अष्ट्रावक्र 🇮🇳
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अष्ट्रावक्र 🇮🇳
@Astravakra
just hated Bio as subject in school. Mathematics is universal language. इतिहास और सहित्य का चिर विद्याथी

आप कौन हैं?

पिताजी को ये नहीं पता कि भारत के बाहर रुपया नहीं चलता। हर बार पूछते हैं, “बेटा, पैसा है न? कुछ पैसा भेज दें?” मैं उनसे कहती हूँ, “पापा, स्कॉलरशिप मिली है। यहाँ यूरो चलता है, रुपया नहीं। दूसरी करेंसी है।” फिर वह पूछते हैं, “वो क्या होता है?” यह सुनकर मैं सोच में पड़ गई कि उन्हें “यूरो” नहीं पता। फिर ध्यान आया कि पिताजी ने पढ़ाया, लेकिन वे अभाव के कारण स्वयं पढ़ नहीं पाए। माँ ने भी पढ़ाया, लेकिन वे भी पढ़ नहीं पाईं, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को इस लायक बना दिया कि उनकी बेटी दूसरी करेंसी समझती है, दूसरे देश अकेले जाती है, पेपर प्रस्तुत करती है, अपना काम दुनिया को दिखाती है, दूसरे देशों में भी आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करती है और आत्मसम्मान के साथ सर उठा कर जीती है। एक ग़रीब किसान परिवार, जिसके दादा-परदादा ने खेती की, पिता ने टेम्पो चलाया, और माँ भी पढ़ी-लिखी नहीं थीं; जिसके पूरे खानदान में दूर-दूर तक अपने राज्य से दूसरे राज्य जाना भी लगभग असंभव-सा रहा हो, उस परिवार के लिए उस परिवार की बेटी का दूसरे देश जाकर पढ़ना एक सुनहरे सपने जैसा ही है। सावित्रीबाई और महात्मा फुले का आभार, जिन्होंने हम महिलाओं के लिए स्कूल खोले; वरना जड़ सामाजिक व्यवस्था शायद हमें घर के किचन से बाहर भी न निकलने देती। बाबा साहेब का आभार, जिन्होंने संविधान के माध्यम से समानता के अवसर सुनिश्चित किए। कर्पूरी जी, जगदेव बाबू, लालू जी,बी. पी. मंडल, वी. पी. सिंह और अर्जुन सिंह, राम मनोहर लोहिया सभी का आभार, जिन्होंने पिछड़ों के लिए विश्वविद्यालयों के रास्ते खोले। हर महानायक और महानायिका को मेरा प्रणाम, क्योंकि यदि वे न होते, तो शायद हर साल नई भाषा सीखना, नई संस्कृति को समझना , अलग अलग कोर्स करना या अपने शोध-कार्य को अकादमिक दुनिया के सामने प्रस्तुत करना संभव न हो पाता। शिक्षा सिर्फ़ आपके लिए हज़ारों रास्ते नहीं खोलती, वह आपके और आपके पूरे समाज के लिए लाखों अवसर भी तैयार करती है। शिक्षा भेदभाव नहीं करती, इसलिए शिक्षित होना हर वंचित की पहली ज़िम्मेदारी है, क्योंकि यही शिक्षा से आप साबित करते हैं कि “मेरिट” खोखला है। समान अवसर सभी को मिले, तो हर इंसान बेहतर कर सकता है, बेहतर बन सकता है और दुनिया को कुछ बेहतर दे सकता है। शिक्षा आपके भीतर conscience का निर्माण करती है और obedience को ख़त्म करती है। इसलिए शिक्षा हमेशा से वर्चस्ववादी ताकतों के लिए ख़तरा रही है। शिक्षा के हथियार से ख़ुद को लैस करिए, हर प्रकार का वर्चस्व अपने आप धराशायी हो जाएगा। बाबा साहेब के शब्दों में “शिक्षित बनें, संगठित रहें, संघर्ष करें।” तस्वीर लिथुआनिया के राष्ट्रपति ऑफ़िस की है।






VHP BJP Bajrang Dal Ram ke nam pe vote to leinge fir Ram ko hi woh looteinge asli Hindu ye kya jaane ye to farzi Hindu hain

"सब झूठा प्रचार है, एथेनॉल से कोई नुकसान नहीं हो रहा" ◆ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा #NitinGadkari | Nitin Gadkari | #Ethanol | Ethanol







Over 100 prominent politicians, former diplomats and civil society members from India and #Pakistan have jointly appealed to Prime Ministers #NarendraModi and #ShehbazSharif to restore diplomatic engagement and normalise relations between the two neighbours. The appeal comes amid continued strains in bilateral ties and calls on both governments to resume dialogue, reopen trade and transport links, and expand people-to-people exchanges. 🔗newindianexpress.com/india/2026/Jul…







A trip to India left me with 38 parasites in my brain bbc.in/4fc1cgp






