परिव्राजक

39.3K posts

परिव्राजक banner
परिव्राजक

परिव्राजक

@jiwan_sameer

I hate politics. विचरण मन का आचरण तन का,कल हों न हों.श्रीकृष्ण का दीवाना भावनाओं का पथिक- पहाड़ी! यादों के गलियारे से!!रमता जोगी!मीडिया में झांकें! रिपोस्ट!

विलीन- अल्मोडा उत्तराखण्ड انضم Ocak 2017
1.4K يتبع5.4K المتابعون
تغريدة مثبتة
परिव्राजक
परिव्राजक@jiwan_sameer·
बह चली बयार लुट न जाये सिंगार उड़ा न ले कहीं बेताब वो तैयार बांध लो आंचल कहीं छूट न जाये शीशे की दीवार चलना हुआ दुश्वार संभलना जरा गिरे हो हर बार थाम लो जिगर कहीं टूट न जाय हर गली में तैयार बैठे हैं चितचोर बिखरे हैं इधर तार-तार बेजार बेदर्द जमाना है यह कहीं लूट न जाय...
हिन्दी
44
43
80
0
परिव्राजक أُعيد تغريده
परिव्राजक
घड़ियों की टिटटिक में सालों का हिसाब क्या रखना सांसों की गिनती से उमर की नाप क्या रखना रेत सा फिसलता वक्त मुट्ठी में कहाँ रुकता है पर पल दो पल का साथ सदियों का मान रखता है सौ बरस की वीरानी से वो दो पल का नूर बेहतर हो अगर रूह का मिलन मयखाने से ये सुरूर बेहतर
परिव्राजक tweet media
हिन्दी
9
12
38
683
परिव्राजक أُعيد تغريده
परिव्राजक
फांस जो गड़ी है रगों में धंसी है धरा पर उतरते प्रक्षेप से ये अंधेरों में लिपटे आश्लेष से ये जितने भी वर्जित वे लौटते हैं प्रत्यंचित विपर्यय मौन तोड़ते हैं मुस्कानों पर अब गहरा अंकुश है संदेशों में पसरा रेत का धनुष है त्रास जो सही है संताप ने कही है... #G1 #अंतर्नाद
परिव्राजक tweet media
हिन्दी
5
6
15
156
परिव्राजक أُعيد تغريده
परिव्राजक
परिव्राजक@jiwan_sameer·
हृदय-आंगन की मृदल मृदा में जो बीज तुमने बोये थे, स्मृति-सिक्त उन हरित पल्लवों पर अब पुष्प मधुर मुस्काये हैं। यह रिक्त सदन, यह मौन डगर रास न आती बिन तुम्हारे, गगन के इन रिक्त नक्षत्रों ने लोचनों में प्राण-दीप जलाये हैं।। #Kavita250
#Kavita250@KavitaTwoFifty

Kavita250 शीर्षक 'आँगन' (संलग्न पोस्ट से लिया गया शब्द) एक ट्वीट में ही इस शीर्षक पर एक कविता लिखें और हैशटैग #Kavita250 लगा, 5.4.26 तक पोस्ट करें एक हैंडल से अधिकतम 2 कविताएँ पोस्ट हो सकती हैं ⭐️ सर्वश्रेष्ठ कविता का एक शब्द अगले सप्ताह का शीर्षक होगा और 'कोट पोस्ट' किया जाएगा!

