Rahul Dave

331 posts

Rahul Dave banner
Rahul Dave

Rahul Dave

@RahulDaveIndia

Caring for the World, India and Humanity. RT =/= Endorsement No more Modi in Indian Politics. Do you get it?

India Katılım Ağustos 2023
0 Takip Edilen0 Takipçiler
Rahul Dave
Rahul Dave@RahulDaveIndia·
@suryapsingh_IAS INTEGRITY के बिना कुछ भी किया achievement बेकार है - भले वो रामजी का नाम लेकर किया हो, क्योंकि श्रीराम तो स्वयम् INTEGRITY के साक्षात मूर्ति रहे (मर्यादा-पुरुषोत्तम) | इसलिए बिना integrity के पाई success तो श्री-राम के साथ साक्षात धोखा है
हिन्दी
0
0
0
3
Surya Pratap Singh IAS Rtd.
Surya Pratap Singh IAS Rtd.@suryapsingh_IAS·
सोच रहे हैं कि प्राण प्रतिष्ठा का बहिष्कार करने से सारा मुस्लिम वोट झोली में आ गिरेगा। राम से बैर तो झोली ख़ाली।
हिन्दी
1.1K
923
7.6K
357.7K
ABP News
ABP News@ABPNews·
'जो राम का नहीं, किसी काम का नहीं...', प्राण प्रतिष्ठा का न्योता ठुकराने से नाराज कार्यकर्ताओं ने छोड़ी कांग्रेस @newskotadk #kota #rajasthan #ayodhya #congress abplive.com/states/rajasth…
हिन्दी
108
726
3.7K
83.1K
Manish Singh
Manish Singh@RebornManish·
15 अगस्त का सुहाना दिन था। आजादी का दिन .. जनता पलकें बिछाए, अंग्रेजो का इंतजार कर रही थी।आखिरकार ब्रिटिश शिप दिखा,तो खुशी की लहर दौड़ गयी। गोरे फौजी जहाज से उतरे, तो झूमकर स्वागत हुआ।अंग्रेजो ने एक बार फिर प्रशासन सम्हाल लिया। ●● नही, लीज वाली आजादी के 100 साल का कॉन्ट्रेक्ट खत्म होने की कल्पना नही है। ये तो अंडमान के आजाद होने की असल घटना है, जो 15 अगस्त 1945 को घटी थी। और ये आजादी थी, आजाद हिंद सरकार से.. सुभाष की सरकार से.. असल में जापानी सरकार से। ●● अंडमान, स्ट्रेटेजिक पॉइंट है।यहां से भारत पर हमले हो सकते है। म्यांमार, बर्मा, सिंगापुर तक गश्ती हो सकती है। हवाई पट्टी, बंदरगाह, सबमरीन बेस के साथ बंगाल की खाड़ी और हिन्द महासागर को कंट्रोल कर सकते है। तो जापानी, धावे कर रहे थे। ब्रिटिश को सम्हलना मुश्किल हो रहा था। 1942 में वे यूरोप, नार्थ अफ्रीका, ईस्ट एशिया, हर जगह मात खा रहे थे। तो फिलहाल, अंडमान छोड़ दिया। 23 मार्च 1942 को जापानी फ़ौज ने जब अंडमान पर कब्जा किया, वहां 22 गोरे अफसर, और 300 सिख फौजी मात्र थे। सिख, जापानियों की सहयोगी, आजाद हिंद फौज में चटपट मिल गए।अंग्रेज अफसर POW बनाकर सिंगापुर भेज दिये गए। पोर्ट ब्लेयर में "आजाद हिंद सरकार" बन गयी। नेताजी के साथी, ए.