Ram Sharan Singh

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Ram Sharan Singh

Ram Sharan Singh

@RAMSHAR34852780

#Public Servant; Alumnus-Allahabad University.

Lucknow, India Присоединился Haziran 2018
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
हम दोनो को हम जैसे बहुत मिलेंगे, बस हम दोनो को हम दोनो न मिलेगें। …राहत इंदौरी
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
@navalkant @sanatanisuman सर्वहारा की जय हो ! बुर्जुवा वाद मुर्दा बाद!!
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सुमन
सुमन@sanatanisuman·
नाश्ता कर लो फ्रान्डस😎
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
सो सब तव प्रताप रघुराई। नाथ न कछु मोरि प्रभुताई॥ “हे राम! जो कुछ मैंने किया, वह सब आपकी शक्ति से हुआ; उसमें मेरा अपना कोई बड़प्पन नहीं।” हनुमान जी की जय हो!!
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
@sanatanisuman सुनहु भरत भावी प्रबल, बिलखि कहेउ मुनिनाथ। हानि लाभु जीवनु मरनु, जसु अपजसु बिधि हाथ॥
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सुमन
सुमन@sanatanisuman·
रहिमन चुप हो बैठिये, देखि दिनन के फेर। जब नीके दिन आइहैं, बनत न लगिहैं देर॥ मस्त रहें मर्यादित रहें महादेव कल्याण करें 🙏🏻
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
जीवन की अनिश्चितता और मनुष्य की सीमित नियंत्रण-शक्ति के संदर्भ में गुरू वशिष्ट ने सही कहा है… सुनहु भरत भावी प्रबल, बिलखि कहेउ मुनिनाथ। हानि लाभु जीवनु मरनु, जसु अपजसु बिधि हाथ॥ “राम चरित मानस”
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
@abhinaymaths आप तो नहीं बदलेंगे गुरू जी,क्योंकि आप अपना PR बढ़ाने के लिए खूब अच्छा अच्छा लिख रहे हैं।जैसे लग रहा है कि आप के रोज रोज के नीतिशास्त्र के ज्ञान से राम राज्य की स्थापना हो जाएगी।विविधताओं का देश है ये,तरह तरह की समस्यायें हैं यहॉं ,आप जैसे हज़ारों ज्ञानी भरे पड़े हैं;परेशान न हों!
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Abhinay Maths
Abhinay Maths@abhinaymaths·
कांग्रेस की नाकामी और भ्रष्टाचार से परेशान होकर देश ने बदलाव चुना था। लोगों को लगा था अब समय पर projects पूरे होंगे, corruption कम होगा और जनता के टैक्स का इस्तेमाल सही होगा। लेकिन आज फिर वही खड़े हैं - क्यों कई बड़े projects की लागत दोगुनी-तीन गुनी हो जाती है? क्यों deadlines बार-बार बढ़ती हैं? क्यों वही बड़ी कंपनियां लगातार मोटे contracts लेती रहती हैं जो चुनावी चंदा देती हैं? क्या आम जनता सिर्फ टैक्स देने और महंगाई झेलने के लिए है? Road project हो, smart city हो, pollution control हो या infrastructure ,ground reality और सरकारी विज्ञापनों में इतना फर्क क्यों है? जनता ने सरकार event management के लिए नहीं चुनी थी। लोगों को जवाब चाहिए | वादों का क्या हुआ? रोजगार का क्या हुआ? महंगाई कम क्यों नहीं हुई? और सबसे जरूरी क्या? सत्ता और चंदा देने वाली कंपनियों का रिश्ता अब नीति तय करेगा? देश को transparency चाहिए, सिर्फ नारेबाजी नहीं।
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
“सदा न फूलै केतकी, सदा न सावन होय। सदा न विपदा रह सके, सदा न सुख भी होय।।”
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
@sanatanisuman मतलब आप कहना क्या चाहते हैं।
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सुमन
सुमन@sanatanisuman·
सहमत सौ प्रतिशत सहमत लेकिन जिन आम जनता का मुफ्त में काम किया जाता है वो भी आपके लिये नही सोचती है ये भी एक पहलू है।
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780

@budhwardee ईमानदारी की बात किया नहीं कि सारे भ्रष्ट लोग आपके पीछे पड़ जाएँगे।कोई आपके साथ खड़ा नहीं होगा।अगर आप किसी विभाग में ईमानदारी से काम कर रहे हैं,नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं,सरकार का करोड़ों रुपये बचा रहे हैं तो आपको मेनस्ट्रीम से बाहर कर दिया जाएगा;नये भारत में !!!