हिन्दी
5
5
12
163
परिव्राजक أُعيد تغريده
Ashok Mushroof
Ashok Mushroof@AMushroof·
Morning vibe -- Good morning X family hv nyc pleasent day 🙏 खिड़की से उतरी है आज धूप जैसे तेरी हँसी का पहला ख़त नींद की सिलवट अभी बाकी हैं और दिन ने दस्तक़ भी दे दी है। चाय की भाप में घुला आलस ख़ामोशी भला क्यों चुप रहती आज भी वही तुम हो, वही मैं बस कुछ वक्त नया ये लगता है रास्ते जाग भी चुके सब बाहर पर दिल अभी तक है ठहरा ये बस एक नाम लबों तक आया और सवेरा भी जैसे मुस्कुराया। 🐦‍🔥🌿🍂🪴🌹🪷🎊🍫 #अशोक_मसरूफ़ PIC credit Pinterest
Ashok Mushroof tweet media
हिन्दी
37
26
54
409
परिव्राजक أُعيد تغريده
श्रुति ठाकुर
मनुष्य से अपेक्षाएँ बाँधेंगे तो वे प्रायः समय की आँधियों में बिखर जाएँगी, पर यदि विश्वास ईश्वर की शरण में सौंप देंगे, तो भरोसे का दीपक कभी न बुझ पाएगा।। #ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के सामने स्थापित हनुमान जी की ये प्रतिमा जो शिव की छवि लिए विराजित है वहां। जय सियाराम जय जय सियाराम🙏
हिन्दी
99
218
285
2.2K
परिव्राजक أُعيد تغريده
Vidya
Vidya@Vidya31282875·
सुबह का प्रणाम सिर्फ परंपरा नहीं बल्कि अपनेपन का एहसास भी है ताकि रिश्ते जिंदा रहे और यादें बनी रहे 🥀 🍁🌹🍁 शुभ प्रभात वंदन🥀☕ ॐ गं गणपतए नमः🪴🌺 हर_हर_महादेव🔱🕉 जय श्री राधे कृष्ण🥀🪷 जय श्रीराम🏹🚩 ॐ हं हनुमते नमः🕉🚩 जय श्री श्याम🔔🥀 राधे🌹राधे‼️🪷 #Viद्या🍁 #बज़्म
Vidya tweet mediaVidya tweet media
हिन्दी
108
136
174
1.1K
परिव्राजक أُعيد تغريده
Arpita Kumar
Arpita Kumar@Arpitayadav02·
साँसें चलती हैं तो जीवन होता है, पर किसी के लिए चलें तो प्रेम होता है !
हिन्दी
11
13
31
627
परिव्राजक أُعيد تغريده
AkankshaKaAks ✨*TheAmicableAqua*
रिश्ता शुरू करना तो मुमकिन है पर सच्चे मन से निभाना आसान नहीं, सात फेरों के वचन लेना एक रीत है वादा पूरा करना सबके बस की बात नहीं एक यात्रा है जहाँ जीवनसाथी हाथ थामे इस सफ़र पर आगे बढ़ते हैं समर्पण से, प्रेम से, सहयोग से अंतिम सफ़र तक एक दूजे साथ निभाते हैं -#Aks✨🧿
हिन्दी
9
7
27
350
परिव्राजक أُعيد تغريده
अंकिता ‘श्री’
पराई को कभी पिरोया ही नहीं गया अपनों की माला में स्नेह-सम्मान की मोतियों से केवल परोसा गया है संस्कार की बेड़ियों समेत बंधन की थाली में, उसी बिस्तर पर जो एक पिता देता है अपनी बेटी को। _अंकिता🍁 (कवितांश--पराई से)...!!
अंकिता ‘श्री’ tweet media
हिन्दी
10
9
35
286
परिव्राजक أُعيد تغريده
भारती बिंदु
कभी ओझल कभी सामने कभी लुप्त हो किसी बहाने दूर कहीं क्षितिज पर घूमें अंबर धरा को हौले से चूमें इक स्नेहदीप जला आएंगे संग नवानुराग राग गायेंगे किन्तु कैसे हो यह सब संभव त्वरित विलुप्त पलक झपकते क्योंकि तुम हो मेरी दिवास्वप्न सी..🖋️ आज का अनुबोध #अनुराग #affection #स्नेह
भारती बिंदु tweet media
हिन्दी
12
11
23
353
परिव्राजक أُعيد تغريده