डी. लोगनाथन गवर्नर बने। ●● अब अंडमान में जापानी नग्नता का नृत्य शुरू हुआ। दूसरे दिन जापानी, बस्तियों में पहुचें, लूटमार की, स्त्रियों को छेड़ा। एक लड़के ने गन निकाल हवाई फायर कर दिये, और भाग गया। जापानियों नें पूरी बस्ती में कोहराम मचा दिया। मनमर्जी हत्याये, टॉर्चर किया। जुल्फिकार नाम का वो लड़का उनके हवाले किया गया। जिसकी भयंकर टार्चर के बाद हत्या कर दी गयी। ●● हवाई पट्टी और दूसरे निर्माण के लिए लोगो से मुफ्त मजदूरी कराई जाती। औरते जापानी सैनिकों के 'कम्फर्ट' के लिए इस्तेमाल होतीं। विरोध करने वालो को जेल, टार्चर औऱ मौत पक्की थी। जासूस खोजे जाते, और जिसपे शक होता, उड़ा देते। सरेआम गला काटना, जंगल ले जाकर गड्ढा खुदवाना, उसी में गोली मार कर ढंक देना.. ये अत्याचार तो बरसो के ब्रिटिश राज में अंडमान ने नही देखा था। ●● 1943 की दिसम्बर 29 से 31 के बीच सुभाष अंडमान आये। 1940 में भारत से गायब होने के बाद ये, भारत भूमि से पहला, औऱ आखरी स्पर्श था। सरकारी कार्यक्रमो में शिरकत की, परेड की सलामी ली। सेलुलर जेल देखी, अंडमान को शहीद, और निकोबार को स्वराज का नाम दिया। सब किया.. बस लोगो से नही मिले। मिलना चाहते नही थे, या मिलने दिया नही गया.. क्या पता??जापानी राज को लेजिटमेसी देकर वे चले गए। अत्याचार बदस्तूर चलते रहे। ●● नानकिंग जनसंहार गूगल करें। दूसरे विश्वयुद्ध की मानवीय त्रासदियों में बड़े बड़े, काले अक्षरों में मिलेगा। इस जनसंहार के बाद नानकिंग से जापानी प्रशासक हटा दिया गया। और उसे अंडमान में नियुक्त कर दिया गया। फिर अत्याचारों में खूब बढ़ोतरी हुई। पर अब युद्ध बदल रहा था। यूरोप में जर्मनी हार रहा था। रूस, ब्रिटेन, अमेरिका ताकतवर हमले कर रहे थे। एशिया में चीन, जापान से पुरजोर लोहा ले रहा था। बर्मा के रास्ते, भारत में इंफाल पर जापानी धावा बेकार कर दिया गया था। जापानी फ़ौज और आजाद हिंद के सिपाही भयंकर नुकसान झेलकर भाग चुके थे। असर अंडमान में सप्लाई पर भी पड़ा। खाने पीने की कमी हो गयी। ●● 900 लोगो को निर्जन द्वीपो पर खेती करने भेजा गया, कोई वापस नही लौटा। दूसरे द्वीपो पर भी भेजे जा रहे, जिंदा लौटे एक आदमी ने बताया- हैवलॉक के पास ढाई सौ लोग समुद्र में कुदा दिये गए। कुछ जो तैरकर हैवलॉक पहुचे, वे भूख और थकान से मर गए। ●● अंडमान के जापानी दौर की बात हो, तो हम्फ्रीगंज नरसंहार की बात करनी होगी। 