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MKBU Shaikshik Sangh
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MKBU Shaikshik Sangh
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Maharaja Krishnakumarsinhji Bhavnagar University,Bhavnagar proudly affiliated with the ABRSM President: Dr Vipul Purohit Organization Secretary: Dr Tejas Joshi
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29/12/25
परिचय सत्र & रजिस्ट्रेशन
NEP2020 and prospects at Lokbhartiya University, Sanosara, Bhavnagar, Gujarat
@ABRSM14121993
@abrsmbharat
@MahendraKapoor6




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🍁 *प्रस्ताव - 1* 🍁
*राष्ट्रीय सुरक्षा सीमाओं से समाज तक*
राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास अविभाज्य और परस्पर जुड़े हुए हैं। किसी भी राष्ट्र के लिए प्रगति, समृद्धि और स्थिरता प्राप्त करने हेतु हर स्तर पर आर्थिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और बौद्धिक सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है। सुरक्षा केवल सीमाओं पर बंदूक लेकर खड़े सैनिकों तक सीमित नहीं है। यह उतना ही आवश्यक है जितना कि समाज के भीतर समरसता बनाए रखना, हमारी अर्थव्यवस्था की रक्षा करना और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना। इतिहास ने हमें यह सिखाया है कि अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध के बाद कोई भी देश केवल बाहरी युद्धों से नहीं, बल्कि आंतरिक संघर्षों से भी टूट सकता है। हमने इस सत्य को अपने ही समय में देखा है।
हाल ही में मणिपुर में हुआ संघर्ष शांति भंग करने वाला था, जिससे विकास में बाधा आयी और समाज में विभाजन पैदा हुआ। इसने हमें यह स्मरण कराया कि आंतरिक मतभेद, बाहरी आक्रमण की तुलना में राष्ट्र को अधिक शीघ्रता से कमजोर कर सकते हैं।
ऋग्वेद में कहा गया है-
"संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्।"
अर्थात् "एक साथ चलो, एक साथ बोलो, और तुम्हारे विचार एक हों।" (ऋग्वेद 10.191.2)
अतः राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सीमाओं की रक्षा नहीं, अपितु राष्ट्र के भीतर सामूहिक और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता भी है।
दूसरी ओर, अनुच्छेद 370 के उन्मूलन के बाद जम्मू-कश्मीर में हालात चाहे चुनौतीपूर्ण रहे हों, लेकिन निवेश, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में विकास हुआ है। शांति ने प्रगति के द्वार खोले हैं। इसी तरह पूर्वोत्तर के ऐसे क्षेत्र जो कभी उग्रवाद और अस्थिरता के लिए जाने जाते थे, अब राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से जुड़ रहे हैं। विकास शांति की सबसे मजबूत नींव बन गया है।
ये उदाहरण शैक्षिक महासंघ के इस विचार को प्रमाणित करते हैं कि विकसित भारत ही सुरक्षित भारत है, और सुरक्षित भारत ही विकसित भारत है। सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं- एक के बिना दूसरा अधूरा है।
भारत के दो पड़ोसी देश, पाकिस्तान और चीन, परमाणु शक्ति से सम्पन्न हैं और भारत से कई बार टकराव में आ चुके हैं। बावजूद इसके, भारत की मिसाइल और अंतरिक्ष क्षमताएँ जैसे अग्नि-V से लेकर चंद्रयान-3 तक एक मजबूत प्रतिरोध का संदेश देती हैं। हमारी मिसाइल प्रणाली की शक्ति केवल युद्ध के लिए नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कोई भी शत्रु भारत की स्थिरता को चुनौती देने का साहस न कर सके।
हाल ही में भारत द्वारा आतंकवादी हमले के खिलाफ चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर यह दर्शाता है कि भारत उन्नत तकनीकों और कृत्रिम बुद्धिमता आधारित युद्ध उपकरणों का प्रभावी उपयोग करने में सक्षम है। वहीं, विभिन्न देशों में संघर्ष के समय केवल भारतीय नागरिकों को ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के नागरिकों को भी सुरक्षित निकालने की इच्छाशक्ति व क्षमता भारत की "वसुधैव कुटुम्बकम्" की भावना को दर्शाती है।
शैक्षिक महासंघ का मानना है कि आज के समय में आर्थिक सुरक्षा, सैन्य शक्ति जितनी ही महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह समृद्धि की रक्षा करती है। कोई देश युद्ध जीत सकता है, पर यदि उसकी अर्थव्यवस्था कमजोर है, तो अस्थिरता उत्पन्न हो सकती है। भारत ने इस सच्चाई का तब सामना किया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय उत्पादों पर शुल्क लगा दिया। इसीलिए आर्थिक वैविध्य और आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्त्वपूर्ण अंग हैं। 'आत्मनिर्भर भारत', डिजिटल ढाँचे का विकास और नवीकरणोप ऊर्जा को बढ़ावा देना ये सभी केवल आर्थिक रणनीतियाँ नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को अनिवार्य शर्तें हैं।
अर्थव्यवस्था समृद्धि की रक्षक है। सीमाएँ भूमि की रक्षा करती हैं, लेकिन संस्कृति किसी राष्ट्र की आत्मा की सुरक्षा करती है। भाषाओं, परंपराओं, कलाओं और मूल्यों को बचाना सांस्कृतिक सुरक्षा का हिस्सा है, जो विविधता में एकता को बनाए रखती है। आज के सोशल मीडिया के युग में, गलत सूचना विविधता को शस्त्र बनाकर समाज को हथियारों से भी तेज गति से तोड़ सकती है। हमारे त्योहार, साहित्य और सामुदायिक गतिविधियाँ केवल उत्सव नहीं हैं, बल्कि समाज को टूटने से बचाने वाले सुरक्षा उपाय हैं।
अथर्ववेद में कहा गया है -
"समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः "
अर्थात् "तुम्हारे लक्ष्य समान हों, तुम्हारे हृदय एक हों।" (अथर्ववेद 3.30.5) इसलिए, राष्ट्रीय सुरक्षा में वह सांस्कृतिक सूत्र अवश्य शामिल होना चाहिए जो नागरिकों को जोड़े रखता है।
शैक्षिक महासंघ का यह भी मानना है कि भारत के सामाजिक-सांस्कृतिक पश्न का सम्मान तब तक सुरक्षित नहीं रह सकता जब तक भारतीय विचारों और सिद्धांतों की रक्षा समाज के बुद्धिजीवी नहीं करते। (1/2)
राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय)@RSSRashtriya
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के 9वें त्रिवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन में आज दसवें सत्र में तीन प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए: 1. राष्ट्रीय सुरक्षा सीमाओं से समाज तक। 2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2020 :उपलब्धियां, चुनौतियां एवं भविष्य। 3. शिक्षा और शिक्षकों की समस्याओं का तत्काल समाधान आवश्यक। #9thNationalConventionJPR
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Session “Rashtriya Suraksha: Seema Se Samaj Tak”
Pleasure to listen live, Dr. Sudhanshu Trivediji, Member of Parliament & renowned thinker during 9th National Convention ABRSM at Jaipur
@ABRSM14121993
@AbrsmGUJ
@SudhanshuTrived
@SSMKBU
@mkbhavuni78




