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DN Tiwari
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DN Tiwari
@dnt_pat
सबकी अच्छी बात रिपोस्ट कीजिए,फॉलो मिलेगा।देव दानवों की लड़ाई में देव हार रहे हैं,दानव जीत रहे हैं। सिर्फ लाइक करेंगे तो ब्लॉक कर दूंगा,सीरियसली। चेक कीजियेगा।
Beigetreten Haziran 2014
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@UpdeshTripathi सवर्ण बीजेपी को हराना चाहते हैं इसलिए जल्लादों के पास बिना बुलाए पहुंच जाएंगे।
क्या सवर्ण इतना बेवकूफ है?
मुझे नहीं पता।
लेकिन किसी दूसरी पार्टी को जीताना लक्ष्य हो तो कुत्ता नहीं पूछेगा,पार्टियां क्यों पूछेंगी।
इतना उतावलापन क्यों ?
पहले संगठित होकर संख्या दिखाइए।
इसलिए NOTA
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दिखाओ अंध भक्त ब्राह्मणों को ये खबर दिखाओ उन नेताओं को
क्या ब्राह्मण की बेटी बेटी नहीं क्या किसी नेता ने आवाज उठाई
क्या जैसे विश्वकर्मा बेटी के साथ सब खड़े थे इनके साथ खड़े हुए
नहीं क्योंकि वो संवैधानिक पिछड़े समाज की बेटी थी और ये बेचारी गरीब ब्राह्मण की बेटी थी
दो बहने गांव में किसी के शादी में जाति हैं लौटते समय शंभू साह और उसके लोग ब्राह्मण बेटी को घेर लेते हैं बेरहमी से पी"टते हैं जिसका इलाज के समय मृत्यु हो जाती है
कोई न्यूज नहीं कोई बड़ा जनप्रतिनिधि नहीं गया
क्योंकि बेटी इस बार ब्राह्मण की थी अपराधी इस बार संवैधानिक पिछड़ा है
परिवार का घर देख के अंदाजा लगा लीजिए 🙏
यहां न्याय दिलाने भी लोग जाति देख के जाते हैं
यहां पिछड़ा आर्थिक स्थिति देख के नहीं जाति देख के बनाया जाता है
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@ThePushprajX यहां भी मोदी एक्ट लगाया जा सकता है। आखिर एक दलित को यूं सरेआम कैसे पकड़ लिया गया,भले ही वह घुस ले रहा हो।
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मोहतरमा से मिलिए...
इनकी कहानी भी बेहद मैडल देने लायक है
इन्होने कुछ साल पूर्व अपनी पसंद से ऐडबुल से शा@ दी की.... घर वाले, हिन्दू समाज को ठेंगा दिखा...
अब जो ये खुद बता रही हैं वो कुछ यूँ है
शादी के तीन महीने सब बढ़िया चला.... फिर इनको बदला गया दीन के हिसाब में
उसके बाद इनके खाबिंद का मामूजाद भाई आया.... खाबिंद ने उसको ख़ुश करने का हुक्म दिया... न मानी तो कू@ ट पी@ ट कर मनाया और काम पेंतीस...
मामू के बाद कुछ दिन बाद जेठ को ख़ुश करने का हुक्म हुआ....करना पड़ा
और फिर सिलसिला चल पड़ा...
जेठ शमशाद... मामू का लड़का वसीम... और खाबिंद... ग्रा@ हक लाते और....
अब ये रो गा अपनी कथा सूना रही हैं
वैसे पुलिस ने मामला दर्ज़ कर लिया है
पर इन जैसियों की मो@ टी अक्ल का कोई इलाज़ नहीं!

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@PoornimaNimo ऑरेंज पेड़ा और ग्रीन पेड़ा का ऑर्डर है।
कांग्रेस का कोई ऑर्डर नहीं है
कांग्रेसियों को पेड़ा बनाने के काम में लगाया है।
😂
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ममता ने बंगाल में विजय प्राप्त की तो अभूतपूर्व हिंसा होगी और यदि वे पराजित हुई तो हिंसा का प्रळ्यंकारी नृत्य होगा।
दोनों स्थितियां बहुत भयावह हैं। यदि संविधान में कोई प्रावधान है तो जीत या हार के तत्काल बाद बंगाल को सेना और अर्ध सैनिक बलों के हवाले कर देना चाहिए।
तथा पूरे देश से ढूंढकर ऐसे अधिकारी नियुक्त करने चाहिए जो अपना कर्तव्य निभाने में अपने जान की परवाह न करें।
ड्रोन , AI की सहायता लेनी चाहिए और दंगाइयों को देखते ही गोली मारने का आदेश तथा घर घर तलाशी लेकर अवैध हथियारों को समाप्त करना चाहिए।
रहे बांग्लादेशी मुस्लमान उनसे फुर्सत में निपटा जा सकता है। जब सांप के दांत ही तोड़ दिए जाएंगे तो वे खुद वापस बांग्लादेश भाग जाएंगे।