44 आदमी, जासूसी के आरोप में सरेआम, लाइन में खड़ा कर, गोली मार दी गयी। जाहिर है, 15 अगस्त 1945 को जब जापान के सरेंडर के बाद, ब्रिटिश आने को थे.. एक आम अंडमानी उनके लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। ●● 3 साल, अंडमान की आजाद हिंद सरकार का ट्रेलर बताता है, कि अगर सुभाष "जापानी मदद" से हमें ब्रिटिश से आजाद करा लेते.. तो दिल्ली की सरकार कैसी होती। गवर्नर एडी लोगनाथन ने बताया कि उनके हाथ मे सिर्फ शिक्षा विभाग था। वे नाम के गवर्नर थे। सत्ता, जापान की थी। ●● अंडमान के लोग, सुभाष के बड़े प्रशंसक नही। हम लोग हैं। क्योकि कांग्रेस के विरुद्ध खड़ा, उससे अलग हुआ हर बन्दा, वो सावरकर हो, भगतसिंह या सुभाषचन्द्र.. अनिवार्य वैकल्पिक हीरो बनाये जाने का फैशन है। पर खुद आपको सोचना चाहिए। पढ़ना, जानना चाहिए। उनका तरीका कहां ले जाता, उसकी नजीरें इतिहास में उपलब्ध हैं। सुभाष की देशभक्ति को सलाम.. मगर इस देश को उनका तरीका नही चाहिए।
Manish Singh tweet media
हिन्दी
110
420
1.4K
106.8K
𝑹𝒂𝒌𝒉𝒊❣️
𝑹𝒂𝒌𝒉𝒊❣️@BaisaRakhi·
मुहूर्त ग़लत बता कर अयोध्या नहीं जाने वाले बाबा जी शुभ मुहूर्त में अपने इष्ट की पूजा करते हुए… 😂😂😂
𝑹𝒂𝒌𝒉𝒊❣️ tweet media
हिन्दी
1.3K
4.1K
17K
1.3M
Rahul Dave
Rahul Dave@RahulDaveIndia·
@suryapsingh_IAS राम-लला की प्रतिष्ठा होनी है, न कि सीता-राम की |
हिन्दी
0
0
0
3
Surya Pratap Singh IAS Rtd.
Surya Pratap Singh IAS Rtd.@suryapsingh_IAS·
पूज्य शंकराचार्य आते तो अच्छा होता, नहीं आ रहे तो राम जी की मर्ज़ी। राम जी तो आयेंगे। “हम लोग तो ग़रीब लोग हैं, अपनी बेटी (जानकी) को दे ही क्या सकते हैं… खुश हैं कि हमारी बेटी आज महल में जा रही है”… इन भावनाओं को भला कौन ठुकरा सकता है?
हिन्दी
132
238
1.6K
67.3K
News24
News24@news24tvchannel·
"मैं आज से 11 दिन का विशेष अनुष्ठान आरंभ कर रहा हूं" ◆ राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर PM मोदी का बयान @narendramodi | #NarendraModi | #RamMandir
News24 tweet media
हिन्दी
277
237
2.2K
50K
Rahul Dave
Rahul Dave@RahulDaveIndia·
@news24tvchannel @juniorbachchan इसके पिताजी का इनकम-टॅक्स का केस पिछले कई सालों से पेंडिंग (रखा गया) है
हिन्दी
0
0
0
3
News24
News24@news24tvchannel·
"मैं राम मंदिर को देखने और वहां जाने के लिए बहुत उत्साहित हूं" ◆ अभिनेता अभिषेक बच्चन का बयान @juniorbachchan | #Abhishek𝐁𝐚𝐜𝐡𝐜𝐡𝐚𝐧 | #RamMandir | Ram Mandir
News24 tweet media
हिन्दी
328
674
9.2K
157.7K
Rahul Dave retweetledi
Srinivas BV
Srinivas BV@srinivasiyc·
क्या चारों शंकराचार्य से बढ़कर हिन्दू धर्म में कोई संत है क्या? क्या शंकराचार्य भी अब हिन्दू विरोधी है? आखिर मीडिया चारों शंकराचार्य पर चर्चा क्यों नही कर रहा? क्या मोदी अब हिन्दू धर्म के सबसे बड़े संतो 'शंकराचार्य' से भी बडे हो चले है?
