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Gyanendra Tiwari
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Gyanendra Tiwari
@GT15TX
Studied at @UoA_Official , Tweets are Personal
प्रयागराज (Allahabad) Beigetreten Eylül 2023
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आज एक महीने होने को है ।ये अपने घर से निकले और आज तक कोई पता नही चल पाया है ।
प्रयागराज के व्यक्ति है । दिमागी तौर पर पूर्ण रूप से स्वस्थ नही है । कभी कभी भूल जाते हैं अपना घर । इस वजह से घर वापस लौट कर नही आए ।
घर वाले हर तरह से प्रयत्न कर चुके है । घर पर इनकी बूढ़ी मां रो रो कर दिन बीता रही है । उनको उम्मीद है कि वापस आयेंगे ।
मुझे पता चला तो मैं भी एक बार आप लोगो के जरिए प्रयास करना चाहता हूं ।
अधिक से अधिक शेयर करें ।

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हमारे गांव की बात है ।
गांव में हर 5 साल में प्रधानी होती है । कैटेगरी भी चेंज होती है ।
ग्राम सभा के तीन गांव सम्मिलित है ।
एक गांव ठाकुर बहुल है , दूसरा गांव पटेल बहुल है और तीसरा गांव में मिक्स आबादी है ।
लेकिन प्रधानी लड़ता कौन है ?
ठाकुर बहुल गांव के एक परिवार के अलावा और मिक्स आबादी वाले गांव के दूसरे ठाकुर के अलावा कोई तीसरा चुनाव लड़ता नही है और लड़ता है तो वोटिंग के दिन तक में किसी को समर्थन कर देता है उन दोनो में से कोई एक को ।
अगर जनरल सीट हुई तो , ठाकुर साहब स्वयं लड़ेंगे ,
अगर एससी सीट हुई तो घर में काम करने वाले लोग लड़ेंगे । ओबीसी हुई तो ड्राइवर लड़ेगा ।
कुल मिला कर प्रधानी घूम फिर कर वही लोग करेंगे ।
इसे कहते है दबदबा ।
हमारे परिवार के दोनो लोग खास है । प्रधानी का मतदान हमारा गुप्त रहता है लेकिन कॉन्फिडेंस दोनो परिवार को रहता है कि उनको वोट किया गया है ।
गैर राजनीतिक व्यक्ति को ऐसे ही होना चाहिए ।
दोनो परिवार केवल राजनीतिक रूप से धुर विरोधी है लेकिन सामाजिक जीवन में दोनो परिवार एक ही वंश के है और ज्यादा दूरी भी नही है , इसलिए आपसी ताल मेल अच्छा है ।
लेकिन दबदबा आपका ऐसा गुण है जिसको आप को छुपा कर रखना चाहिए ।
अगर आप ने उसका प्रदर्शन किया तो ऊपर बैठे महाराज लोग बुरा मान जायेंगे ।
आपको उनके पास जाकर हाजिरी लगाना ही है ।
यूपी में बड़े बड़े दबदबा वाले परिवार या तो नतमस्तक हो गए है या फिर मिटा दिए गए है । आज सड़क का लफंगा भी उनको गाली देने में संकोच नही करता ।
बृजभूषण जी के केस में यही हुआ । उन्होंने संजय सिंह को चुनाव जीतने के बाद उसका प्रचार किया ।
फिर वही हुआ जो होता आ रहा है ।
एक झटके में ऊपर वालो ने दबदबा को उसकी जगह पहुंचा दिया ।

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आजकल मैं सार्वजनिक परिवहन से यात्रा के दौरान 20-50 के नोट पर्याप्त रखकर चलता हूँ। कब कहाँ मुजरा देखने को मिल जाये तो नोट उड़ाना कर्त्तव्य है दर्शक का!