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@SonOfBharat7 @Shyamsu98118961 यह चूतिया गालियां खाने के लिए ही जीवित है।
बिना मां बहन की एक आध हजार सुने इसका खाना हजम नहीं होता।
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@ShivamSanghi12 मैं इसके कमेंट सेक्शन में सिर्फ यह देखने के लिए गया कि लोग इसकी कैसे कैसे पेलाई करते हैं।यह अपने को पत्रकार कहता है।
इतना बड़ा चूतिया पूरे भारत में नहीं मिलेगा।
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ऑल इंडिया रैंक 6000 लाकर भी नीट PG में कोई सीट नहीं मिल रही है, वहीं ST को 40000 रैंक पर भी सर्जरी मिल रही है।
यह केवल देश की जनता के साथ धोखा नहीं है, बल्कि पूरी मानवता के साथ धोखा है कि कुछ बेहतरीन दिमाग इसलिए सर्जन नहीं बन पाएंगे क्योंकि इस देश में आरक्षण लागू है, और उनकी जगह ऐसे लोग सर्जन बन जाएंगे जिन्हें शायद सही से मेडिसिन भी पढ़ना नहीं आता..

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~मुझे "चुप रहो" बोला... SC/ST लगा दो।
~आंबेडकर से असहमत... SC/ST लगा दो।
~भाषण में अंबेडकर का नाम छोड़ें...SC/ST लगा दो।
~छेड़छाड़ का विरोध करो...SC/ST लगाओ।
~दोस्ती ठुकरा दो... SC/ST लगा दो।
~भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलो...SC/ST लगा दो।
~छोटी जाति से शादी करो वरना SC/ST लगाएंगे।
~खेत में टट्टी नहीं करने दिया... SC/ST लगा दो।
~झूठा केस करने पर भी पैसा मिलता है... SC/ST लगा दो।
21वीं सदी में भारत को 🤡 जोकर बना कर मानेंगे
साभार : @WitMistique



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@shauryabjym गांवों में पुराने खपरैल फूस के मकान वाकई प्राकृतिक रूप से ठंडा होते थे।
अब कहां, सब मकान पक्का और कंक्रीट के छत वाले हो गए।
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AC की ज़रूरत नहीं
भारत की 3000 साल पुरानी कूलिंग तकनीक घर को 50% तक ठंडा कर सकती है
मिट्टी के बर्तन (Terracotta) आपके घर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रख सकते हैं
एयर कंडीशनर के आने से बहुत पहले, भारत में लोगों ने गर्मी से बचने के लिए कई अनोखे तरीके विकसित कर लिए थे। उनमें से एक तरीका था टेराकोटा (मिट्टी के बर्तन) का उपयोग, जो हजारों सालों से भारतीय जीवन का हिस्सा रहा है। यह तकनीक लगभग 3000 साल पुरानी है और इसकी जड़ें Indus Valley Civilization तक जाती हैं।
उस समय टेराकोटा के बर्तनों का इस्तेमाल पानी स्टोर करने के लिए किया जाता था, जो आज भी गांवों में देखा जा सकता है—जहां बिना बिजली के पानी ठंडा रहता है।
टेराकोटा से ठंडक कैसे मिलती है
टेराकोटा की सबसे खास बात इसकी छिद्रयुक्त (porous) संरचना है। इसमें छोटे-छोटे छेद होते हैं, जिनसे पानी धीरे-धीरे बाहर आता है और वाष्पीकरण (evaporation) होता है।
यह प्रक्रिया ठीक वैसी ही है जैसे हमारे शरीर से पसीना निकलकर हमें ठंडा करता है। जब पानी वाष्प बनता है, तो वह आसपास की गर्मी को अपने साथ ले जाता है, जिससे तापमान कम हो जाता है।
आज के समय में भी इस पुराने ज्ञान को फिर से अपनाया जा रहा है। आधुनिक आर्किटेक्चर में “फिलर स्लैब तकनीक” का इस्तेमाल हो रहा है।
इसमें छत बनाते समय मिट्टी के घड़ों को उल्टा रखकर उनके ऊपर कंक्रीट डाला जाता है।
इससे छत के अंदर खाली जगह (air gaps) बन जाती है
ये गैप इंसुलेशन का काम करते हैं
और बाहर की गर्मी को अंदर आने से रोकते हैं
इस तकनीक से घर का तापमान लगभग 50% तक कम हो सकता है।
गर्मियों में घर ठंडा रहता है
सर्दियों में यही संरचना गर्मी को अंदर बनाए रखती है
इससे बिजली की खपत कम होती है और पर्यावरण को भी फायदा मिलता है।
टेराकोटा क्या है?
टेराकोटा एक तरह की मिट्टी से बनी सामग्री है, जिसे आकार देकर कम तापमान पर पकाया जाता है।
इसका रंग आमतौर पर लाल या भूरा होता है
इसमें मौजूद छोटे-छोटे छेद इसे खास बनाते हैं
इसी वजह से यह नमी को सोखकर धीरे-धीरे बाहर निकालता है और ठंडक पैदा करता है।
टेराकोटा ठंडक देता है क्योंकि
इसमें हवा और पानी का प्रवाह बना रहता है
पानी के वाष्प बनने से गर्मी कम होती है
यह गर्मी को जल्दी अंदर नहीं आने देता
इसी कारण मिट्टी के घड़े का पानी हमेशा ठंडा रहता है और पुराने घरों में गर्मी कम महसूस होती है।
हजारों साल पुरानी यह भारतीय तकनीक आज भी उतनी ही कारगर है।
यह न सिर्फ सस्ती और आसान है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है।
आज के समय में, जब बिजली और AC पर निर्भरता बढ़ती जा रही है, ऐसे प्राकृतिक उपाय हमें एक बेहतर और टिकाऊ भविष्य की ओर ले जा सकते हैं।