हिन्दी
396
3.1K
9.1K
140.4K
Rahul Dave
Rahul Dave@RahulDaveIndia·
@KrRanhan @varunpuri1984 कुछ कमीने मानते ही ये हैं कि भारत का जनम मोदी से हुआ फिर मोदी ने पृथ्वी बनाई फिर अंतरिक्ष को जनम दिया और पूरी सृष्टि की संरचना करी
Rahul Dave tweet media
हिन्दी
0
0
0
3
Rakesh Kr Ranjan
Rakesh Kr Ranjan@KrRanhan·
@varunpuri1984 Isse pehle yo kuch nahi tha .. sara kaam bjp n hi kiya hai kya.. itni chatukarita thik nahi
हिन्दी
1
0
0
38
Varun Puri
Varun Puri@varunpuri1984·
#DRDO ने अपने 155 मिमी/52 कैल माउंटेड गन सिस्टम की गतिशीलता और फायरिंग परीक्षणों को सफलतापूर्वक पूरा किया ये हमारे वोट की ताकत है.. ये #MakeInIndia की ताकत है.. ये नए भारत का आत्मविश्वास है.. #ModiHaiToMumkinHai
हिन्दी
3
67
133
7.4K
Rahul Dave retweetledi
Srinivas BV
Srinivas BV@srinivasiyc·
ये कैसी विदेश नीति?
हिन्दी
93
1.9K
7.2K
338.4K
Himanta Biswa Sarma
Himanta Biswa Sarma@himantabiswa·
72 वर्ष पहले पंडित नेहरू ने सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का बहिष्कार किया था। उनके वंशजों ने आज राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का बहिष्कार किया है। विश्व हिंदू परिषद ने कांग्रेसियों को पश्चाताप करने के लिए एक सुनहरा अवसर दिया, परंतु…
हिन्दी
220
3.5K
14K
186.9K
Rahul Dave
Rahul Dave@RahulDaveIndia·
@news24tvchannel @narendramodi जो माँ का न हो सका, वो भारत-माँ का कैसे होगा?
हिन्दी
0
0
0
3
News24
News24@news24tvchannel·
"मेरी मां जीवन के अंत तक माला जपते हुए सीता-राम का ही नाम भजा करती थीं" ◆ राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर PM मोदी का बयान @narendramodi | #NarendraModi | #RamMandir
News24 tweet media
हिन्दी
569
714
8.4K
173.2K
Sudhir Mishra 🇮🇳
Sudhir Mishra 🇮🇳@Sudhir_mish·
कोटा में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया। राम मंदिर का निमंत्रण अस्वीकार करने पर फूटा गुस्सा आप भी कांग्रेसी हैं, तो अपनी प्रतिक्रिया दें..
हिन्दी
129
1.8K
5.7K
46.1K
BJP
BJP@BJP4India·
30 अक्टूबर, 1990 और 2 नवंबर, 1990 को अयोध्या में निहत्थे कारसेवकों पर उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री के आदेश पर पुलिस ने चला दी थी गोलियां। देखिए, रामराज्य - संघर्ष से परिणाम तक का अध्याय 3 - आहुति।
हिन्दी
1.4K
9.5K
15.7K
238.9K
Subramanian Swamy
Subramanian Swamy@Swamy39·
They are all jealous. They never thought this (Ram Temple construction) will happen. It (Ram Temple) is being built, there is euphoria all over the country. They are in a difficult spot. I don't care because 82 per cent of India is Hindu and the remaining minorities - Christians have not protested at all, Parsis, Jews - they are all supportive. Even amongst Muslims, a large number say that we chose to live in India, so this is something we should accommodate. I would say that only these fanatics, who are being financed from outside, they are the ones who are making all the noise," says former Rajya Sabha MP Subramanian Swamy on reactions by opposition parties over Ram Temple Pran Pratishtha ceremony
English
215
510
3.4K
553.1K
BJP
BJP@BJP4India·
जिन्हें श्री राम के अस्तित्व पर ही विश्वास नहीं, उनसे और अपेक्षा भी क्या की जा सकती है!