पंडित जगन्नाथ@pandit_jag
ये रील वालियों को तो नगर निगम को अभियान चला कर कुत्ते पकड़ने वाली गाड़ी में बैठा कर इनके घर छोड़ना चाहिए ।
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हमारे मित्रवत बड़े भाई ठाकुर @dileep_singh19 को सभी लोग फॉलो करिए । सबको फॉलो बैक मिलेगा । इनके फॉलोअर कम से कम 500 करवा दीजिए ।
फॉलो बैक की गारंटी मेरी है ।
सभी लोग पोस्ट को रिपोस्ट करिए । उनके भी फॉलोअर बढ़ेंगे ।
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आप सब को जरा सा भी गीला शिकवा है हमसे जो जो हमारी 6k होने में मदद नही कर रहे है
अब क्या बोलूं इसके बाद भी 1 बार प्रमोट नही करेगे तो
@HBPrar @pandit_jag
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जब तक आप एक दूसरे को फालो नहीं करोगे तब तक आपका फालोवर नहीं बढ़ेगा , RT
@Vid123X
@GT15TX
@PK_SIR_MATHS
@poojasharma505
@BerwalAmar
@your_Amalraj
@pandit_jag
@BrajendraV12884
@sandeepbadjaty2
@RajeshK60858830
@IAmVeerRaj
@AjjuShar
@itsavGurjar1
@MdShadabFarooqi
@UrmiGurjar07
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@HBPrar @Vid123X @pandit_jag @cpk18 @Anurag_4M @ashabsir786 @rlishsingh620 @PRAKASH21051992 @pintukirtijain1 @EEMRANASMI @PanditChandan6 😀😀😀
होता है कभी कभी , पता ही नही चलता ।
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@DrKumarVishwas अरे मानवश्रेष्ठ, आधुनिक युग के स्वघोषित हिंदी रक्षक, आप यह बताने का कष्ट करेंगे कि जब ये घटना हुई तो आप ने इसे आपने ऊपर हमला बोलने की प्रेरणा किस्से प्राप्त की |
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प्रिय त्रिपाठी जी । मैंने स्वयं उन सज्जन को दोनों तरफ़ से बार-बार गाड़ी बीच में जबरन व आक्रामक तरीक़े से घुसाते देखा। आगे की सुरक्षा गाड़ियों के दो कार पीछे बैठकर मुझे तो बहुत देर से पता चला कि अब वे सज्जन आगे गाड़ी लगाकर नीचे उतर कर बाक़ायदा केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प रहे है। तब मैंने शीशे से देखा कि वे सज्जन बेहद अभद्र व हिंसक तरीक़े से सुरक्षाकर्मियों को धकिया रहे थे। उन्होंने दो सुरक्षाकर्मियों के गृह मंत्रालय वाले बैज झपट कर तोड़े, एक की कार्बाइन जकड़ कर उसे धक्के दिए। हो सकता है कि वे निजी कारणों से ग़ुस्से में हों या यह उनका स्वभाव हो। पर जब मैंने अपने मैनेजर को गाड़ी से उतार कर झगड़ा शांत कराने भेजा और वो दोनों पक्षों को समझाने लगा तो इन भले सज्जन ने उस को भी दो थप्पड़ का प्रसाद दिया।बाद में अलीगढ़ पहुँचकर मैंने सुरक्षाकर्मियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि “Threat Perception” चैक करना ही हमारा काम है”
वैसे भी उन सज्जन के ख़िलाफ़ रिपोर्ट सुरक्षाकर्मियों ने लिखाई है और उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के ख़िलाफ़ । मेरा इस पूरे प्रकरण से क्या लेना देना ? पुलिस उचित कार्यवाही करेगी ही। हम से कुपित कुंठितों, बौने दुर्योधन के चिंटुओं को थोड़ा गंदगी करने का अवसर मिला है तो दिवाली पर इतना उनका सुख उन्हें मुबारक ।आख़िरी बात यह कि सड़कों पर सभी को ज़्यादा संवेदनशील और शांत रहने की आवश्यकता है।
धनतेरस व सभी आगामी उत्सवों की हार्दिक शुभकामनाएँ ❤️🙏 डॉ पल्लव के निजी कष्ट का कारक न होने के बाद भी उनसे क्षमा 🙏
हर्ष वर्धन त्रिपाठी 🇮🇳Harsh Vardhan Tripathi@MediaHarshVT
सुरक्षाकर्मियों के साथ घमंड बोनस में मिलता है। यह सामान्य बात है कि, काफिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ चल रहे लोगों से सड़क पर चलने वाले बच बचाकर चलते हैं। शायद डॉक्टर पल्लव बाजपेयी यह समझ नहीं सके। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि, @DrKumarVishwas को उसी समय बीच बचाव करके मामला सुलझाना था, लेकिन उनके सुरक्षाकर्मियों के पीटने के बाद कुमार विश्वास ने यह पोस्ट करके पीड़ित को ही निशाना बनाने की कोशिश की, ऐसा लग रहा है। सच सामने आए और कार्रवाई हो। @myogiadityanath @dgpup
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@emersion can you please help me recovering my suspended account.
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