
सरकारी टीचर महज 35-45 हजार सैलरी में दिन-रात क्या-क्या झेलता है...?
एक आम सरकारी टीचर का दिन.....
6:00 AM – स्कूल की तैयारी, लेसन प्लान बनाना, रात भर कॉपियां चेक करना
7:30 AM – स्कूल पहुंचो, प्रेयर, अटेंडेंस, बच्चों को संभालना शुरू
8:00 AM से 4:00 PM तक – लगातार 6-7 घंटे पढ़ाना (बिना रुके)
उसके साथ-साथ:मिड-डे मील की देखरेख, बच्चों को खाना खिलाना
रजिस्टर भरना, ऑनलाइन एंट्री, रिपोर्ट बनाना
कमजोर बच्चों को अलग से समझाना, अनुशासन थोपना
स्कूल के बाद भी काम खत्म नहीं होता...
घर आकर फिर कॉपियां चेक करना, अगली क्लास की तैयारी, असाइनमेंट बनाना। ऊपर से एक्स्ट्रा ड्यूटी:एग्जाम ड्यूटी, चुनाव ड्यूटी, सर्वे, सरकारी काम
फोन कभी भी बज सकता है — “कल मीटिंग है, आना पड़ेगा”
छुट्टी का मतलब भी आधा काम... 24 घंटे ready रहो
ये सब 35-45 हजार के आसपास सैलरी में! अगली बार जब कोई सरकारी टीचर को “आराम की नौकरी” बोलकर हल्के में ले, तो एक बार ये दिन याद कर लेना। सम्मान दो टीचर्स को भी
जो बिना शोर के बच्चों का भविष्य बना रहे हैं, लेकिन खुद की जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं। अब सच बोलो भाई...
Government teacher की मेहनत को इतना सस्ता क्यों समझा जाता है?
Comment mein apna experience लिखो Teacher ho ya parent, sachchai
batao. Private job better है या Government teaching? Honest raho




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