
“मामला चाहे परमाणु विस्फोटों का हो, पृथ्वी और गौरी नाम की मिसाइलों का हो, सीमा पर सैनिक जमावड़े का हो या फिर सीमा पर आतंकवाद का हो, सांप्रदायिक तनाव और टकराव में ही उसकी परिणति होती है।”
-खुर्शीद अनवर
पुस्तक : ‘भारतीय मुसलमान:वर्तमान और भविष्य’ (भाग-2) से
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