


Arighna Maurya☸️
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@DhammaRevolt
जय सम्राट असोक महान मौर्य || जय दादा चंद्रगुप्त मौर्य ☸️⛳⚔️👑 नमो बुद्धाय 🙏☸️

















जबसे सुना हूं की भाजपा ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बना ही दिया, तबसे एक अजीब भाव मन में आ रहा है। हम किस तरह के लोकतंत्र में आ गए हैं आज की नीतीश कुमार के नाम पर वोट लेने के बाद भाजपा ने इतने खराब बैकग्राउंड के एक नेता को जबरदस्ती हमारे माथे पे बिठा दिया है। आज का भाजपा नेतृत्व मनमर्जी के स्वभाव का हो गया है। उन्हें कोई मतलब नहीं की उनके खुद के कार्यकर्ता भी सम्राट चौधरी का समर्थन नहीं कर पा रहे, वर्षों से भाजपाई विचारधारा का पोषण करने वाले आम स्वयंसेवक भी छला महसूस कर रहे हैं। उन्हें जब जो मन आएगा करेंगे। एक आपराधिक चरित्र का आदमी, 7 लोगों के हत्या का अभियुक्त जो जेल में रहा, फर्जी सीटीफिकेट बनाकर खुद को नाबालिग दिखाकर जेल से निकला, नाम चेंज किया, फर्जी एफिडेविट लगाकर चुनाव लड़ा। और ऐसे आदमी को आज भाजपा ने बिहार का भाग्यविधाता बना दिया। सम्राट चौधरी को धन्यवाद कहना चाहिए प्रशांत किशोर जी को। अपराध, झूठ, फर्जीवाड़ा तो वर्षों से था उनका, लेकिन छुपा हुआ था। इस चुनाव में जब प्रशांत जी ने खुलेआम पूरा कच्चा चिट्ठा सामने रख दिया, तभी भाजपा केंद्रीय नेतृत्व को पता चल सका की कैसा हीरा उनके पास है। भाजपा में आज मुख्यमंत्री बनने का दो ही क्राइटेरिया है, या तो आप सभी विधायकों में सबसे नालायक हों, या सबसे बड़े गुंडे-बदमाश हों। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व बहुत वर्षों से बिहार में गुंडा खोज रही थी, प्रशांत किशोर जी ने उनका इतिहास जैसे ही सामने रख दिया, भाजपा की खोज पूरी हो गई।


बिहार की छवि वैसे भी बहुत खराब थी कारण आपको पता ही है ,नीतीश कुमार का कुशासन लेकिन जब भाजपा ने एक हत्या के अभियुक्त ,फर्जी उम्र/ डिग्री वाले इंसान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया तो रही सही छवि भी खत्म हो गई कोई ज्यादा बिहारवादी ना बने भाजपा से सवाल करे




समय की गति और बदलते चेहरे! --------- वक्त करवट लेता है। जो संघर्षशील बने रहेंगे, उनको उनका हिस्सा भी मिलता है। भले जिस रास्ते से मिले। ऊपर वाली तस्वीर जिस दिन कोलकाता से आयी तो पटना से एक जदयू नेता का फोन आया। उन्होंने कहा कि आपके वॉल पर तस्वीर देखते ही मुझे लालू जी, मुलायम जी और शरद जी की याद आ गयी, इसलिए आपको फोन किया। उस दिन ही उन्होंने कहा था कि अब इनमें से दो तो मुख्यमंत्री हो जायेंगे, केशव प्रसाद जी देखिये कब बन पाते हैं या शरद जी की तरह रह जाते हैं। दरअसल, बिहार और उत्तर प्रदेश में लालू जी व नेताजी मुलायम सिंह तो मुख्यमंत्री बने, लेकिन शरद जी मध्य प्रदेश से प्रस्थान कर बिहार के जरिये केंद्र की राजनीति करने लगे। अगर शरद जी मध्य प्रदेश की राजनीति में टिक गये होते तो शायद वह भी मुख्यमंत्री बनते। हालांकि, केंद्र की राजनीति में रह कर ही उन्होंने हस्तक्षेप किया। भाजपा ने भी मध्य प्रदेश में 'मोहन यादव' को मुख्यमंत्री बना कर वह कर दिखाया, जो शरद जी न कर पाये। जब आप पानी के तेज बहाव को रोकते हैं, तो वह अपनी धारा बदल लेती है। क्योंकि अंततोगत्वा उसे मंजिल तक पहुंचना ही है। केशव प्रसाद मौर्य आरएसएस की स्कूल से थे, विश्व हिंदू परिषद में अशोक सिंघल के साथ काम किया, राम मंदिर आंदोलन में भी शामिल थे, लेकिन गैर आरएसएस बैकग्राउंड वाले भगवाधारी से पिछड़ गये। फिर भी यदि केशव जी केंद्र की राजनीति की तरफ सक्रिय होएं, तो उनका भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। अब सवाल यह है कि अपनी बिरादरी और वंचितों के लिए जो काम लालू जी, मुलायम जी और शरद जी कर गये, क्या नायब सैनी जी, सम्राट जी और केशव जी वह कर पायेंगे? समय के साथ अब वंचितों की जरूरतें बदली हैं। भाजपा के सबका साथ, सबका विकास नीति के तहत ये तीनों वंचित तबके को उंचाइयां दिलाने में अपना कितना योगदान दे पाते हैं, वह तो समय के गर्भ में है, लेकिन भाजपा ने दिखा दिया कि अगर आप सही समय पर कुर्सी स्थानांतरित नहीं करेंगे, तो राजनीति में आपकी धारा से कई धाराएं निकल जायेंगी। उसे स्पेस देने के लिए भाजपा तैयार बैठी है। आप हो सकता है कि कहें कि भाजपा यूज करती है, मैं कहूंगा कि आप भी यूज क्यों नहीं कर लेते! बाकी त जे है से हइये है! 🏃🏽♂️ - विवेकानंद सिंह कुशवाहा 17/04/2026 #Politics #Bihar #UP #LaluYadav #MulayamSingh #SharadYadav #NayabSaini #SamratChoudhary #KeshavPrasadMaurya @NayabSainiBJP @kpmaurya1 @samrat4bjp



