Railway Fact Check

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Official Fact Check account of Ministry of Railways (Indian Railways)

New delhi Sumali Ekim 2025
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Railway Fact Check
Railway Fact Check@IRFactCheck·
It is factually incorrect to say that modified refund rules will be an extra burden on passengers. As a step towards transparency, to inform passengers in time whether their tickets are confirmed or not, Railways, under continuous reforms, has increased the chart preparation timing from 4 hours to 9–18 hours before departure. This has provided clarity to passengers travelling from distant locations regarding their journey. As part of improving passenger experience, along with the change in chart timing windows, the refund rules have also been revised, with no additional cost payable (No extra cost). This transparent reform not only provides timely clarity to passengers but has also tightened action against illegal ticket agents. Passengers will now be able to change their boarding station up to the last 30 minutes. Additionally, subject to availability, they will be able to upgrade their travel class up to 30 minutes before the train’s departure.
Congress@INCIndia

मोदी सरकार जनता को लूटने का नया प्लान लेकर आई है- रेलवे कैंसिलेशन के नियम बदल दिए गए हैं। ⦿ अगर ट्रेन छूटने में 8 घंटे बचे हैं और आपने टिकट कैंसिल किया तो मोदी सरकार आपको एक रुपए भी नहीं लौटाएगी ⦿ पहले ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर आपको 50% रिफंड मिल जाता था ⦿ इतना ही नहीं, अब टिकट पर पूरा रिफंड पाने के लिए आपको 72 घंटे पहले ही टिकट कैंसिल करना होगा, जो पहले 48 घंटे था लोग पहले ही तमाम दिक्कतों से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें राहत देने के बदले जख्मों पर नमक रगड़ रही है। 'मोदी सरकार' मतलब 'वसूली सरकार'

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Railway Fact Check
Railway Fact Check@IRFactCheck·
It is factually incorrect to say that modified refund rules will be an extra burden on passengers. एक पारदर्शिता के कदम के तहत यात्रियों को समय रहते ये बताने के लिए कि उनकी टिकट कन्फर्म हुई है या नहीं , रेलवे ने लगातार सुधार के तहत चार्ट के टाइमिंग को 4 घंटे से 9 से 18 घंटे तक कर दिया है। इससे दूर से आने वाले यात्रियों को यात्रा को लेकर स्पष्टता मिली है । इसी बेहतर यात्री अनुभव सुधार के तहत चार्ट टाइमिंग के विंडो के साथ साथ रिफंड के नियम में भी सुधार किया है जिसमें कोई अतिरिक्त मूल्य देय नहीं है (No extra cost)। इस पारदर्शी सुधार से न सिर्फ यात्रियों को समय रहते स्पष्टता मिल रही है वही ग़ैर क़ानूनी टिकट एजेंट्स पर भी शिकंजा कसा है । यात्री अंतिम आधे घंटे तक अपने बोर्डिंग स्टेशन को जल्द ही बदल सकेगा । साथ ही, उपलब्ध होने पर वो अपने यात्रा की श्रेणी को ट्रेन के प्रस्थान के आधे घंटे पहले तक अपग्रेड कर सकेगा।
Congress@INCIndia

मोदी सरकार जनता को लूटने का नया प्लान लेकर आई है- रेलवे कैंसिलेशन के नियम बदल दिए गए हैं। ⦿ अगर ट्रेन छूटने में 8 घंटे बचे हैं और आपने टिकट कैंसिल किया तो मोदी सरकार आपको एक रुपए भी नहीं लौटाएगी ⦿ पहले ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर आपको 50% रिफंड मिल जाता था ⦿ इतना ही नहीं, अब टिकट पर पूरा रिफंड पाने के लिए आपको 72 घंटे पहले ही टिकट कैंसिल करना होगा, जो पहले 48 घंटे था लोग पहले ही तमाम दिक्कतों से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें राहत देने के बदले जख्मों पर नमक रगड़ रही है। 'मोदी सरकार' मतलब 'वसूली सरकार'