English

MK Bhavnagar Univ के ABRSM दल ने जयपुर में आयोजित ABRSM के 9वें राष्ट्रीय अधिवेशन (5–7 oct 25) में सक्रिय रूप से भाग लिया।
प्रतिनिधिमंडल
1️⃣ प्रो. विपुल पुरोहित – अध्यक्ष
2️⃣ प्रो. भरतसिंह गोहिल – सचिव
3️⃣ प्रो. तेजस जोशी – आयोजन सचिव
@ABRSM14121993
@AbrsmGUJ
@DrGeetaBhatt
हिन्दी

@DrGeetaBhatt @KumariDiya @MahendraKapoor6 @ABRSM14121993 MK Bhavnagar Univ के ABRSM दल ने जयपुर में आयोजित ABRSM के 9वें राष्ट्रीय अधिवेशन (5–7 oct 25) में सक्रिय रूप से भाग लिया।
प्रतिनिधिमंडल
1️⃣ प्रो. विपुल पुरोहित – अध्यक्ष
2️⃣ प्रो. भरतसिंह गोहिल – सचिव
3️⃣ प्रो. तेजस जोशी – आयोजन सचिव
@AbrsmGUJ
हिन्दी

Akhil Bhartiya Rashtriya Shaikshik Mahasangh 9th Convention to begin on 5th October 25.
Exhibition on the journey of the organization inaugurated by Hon'ble Deputy Chief Minister, Diya kumari ji at Jaipur, Rajasthan.
@KumariDiya
@MahendraKapoor6
@ABRSM14121993
#ABRSM



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MK Bhavnagar Univ के ABRSM दल ने जयपुर में आयोजित ABRSM के 9वें राष्ट्रीय अधिवेशन (5–7 oct 25) में सक्रिय रूप से भाग लिया।
प्रतिनिधिमंडल
1️⃣ प्रो. विपुल पुरोहित – अध्यक्ष
2️⃣ प्रो. भरतसिंह गोहिल – सचिव
3️⃣ प्रो. तेजस जोशी – आयोजन सचिव
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@MahendraKapoor6




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MK Bhavnagar University Shaikshik Sangh (@SSMKBU ) welcome the statement given by the Hon'ble Minister. We sincerely acknowledged you for resolving these long pending issues. We appreciate &thank our CM Shri @Bhupendrapbjp , MOE @jitu_vaghani & FEP
@KanuDesai180 @kuberdindor


English

@jitu_vaghani MK Bhavnagar University Shaikshik Sangh (@SSMKBU ) welcome the statement given by the Hon'ble Minister. We sincerely acknowledged you for resolving these long pending issues. We appreciate &thank our CM Shri @Bhupendrapbjp , MOE @jitu_vaghani & FEP
@KanuDesai180 @narendramodi
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