BJP tweet media
हिन्दी
1K
3K
11.3K
445.3K
Manish Singh
Manish Singh@RebornManish·
@mrindia1023 अरे धन्यवाद। अब तू भी प्रेरणा लेकर लिख की 2002 में मुख्यमंत्री 3 दिन मां की लाश के पास बैठा था। तब मैं भी बधाई देकर उऋण हो लूँ।
हिन्दी
16
21
223
13.4K
Manish Singh
Manish Singh@RebornManish·
जब बड़ा पेड़ गिरता है.. 9:20 पर गोलियां चलीं। पेड़ पल भर में गिरा, स्टेनगन की 33 गोलियां बदन मे पैवस्त थीं। अफरातफरी मची। घर की बहू, उस लहूलुहान देह को लादकर, हस्पताल ले गयी। मौत पहले ही हो चुकी थी। पर हताश डॉक्टर, 12 बजे तक कोशिश करते रहे। फिर हार मान ली। ●● राजीव को ट्राफिक पुलिस ने रोका। स्लिप दी, लिखा था- इंदिरा जी पर हमला, तुरन्त दिल्ली जाइये। वो मोबाइल का दौर तो था नही। वायरलेस पर कलकत्ता पुलिस को बताया गया था, जिसने राजीव की लोकेशन ट्रेस की। सन्देश दिया। कार एयरपोर्ट की ओर मुड़ गयी। ●● प्लेन में किसी ने कुछ कहा नही, पर उन्हें अहसास हो गया था। BBC घोषणा कर चुका था, पर सरकारी मीडिया अब भी इलाज जारी रहने की रट रहा था। 4 बजे वे सीधे हस्पताल गए। यहाँ राष्ट्रपति भी आये, बताया कि उन्हें शपथ लेनी है। वे मां के मृत शरीर को घर लाये। रात कुछ देर के लिए राष्ट्रपति भवन गए, शपथ ली। फिर लौट आये। अब जाकर इंदिरा की मौत और नए प्रधानमंत्री की खबर समाचार माध्यमों से जारी हुई। ये 31 अक्टूबर की रात थी। ●● आम परिवार में अगले दिन लाश जला दी जाती। लेकिन बड़े लोगो की मुसीबतें अलग ही होती है। मृत प्रधानमंत्री को दर्शन के लिए रखा जाना था। लाश घर में पड़ी रही। लोग आते, परिवार को सांत्वना देते, मृत नेता को प्रणाम करते। हमारा प्रधानमंत्री.. मां की लाश के पास बैठा रहा। एक दिन.. दो दिन !!! तीसरा दिन। 3 नवम्बर 1984 को लाश बाहर आई। शाम तक नेहरू की बेटी, सुपुर्द ए खाक हुई। ●● 4 नवंबर 1984 को प्रधानमंत्री राजीव गांधी पहली बार, पीएमओ में बैठे। देशभर से दंगो की खबरे थी।सबसे खराब हालात, दिल्ली में थे। यहां तो 31 अक्टूबर को शाम, सिख राष्ट्रपति जैल सिंह के काफिले तक पे, पथराव हुआ था। पहला आदेश, दिल्ली के एलजी को हटाने का किया। ●● हत्या दो सिख गार्ड्स ने की थी। वो दौर, सिखों से डर, उनसे नफरत का था। खालिस्तान की मांग जोरो पर थी। बसों से उतारकर, हिंदुओं को लाइन में खड़ा कर, गोलियों से भून देना.. रोजाना की खबर थी। अलग देश की मांग थी। गुरद्वारे हथियारों की रिपोजिटरी, आतंकवादियों का सेफ हैवन थे। खालिस्तानियों का पाकिस्तान से खुला सम्पर्क था। आधुनिक हथियारो की सप्लाई, उनका लोमहर्षक प्रदर्शन था। बड़े बड़े खूंखार दाढ़ीवाले आतंकी.. नाम भी हौलनाक !!! हरजिन्दर सिंग जिन्दा सुखविंदर सिंग सुक्खा .. नाम सुनकर ही आदमी सूख जाए। दरअसल जिन्होंने पंजाब का आतंकवाद देखा