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Amit Singh
Amit Singh@DrAmitSingh001·
@RAMSHAR34852780 @sanatanisuman कोई आपकी बात Andhra Pradesh के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu तक पहुंचा दे। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने कहा है कि राज्य में जनसंख्या वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए तीसरे बच्चे पर ₹30,000 और चौथे बच्चे पर ₹40,000 की प्रोत्साहन राशि देने की योजना पर काम किया जाएगा?
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सुमन
सुमन@sanatanisuman·
बहुत गर्मी पड़ रही है,बार बार बिजली काटना जरूरी है क्योंकि ट्रांसफ़ॉर्मर को भी ठंढा करना होता है,कुल मिलाकर तीन चार घंटे बंद रखने से वो जलेगा नही।बिजली तो आयेगी ना कम से कम।ऐसे निरंतर बिजली देने से वो जल जायेगा फिर हफ़्तों बनने में लग जायेगा।इसलिये कटौती आपके हित में है,समझे 😉
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
@budhwardee ईमानदारी की बात किया नहीं कि सारे भ्रष्ट लोग आपके पीछे पड़ जाएँगे।कोई आपके साथ खड़ा नहीं होगा।अगर आप किसी विभाग में ईमानदारी से काम कर रहे हैं,नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं,सरकार का करोड़ों रुपये बचा रहे हैं तो आपको मेनस्ट्रीम से बाहर कर दिया जाएगा;नये भारत में !!!
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deepak
deepak@budhwardee·
बेईमानी इतनी पुरानी बात हो गई है कि अब कोई बेईमानी की बात करे, तो लगता है बड़ा पिछड़ा हुआ आदमी है।😎
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
@sanatanisuman आप मंत्री और मैं आपका सलाहकार।दोनों मिलकर जनहित में बहुत अच्छा काम करेंगे!!
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सुमन
सुमन@sanatanisuman·
@RAMSHAR34852780 आपको सरकार में मंत्री बना देना चाहिये अच्छा काम करेंगे😂
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
@sanatanisuman ….कुछ और नहीं।बस किसी भी तरह फिजिकली और मेंटली अपने आप को फिट रखना होगा।कोई काम नहीं आएगा।कैसे हमेशा खुश रहा जाए,यह महत्वपूर्ण है!!
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सुमन
सुमन@sanatanisuman·
एक इंसान मुझसे कहते है की तुम्हें जिम करना चाहिये ,पसीना बहाना चाहिये ,सुबह से रोटी भिंडी दाल चावल कुकुर 🐶 का भोजन बनाते कितना पसीना निकला है ये तुम क्या जानो ,फिर तैयार होकर मुझे ऑफिस जाना है,चालीस लोगों की समस्या सुनना है,घर का सारा सामान मंगाना,मैनेज करना, हो गया जिम🙄
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
@sanatanisuman @RajeevRai अब ऐसे लोग बिरले ही रह गये हैं।वर्तमान समय में लाभ और हानि के मानदंड पर हर कोई काम करना चाहता है।हर किसी के रहने और खाने-पीने के मानदंड बदल चुके हैं।घोर कलयुग चल रहा है।सच बोलना और ईमानदारी से काम करना,दोनों बेमानी साबित हो चुके हैं।
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सुमन
सुमन@sanatanisuman·
कुछ नेता हैं जिनके लिये हाथ स्वत: उठ जाता है पैर छूने के लिये,उनका सम्मान बराबर रहता है।वो पार्टी और जाति से परे होकर लोगों के लिये कार्य करते है।शलभ मणि त्रिपाठी,अरविंद सिंह गोप,और मेरे भइया @RajeevRai ,इनके दरवाज़े से ख़ाली हाथ नहीं जा सकते।बस सूचना मिलने की देर है ये हाज़िर है
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
@sanatanisuman … होगी जय, होगी जय, हे पुरूषोत्तम नवीन। कह महाशक्ति राम के वदन में हुई लीन।
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सुमन
सुमन@sanatanisuman·
