VIPIN KUMAR SAHU retweetledi

यह मामला उत्तराखंड के रुद्रपुर का है।
यहाँ एक आदमी बिना हेलमेट अपनी बाइक से जा रहा था,
तभी पुलिस वालों ने उसे रोककर पहले तो चालान काट दिया और फिर उसकी गाड़ी सीज करने लगे।
जब उस बंदे ने पूछा कि गाड़ी क्यों सीज कर रहे हो तो पुलिस ने कागज़ मांगे।
उसे कागज़ दिखाने में बस पांच मिनट की देर हुई,
पुलिस वाले जबरदस्ती गाड़ी थाने ले जाने पर अड़ गए और बोले कि
अब थाने आकर ही कागज़ दिखाना और वहीं से गाड़ी ले जाना।
उस बंदे ने कहा कि जब गाड़ी मेरी है, पैसे मैंने दिए हैं और सारे कागज़ात भी मौजूद हैं तो मैं बेवजह परेशान क्यों होऊं?
उसने मिन्नतें भी कीं कि कागज़ चेक कर लीजिए लेकिन पुलिस वाले उसे थाने घसीटने की जिद पर अड़े रहे।
अपराधियों को पकड़ने में भले ही देर हो जाए लेकिन एक आम आदमी अगर पांच मिनट की देरी कर दे तो उसे थाने के चक्कर लगवाना इनका अपना जन्मसिद्ध अधिकार हो जाता हैं।


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