
I.Mishra
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I.Mishra
@Old_Monk8
मजबूरी पर झपटना नामर्दों का पेशा है, हम तुमसे तुम्हारे बेहतरीन वक्त में टकराएँगे 👍









मुझे चुनने हैं तुम्हारे लिए कुछ पीले फूल.. रेत से कुछ चमकीले पत्थर, कुछ सीपियां, कुछ घरौंदे बनाने हैं और एक पूरा स्वप्न लिखना है।.…💛💛💛





आजादी के बाद 52 साल तक भारत में सिर्फ एक समाचार चैनल था और वह सरकार का था. सरकार ने जो दिखाया, वो जनता ने देखा. अब आपके पास टीवी पर 400 न्यूज चैनल हैं, जिनमें कई के मालिक विपक्षी नेता है. लाखों यूट्यूब चैनल और करोड़ों सोशल मीडिया हैंडल हैं. भारत सूचनाओं के लोकतंत्र में है.

गंगा नदी में हड्डी फेकने पर एक भी ऐसा मुस्लिम नहीं मिला यह कहने वाला कि मुस्लिम लड़को ने गलत किया है किसी के मुंह से यह नहीं निकला कि इफ्तार करके एक प्लास्टिक में अच्छी तरह रकखर उसे कुड़ेदान में डाल दिया जाना चाहिए था जाहिलपना का भी सीमा पार कर चुके हैं मुसलमान।