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This is an AI-generated video. No such incident has occurred. Please refrain from sharing misleading content.
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Railway Fact Check@IRFactCheck·
Certain facts and footage in this video are misleading in nature and is an attempt to sabotage the image of Railways . Kindly refrain from sharing such misleading content.
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Railway Fact Check
Railway Fact Check@IRFactCheck·
Kindly refrain from sharing old photos and misleading content.
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Railway Fact Check@IRFactCheck·
This news is misleading. Vande Bharat sleeper train is indegnious and first of its kind. The 1st Rake is a prototype train set that has cleared all the required tests. #IRFactCheck
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Railway Fact Check
Railway Fact Check@IRFactCheck·
यह दावा भ्रामक है। भारतीय रेल द्वारा त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा हेतु स्पेशल ट्रेनें संचालित की गई हैं, ताकि देशभर में यात्रियों को सहज और सुरक्षित यात्रा हेतु सुविधा मिल सके। #IRFactCheck
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Rashtriya Janata Dal@RJDforIndia

रेल मंत्रालय द्वारा विशेष ट्रेन उपलब्ध करवा कर बिहार के प्रवासी श्रमिकों को बिहार में भाजपा के पक्ष में वोट डालने के लिए बिहार भेजा जा रहा है और वापसी का टिकट भी करवाया गया है! यही मोदी सरकार छठ में इन प्रवासी श्रमिकों को ठूंस ठूंस कर बिहार भेज रही थी। उस समय प्रवासी बिहारियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं करवाया गया था। कोरोना काल में भी हजारों किलोमीटर पैदल चलकर बिहार के श्रमिक बिहार वापस आए थे, लेकिन उनके लिए उस समय किसी स्पेशल ट्रेन की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी! पर अब जब जैसे तैसे चुनाव जीतना है तो यह लोग अपने मतलब के लिए अपना दोहरा चरित्र दिखा रहे हैं! @yadavtejashwi #RJD #Bihar #TejashwiYadav #तेजस्वी_सरकार

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Railway Fact Check
Railway Fact Check@IRFactCheck·
The information being circulated is misleading. Indian Railways does not operate any train shown in the video. Please rely only on official sources for accurate updates. #RailwayFactCheck
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Rashtriya Janata Dal
Rashtriya Janata Dal@RJDforIndia·
कहां हवाई चप्पल वालों को हवाई जहाज में बिठाने की बात करते थे! और कहां ग़रीब बिहारवासियों को ट्रेन के शौचालय में बैठकर यात्रा करने तक पर मजबूर कर दिया! अत्याचार करने के मामले में मोदी जी को बिहारवासियों से कुछ ज्यादा ही प्यार है! किसी अंधभक्त ने सच ही कहा है- "मोदी है तो मुमकिन है!" मोदी है तो हम बिहारियों का हर अपमान मुमकिन है! नीतीश तो कुर्सी के लोभ में गूंगे, बहरे, अंधे और अचेत हो चुके हैं! आप तो जागिए! अपने बच्चों के भविष्य के लिए जागिए! @yadavtejashwi #RJD #तेजस्वी_सरकार
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महोदय , यह फोटो पुरानी है। कृपया, ऐसी तस्वीरें साझा न करें। भारतीय रेल की विशेष ट्रेन सेवाओं के माध्यम से अब तक 1.5 करोड़ से अधिक यात्री अपने घर सुरक्षित पहुँच चुके हैं।
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Rashtriya Janata Dal@RJDforIndia

कहां हवाई चप्पल वालों को हवाई जहाज में बिठाने की बात करते थे! और कहां ग़रीब बिहारवासियों को ट्रेन के शौचालय में बैठकर यात्रा करने तक पर मजबूर कर दिया! अत्याचार करने के मामले में मोदी जी को बिहारवासियों से कुछ ज्यादा ही प्यार है! किसी अंधभक्त ने सच ही कहा है- "मोदी है तो मुमकिन है!" मोदी है तो हम बिहारियों का हर अपमान मुमकिन है! नीतीश तो कुर्सी के लोभ में गूंगे, बहरे, अंधे और अचेत हो चुके हैं! आप तो जागिए! अपने बच्चों के भविष्य के लिए जागिए! @yadavtejashwi #RJD #तेजस्वी_सरकार

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त्यौहारों के दौरान भारतीय रेल ने यात्रियों की सुविधा के लिए 12,000 से अधिक विशेष ट्रेन सेवायें संचालित की हैं — ताकि हर यात्री सुरक्षित रूप से दीपावली और छठ के लिए घर पहुँच सके। 🚆 त्यौहारों के समय भीड़ स्वाभाविक है, जिसे रेलवे कर्मचारी 24×7 निगरानी में कुशलतापूर्वक नियंत्रित कर रहे हैं। अबतक लगभग 6000 ट्रेने चल चुकी है । और यात्रियोंको उसका लाभ भी हो रहा है। 28 अक्टूबर से नवंबर तक और 6000 से अधिक ट्रेने चलेगी । देशभर में भारतीय रेल द्वारा चलायी जा रही 12000+ स्पेशल ट्रेन सेवाओं की सूची 👇🏼 workdrive.zohopublic.in/file/2kdo92bd4…
Congress@INCIndia

