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Capt G R Choudhary
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Capt G R Choudhary
@captgrc
War Veteran Proud Indian World Citizen TEDx Speaker Retd SBI AGM&CSO
जोधपुर एयर फोर्स क्षेत्र, Jodh Katılım Ekim 2016
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झूठ, झूठ, झूठ।
नेहरू जी ने तो दिल्ली में अंत्येष्टि करने को कहा था। मगर अंबेडकर का परिवार उन का अंतिम संस्कार बंबई में करना चाहता था। जगजीवन राम नेहरू जी के मंत्रिमंडल में थे और उन्होंने पार्थिव शरीर को मुंबई ले जाने के लिए विशेष विमान की व्यवस्था की थी। इस के लिए अंबेडकर की पत्नी या परिवार से कोई किराया नहीं वसूला गया था। इस तरह की अफवाहें फैलाने वालों के ख़्लिफ़ तो क़ानूनी कार्यवाही होनी चाहिए।
Kunal Shukla@kunal492001
व्हॉट्सएप यूनिवर्सिटी से ज्ञान लेना बंद करो,बंद करो।
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अफ़सोस की बात है कि इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नही हुई है। क्या यह भी राष्ट्रवाद का कोई रुप है? इसमें गुंडागर्दी नहीं देखने का ही तरीका बता दीजिए।
Narendra Nath Mishra@iamnarendranath
अब वीडियो सबूत आ गया है कि बीजेपी एमएलए राजीव सिंह के सामने ही उनके समर्थकों ने वंदे भारत ट्रेन में बैठे यात्री को बुरी तरह पीटा गया था । अब तक नेताजी पर कोई एक्शन नहीं हुआ है ।
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इस आम अनाम मनीष को आपने इतनी ऐसी मोहब्बत बक्शी कि दो हाथों से सम्हालना सम्भव नही।
हर साल, जन्मदिन पर मानो झड़ी लग जाती है। हर एक शुभेच्छा को हाथों में लेना, छूना, सूंघना और महसूस करना चाहता हूँ।
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सब को पढ़ना, जवाब देना चाहता हूँ। लेकिन ये सैलाब मानो बहा ले जाता है। एक वक्त के बाद खुद को छोड़ देता हूँ। हजारो मैसेज है,
व्हाट्सप पर, टेलीग्राम में, मैंसिंजर, डीएम, ट्विटर, फेसबुक पर पोस्ट उन पर कमेंट.. उन कमेंट्स में कमेंट। कॉल्स कुछ उठ पाई, कुछ नही।
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बहुत हम्बल करता है ये अनुभव। वे भी हैं, जिन्हें कभी एब्यूज किया, डांटा, खराब खराब बोला। वे भी बधाई देते है, पानी पानी हो जाता हूँ।
कई अभिन्न मित्र है, कुछ वैचारिक साथी है, कुछ बरसों से इस आभासी दुनिया में साथ है। कई श्रद्धेय, कई अंजान है। आपको चाहता हूँ कि निजी धन्यवाद करूँ।
पिछले साल कोशिश की। 3 दिन तक भी काम खत्म न हुआ। हार गया, और आपके सामने सरेंडर, नतमस्तक हो गया।
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इस वर्ष भी आप सबका आभार।
उन सबसे विनम्र क्षमा मांगता हूं, जिन्हें निज उत्तर नही दे पाया। जो बरसों बरस से, बिना उत्तर मिले भी बार बार फिर भी प्यार बरसा रहे हैं। उन्हें क्या ही कहके जवाब दूं भला..
निशब्द!!
