
अमेरिका–ईरान जैसे तनावपूर्ण हालात केवल दो देशों के बीच की लड़ाई नहीं है , बल्कि पूरी मानवता के लिए गहरी चिंता का विषय बन जाते हैं।
एक खिलाड़ी, विशेषकर एक मुक्केबाज़ के रूप में, मेरा मानना है कि असली ताकत रिंग में दिखाई जाती है—जहाँ नियम होते हैं, सम्मान होता है और अंत में जीत इंसानियत की होती है, न कि नफरत की।
जंग कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होती, यह सिर्फ नए ज़ख्म देती है।
दुनिया के ताकतवर देशों को यह समझना होगा कि असली जीत तब होती है जब शांति कायम रहती है, न कि तब जब शहर खामोश और दिल डर से भरे हों।
आज समय की मांग है कि हम “जियो और जीने दो” के सिद्धांत को अपनाएँ और दुनिया को एक बेहतर, सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करें ।
जय हिंद
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