Angehefteter Tweet
Amit Singh🦁
1.8K posts


चांदनी महल वार्ड से ऑल इंडिया फ़ॉरवर्ड ब्लॉक के सम्मानित प्रत्याशी मो. इमरान जी को ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई!
साथ ही चांदनी महल की जागरूक एवं सम्माननीय जनता जनार्दन का हृदय से आभार और अभिनंदन,
जिन्होंने लोकतंत्र को सशक्त बनाते हुए यह शानदार निर्णय दिया।
#aifb #shoebiqbal

हिन्दी
Amit Singh🦁 retweetet
Amit Singh🦁 retweetet
Amit Singh🦁 retweetet

सभी को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं आशा करते हैं कि सभी का साल खुशी मंगल में हो...
#HappyNewYear

हिन्दी
Amit Singh🦁 retweetet
Amit Singh🦁 retweetet
Amit Singh🦁 retweetet

03-12-2024 அன்று.
அகில இந்திய ஃபார்வர்ட் பிளாக் கட்சியின் AIAKS 10-வது விவசாய மாநில மாநாடு உசிலம்பட்டியில் நடைபெற்றது.
பொதுச்செயலாளர் Dr.@PVKofficial Ex.MLA., முன்னிலை வகித்தார்.
#AIFB #AIAKS #Forward_Bloc #JaiHind 💛❤
@aifbcentral @AIFB_IT_WING @GDevarajanaifb @AmitAifb




தமிழ்
Amit Singh🦁 retweetet

आज शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव मनोज कुमार सिंह से नई शिक्षक भर्ती और TGT- PGT, असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के संबंध में मुलाक़ात हुआ ।
जहां पर 30 मिनट के समयावधि में प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा के उपरांत निष्कर्ष निकला कि अभी बेसिक शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के साथ रिक्त पदों पर अधियाचन के लिए अध्यक्ष महोदया जल्द बैठक करने की तैयारी में हैं ।
अख़बारों में कुछ आयोग सम्बन्धित सूचनाएं भ्रामक प्रकाशित हो रही हैं जिसको लेकर मीडिया/ पत्रकारों से आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बात करके उन्हें स्पष्ट और पुख्ता खबर ही प्रकाशित करने को कहा गया ।
TGT- PGT की परीक्षा तिथि से के सम्बन्धित जितनी भी ख़बरें सोशल मीडिया या अख़बारों में प्रकाशित हो रही है वह पूर्णतः भ्रामक है, आयोग अध्यक्ष महोदया द्वारा 27 नवम्बर को परीक्षा को लेकर बैठक किया गया था लेकिन महाकुंभ को देखते हुए परीक्षा केंद्रों की समस्या आ रही है, जिसको लेकर आयोग और परीक्षा नियंत्रक ने पुनः परीक्षा केंद्रों की माँग के लिए शासन से अनुमति माँगी है ।
फ़िलहाल 29 नवंबर से TGT जीव विज्ञान,कला के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार के कारण आयोग इन कार्यों पर काफ़ी व्यस्तता रहेगा ।
आपका भाई - रजत सिंह

हिन्दी
Amit Singh🦁 retweetet
Amit Singh🦁 retweetet

सरकार स्थाई पदों को भरने से बचना चाह रही है, केवल प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देकर अमीर वर्ग को और अमीर, और गरीब को और गरीब बनाकर राशन में तोलना चाहती है ।
युवाओं को पार्टी का झंडा ढोने की बजाए उसी डंडे से चुनाव के समय हिसाब- किताब करना चाहिए ।
फ़िलहाल जैसा कि हमने पूर्व में ही बताया था कि सरकार बेसिक विभाग को रेलवे, स्वास्थ्य विभाग की तरह ठेका प्रथा पर लाना चाहती है ।
आप सब कि क्या राय है!?
हिन्दी
Amit Singh🦁 retweetet











