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Shahnawaz Shaikh
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Shahnawaz Shaikh
@Shaikh_074
Alhamdulillah For Everything 🕊️ FreePalestine 🇵🇸
Riyadh Katılım Eylül 2022
1K Takip Edilen3.7K Takipçiler

ये दुनिया भी अजीब है यहाँ सबको सब जानते हैं
लेकिन यहाँ____खुद को कोई नहीं जानता..!!
शायद इसीलिए कहते हैं — सबसे मुश्किल
सफर अपने अंदर का सफर होता है..!!
😂😂
#Shabba_khair____ ✨

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तेरी मुहब्बत
की इसी धूप ने मेरी
रूह के हर अँधेरे को मिटाया है..!!
मेरी वीरान
सी ज़िंदगी में, तेरी
मौजूदगी ने ही तो सवेरा लाया है..!!
Shahnawaz Shaikh@Shaikh_074
कुछ लोग धूप की तरह होते हैं...!! जहाँ भी पड़ते हैं उजाला कर देते हैं उनकी मौजूदगी ही काफी होती है..!! दिल के अँधेरे खुद-ब-खुद मिट जाते हैं #Mr_Shaikh______✍🏻
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As-salamu alaykum
तुम किसी और को मिले भी तो मुफ्त में मिले
हाय,,जब की मुझे तुम हर कीमत पर चाहिए थे।
✍️ Masruf
#GoodEvening
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रौंदकर इश्क़ मेरा तुम किनारा कर गए ..
छोड़ गए.. मुझको बेसहारा कर गए ..
तुम चाहो तो भी ना मिल सको.
की हमदर्द.. मेरे बेदर्द बनकर..🫂🥺
#Gud_EvinG..☕🌹
#DK 🧿
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दिल की किताब का कोई भी पन्ना सादा नहीं होता
निगाहें उसे भी पढ़ लेती हैं जो लिखा भी नहीं होता !!❤️
#MIvsRR

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आँखों में बीते रैना, खुद को समझने में,
उम्रें गुज़र जाती हैं इंसान को खुद से मिलने में।
अब किसी और की चाहत का शोर नहीं दिल में,
सुकून मिलता है अपनी ही धड़कनों को सुनने में।
#goodnight
#बज़्म
©S ✍🏻 बागी लड़की

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!! रात की खामोशी !!
ये इश्क़
का जो समंदर है,
इसमें मुझे डूब जाने दे, आज
भूल कर सारी दुनिया, बस तेरा हो जाने दे..!!
रात की
इस खामोशी में, एक
मीठी सी अगन है, तेरी नज़रों
की छुअन से, दहकता मेरा बदन है..!!
जब तेरी
गर्म सांसें, मेरी गर्दन को
चूमती हैं, मेरी बेताब धड़कनें, एक
अलग ही नशे में झूमती हैं..!!
सरकता है
आंचल मेरा, तेरी
उंगलियों के इशारे से, आज
कश्तियां भी डूबेंगी, टकरा के किनारे से..!!
तेरी बाहों की
उलझन में, मैं खुद को
आज भुला बैठी, शर्म ओ हया
की सारी हदें, मैं एक पल में मिटा बैठी..!!
ये इश्क़
का जो समंदर है,
इसमें मुझे डूब जाने दे, आज
भूल कर सारी दुनिया, बस तेरा हो जाने दे..!!
तेरे लबों की
वो तपिश, मेरे होंठों पे
जब ठहरती है, एक अजीब
सी सिहरन, मेरी रग रग में उतरती है..!!
मुझे लगा
ले तू सीने से, कि फासले
सब खत्म हो जाएं, आज जिस्म
से जिस्म मिलें, और हम एक दूजे में खो जाएं..!!
इस रात
की सियाही में, हमारे
इश्क़ का नूर हो, तू मुझमें कुछ
यूं समाए, कि सब कुछ आज मंज़ूर हो..!!
तेरी इस
हसीन जसारत की,
मुझे कबसे ये तलब थी, तेरे बिना
ये ज़िंदगी भी, जैसे कितनी बेसबब थी..!!
अब उम्र
भर के लिए, मुझे खुद में
तू उतार ले, मेरी इन बिखरी सी
जुल्फों को, अपनी उंगलियों से संवार ले..!!
ये इश्क़
का जो समंदर है,
इसमें मुझे डूब जाने दे, आज
भूल कर सारी दुनिया, बस तेरा हो जाने दे..!!
#Khusboosingh #ख़ुशबू_सिंह #बज़्म
#कलमाँजलि #अनकहे_अल्फाज़ #सिर्फ_तुम #काव्योदय #पलकों_की_छाँब_मे #वाह_लाजबाब_हो_तुम

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