मोदी सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए ऐलान किया कि हम छठ पर्व के लिए करीब 12,000 ट्रेन चला रहे हैं, ताकि लोग आसानी से घर जा सकें। चुनाव के समय, वोट लेने के लिए ऐसी घोषणा की गई लेकिन असलियत ये है कि देश में कुल ट्रेनों की संख्या ही 13,452 है। यानी- नरेंद्र मोदी ने सरेआम झूठ बोला और बिहारवासियों का अपमान किया। हम सभी ने देखा कि लोग अपने परिजनों के साथ रेलगाड़ियों में भारी भीड़ में घर लौटे। कोई फर्श पर बैठा रहा, कोई टॉयलेट में बैठकर घर आया। ये दिल दुखाने वाली तस्वीरें हैं, जिसके लिए नरेंद्र मोदी को बिहार के लोगों से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने झूठ बोला, उन्हें ठगा। : उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव @avinashpandeinc जी 📍 बिहार

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Railway Fact Check@IRFactCheck·
➡️ भारतीय रेल 12,000 से अधिक विशेष ट्रेनें संचालित कर रही है । ➡️ बोर्ड, ज़ोन और मंडल स्तर पर वॉर रूम बनायी है। 24 X 7 निगरानी हो रही है। 22 अक्टूबर के प्रेस नोट को गलत संदर्भ में पेश किया गया है। ➡️ प्रेस नोट में 20–25 अक्टूबर के अवधि के बारे में बताया है । ➡️ उसमें कहा गया था कि “अगले पाँच दिनों में प्रतिदिन 300 ट्रेनें संचालित की जाएंगी” — यह पहले से चल रही स्पेशल ट्रेनों से अतिरिक्त व्यवस्था थी, न कि कुल संख्या का बयान। ➡️ केवल विशेष ट्रेनों से अब तक 1.5 करोड़ से अधिक यात्रियों ने यात्रा की है। #RailwayFactCheck
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Congress@INCIndia

आज समूचा बिहार त्राहिमाम कर रहा है। BJP सरकार ने यात्रियों को रेल यात्रा में बेपनाह यातना दी है। BJP सरकार ने छठ महापर्व पर बिहारवासियों के साथ विश्वासघात किया है। • नरेंद्र मोदी के साथ BJP के तमाम नेताओं ने कहा कि हम 12,000 ट्रेन चलाएंगे • लेकिन 22 अक्टूबर को भारतीय रेलवे ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि 'हम 1,500 स्पेशल ट्रेन चला रहे हैं। अगले 5 दिनों में हम प्रतिदिन 300 ट्रेन छठ पर्व के लिए चलाएंगे' • अगर मान लिया जाए कि हर एक ट्रेन में 16 डिब्बे हों तो यात्रियों की संख्या करीब 20 लाख होगी • लेकिन बिहार के महत्वपूर्ण East Central Railway- Zone का 2024 का बयान देखें तो उसमें कहा गया कि छठ पूजा के दौरान हमने 40 लाख यात्री हैंडल किए। अब सवाल है- बाकी जोन का आंकड़ा क्या होगा? मोदी सरकार के दावे बहुत हैं, लेकिन हम सबने देखा कि लोग यात्रा के दौरान कितने परेशान रहे। खुद नरेंद्र मोदी समेत तमाम नेता हजारों करोड़ के जहाज में घूमते हैं, लेकिन जनता भीड़ में यात्रा करने को मजबूर हैं। बिहार की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने वालों को जनता माफ नहीं करेगी। जनता 'वोट की चोट' से इन्हें सबक सिखाएगी और सत्ता से उखाड़ फेंकेगी। : @AbhayDubeyINC जी

