राकेश सिंह कुशवाहा
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राकेश सिंह कुशवाहा
@SamratRakesh25
✍️उम्र का मोड़ चाहे कोई भी हो, धड़कनों में श्रीराम का नशा होना जरूरी है.!!






अभी समय ख़राब है इसलिए थोड़ा बुद्धि से काम लीजिए! हम और @PratikVoiceObc जी कुर्मी समाज से हैं। मेरे ऊपर 8 फर्जी बिना हाथ पैर का FIR है, जिनमे से 6 quash करवा चुके हैं। प्रतिक जी तो अपने FIR की गिनती भूल गए हैं 😅 लेकिन हम लोगों के पास एक ठीक ठाक लीगल सपोर्ट भी है जो हम लोग अपने और अपने दोस्तों के सपोर्ट से बनाए हैं। इसलिए आपलोगों को भी बता रहे की पहले अपना सपोर्ट बना लीजिए फिर पंगा लीजिए। अगर आज हम दोनों में से कोई फर्जी कैस में गलती से भी जेल चले जाते हैं, तो उससे BJP जदयू को खुद के दम पर राजनीतिक नुक्सान करने का ताक़त ऱखते हैं। पर इस तरह ऐसे जेल में जा कर आप न खुद का फायदा करेंगे और न ही सामने वाली पार्टी का नुक्सान! सम्राट चौधरी जी कोई आरएसएस वाले ओरिजिनल भाजपाई नहीं हैं। पार्टी और दल बदलने का उनका पुराना इसिहास है और वह कोई जननेता भी नहीं हैं की उनको उतना वैल्यू दिया जाए। इसलिए विचारधारा पर मज़बूत रहिए और रौब से अपनी बात रखिये पर इस तरह adventure मत कीजिए! कोइरी कुर्मी समाज को गाली देने और ज्ञान देने के बजाए खुद को मज़बूत कीजिए।




समय की गति और बदलते चेहरे! --------- वक्त करवट लेता है। जो संघर्षशील बने रहेंगे, उनको उनका हिस्सा भी मिलता है। भले जिस रास्ते से मिले। ऊपर वाली तस्वीर जिस दिन कोलकाता से आयी तो पटना से एक जदयू नेता का फोन आया। उन्होंने कहा कि आपके वॉल पर तस्वीर देखते ही मुझे लालू जी, मुलायम जी और शरद जी की याद आ गयी, इसलिए आपको फोन किया। उस दिन ही उन्होंने कहा था कि अब इनमें से दो तो मुख्यमंत्री हो जायेंगे, केशव प्रसाद जी देखिये कब बन पाते हैं या शरद जी की तरह रह जाते हैं। दरअसल, बिहार और उत्तर प्रदेश में लालू जी व नेताजी मुलायम सिंह तो मुख्यमंत्री बने, लेकिन शरद जी मध्य प्रदेश से प्रस्थान कर बिहार के जरिये केंद्र की राजनीति करने लगे। अगर शरद जी मध्य प्रदेश की राजनीति में टिक गये होते तो शायद वह भी मुख्यमंत्री बनते। हालांकि, केंद्र की राजनीति में रह कर ही उन्होंने हस्तक्षेप किया। भाजपा ने भी मध्य प्रदेश में 'मोहन यादव' को मुख्यमंत्री बना कर वह कर दिखाया, जो शरद जी न कर पाये। जब आप पानी के तेज बहाव को रोकते हैं, तो वह अपनी धारा बदल लेती है। क्योंकि अंततोगत्वा उसे मंजिल तक पहुंचना ही है। केशव प्रसाद मौर्य आरएसएस की स्कूल से थे, विश्व हिंदू परिषद में अशोक सिंघल के साथ काम किया, राम मंदिर आंदोलन में भी शामिल थे, लेकिन गैर आरएसएस बैकग्राउंड वाले भगवाधारी से पिछड़ गये। फिर भी यदि केशव जी केंद्र की राजनीति की तरफ सक्रिय होएं, तो उनका भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। अब सवाल यह है कि अपनी बिरादरी और वंचितों के लिए जो काम लालू जी, मुलायम जी और शरद जी कर गये, क्या नायब सैनी जी, सम्राट जी और केशव जी वह कर पायेंगे? समय के साथ अब वंचितों की जरूरतें बदली हैं। भाजपा के सबका साथ, सबका विकास नीति के तहत ये तीनों वंचित तबके को उंचाइयां दिलाने में अपना कितना योगदान दे पाते हैं, वह तो समय के गर्भ में है, लेकिन भाजपा ने दिखा दिया कि अगर आप सही समय पर कुर्सी स्थानांतरित नहीं करेंगे, तो राजनीति में आपकी धारा से कई धाराएं निकल जायेंगी। उसे स्पेस देने के लिए भाजपा तैयार बैठी है। आप हो सकता है कि कहें कि भाजपा यूज करती है, मैं कहूंगा कि आप भी यूज क्यों नहीं कर लेते! बाकी त जे है से हइये है! 🏃🏽♂️ - विवेकानंद सिंह कुशवाहा 17/04/2026 #Politics #Bihar #UP #LaluYadav #MulayamSingh #SharadYadav #NayabSaini #SamratChoudhary #KeshavPrasadMaurya @NayabSainiBJP @kpmaurya1 @samrat4bjp



बिहार की छवि वैसे भी बहुत खराब थी कारण आपको पता ही है ,नीतीश कुमार का कुशासन लेकिन जब भाजपा ने एक हत्या के अभियुक्त ,फर्जी उम्र/ डिग्री वाले इंसान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया तो रही सही छवि भी खत्म हो गई कोई ज्यादा बिहारवादी ना बने भाजपा से सवाल करे






पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपने राज्य पर ध्यान देना चाहिए...बिहार में कौन मुख्यमंत्री बन रहा है,मुख्यमंत्री कैसा है,इसकी चिंता बिहारियों को करने दीजिए भगवंत जी,आप अपने राज्य पर ध्यान दीजिए! @BhagwantMann















