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Mohammad Shanoo
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Mohammad Shanoo
@ShanuCox
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Rampur Uttar Pradesh شامل ہوئے Mayıs 2020
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इस सीज़न में #CSK की पहली जीत और क्या शानदार जीत रही 🔥
पूरी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, #SanjuSamson का शानदार 💯 और #AyushMhatre का बढ़िया साथ देखने को मिला।
उम्मीद है आने वाले मैचों में भी इसी तरह जीत का सिलसिला जारी रहेगा

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Mohammad Shanoo ری ٹویٹ کیا
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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के विरुद्ध इस्तेमाल की गई अभद्र और घटिया भाषा पूरी तरह निंदनीय, शर्मनाक और अस्वीकार्य है।
खरगे जी देश के एक वरिष्ठ और लोकप्रिय दलित और जननेता हैं - उनका अनुभव, कद और प्रतिष्ठा अतुलनीय है। उनका अपमान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि इस देश के SC-ST समाज के करोड़ों लोगों का भी अपमान है।
लेकिन यह कोई नई बात नहीं है - यह BJP-RSS की पुरानी और सुनियोजित मानसिकता है।
बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान हो, दलित नेताओं को नीचा दिखाना हो, या SC-ST समाज के प्रतिनिधियों पर व्यक्तिगत हमले हों - भाजपा और RSS का इतिहास गवाह है कि जब-जब कोई दलित नेता सच बोलता है, तब-तब ये उसे अपमानित करने पर उतर आते हैं।
यही इनकी विचारधारा है, यही इनका असली चरित्र और चेहरा है।
और, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से सीधा सवाल है - क्या आप हिमंता सरमा की इस भाषा का समर्थन करते हैं? आपकी चुप्पी मजबूरी नहीं, सहमति है।
प्रधानमंत्री अगर देश के करोड़ों दलितों के सम्मान पर हमला होते देख मुँह न खोलें - वो न सिर्फ अपनी ज़िम्मेदारी से भाग रहे हैं, बल्कि उस अपमान के हिस्सेदार भी हैं।
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ईरान-अमेरिका युद्ध सिर्फ एक ही तरीके से रुक सकता है जब दुनिया एक साथ खड़े होकर ट्रंप को बताए कि उनकी सनक और गुंडई को अब ये दुनिया बर्दाश्त नहीं करेगी।
आप सोचिए बॉस..एक आदमी खुल्ले में धमकी दे रहा कि वो पूरी सिविलाइजेशन खत्म कर देगा और दुनिया के बड़े बड़े देश चुप बैठे हैं..क्यों?
ईरान की सड़कों पर छोटे छोटे बच्चे तक खड़े हो गए हैं कि मार दो बम.. क्या दुनिया में कोई देश है जो ट्रंप से पूछे कि इनको मारने के पहले ये तो बताओ कि इनको मार किस लिए रहे हो..
उस सो कॉल्ड रिजीम चेंज के लिए जिसमें पूरा ईरान खत्म हो जाएगा और रिजीम चेंज देखने के लिए कोई बचेगा ही नहीं.. या ईरान का तेल लूटने के लिए.. या उस स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को खुलवाने के लिए जिसे तुमने ही बंद कराया है.. या अपनी कुर्सी और इज्जत बचाने के लिए?
और अगर ईरान पलटकर आसपास के देशों में लोगों को मारेगा तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी.. मिडिल ईस्ट में बसे लाखों भारतीयों को कुछ हुआ तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी... उसके बाद दुनिया में जो तबाही मचेगी उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी...
जब तक दुनिया के सारे बड़े देश मिलकर ट्रंप को और अमेरिका को एक सुर में नहीं कहेंगे कि अपनी दो कौड़ी की हरकतें बंद करो.. वरना जवाब एक साथ देंगे हम.. तब तक ये युद्ध ना रुकना.. और युद्ध नहीं रुका तो सब भुगत रहे हैं और भुगतेंगे।
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@nidhiambedkar चार दिन बाज के ना उड़ने से,
आसमान कबूतरों का नहीं होता
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