Angehefteter Tweet
Nitin
4.1K posts


@nitinary22 दादा इनको हटाओ उल्ले मूली को use urban app
हिन्दी

कल से कुछ काम कराने थे प्लंबिंग या कुछ स्टील का.. हो नहीं पाया जहां भी फोन करा वहां से जवाब मिला ईद है।सच्चाई यह है कि यह प्लंबिंग इलेक्ट्रिशियन कारपेंटर नाई से लेकर हर काम में आधिपत्य बना चुके हैं और तथाकथित पिछडे शोषित नीले कपडे पहन कर भारतीय गणराज्य का रक्त पी रहे है.. हालाकि बाडी लास्ट स्टेज ICU में हैं क्यूंकि 75 साल में बॉडी कंकाल रह गई है बस !! खैर
हिन्दी

Can we have caste census on tax payers?
@ajeetbharti @abhinav_blogger @AdityaRajKaul @ajaykraina @amitkilhor
We need to figure out what the tax payers are getting?
Why are the pensions of our ex armed forces personals being taxed? @nsitharamanoffc
Nirmala Sitharaman Office@nsitharamanoffc
I want to convey a message to the Income Tax Department. You're not just tax collectors. You're the face of the government's relationship with the taxpayer. Since you're the face of the government's relationship with the taxpayer, this new law gives you a clearer and leaner framework to make it simple, to make it simpler for people who want to understand it better. It must be administered with empathy, fairness and efficiency. I expect every officer to internalise the spirit of this new law. The taxpayer is not your adversary. The taxpayer is your partner in nation building. - Smt @nsitharaman in New Delhi (1/2)
English

@nitinary22 पूज्य पिताजी जी को भी मैंने यह वीडियो भेजा है और बोला ट्यूब से ट्यूबवेल चल जाते हैं🙄
हमें भी ट्यूब की गैस से ट्यूबवेल चलाना सीखना चाहिए 🙄
बस फिर कुछ नहीं हुआ और मैंने तीन-चार गालियां सुनी और फिर उन्होंने फोन काट दिया🙄🙄
हिन्दी

@nitinary22 खेती तो हम भी करते हैं लेकिन ऐसा गणित तो हमने आज तक नहीं देखा🙄🙄
हिन्दी

@nitinary22 I have one of my car in Hyundai service centre for 2 days..
Guess the service stops for one religion. 😂😂😂😂
English

बहुत बड़ी सच्चाई है हिंदू को अगर काम दें तो 100 नखरे काम के पैसे भी इतना बता देंगे जैसे एक बार मै गर्दन नाप दो ..अब्दुल 30 या 40% कम मै काम करके देगा बिना नखरे उसको पता है हिंदू अपने पतन का कारण खुद है आपसी लड़ाई मै एक दिन खुद निबट जाएंगे हम बस बैठ के इनके गली मोहल्ले धंधे सब पकड़ को एक एकता बना के यही देश की सच्चाई है हिंदू अपना घर पैसे AC शान शोहरत मै बिजी है " क्या करना आग पड़ोसी के यहां लगी है अपना घर थोड़ा है वाला हिसाब " ZenZ पकोड़ा Z को भगवान मंदिर से कोई लेना देना नहीं अलग ही दुनिया में हवा हवाई बाते करते मिलेंगे "
हिन्दी

@nitinary22 नीले कपड़े वालों को हमारे टैक्स के पैसों से इतना freebies दे रहे है, तो वो काम क्यों करेंगे?
हिन्दी