है, उन्हें आज कश्मीर, बच्चों की हाथापाई जैसा लगेगा। ●● पर सारे कश्मीरी तो आतंकी नही, सारे सिख भी तो नही थे। वे मुट्ठी भर लोग थे, सरकार जिनसे मजबूती से निपट रही थी। ब्लू स्टार, पंजाब में अत्याचार की तरह याद किया जाता है। पर तब, शेष भारत की नजर में जरूरी कदम था। तभी इंदिरा की सिख हाथों से हत्या ! गुस्सा फूट पड़ा। देश भर में सिखों के खिलाफ दंगे हुए। हमले, एब्यूज लम्बे समय तक चले। पर यह दूसरे प्रदेशो का मामला था। ●● दिल्ली, तब प्रदेश नही, UT था। एलजी थे- पीजी गवाई। राजीव ने उन्हें निकाल बाहर किया।नए गवर्नर एम.के.वाली ने जॉइन किया। दंगे 24 घण्टे के अंदर रुके। 5 और 6 नवम्बर तक शांति स्थापित हो चुकी थी। ●● दंगे,31 अक्टूबर की शाम से ही शुरू हो चुके थे। वर्स्ट फेज, 1 और 2 नवम्बर था। जितने लोमहर्षक घटनाक्रम सुनते हैं, इन्ही तारीख के थे। कांग्रेस नेता, सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर वगैरह के नाम, दंगाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रमुखता लिए जाते है। इसमे लूटमार करने वाले अपराधी, और कहीं भी कम्युनल वायलेंस में, बढ़चढ़कर भाग लेने वाले संघी भी, निष्ठापूर्वक मौजूद थे। जिन्हें चुल्ल हो, कमेंट में पेपर कटिंग्स मांग लें। ●● क्या इन दंगों में राजीव की गलती थी?? अवश्य थी। बंटवारे के वक्त, दिल्ली के खूनी दंगो में पीएम नेहरू, एक बार कूदकर, खुद पहुँच गए। पुलिस के साथ, लाठियां लेकर दंगाई खदेड़ने लगे। घर मे मां की लाश छोड़कर, राजीव वैसे ही,खुद लाठी लेकर नही निकले.. यह उनकी गलती थी। ●● 19 नवंबर 84 को इंदिरा का जन्मदिन था। कम्युनल वायलेंस पर राजीव देश को समझाते हुए बोले- "जब इंदिरा जी की हत्या हुई, देश मे कुछ दंगे फसाद हुए। हमे मालूम है कि भारत की जनता के दिल मे कितना क्रोध आया। कुछ दिन के लिए दुनिया को लगा कि भारत तो हिल रहा है। जब भी बड़ा पेड़ हिलता है, धरती थोड़ी हिलती है। पर फिर से, आज आपकी सहायता से, एकता बनने लगी है। हम आज, दोबारा एक होकर खड़े होने लगे हैं" ●● आलू सोना की तरह "कट वीडियो" का ये हिस्सा, व्हाट्सप में राजीव को दंगो का अपराधी, और षड्यंत्रकारी बताने का एकमात्र सबूत है। जो तब हुए, जब वो बेटा .. अपनी मां की लाश के पास बैठा था।
Manish Singh tweet media
हिन्दी
437
1.4K
4.9K
393.4K
Rahul Dave
Rahul Dave@RahulDaveIndia·
@SushantBSinha अबे मोदी के पुत्र, ये बता कि जिस मूर्ति (श्री रामलला विराजमान) ने कोर्ट केस लड़ा वो कहाँ है?
हिन्दी
0
0
0
1
Sushant Sinha
Sushant Sinha@SushantBSinha·
ये छोटा सा वीडियो देखिए.. अगर इत्तू सा भी आश्चर्य हुआ है कि कांग्रेस राम मंदिर के कार्यक्रम में नहीं जा रही, वो आश्चर्य पूरा खत्म हो जाएगा।
हिन्दी
881
5.2K
16.1K
405.4K
Rahul Dave retweetledi