Anop Singh Sodha Karda

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Anop Singh Sodha Karda

@ApKarda

!।''वीर भोग्या वसुंधरा''।!🗡️ 🏜️land of sand dunes🌞 #saveoran टीम ओरण बचाओ 🌳

karda Entrou em Ağustos 2021
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Anop Singh Sodha Karda
Anop Singh Sodha Karda@ApKarda·
सामंतवादी किसान 🤞🌱🌾
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Anop Singh Sodha Karda
सितम भी सहना दुआ भी करना, ओ बेकसी का गया जमाना। अगर है जुर्रत गिराओ बिजली, बना रहे हैं हम आशियाना, किसी भी हालत में बागवानों, तुम्हारा एहसान हम न लेंगे जो अपनी गैरत पर आँच आयी, तो फूँक देंगे हम आशियाना॥
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Anop Singh Sodha Karda
@inda_sahab @Rockingggggggg 3 लोकतंत्र में विरोध और आन्दोलन जनता की आवाज होते हैं.... सुरक्षा हटाना आपकी द्वेषपूर्ण मानसिकता दर्शाता है।
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Anop Singh Sodha Karda
@inda_sahab @Rockingggggggg इंटेलिजेंस पूरी तरह सक्रिय थी तो फिर आक्रोश एक जनप्रतिनिधि के PSO पर ही क्यों निकाला गया? यदि इंटेलिजेंस तंत्र विफल रहा तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, लेकिन लोकतांत्रिक आवाज उठाने वालों या जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से समझौता करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं।
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Prabhu Singh Inda 𝕏
Prabhu Singh Inda 𝕏@inda_sahab·
जो लड़ेगा उसे जेल भी जाना पड़ेगा जो लड़ेगा उसकी सुरक्षा भी हटाई जाएगी याद उन्ही को किया जाता जो लड़ेगा
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Anop Singh Sodha Karda
Anop Singh Sodha Karda@ApKarda·
राजस्थान 200 विधानसभा हैं लेकिन हर किसी को शिव दिखता है चाहे नेता हो या न्यूज वाला उन्हे बस एक ही जगा दिखी है बस शिव विधानसभा की टेंशन हैं हर कोई रवि गिराने लगा हुआ है चाहे अपने हो या गैर 🧿 डोकरी सब अच्छा करसे 🚩👏 उस के पास बाड़मेर उस हाल देख लो 👈 @RavindraBhati__
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Ravindra Singh Bhati
Ravindra Singh Bhati@RavindraBhati__·
चीन के शांक्सी प्रांत स्थित एक कोयला खदान में हुए विस्फोट में लगभग 90 श्रमिकों के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें। यह हादसा दुनिया भर की खदानों में कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हमारी गिरल ओपन लिग्नाइट माइंस के मजदूर भी पिछले 40 दिनों से अपनी सुरक्षा मानकों, श्रमिक अधिकारों एवं अन्य जायज़ मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन जिम्मेदार तंत्र अब भी मौन है। हादसे होने के बाद जागने से बेहतर है कि समय रहते मजदूरों की सुरक्षा, सुविधाओं और जीवन की रक्षा सुनिश्चित की जाए। सरकार और संबंधित प्रबंधन को चेतना होगा, क्योंकि मजदूर केवल श्रमिक नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की उम्मीद और राष्ट्र विकास का आधार हैं। @PMOIndia @RajCMO
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Ravindra Singh Bhati
Ravindra Singh Bhati@RavindraBhati__·
अपनों से किए हर वादे को निभाना मेरा फ़र्ज़ है, विधानसभा परिवारजनों की उम्मीदों पर खरा उतरना ही मेरा धर्म और संकल्प है। #गिरल
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Bhopal Singh Jhalora
Bhopal Singh Jhalora@bhopal_jhalora·
संवेदना शून्य सरकारों और निकृष्ट नेताओं के बीच केवल एक सूर्य की किरण रविन्द्र, किसानों, मजदूरों और पशुपालकों के लिए लड़ रहा है। आओ उसका साथ दे, मजबूत करें ..... #टीम_ओरण
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Praveen singh Bhati
Praveen singh Bhati@Bhati77645·
यह वही वादा है जो रविंद्र सिंह भाटी ने विधानसभा चुनाव के दौरान (गिरल गांव) ग्रामवासियों के समक्ष किया था आज रविंद्र भाटी अपना वादा पूरा करने के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं कर रहे है... शिव क्षेत्र की जनता सौभाग्यशाली है जिनको वादे पूरे करने वाला बेटा मिला है। @RavindraBhati__
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Bhopal Singh Jhalora
Bhopal Singh Jhalora@bhopal_jhalora·
जिन अहंकारी नेताओं को गायों के लिए 725 किलोमीटर पैदल चलने वाले ओरण बचाओ पद यात्री नही दिखें। उन्हें 40 दिन से धरने पर बैठे गिरल के गरीब मजदूर कैसे दिखेंगे। अहंकार का अंत निश्चित है #टीम_ओरण
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Bhopal Singh Jhalora
Bhopal Singh Jhalora@bhopal_jhalora·
संवेदना शून्य सरकारों में जिंदा लोग और जिंदा नेता जल रहें है ..... #टीम_ओरण
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Durag Singh Rajpurohit 🇮🇳