बहुत बहुत शुक्रिया।
बेहद आभार
❤️🙏



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डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दावा किया -
"भारत-पाक युद्ध मैंने रोका, ट्रेड की धमकी देकर"
ये 56वीं बार है जब ट्रंप ये बात खुलेआम कह रहे हैं।
लेकिन नरेंद्र मोदी आज तक चुप हैं।
ना खंडन, ना विरोध।
ये चुप्पी शर्मनाक है।
#NarendraModi #DonaldTrump
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तत्कालीन संघ प्रमुख बालासाहेब देवरस ने तो खुद पत्र लिखकर नवंबर 1975 में सुप्रीम कोर्ट की बैंच द्वारा इंदिरा जी के चुनाव को वैध ठहराए जाने पर बधाई दी।
उन्होंने ये भी सफाई दी थी कि संघ का आंदोलन से कोई लेना देना नहीं। लेकिन आज संघ वाले इमरजेंसी को लेकर अपनी दुकानें सजा रहे हैं।
वो कहते हैं ना कि बाप ना मारे मेंढकी, बेटा तीरंदाज़।
संघ का पूरा इतिहास झूठ पर टिका है और इनके पूरे संघर्ष की कहानी एक अनाज के दाने पर लिखी जा सकती है।




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25 जून 1983,
हिंदुस्तान दिल थाम कर, रेडियो से चिपका बैठा था। आज लॉर्ड्स के मैदान में भारत फाइनल खेल रहा था,
और सामने थी दैत्याकार, अपराजेय, दो बार की विश्व विजेता - वेस्टइंडीज,
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भारत कमजोर टीम था। उसके फाइनल पहुचने पर लोगो को लगा, कि सारा मजा किरकिरा हो गया।
विव रिचर्ड्स, क्लाइव लॉयड, गॉर्डन ग्रीनिज जैसे बल्लेधारी जायंट्स और उनके साथ दुनिया की सबसे खतरनाक पेस बैटरी- एंडी रॉबर्ट्स, माइकल होल्डिंग, जोएल गार्नर, कॉलिन क्रॉफ्ट..
तो वेस्टइंडीज की एकतरफा जीत पक्की थी। मैच फार्मेलिटी था। भारत ने टॉस हारा, अब उसे बल्लेबाजी करनी थी। आते ही महान गावस्कर 2 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए।
फिर विकेट की झड़ी लग गयी। पेस बैटरी आग उगल रही थी। श्रीकांत 38, मोहिंदर 26 टिके। संदीप पाटिल ने भी हिम्मत दिखाई, 27 रन ठोके।
फिर कपिल 15, कीर्ति आजाद 0 रोजर बिन्नी 2 रन बनाकर चलते बने। 60 ओवर के मैच में पूरी टीम महज 183 पर ऑल आउट।
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जनता पार्टी के अध्यक्ष, चंद्रशेखर 6 जनवरी को कन्याकुमारी से चले थे। यह भारत यात्रा थी, जो 25 जून 1983 को दिल्ली में राजघाट पर समाप्त होने वाली थी।
इस जनता पार्टी को इंदिरा ने, 1980 में सत्ता से बेदखल कर दिया था। फिर उसमे से एक हिस्सा टूटकर "भारतीय जनता पार्टी" बन गया।
जानो- मानो 1976 से 80 तक कोई "फॉरेन जनता पार्टी" की सरकार हुआ करती थी।
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बहरहाल, चंद्रशेखर की अगुआई में मूल जनता पार्टी वापस मोमेंटम गेन कर रही थी। मुंबई में जब उनकी यात्रा आई तो भारी भीड़ के साथ उनकी अगवानी, देवानंद, राजकपूर और दिलीप कुमार ने की थी।
25 जून को यात्रा दिल्ली आयी, और बदरपुर बार्डर पर इंद्र कुमार गुजराल और सुषमा स्वराज चन्द्रेशखर का स्वागत करने आये।
इस दौरान विकेट गिरने लगे। भारतीय टीम का अभियान फेल होता देख, उदास लोगो ने रेडियो छोड़ पॉलिटिक्स का रुख किया।
नतीजतन पदयात्रा के स्वागत में राजघाट पर भारी भीड़ उमड़ी। भाषण वाशन हुआ। सरकार की मजम्मत हुई।
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उधर लॉर्ड्स के मैदान में सीन बदल रहा था। फील्डिंग कर रही भारतीय टीम हर सम्भव कोशिश कर रही थी।
ग्रीनिज को मदन लाल ने 1 रन पर पवेलियन भेजा। फिर डेसमंड हेन्स भी सस्ते में गए। आये विव रिचर्ड्स!!
खतरनाक फॉर्म दिख रहे रिचर्ड्स 33 का कैच, कपिल ने यूँ लपका जैसे आसमान से तारा तोड़ा हो। वेस्टइंडीज को सांप सूंघ गया।
क्लाइव लॉयड ने सम्हलकर खेलना शुरू किया मगर 8 रन बनाकर चलते बने। मोहिंदर अमरनाथ और मदनलाल की स्लो मीडियम पेस कमाल कर रही थी।
अंततः माइकल होल्डिंग के अमरनाथ की बॉल पर LBW होते ही विंडीज 140 ऑलआउट हो गयी।
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तिरंगा लहराया, और प्रिंस चार्ल्स ने कप्तान कपिल को विश्व कप कपिल थमाई।
इंडिया- वर्ल्ड चैंपियन!!!