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घर लौटने की भावना को साकार करने के लिए भारतीय रेल ने इस वर्ष यात्रीयों की सुविधा के लिए प्रयासरत है । 🚆 त्योहारों के लिए कुल विशेष ट्रेनें: •12,000+ ट्रेनें चलाई जा रही है l (workdrive.zohopublic.in/file/2kdo92bd4…) •छठ पूजा के बाद वापसी हेतु बिहार के 30 स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाने का प्रयास। •हर ज़ोन में वार रूम और मिनी कंट्रोल रूम सक्रिय। बोर्ड स्तर पर वॉर रूम । 👥 अब तक 1.5 करोड़+ यात्री विशेष ट्रेनों से यात्रा कर चुके हैं। 🛤️ प्रमुख स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया, अतिरिक्त टिकट काउंटर, स्वच्छता, सुरक्षा और 24×7 ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी सुनिश्चित कर रहे हैं सुगम यात्रा। त्योहारों में भीड़ स्वाभाविक है — पर भारतीय रेल यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयासरत है l #RailwayFactCheck
Congress@INCIndia

छठ लोक आस्था का सबसे बड़ा पर्व है। यह पर्व बिहार और बिहारवासियों के लिए बेहद खास होता है। पहले बहुत राहत हुई, जब नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री ने घोषणा की कि 12,000 ट्रेनों के माध्यम से लोगों को उनके घर तक पहुंचाया जाएगा, लेकिन सिर्फ 1,500 ट्रेनें चलाई गईं। मोदी सरकार ने चुनाव के समय, वोट लेने के लिए यह झूठ बोला और लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया, क्योंकि हम सब ने देखा कि कैसे भारी भीड़ और दिक्कतों के बीच लोग अपने घर गए हैं। ये पहला मामला नहीं है, नरेंद्र मोदी बिहार और बिहार की जनता के साथ कई बार विश्वासघात कर चुके हैं। ये काम नरेंद्र मोदी के साथी नीतीश कुमार भी कर रहे हैं। यही वजह है कि लगातार बिहार पिछड़ता गया और आज हर मामले में अंतिम पायदान पर खड़ा है। : @akhileshPdsingh जी

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Railway Fact Check@IRFactCheck·
त्योहारों का महीना — दिवाली, भाई दूज, छठ। घर लौटने की भावना को साकार करने के लिए भारतीय रेल ने इस वर्ष यात्रीयों की सुविधा के लिए प्रयासरत है । 🚆 त्योहारों के लिए कुल विशेष ट्रेनें: •12,000+ ट्रेनें चलाई जा रही है l (workdrive.zohopublic.in/file/2kdo92bd4…) •छठ पूजा के बाद वापसी हेतु बिहार के 30 स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाने का प्रयास। •हर ज़ोन में वार रूम और मिनी कंट्रोल रूम सक्रिय। बोर्ड स्तर पर वॉर रूम । 👥 अब तक 1.5 करोड़+ यात्री विशेष ट्रेनों से यात्रा कर चुके हैं। 🛤️ प्रमुख स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया, अतिरिक्त टिकट काउंटर, स्वच्छता, सुरक्षा और 24×7 ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी सुनिश्चित कर रहे हैं सुगम यात्रा। त्योहारों में भीड़ स्वाभाविक है — पर भारतीय रेल यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयासरत है l #RailwayFactCheck
Rahul Gandhi@RahulGandhi

त्योहारों का महीना है - दिवाली, भाईदूज, छठ। बिहार में इन त्योहारों का मतलब सिर्फ़ आस्था नहीं, घर लौटने की लालसा है - मिट्टी की खुशबू, परिवार का स्नेह, गांव का अपनापन। लेकिन यह लालसा अब एक संघर्ष बन चुकी है। बिहार जाने वाली ट्रेनें ठसाठस भरी हैं, टिकट मिलना असंभव है, और सफ़र अमानवीय हो गया है। कई ट्रेनों में क्षमता से 200% तक यात्री सवार हैं - लोग दरवाज़ों और छतों तक लटके हैं। फेल डबल इंजन सरकार के दावे खोखले हैं। कहां हैं 12,000 स्पेशल ट्रेनें? क्यों हालात हर साल और बदतर ही होते जाते हैं। क्यों बिहार के लोग हर साल ऐसे अपमानजनक हालात में घर लौटने को मजबूर हैं? अगर राज्य में रोज़गार और सम्मानजनक जीवन मिलता, तो उन्हें हज़ारों किलोमीटर दूर भटकना नहीं पड़ता। ये सिर्फ़ मजबूर यात्री नहीं, NDA की धोखेबाज़ नीतियों और नियत का जीता-जागता सबूत हैं। यात्रा सुरक्षित और सम्मानजनक हो यह अधिकार है, कोई एहसान नहीं।

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