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@ShivaInSaffron @RahulGandhi यह पागल हो गया है।
जो भी एयरपोर्ट किसी को रख रखाव के लिए दिया जाता है वह बिडिंग प्रोसेस से होता है। बिडिंग में भेदभाव होगा तो प्रतिद्वंदी कोर्ट जा सकते हैं।
किसी अगलू भगलू से यह मेंटेन नहीं होगा।
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पप्पू और उसका हक दारी का भाव-
उसके निजी विमानों का खर्च कौन उठाता है?
@RahulGandhi वैसे, 2021 से पहले किसने हवाई अड्डे को 25 साल के लिए दक्षिण अफ्रीकी कंपनियों और MGR समूह को सौंप दिया था?
उस समय भारतीयों की मेहनत की कमाई दक्षिण अफ्रीकी कंपनियों और MGR समूह को क्यों दी गई थी.??
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गुंडे, नेता और मठाधीशों की आपसी मिलीभगत का दुष्प्रभाव झेल रहा है भारत ! गुंडों के बिना नेता नहीं, नेताओं के बिना अखाड़े नहीं चल रहे। समाज को वेश्यावृत्ति की ओर धकेल रहा है संविधान ! स्वामी निग्रहाचार्य ने बताया समाज को कानून और प्रशासन की खोखली औकात ! पुराने वक्तव्य के कुछ अंश पुनः प्रसारित | #जगद्गुरु #निग्रहाचार्य #Jagadguru #Nigrahacharya
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@Jatassociation राम मंदिर बन गया तो क्या इसके हर फैसले के आगे सर झुकाये या गांड खोल कर लेट जाये?
इस महामानव को हिन्दू तभी याद आता है ज़ब चुनाव हो बाकि दिनों दलित सवर्ण करता है.!
5 हजार साल की झूठी कहानी का बदला लेने के लिए प्लान बनता है SC/ST Act और UGC ला के.!
"देश भक्त बनो अंड़भक्त नहीं"
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सामान्य वर्ग से भेदभाव और दुर्व्यवहार की हद ही पार कर दी है इस प्रकरण ने 😡
#UttarPradesh :- दसवीं की छात्रा नंदिनी मिश्रा जी जो की आजाद इंटर कॉलेज पलिया जगमोहन सिंह कुचेरा जनपद अयोध्या विद्यालय की छात्रा थीं... इसी विद्यालय के प्रधानाचार्य देव कुमार यादव उर्फ बिल्लू हैं जो अप्रत्यक्ष रूप से इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी हैं... छात्रा के प्रति इनका व्यवहार अभद्र था जिसका छात्रा ने मुखर होकर विरोध किया,
प्रधानाचार्य ने छात्रा को धमकाते हुए कहा था कि हमारे कलम में बहुत ताकत है हम तुम्हें कहीं का नहीं छोड़ेंगे...छात्रा नंदिनी मिश्रा जी ने दसवीं बोर्ड की परीक्षा दी थी जिसके परिणाम घोषित होने पर इन्हें पता चला कि ये लिखित परीक्षा में सभी विषयों में उत्तीर्ण हैं पर विद्यालय द्वारा प्रत्येक विषय में 30 अंक वाले प्रैक्टिकल का नंबर सिर्फ अधिकतम चार नंबर तक ही दिया गया।
प्रिय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी आपसे आग्रह है कि... प्रधानाचार्य के द्वारा प्रदेश की एक बेटी पर गलत नजर डाला गया और उसका विरोध करने पर शिक्षा माफियाओं द्वारा उस बेटी के प्रैक्टिकल का नम्बर काटकर भविष्य खराब करने की मानसिकता का उच्च स्तरीय इलाज करें... इलाज ऐसा हो की फिर कोई शिक्षा माफिया इस प्रकार की करतूत करने की छोड़िए, सोच भी न पाए।
@UPGovt @brajeshpathakup @shalabhmani


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