
@JaiHe दिनकर जी का परशुराम की प्रतीक्षा (रश्मिरथी नहीं)
हो जहाँ कहीं भी अनय, उसे रोको रे !
जो करें पाप शशि-सूर्य, उन्हें टोको रे !
भ्रष्टाचार, तामस और घरेलू पतन पर कुल्हाड़ी का इंतज़ार... स्वागत है मैत्री का, लेकिन पहले अपना घर साफ़ करें! 🔥🇮🇳 🪷
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