जाति साहित्य की पवित्र त्रिमूर्ति - आरएसएस, वामपंथी और आंबेडकरवादी।
यह इस तरह से आंबेडकरवादी भारतीय राज्य की संरचना बनाई गई है:
1. वामपंथी - क्रिटिकल कास्ट थ्योरी का उपयोग करके साहित्य बनाता है और आंबेडकरवादियों को 5000 साल से दबे-कुचले, शोषित, उत्पीड़ित, डिप्रेस्ड, बेंच-प्रेस्ड और प्यासे के रूप में प्रस्तुत करता है।
2. आंबेडकरवादी - खुद को 5000 साल से उत्पीड़ित, डिप्रेस्ड, सप्रेस्ड, बेंच-प्रेस्ड के रूप में पेश करता है, और वामपंथियों द्वारा बनाए गए नारे, प्रतीक, कला, फिल्में आदि को आसानी से स्वीकार करता है। साथ ही क्योंकि वे अपने दम पर कुछ बनाने में असमर्थ हैं। ये राज्य की लक्षित नीतियों के लाभार्थी (लीचेस) के रूप में काम करते हैं, जो सिर्फ हिंदुओं को हाशिए पर धकेलने और उन पर अपार्थाइड थोपने के लिए बनाई गई हैं।
लेकिन सिर्फ बुराई का अस्तित्व होना, उसके सफल होने के लिए काफी नहीं है। हर बुराई के खिलाफ समाज में स्वाभाविक रूप से प्रतिरोध होता है। इसलिए, उस प्रतिरोध को कम करने, हटाने या पीछे धकेलने के उपाय किए जाने चाहिए।
यह उद्धरण याद रखें - "It is not enough that you succeed, others must fail"! यहीं पर आरएसएस की भूमिका आती है। यह पर्याप्त नहीं है कि वामपंथी सफल हों, हिंदुओं को भी असफल होना चाहिए।
जो भी हिंदू ऊपर बताए गए इन दो बुरे तत्वों का विरोध करेगा, उसे अब आरएसएस द्वारा भटकाया जाएगा।
3. आरएसएस - खुद को चरण 1.0 में एक हिंदू संगठन के रूप में प्रस्तुत करता है। इससे हिंदू अपनी सतर्कता और बचाव कम कर देते हैं। आरएसएस प्राकृतिक आपदाओं के दौरान श्रम सहायता प्रदान करता है, जो उनके सामाजिक संपर्क और पीआर अभ्यास का हिस्सा है। जाहिर है, जो संगठन मुश्किल समय में मदद करता है, उस पर भरोसा किया जाता है।
जब यह भरोसा हिंदू समाज में स्थापित हो जाता है, तब आरएसएस अपना चरण 2.0 शुरू करता है - पैतृक अपराधबोध (Ancestral Guilt)। आरएसएस वामपंथियों द्वारा लगाए गए हर एक आरोप को स्वीकार करता है और हिंदुओं से कहता है कि वे 5000 साल के काल्पनिक अत्याचार साहित्य के लिए प्रायश्चित के रूप में अपना प्रतिरोध कम करें।
फिर आता है अंतिम चरण 3.0 - मानसिक स्थान। भरोसा जीतने और अपराधबोध बैठाने के बाद भी यह पूरी तरह पर्याप्त नहीं है। क्योंकि अपराधबोध के बावजूद, समय के साथ लोग अपने साथ हो रहे अन्याय को समझ सकते हैं। इसलिए एक मुस्लिम "बोगीमैन" तैयार किया जाता है, ताकि हिंदू भटके रहें।
हर मीडिया, इवेंट, चैनल, अखबार, प्रिंट को इस तरह नियंत्रित किया जाता है कि हिंदू-मुस्लिम द्वंद्व लगातार चलता रहे। अब आप पूछ सकते हैं कि मीडिया में वे एक-दूसरे का विरोध क्यों करते हैं - तो यही इसकी योजना है।
आरएसएस आईआईटी गांधीनगर, आईआईटी बॉम्बे और कई ऐसे वामपंथी संस्थानों को प्रायोजित करता है, उन्हें खत्म करने से इनकार करता है और वे अपना साहित्य फैलाते रहते हैं। वामपंथी बीजेपी को अब तक का सबसे कट्टर हिंदू दिखाते हैं। यह प्रस्तुति, भले ही नकली हो, लेकिन यह हिंदुओं के सामने एक धुआं-पर्दा बना देती है, जो मोदी, बीजेपी-आरएसएस को हिंदू रक्षक मानते हैं, क्योंकि वामपंथियों की नफरत देखकर वे ऐसा मान लेते हैं।
यही कारण है कि बीजेपी ने अब तक किसी भी वामपंथी संस्थान को खत्म नहीं किया है। बल्कि उन्होंने ट्रांसजेंडर सिद्धांतों को कुछ पश्चिमी दक्षिणपंथी पार्टियों से भी ज्यादा बढ़ावा दिया है।
TLDR
1. हिंदू एक रक्षक चाहते हैं।
2. वामपंथी आरएसएस को कट्टर हिंदू के रूप में पेश करते हैं।
3. आरएसएस हिंदुओं को उम्मीद देता है और खुद को उनके हित में दिखाता है।
4. वामपंथी अपने साहित्य में हिंदुओं को उत्पीड़क के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
5. आरएसएस हिंदुओं का विश्वास जीतता है और इस साहित्य को सच मान लेता है।
6. आंबेडकरवादी प्रतिपूर्ति (reparations) की मांग करते हैं।
7. आरएसएस इस मांग को मान्यता देता है।
8. आंबेडकरवादी नरसंहार, GC महिलाओं के साथ "grape", और हमारे देवताओं का अपमान करने की बात करते हैं।
9. आरएसएस वामपंथियों और इस्लामवादियों से लड़ने के लिए हिंदू एकता की बात करता है।
10. आरएसएस हिंदू-मुस्लिम मुद्दे को 24x7 मुख्य विषय बनाए रखता है, ताकि लोगों का ध्यान भटका रहे, जबकि GC हिंदुओं पर एक अपार्थाइड और नरसंहारकारी शासन लागू किया जा रहा हो।
सबसे दुखद बात - जो हिंदू अपनी आवाज उठा सकते हैं, वे हिंदू-मुस्लिम में उलझ जाते हैं। जो GC हिंदू धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं, उनके पास अब अपनी आवाज उठाने या अपने ऊपर हो रहे अत्याचार के बारे में बताने की क्षमता नहीं बची है।
जिंदगियां खत्म हो गईं। पीढ़ियां बर्बाद हो गईं। और एलीट और मिडिल क्लास हिंदू-मुस्लिम की ही बात करते रहते हैं।
#RSS #BJP