अगले दिन अखबारों में खबरे आई। 4000 किलोमीटर पैदल चलकर आये एक जमीनी नेता की मेहनत, उसकी मूक राजनीतिक क्रांति नीचे दब गई।
क्रिकेट की खबर ऊपर थी। देश विश्व विजय के जश्न में डूबा था।
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25 जून इमरजेंसी ही नही है। वह विश्वकप विजय का दिन भी है।
वह एक ऐतिहासिक पदयात्रा का दिन भी है, जिसका दोहराव राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा में किया।
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मीडिया, खबरे, जनविचार का संचारशास्त्र इन घटनाओं का अध्ययन करता है।इतिहास के प्राकृतिक विकास से सीखता है, और फिर उसे कृत्रिमता से गढ़ने की कोशिश भी करता है।
तो कौन सी खबर आगे चले, कौन सी पीछे। किसे महत्व देना है, किसे दबाना है- एक खास तबका तय करता है। आपका ओपिनियन जो आपको लगता है, कि स्वतंत्र है, दरअसल मीडिया द्वारा चटाई चटनी पर निर्भर करता है।
तो आपके लिए ईरान-इजराइल की लड़ाई महत्वपूर्ण हैं। गजा का नरसंहार आक्रोश पैदा करता है। लेकिन अपने लोगो की मणिपुर में मौत औऱ जनसंहार, न आपमे सम्वेदना पैदा करती है, न क्रोध।
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प्रधानमंत्री का बयान है कि लोग इमरजेंसी के "हॉरीबल कष्टों " को सोशल मीडिया पर बयान करें। वह 25 जून को एक खास नजरिये से देखना, और दिखाना चाहते हैं।
और इसलिए भारत की पहली विश्व विजय की परीकथा की स्मृति, न सोशल मीडिया पर दिखी न टीवी अखबारों में..
इतिहास को एक खास तरह से, खास बिंदु पर खड़े होकर, खास तरह से सिर टेढ़ा कर देखने की जिद बताती है, की आपके जरा एंगल बदलते ही कहानी बदल जाएगी।
वह सत्य 360 डिग्री का अटल सत्य नही, एक खास नजरिया है।
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मुक्त वह, जो एक घटनाक्रम को चारों ओर से घूमकर, हर एंगल से देखता, स्वयं समझता है, और अपना स्वतंत्र विचार कायम करता है।
और तब उसे जबरन दिखाए जा रहे तमाशे के पीछे, एक असल, खुली दुनिया दिखाई देती है।
जिसमे जीत है, खुशी है, गौरव है, मुस्कान है, जीने की हजार वजह है.. मिलने मिलाने जश्न करने के हजार बहाने।
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आप सबको 25 जून पर भारत की पहली विश्व विजय की बधाई
❤️🥳

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Breaking now: US president Donald Trump unilaterally announces an Israel Iran ceasefire. Bombs one day, talk of regime change the next, ceasefire the third, world has never been in a more unpredictable and dangerous place as under a Man-Child President who wants to be the centre of attention at all times. The bad news? This isn’t ending for another three and a half years. Good news? The global news cycle has never been busier and more interesting in a long time! 🙏
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BJP और नरेंद्र मोदी को इंदिरा गांधी जी द्वारा लगाई गई आपातकाल से इतनी चिढ़ क्यों है?
क्योंकि उस Emergency में सारे भ्रष्टाचारी, कालाबाज़ारी और देश लूटने वाले जेल में थे…
और आज वही सारे लोग भाजपा में मंत्री-मालिक बने बैठे हैं!
#Emergency1975 Indira Gandhi
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ये गुजरात की 'स्मार्ट सिटी' सूरत है 👇🏼
यहां सड़कों पर नाव चल रही हैं, गाड़ियां तैर रही हैं। दुकान, मकान ऑफिस और स्टेशन... हर जगह पानी भरा है।
पहली ही बारिश में 'स्मार्ट सिटी' का ये 'सूरत-ए-हाल' सरकार के हवाई दावों का धागा खोल रहा है।
गुजरात में पिछले 30 साल से BJP की सरकार है, लेकिन इस सरकार ने गुजरात के लोगों को अव्यवस्था और बदहाली के सिवा कुछ नहीं दिया।
BJP सरकार ने अपने खोखले प्रचार पर तो पानी की तरह पैसा बहाया, लेकिन जमीन पर एक ढेला काम नहीं कर पाई।
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