Flying Arrow
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मैं कहीं भी रहूँ, मेरे अंदर एक बिहार हमेशा मेरे साथ चलता है। जो 15-20 साल मैंने बिहार में बिताए वह हमेशा से मेरे दिल में बसे हैं। लिट्टी-चोखा की सोंधी महक हो, छठ पूजा का उल्लास भरा माहौल हो, या रोज़मर्रा की कठिनाइयों से लड़ने का हुनर, बिहार हर मोड़ पर याद दिलाता है: मेहनत करो, ईमानदारी से करो और कभी हार मत मानो। आज भी बिहार के कोने-कोने से जब लोगों के संदेश आते हैं, कोई नौकरी के लिए सलाह मांगता है, कोई पढ़ाई के लिए मदद, कोई अपने ideas share करता है, तब महसूस होता है यह सिर्फ संदेश नहीं हैं, यह अपनेपन का वह रिश्ता है, जो मेरा बिहार के साथ अब तक कायम है। नालंदा की ज्ञान परंपरा से लेकर आर्यभट्ट की प्रतिभा तक, बिहार ने हमेशा भारत को दिशा दी है। और आज देश ही नहीं, दुनिया के हर कोने में बिहार के युवा अपनी पहचान बना रहे हैं। मैं बिहार के युवतियों और युवाओं से बस तीन बातें कहना चाहता हूँ: - बड़े सपने देखिए, लेकिन अपनी जड़ों को मत भूलिए। - बिहारियों ने शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया है। इसे क़ायम रखना है। - और जहाँ भी जाएँ, गर्व से कहिए कि हम बिहारी हैं। मैं कुछ समय से एक मौका ढूंढ रहा हूँ बिहार में कोई investment करने का, पर भावनाओं के साथ साथ feasibility भी ज़रूरी है। आशा है जल्द कुछ हो पाएगा। मेरी ये भी इच्छा है जैसा हमने राजस्थान में दस हज़ार से भी अधिक नंद घर बना के लाखों बच्चों और महिलाओं को सशक्त बनाया है, ठीक वैसे ही बिहार में ऐसा कुछ करें। नंद घर वो centres हैं जहां 6 साल तक के बच्चों को पौष्टिक आहार और शिक्षा मिलती है, और महिलाओं को कौशल विकास के ज़रिए financial independence। बिहार का एक भी बच्चा भूखे पेट न सोए, और प्रतिभाशील महिलाएं financially independent हों, ये एक सपना नहीं है, बल्कि बहुत जल्द हक़ीक़त होने वाला है। मुझे पूरा विश्वास है आने वाले वर्षों में बिहार भारत की अगली बड़ी कहानी लिखेगा। आप सभी को बिहार दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। “हम बिहारी, सब पे भारी।”















ईद मुबारक!



















