतकों में राष्ट्रीय औसत से अत्यधिक कम क्यों है? जब तक आप समस्या को चिह्नित कर उसका समाधान नहीं करेंगे तब तक अपनी असफलता छुपाने के लिए हर बार ऐसे ही चुनावों में चुनाव आयोग जैसी संस्था, भ्रष्ट अधिकारियों की चौकड़ी, सरकारी तंत्र का दुरुपयोग और मदद, 𝟏𝟎 हज़ार नगद और 𝟏 करोड़ नौकरी व हर महिला को 𝟐 लाख रुपए बांटने जैसे सफेद झूठ बोलना पड़ेगा।
हिन्दी

Campaigning for RJD candidate Mr. P.K Anil Kumar ji from Kalpetta constituency in Wayanad district, Keralam.
#TejashwiYadav #keralam #RJD




Filipino

Campaigning for CPI(M)’s young candidate Mr. Linto Joseph at Mukkam in the Thiruvambady constituency of Kozhikode district, located on the southwest coast of Keralam.
#TejashwiYadav #RJD #keralam




English

दरभंगा में दिनदहाड़े स्वर्ण व्यवसायी की दुकान पर हथियार के बल पर लगभग 20 लाख रुपये के सोना-चांदी के जेवरात लूट लिए गए। अपराधी बेखौफ होकर दुकान में घुसे, लोगों को डराया-धमकाया और वारदात को अंजाम देकर आराम से फरार हो गए।
जब दिनदहाड़े बाजारों में इस तरह अपराधी खुलेआम लूट कर निकल जा रहे हों, तो समझना मुश्किल नहीं कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति कितनी बदहाल हो चुकी है। एनडीए सरकार में व्यापारी, आम नागरिक, महिला कोई भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और भाजपा-जदयू ‘मेरा सीएम-तेरा सीएम’ में व्यस्त है।
#BiharCrime #Darbhanga
हिन्दी

भारत के मौजूदा मुफ्ती-ए-आज़म (ग्रैंड मुफ्ती), देश के प्रमुख सूफी विद्वान, मरकज नॉलेज सिटी के चांसलर, ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलमा के महासचिव, मुस्लिम धर्म गुरु हज़रत शेख अबूबकर अहमद कंथापुरम के कोड़िकोड, केरलम में दीदार कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
अनेक अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हज़रत शेख अबू बकर अहमद साहब शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं, सामुदायिक सद्भाव और अंतरधार्मिक संवाद के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी तक़रीर बहुलवादी समाज में संयम, सहिष्णुता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर जोर देती हैं।
ये देश भर के लाखों मुसलमानों को धार्मिक मार्गदर्शन और नेतृत्व प्रदान कर समकालीन भारत में इस्लामी विचार और व्यवहार को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यमन में 34 वर्षीय भारतीय नर्स निमिशा प्रिया की फाँसी रुकवाने में फरिश्ते की भूमिका निभा वो पूरे भारत में मशहूर हुए थे।
जॉर्डन के रॉयल इस्लामिक स्ट्रेटेजिक स्टडीज सेंटर द्वारा प्रकाशित 500 सर्वाधिक प्रभावशाली मुसलमानों की सूची में उन्हें लगातार कई वर्षों तक स्थान दिया गया है।
मेरे पिता और हमारे आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @laluprasadrjd जी भी लगातार इनसे दुआ प्राप्त करते रहे है।




हिन्दी

मोतिहारी में जहरीली शराब के कारण 4 लोगों की मौत, 6 लोगों की आंखों की रोशनी चले जाना और कई लोगों की हालत गंभीर होना अत्यंत दुखद है। यह घटना एक बार फिर एनडीए सरकार के शराबबंदी कानून की विफलता और उसकी गंभीर खामियों को उजागर करती है।
हालांकि यह बिल्कुल भी पहली बार नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब से 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह तो केवल सरकारी आंकड़ा है, हकीकत में यह संख्या इससे कहीं अधिक है। इतना ही नहीं, कई दर्जन लोग अपनी आंखों की रोशनी भी खो चुके हैं।
शराबबंदी कानून का मूल उद्देश्य अब पूरी तरह भटक चुका है। यह कानून सत्ताधारी भाजपा-जदयू के कुछ नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों और उनके संरक्षण में पल रहे शराब माफियाओं व भ्रष्ट तंत्र के लिए कमाई का कमाऊ पूत बन गया है।
बिहार में खुलेआम जहरीली शराब बन रही है, धड़ल्ले से पुलिस की मिलीभगत से बेची जा रही है, घर-घर होम डिलीवरी हो रही है। सरकार की नाक के नीचे यह सब चल रहा है और इसकी कीमत बिहार के गरीब और आम लोग अपनी जान देकर चुका रहे हैं।
#शराबबंदी #Bihar
हिन्दी

Attended and addressed an election meeting in the Beypore assembly constituency in support of CPI(M) candidate Mr. Mohammed Riyas, alongside Keralam’s honourable CM Shri Pinarayi Vijayan Ji.
During my extensive travels for political and social engagements, discussions about Keralam consistently highlight the state's progress under his dedicated, transparent, honest and efficient leadership. I am hopeful that his continued guidance will yield even greater success for Keralam in the future.




English

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की ऐसी असम्मानजनक विदाई उनके दल और समर्थकों ने सपने में भी नहीं सोची होगी कि उनके इस्तीफे से पहले ही गृह विभाग और अधिकारी उन्हें भूतपूर्व बताने में लग गए हैं। अभी देखते रहिए, ये क्या-क्या करेंगे?
#Bihar #TejashwiYadav

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