अच्छे अफ़सरों की आवश्यकता नहीं है,अच्छा कार्य करने वाला नही चाहिये ,ईमानदार को तो रसातल में फेंक दिया जाता है क्योंकि वो तो किसी के काम लायक़ नहीं होता है।एक अफसर से एक विभाग हटाया गया तो उस विभाग में मिठाई बँटी थी.. ईमानदार लोग्स किसी काम के नहीं है 😏🥸
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
@sanatanisuman ब्रेड खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक भी है।ह्वाट्सएप यूनिवर्सिटी में कोई ज्ञानी बता रहा था कि ब्रेड खाने से गट का कैंसर होता है।घर की रोटी सबसे बढ़िया है।
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सुमन
सुमन@sanatanisuman·
मुझे क्या मैं तो पोहा,दलिया,आलू के पराठें,चीला,रवा उत्पम पीनट चटनी के साथ बना कर नाश्ता कर लूँगी ,आलसी लोगों का नाश्ता ब्रेड होता है।बेकार की चीज़ है।बस शेर 🦁 का सिर नहीं झुकने देंगे 🙈🙈🙈
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
@sanatanisuman साइकिल से अच्छा कुछ नहीं है।अगर सेहत सही रखनी है,नीली-पीली दवायें नहीं खानी हो तो,प्रतिदिन एक घंटे साइकिल चलानी चाहिए।सरकारी अधिकारी जिनकी आफिस 5 किलोमीटर दूर हो,उन्हें साइकिल से ही आफिस जाना चाहिए।
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सुमन
सुमन@sanatanisuman·
सरकार को गाड़ियों के दाम बढ़ा देने चाहिये,और सायकिल के दाम घटा देना चाहिये वो जो गेयर वाला आता है पचास पचीस हज़ार वाला सायकिल ,तो लोग्स खरीद नहीं पाएंगे गाड़ी और ख़रीदेंगे मस्त सायकिल,ना रहेगा बाँस न बजेगी बांसुरी☺️ देश हित में सायकिल नही चला सकते👿
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Ram Sharan Singh
Ram Sharan Singh@RAMSHAR34852780·
@sanatanisuman हर नज़र में मुमकिन नहीं है, बेगुनाह रहना, चलो कोशिश करते हैं कि ख़ुद की नज़र में बेदाग रहें !! *🙏सुप्रभात🙏*
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सुमन
सुमन@sanatanisuman·
कभी लगता है आपको की सबने आपसे किनारा कर लिया है ,आपकी जरूरत नहीं है ,तो आप प्रसन्न हो जाइये ,ईश्वर आपको किसी चीज से बचाना चाहता है,आप पर उनकी नज़र बनी हुई है,वो आपके लिये बेहतर सोच रहे है और आपको लगता है की लोग आपके लिये बेहतर सोचें? मस्त रहें मर्यादित रहे, महादेव कल्याण करें 🙏🏻
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Divya Mittal
Divya Mittal@divyamittal_IAS·
एक ही आदमी। एक ही भाई। दो बिलकुल अलग फैसले। पहला फैसला — जुए की चौसर पर। युधिष्ठिर ने सबसे पहले नकुल को दांव पर लगाया। शायद इसलिए कि वह "सौतेला" था, "कमज़ोर" था, "अपना" नहीं था। दूसरा फैसला — वनवास की एक झील के किनारे। यक्ष ने चारों भाइयों को मार दिया। कहा — "एक को जीवित कर सकते हो।" युधिष्ठिर ने फिर नकुल को चुना। लेकिन इस बार दांव पर लगाने के लिए नहीं — बचाने के लिए। यक्ष ने पूछा — "अर्जुन को क्यों नहीं? भीम को क्यों नहीं?" युधिष्ठिर का जवाब — "मेरी माँ कुंती का एक पुत्र मैं ज़िंदा हूँ। मेरी दूसरी माँ माद्री का भी एक पुत्र ज़िंदा रहना चाहिए।" एक ही नकुल। पहले — सबसे पहले त्यागने योग्य। बाद में — सबसे पहले बचाने योग्य। बीच में सिर्फ़ एक चीज़ थी — वनवास। बारह साल का तप। जंगलों में भटकना। राजसी वस्त्र छोड़कर वल्कल पहनना। ज़मीन पर सोना। कोयला कोयला रहता है — जब तक उसे तपाया न जाए। तप कर ही वह हीरा बनता है। युधिष्ठिर इंद्रप्रस्थ के राजमहल में "धर्मराज" नहीं बने थे। वे जंगल में बने। और शायद आप भी अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा संस्करण किसी आरामदायक कुर्सी पर बैठकर नहीं बनेंगे। बनेंगे — किसी ऐसे दौर में, जिसे आज आप कोस रहे हैं। कठिनाइयों से डरिए मत। यही वह भट्टी है जिसमें कोयला हीरा बनता है।
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