हिन्दी

@Baliyan_x मूर्खों के बीच आपकी एक बुद्धिमान आवाज सुनाई देती है कभी-कभी बलयान भाई 🙏
हिन्दी

ये बिहार में एकतरफा सत्ता मिलने के बावजूद इन NDA नेताओं को क्या समस्या पैदा हो गई??
चुनाव में एकतरफा वोट हिंदुओं ने दिए है इन इफ़्तारी वालो ने तुम्हे सत्ता से बाहर करने में लिए ज़ोर से धक्का दिया था।
भाजपा सहित जितने भी ये नेता इफ़्तारी के पत्तल चाटते घूम रहे है ये नीरी मूर्खता है।
और कुछ नहीं आता तो कम से कम अपने सबसे बड़े नेताओ मोदी-शाह-योगी से ही सीख लो।
हिन्दी

मैं कई दिनों से इसके दोगले पोस्ट देख रहा हूँ। ये लड़का UGC विरोध के विषय पर कुछ लोगों के नाम लेकर, बेवजह के प्रश्न उठाकर और भ्रामक बातें लिखकर एक अलग ही माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
पहले इसने दिल्ली के रामलीला मैदान में 8 मार्च को हुए कार्यक्रम को लेकर अनावश्यक प्रश्न उठाए और लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की। कई दिनों तक इसने उसी विषय पर अपना एक अलग ही नैरेटिव चलाया। उस समय भी मैंने सोचा कि शायद यह युवा है और इसमें अभी सामाजिक व राजनीतिक परिपक्वता की कमी है, इसलिए इसके कई पोस्ट पढ़ने के बावजूद भी मैंने इसे नज़रअंदाज़ किया।
लेकिन अब यह जयपुर के कार्यक्रम को लेकर भी भ्रामक नैरेटिव गढ़ने में लगा हुआ है।
मैं स्वयं दिल्ली और जयपुर, दोनों स्थानों पर मौजूद था और वहाँ के घटनाक्रम की मुझे प्रत्यक्ष जानकारी है। इसके बावजूद मैंने कभी भी लोगों को भ्रमित करने के लिए इधर-उधर की पोस्ट नहीं की, न ही किसी प्रकार की रीच या एंगेजमेंट के लिए काम किया। मैंने शांति से अपना दायित्व निभाया और आंदोलन में जहाँ तक संभव हो सका, पूरी जिम्मेदारी के साथ योगदान दिया।
महिपाल भाई ने भी जहाँ-जहाँ संभव हुआ, अपनी भूमिका निभाई है। इसी प्रकार हर वह व्यक्ति, जो धरातल पर सक्रिय है, अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा है। वास्तव में, जो लोग साफ़ नीयत से इस आंदोलन से जुड़े हैं, वे “मैंने ज्यादा किया और किसी ने कम किया” जैसी सोच नहीं रखते। मैं बड़ा-छोटा नाम और संख्याबल की चर्चा में नहीं जाऊँगा, लेकिन जानकारी के लिए इतना अवश्य कहना चाहूँगा कि जयपुर के कार्यक्रम में आधे से अधिक लोगों की उपस्थिति सवर्ण समाज समन्वय समिति के योद्धाओं @DineshRaneja और @ashishvyas__ की मेहनत और समर्पण का परिणाम थी।
लेकिन, @MohitBharatYBP की पोस्टें UGC का विरोध करने वाले कई लोगों के योगदान पर थूकती हुई और एक व्यक्ति विशेष का महिमामंडन करती हुई दिखाई देती हैं। और आज यह सुबह से ही @ajeetbharti, @Sanjay_Dixit और @talk2anuradha जैसे लोगों के पीछे पड़ा हुआ है। इसी कारण मुझे इसका उत्तर देना आवश्यक लगा, ताकि इसकी भ्रामक बातों को पढ़ने वाले लोग भी समझ सकें कि यह ओवरस्मार्ट लड़का एक तय नैरेटिव के साथ काम कर रहा है और लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
हिन्दी

खुद नाराजगी में @narendramodi को खूब खरी खोटी सुना लेंगे
लेकिन किसी और ने मोदी जी को जरा भी चूं चपड की तो पेल देंगे
ये अपार प्रेम है
जय हो मेरे भाइयों की 🫡
@Old_Monk8

हिन्दी







