N SOOD
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@NSOOD6
In love with Nature. Passionate about women’s issues. Want to see every child in school.

To be honest Party is also at fault To give him long rope London dar ke bhaaga tha tab se pata tha



Raghav Chadha's role as 'ATM' is over. Raghav's ability to collect money from Punjab and give it to Kejriwal is now over. Now Kejriwal has direct contact.

असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया। और इस बलिदान के बदले मिला क्या? 15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बावजूद - प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार नहीं। क्योंकि सभी शीर्ष पद IPS अफसरों के लिए आरक्षित हैं। यह सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं - यह लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है। ये जवान सीमाओं पर तैनात रहते हैं, आतंक और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, लोकतंत्र के उत्सव चुनावों को सुरक्षित बनाते हैं। लेकिन जब इनके अधिकार और सम्मान की बात आती है, तो व्यवस्था मुँह फेर लेती है। खुद CAPF के जवान इस भेदभाव के विरुद्ध हैं। सुप्रीम कोर्ट तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है। यह विधेयक केवल एक करियर रोकने का प्रयास नहीं - यह उन लोगों का मनोबल तोड़ने की कोशिश है जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं। और जब उनका मनोबल टूटता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव हिलती है। हम CAPF के जवानों का सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, नीतियों में करते हैं। कांग्रेस का साफ वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा। क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे नेतृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए।


यदि आप देश के जिम्मेदार नागरिक है तो किसी भी पार्टी विचारधारा से ऊपर उठकर उस व्यक्ति का हमेशा सपोर्ट करना चाहिए जो मुद्दे पर बात करता है, राघव चड्ढा को लेकर कंट्रोवर्सी देखने को मिल रही है, मेरा ऐसा मानना है कि 250 राज्यसभा सांसद है, आप मेरे को बताइएगा कितने लोगों ने सवाल उठाए हैं, कहने को वृद्ध जनों का सदन है जिनको आने वाली पीढ़ी के लिए और देश के भविष्य के लिए मुद्दे उठाने चाहिए लेकिन कोई नहीं उठाता, राघव चढ़ा जब मुझे उठा रहे हैं तो बोला जा रहा है इसके पास यह मुद्दे थे कोई और मुद्दे नहीं मिले क्या? तो भाई वह शहर से आता है शहर के मुद्दे ही उठायेगा, कम से कम अपना काम तो अच्छे से कर रहा है.... हमने राजस्थान से भी 10 लोगों को राज्यसभा भेजा है कितने लोग हमारी आवाज उठाते हैं? राघव की राजनीति क्या है आगे क्या करना चाहते हैं मैं इसकी बात से कोई मतलब नहीं रखता लेकिन उसके मुद्दों का समर्थन करता हूं, उसने अपने आसपास जो देखा उन मुद्दों को संसद में उठाया तो बाकी राज्यसभा सांसदों को भी सीखना चाहिए कि अपने आसपास जवान-किसान-गरीब-लाचार की पीड़ा को देखें और सदन के पटल पर रखें। कोई मुद्दा रखे चाहे वह चींटी का भी हो उसका सपोर्ट करना चाहिए यदि वह सही है, ना कि उसमें कमी ढूंढनी चाहिए। मैं एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते बात करूं तो चड्ढा ने अपने आसपास की समस्या को देखते हुए अच्छे मुद्दे उठाए हैं, अब आप बात करते हो उनसे किसान के मुद्दे की तो वह कभी खेत में गए ही नहीं है तो उनको उसकी पीड़ा नहीं पता, यह पीड़ा सदन के पटल पर रखने के लिए उस व्यक्ति को कहना चाहिए जो हमारे बीच से गये है और राज्यसभा में आराम से AC की हवा खा रहे हैं। बिना कुछ सोच समझ कॉपी पेस्ट नहीं चेपना चाहिए @raghav_chadha















