Pawan Lakhiwal
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@PawanKumarBunk9 @RPSC1 @RajCMO @JATbera1 @HANUMANKISAN Mera dost hai jangid hai lekin surname sharma lagata hai wo obc me hai
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RPSC 1st grade BIOLOGY रिजल्ट आया हैं
इसमें Rank-31 OBC केटेगरी में पुनीत कुमार शर्मा का सिलेक्शन केसे हुआ
@RPSC1 @RajCMO
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फिर झूठ कैलेंडर जारी सिर्फ 1 लाख भर्तियों की परीक्षा तिथि का किया था जिसमें से मार्च अंत तक 50 हज़ार भर्तियाँ फ़ैल हो चुकी है ।
25 हज़ार जबरन मत जोड़ो रोजगार नहीं देना तो मना कर दो चाहे 🤔🤔🤔🤔🤔🤔
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी समय रहते संज्ञान लो रोजाना सिस्टम के लोग ग़लत डाटा दे रहे है और रोज़ाना बदल रहे है 🤔🤔🤔🤔युवाओं में आक्रोश और नाराज़गी है भयंकर ।।
CMO Rajasthan@RajCMO
5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी देने के वादे को पूरा करने के क्रम में, अब तक 1.25 लाख से अधिक पदों पर युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। @BhajanlalBjp #आपणो_अग्रणी_राजस्थान
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आज विधानसभा सत्र के दौरान राज्यपाल महोदय के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने विचार सदन के पटल पर रखे।
इस दौरान प्रदेश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की तथा लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को सरकार और सिस्टम की बड़ी विफलता बताया। यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ सीधा अन्याय है।
बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने कहा था कि, “शिक्षा उस शेरनी का दूध है, जो जितना पीता है उतना दहाड़ता है।” लेकिन आज वही शिक्षा व्यवस्था बदहाली का शिकार है। प्रदेश में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त पड़े हैं, विद्यालयों की हालत खस्ताहाल है और संसाधनों का घोर अभाव दिखाई देता है।
यदि समय रहते इन गंभीर समस्याओं पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान प्रदेश के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को उठाना पड़ेगा। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
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युवाओं का युद्ध — नशे के विरुद्ध
नशे के खिलाफ पाँच दिवसीय जन-जागरूकता अभियान
मैं तमाम युवा साथियों से अपील करता हूँ कि नशे के विरुद्ध इस मुहिम में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाएँ। नशा आज हमारे समाज और आने वाले भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश की भाजपा सरकार नशे पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। बड़े-बड़े वादों के बावजूद नशे का कारोबार फल-फूल रहा है और युवा पीढ़ी इसकी चपेट में आ रही है। सरकार की लापरवाही और निष्क्रियता के कारण आज हालात और भी गंभीर हो गए हैं।
अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर नशे के खिलाफ आवाज़ उठाएँ और सरकार को उसकी जिम्मेदारियों का एहसास कराएँ। नशा नहीं, शिक्षा और रोजगार चाहिए।
#नशा_छोडो_जीवन_जोडों #युवाओं_का_युद्ध_नशे_के_विरुद्ध
@INCIndia @kharge @RahulGandhi @SachinPilot @kanhaiyakumar @nsui @INCRajasthan

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राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में OMR शीट बदलने के खुलासे ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। SOG की रिपोर्ट के अनुसार 9 साल पहले यानी 2018 से पूर्व की भाजपा सरकार से शुरू हुआ यह खेल 2026 तक जारी रहा है जो बेहद ही चिंताजनक तथ्य है। जो कर्मचारी इस फर्जीवाड़े में लिप्त थे, वे 2024 और 2025 में भी सक्रिय तथा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में पदस्थ थे।
कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक के नासूर को मिटाने के लिए देश में सबसे पहले कदम उठाते हुए उम्रकैद की सजा, दोषियों की संपत्ति जब्त एवं 10 करोड़ जुर्माने का कड़ा कानून बनाया। इतिहास में पहली बार आरपीएससी (RPSC) के सदस्य को गिरफ्तार किया गया। कांग्रेस सरकार के दौरान SOG ने 250 से अधिक गिरफ्तारियां कीं और पेपर लीक माफियाओं की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया।
कांग्रेस सरकार ने कभी भी राजनीति को न्याय के आड़े नहीं आने दिया। जहां कमी थी उसका सामना करते हुए सुधार किया। कई परीक्षाओं को रद्द तक करने की परिस्थिति बनी तो युवाओं के हित में यह निर्णय भी लिया गया। चाहे कांग्रेस शासन हो या भाजपा शासन हो, अगर किसी ने भी बेईमानी की हो उन्हें पेपर लीक पर बने नए कड़े कानून के तहत सजा दिलाई जाए जिससे न्याय सुनिश्चित हो सके।
परन्तु ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार पेपर लीक, OMR शीट बदलने जैसे गंभीर मुद्दों को न्याय सुनिश्चित करने की बजाय केवल राजनीति का माध्यम बना रही है इसलिए निष्पक्ष जांच करवाने की बजाय केवल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आयोजित हुईं परीक्षाओं को आरोपित करने का प्रयास कर रही है।
पिछले 2 साल में राजस्थानी कर्माचरी चयन बोर्ड द्वारा सूचना सहायक, संविदा नर्स (GNM/ANM), कृषि पर्यवेक्षक, कनिष्ठ लेखाकार, संगणक, समान पात्रता परीक्षा (CET- स्नातक व सीनियर सेकंडरी), पशु परिचर, कनिष्ठ अनुदेशक, LDC, कनिष्ठ अभियंता (JEN), पटवारी, वाहन चालक और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (Grade 4) की परीक्षाएं संपन्न हुईं जिनमें 35 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
ये सभी परीक्षाएं उसी सिस्टम और स्टाफ की देखरेख में हुईं जो अब ओएमआर शीट में गड़बड़ी के लिए पकड़े गए हैं। इस कारण अब इन सभी परीक्षाओं की शुचिता संदेह के घेरे में है। अभ्यर्थियों द्वारा लगातार ये शिकायत की जा रही है कि बीते 2 सालों से भर्ती परीक्षाओं की कट ऑफ असामान्य रूप से अधिक जा रही है जिससे उनके मन में शंकाएं उपज रही हैं जिन्हें दूर किया जाना आवश्यक है।
मैं मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से आग्रह करता हूं कि इस नए खुलासे के बाद अब 2024 व 2025 की सभी परीक्षाओं की भी गंभीरता एवं गहराई से जांच करवाई जाए। मुझे उम्मीद है कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए सरकार तत्काल कदम उठाएगी।
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@alokrajRSSB Sir ji
4th grade form me ab sansodan ho jayega kya
Divyang prman patr phle nahi bana tha
@alokrajRSSB
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@alokrajRSSB Sir ji
4th grade form me ab sansodan ho jayega kya
Divyang prman patr phle nahi bana tha
@alokrajRSSB ji
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@alokrajRSSB Sir ji
4th grade form me ab sansodan ho jayega kya
Divyang prman patr phle nahi bana tha
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रोहित जी, 15 जनवरी से ज्यादा और कितना फिक्स करें?
एक बार फिर, नो रघुकुल रीत एंड ऑल।
प्रयास 15 जनवरी 1500 बजे।
Rohit Meena@rohitttt_9457
@alokrajRSSB आलोक राज जी, चतुर्थ श्रेणी भर्ती रिजल्ट की फिक्स डेट बता दो 🙏🥺
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