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Komal Pandit
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Komal Pandit
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Proud to be a Hindu ( Not Andhbhakt )
Sumali Ağustos 2025
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इस्लाम कब से ? – Since when is Islam?
आज अधिकांश लोगों में यह भ्रम प्रचलित है कि इस्लाम के संस्थापक हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हैं । यद्यपि सत्य यह है कि हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कोई नया धर्म लेकर नहीं, बल्कि उसी धर्म के अन्तिम संदेष्टा(आख़री पैगंबर) थे, जो धर्म ईश्वर ने समस्त मानवजाति(पूरी इंसानियत) के लिए चुना था। हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम इस्लाम के संस्थापक नहीं, बल्कि उसके अंतिम संदेष्टा हैं। यही वह धर्म है जिसकी शिक्षा मनुष्य को दी गई थी। सबसे पहले मानव आदम(अ.स) हैं जिनकी रचना ईश्वर ने बिना माता-पिता के की थी और उनके बाद उनकी पत्नी हव्वा(अ.स) को उत्पन्न किया था। इन्हीं दोनों पति-पत्नी से मनुष्य की उत्पत्ति का आरंभ हुआ, जिनको कुछ लोग मनु और सतरोपा कहते हैं, तो कुछ लोग ऐडम और ईव । जिनका विस्तारपूर्वक उल्लेख पवित्र क़ुरआन (2/30-38 ) तथा भविष्य पुराण प्रतिसर्ग पर्व (खंड 1 अध्याय 4) और बाइबल (उत्पत्ति 2/6-25) और दूसरे अनेक ग्रंथों में किया गया है।
"ईश्वर ने हर दौर में प्रत्येक समुदाय को उनकी अपनी ही ज़बान में शिक्षा(तालीम) दी है।" (सूरह इब्राहीम 14:4)
उसी शिक्षा के अनुसार जीवन-यापन(ज़रिया ए माश) का नाम इस्लाम था, जिसका नाम प्रत्येक संदेष्टा(मैसेंजर) अपनी-अपनी भाषा में रखते थे जैसे संस्कृत में नाम था ‘सर्व समर्पण धर्म’ जिसका अरबी भाषा में अर्थ होता है “इस्लाम धर्म” ।
ज्ञात यह हुआ कि मानव का धर्म आरंभ से एक ही रहा है, परन्तु लोगों ने अपने-अपने गुरुओं के नाम से अलग-अलग धर्म बना लिया और विभिन्न धर्मो में बंट गए।
आज हमारी सबसे बड़ी आवश्यकता यही है कि हम अपने वास्तविक ईश्वर(हक़ीक़ी ख़ुदा) की ओर पलटें, जिसका संबंध किसी विशेष देश, जाति या वंश से नहीं, बल्कि वह सम्पूर्ण संसार का स्रष्टा(पूरी क़ायनात का खालिक़), अन्नदाता(ख़ुराक फराहम करने वाला) और पालनकर्ता(परवरिश करने वाला) है। ईश्वर ही ने हम सबको पैदा किया, वही हमारा पालन-पोषण कर रहा है, तो स्वाभाविक तौर पर हमें केवल उसी की पूजा(इबादत) करनी चाहिए, इसी तथ्य का समर्थन प्रत्येक धार्मिक ग्रंथों ने भी किया है। इस्लाम भी यही आदेश देता है कि मात्र एक ईश्वर की पूजा की जाए, इस्लाम की दृष्टि में स्वयं मुहम्मद (सल्ल.) की पूजा करना अथवा आध्यात्मिक चिंतन(रूहानी ग़ौर ओ फ़िक्र) के बहाने किसी चित्र का सहारा लेना महापाप है। सुनो अपने ईश्वर की-
“लोगो ! एक मिसाल दी जाती है, ध्यान से सुनो! जिन पूज्यों को तुम अल्लाह को छोड़कर पुकारते हो वे सब मिलकर एक मक्खी भी पैदा करना चाहें तो नहीं कर सकते। बल्कि यदि मक्खी उनसे कोई चीज़ छीन ले जाए तो वे उसे छुड़ा भी नहीं सकते। मदद चाहने वाले भी कमज़ोर और जिनसे मदद चाही जाती है वह भी कमज़ोर, इन लोगों ने अल्लाह की क़द्र ही नहीं पहचानी जैसा कि उसके पहचानने का हक़ है।” (कुरआन, 22:73-74)
#KnowsYourCreator
#ComeTowardsLight #WednesdaVibes #Islam #WorldArtDay #Humanity
हिन्दी
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Location: Jhansi, Uttar Pradesh
At an event organised to welcome members of the Vishwa Hindu Raksha Parishad, a speaker peddled anti-Muslim conspiracy theories such as “love jihad,” “land jihad,” and religious conversion, claiming that their organisation is working to counter these.
This is an open threat to Muslims.
#IndianMuslimUnderAttack
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A Suvendu Adhikari, is t@rgetting Muslims in a crowd of thousands in West Bengal
During an election campaign he said: Rajganj has witnessed a “demographic change” and claimed that instances of “land jihad” and “love jihad” are taking place in the area. We should boycot Muslims.
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Yesterday on 13 April in Solapur, Maharashtra,
Hindutva Cow vigilantes affiliated with the Pranin Foundation assaulted three Muslim men who were transporting cattle in a truck and humiliated them by forcing them to dance and to chant JSR.
Is this the secular India?
#IndianMuslimUnderAttack
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