अगर विधायक सांसद का अंतिम अस्त्र पेट्रोल डालकर आत्मदाह की चेतावनी देना रह गया है, तो आम आदमी की औक़ात इस सिस्टम में क्या बची…? जिसके पास सत्ता की पहुँच, सुरक्षा, मीडिया और भीड़ है वो ख़ुद को असहाय बता रहा है, तो फिर वो किसान, बेरोज़गार, कर्मचारी और आम नागरिक किस खेत की मूली हैं जिन्हें कोई पहचानता तक नहीं। लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि कानून बनाने के लिए चुने जाते हैं, लेकिन हालात ऐसे बना दिए गए कि अब “लॉ मेकर” भी कैमरों के सामने ख़ुद को आग लगाने की नौबत बताकर न्याय माँग रहा है। सवाल सिर्फ़ एक नेता का नहीं है… सवाल उस व्यवस्था का है जहाँ फ़ाइलें आग से तेज़ नहीं चलतीं। ज्ञानी बाबा पैदा हो गए हैं सलाह दे रहे हैं कि ऐसा मत लिखो वैसा मत लिखो , लेकिन अपने नेता को कोई नहीं कह रहा कि ऐसा क्यों किया?
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Govind Singh Dotasra
Govind Singh Dotasra@GovindDotasra·
राजस्थान में लोकतंत्र वेंटिलेटर पर है! एक जनप्रतिनिधि को अपनी और जनता की बात सुनाने के लिए खुद पर पेट्रोल छिड़कना पड़े, इससे शर्मनाक बात राजस्थान के लोकतंत्र के लिए क्या होगी? यह आक्रोश @RavindraBhati__ का अकेले का नहीं, बल्कि प्रदेश के उन लाखों नागरिकों का है जिनकी सुनवाई इस 'पर्ची सरकार' में कहीं नहीं हो रही है। 'पर्ची सरकार' अपनी कुंभकर्णी नींद से जागे और 45 दिन से धरना दे रहे मजदूरों से तुरंत बातचीत कर मुद्दों का समाधान करे। एक विधायक को भी इस प्रकार की अत्यधिक भावुकता से बचना चाहिए। विरोध का तरीका हमेशा संवैधानिक होना चाहिए। सार्वजनिक रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़कना या आत्मदाह जैसा कदम उठाना कानून और सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह गलत और अस्वीकार्य है। एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को कानून के दायरे में रहकर ही अपनी बात रखनी चाहिए, क्योंकि ऐसे आत्मघाती कदमों से समाज और युवाओं में एक गलत संदेश जाता है।
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Jaiky Yadav
Jaiky Yadav@JaikyYadav16·
राजस्थान के शिव से निर्दलीय विधायक रवींद्र सिंह भाटी ने आत्मदाह का प्रयास किया। दरअसल, बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों के समर्थन में लगातार 13 दिन तक धरना प्रदर्शन जारी रहा इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद रवींद्र सिंह भाटी ने जिला कलेक्ट्रेट के सामने खुद के ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। हालांकि समय रहते वहां मौजूद लोगों ने उन्हें रोक लिया कुछ भी हानि नहीं हुई।
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Prem Prakash Detha
Prem Prakash Detha@prem_baba1622·
ऐसे कायर डरपोक के समर्थक ज्ञान दे रहे है आज शर्म कर लो
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Deepender Singh Hooda
Deepender Singh Hooda@DeependerSHooda·
बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस में 38 दिन से मजदूर धरने पर, 14 दिन से शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी भी साथ बैठे… फिर भी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। हालात यहां तक पहुंच गए कि एक जनप्रतिनिधि को कलेक्ट्रेट के आगे खुद पर पेट्रोल छिड़काव जैसा कदम उठाना पड़ा। ये सिर्फ चिंता नहीं, सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है। @RavindraBhati__
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Vakil Sahab
Vakil Sahab@Vakil_sahab029·
जो लोग आज रविन्द्र सिंह भाटी का मजाक उड़ा रहे हैं यदि उसी जगह हनुमान बेनीवाल जी होते तो ऐसी मजाक बना देते ? आखिर भाटी ने गलत क्या किया ?मजदूरी की आवाज ही उठाई थी?
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Times Now Navbharat
Times Now Navbharat@TNNavbharat·
राजस्थान के बाड़मेर जिले में गिरल क्षेत्र के मजदूरों की मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन मंगलवार को उस समय बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया, जब शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर विरोध स्वरूप खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया मौके पर मौजूद लोगों, पुलिसकर्मियों और आरएसी जवानों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया गिरल गांव से आए हजारों मजदूर पिछले एक महीने से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं आंदोलन के समर्थन में विधायक Ravindra Singh Bhati भी पिछले 12 दिनों से धरना स्थल पर मौजूद हैं पूरी खबर 🔗timesnowhindi.com/cities/major-p… #Barmer #RajasthanNews #RavindraSinghBhati #GirlaProtest [Rajasthan News, Barmer ]
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Ronak Khatri
Ronak Khatri@ronak_khatrii·
बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस में 38 दिन से मजदूर धरने पर, 14 दिन से शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी भी साथ बैठे… फिर भी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। हालात यहां तक पहुंच गए कि एक जनप्रतिनिधि को कलेक्ट्रेट के आगे खुद पर पेट्रोल छिड़काव जैसा कदम उठाना पड़ा। ये सिर्फ चिंता नहीं, सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है।
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