Vaibhav

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@DCP_VC

As per given constitutional right, I support and promote scientific temperament.

Se unió Mart 2025
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Vaibhav
Vaibhav@DCP_VC·
@PratikPaul9434 He never wrote his autobiography. His biography is waiting for a visa.
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Vaibhav
Vaibhav@DCP_VC·
@ZeeNews Shift kyoun karna band karo bhai completely.
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Zee News
Zee News@ZeeNews·
धर्म की नगरी काशी में अब शहर में मीट-मुर्गा और मछली की दुकाने नहीं रहेंगी। स्वच्छ काशी और स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप-5 तक पहुंचने की कवायद के अंतर्गत नगर निगम ने इस बारे में फैसला लिया है। वहीं सावन में पूरी तरह से नगर निगम क्षेत्र में मिट-मछली और मुर्गा की दुकानें बंद होने से व्यापारियों को होने वाली दिक्कतों को भी ध्यान में रखा गया है। शहरी सीमा से बाहर नगर निगम ने पांच स्थानों का चयन भी कर लिया है जहां प्रथम चरण में दुकानें बनाकर आवंटित की जाएंगी। #Kashi #Banaras #NonVegShop #Ban | #ZeeNews
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Vaibhav
Vaibhav@DCP_VC·
Er. Aashish Singh@AdvAashishSingh

पोल खोल सीरीज मै आपका फिर स्वागत है आज हम बात करेंगे उन ब्राह्मणों को जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की मदद की और भारत मै ब्रिटिश शासन स्थापित करने मै मदद की और मोटा लाभ कमाया !! 🧵 ब्रिटिश शासन में पदों पर रहे 100 ब्राह्मण (Administration 🔹 A. ICS / प्रशासन / गवर्नमेंट (1–30) 1. सुरेन्द्रनाथ बनर्जी – ICS 2. सत्येन्द्रनाथ टैगोर – ICS 3. आर. सी. दत्त – ICS 4. वी. एस. श्रीनिवास शास्त्री – प्रशासन / काउंसिल 5. बी. एन. राव – Constitutional Advisor 6. तेज बहादुर सप्रू – Viceroy’s Executive Council 7. गोपाल कृष्ण गोखले – Imperial Legislative Council 8. मदन मोहन मालवीय – Imperial Council 9. श्यामजी कृष्ण वर्मा – British legal–political system 10. राधाकांत देब – Company advisory councils 11. के. टी. तेलंग – Judge, Bombay HC 12. पी. एस. शिवस्वामी अय्यर – Madras administration 13. टी. रंगाचारी – Revenue service 14. के. श्रीनिवास अयंगार – Madras Presidency 15. नागेश्वर राव पंतुलु – British councils 16. आर. श्यामशास्त्री – Mysore (British protected state) 17. एस. पी. सिन्हा – British judiciary 18. के. वी. रंगास्वामी अय्यंगार 19. टी. वी. सुब्रमण्यम 20. पी. वी. राजामन्नार 21. के. सुब्रह्मण्य अय्यर 22. एम. अन्नास्वामी शास्त्री 23. गोपीनाथ पिल्लै 24. शंकरलाल बनर्जी 25. हरप्रसाद शास्त्री 26. उमाकांत शास्त्री 27. रामनाथ शास्त्री 28. शिवप्रसाद भट्ट 29. नारायणराव जोशी 30. विष्णुशास्त्री पंडित 📚 Reference – Section A Bipan Chandra, *India’s Struggle for Independence * Sumit Sarkar, *Modern India* * Granville Austin, *The Indian Constitution * R. C. Majumdar, *History of Modern India C. A. Bayly, *Empire and Information* 🔹 B. कानून / न्यायपालिका / काउंसिल (31–55) 31. महादेव गोविंद रानाडे 32. के. टी. शाह 33. तेज बहादुर सप्रू 34. के. टी. तेलंग 35. पी. आर. सुंदरम अय्यर 36. के. चिदंबरम अय्यर 37. पी. वी. काणे 38. आर. जी. भंडारकर 39. हरगोविंद शास्त्री 40. नीलकंठ शास्त्री 41. केशवशास्त्री जोशी 42. लक्ष्मण शास्त्री 43. बालकृष्ण शास्त्री 44. रामशंकर शास्त्री 45. जगन्नाथ शास्त्री 46. वासुदेव शास्त्री 47. नारायण भट्ट 48. माधवाचार्य 49. शिवशंकर दीक्षित 50. हरिहर भट्ट 51. केदारनाथ शास्त्री 52. श्यामसुंदर भट्ट 53. गोपाल शास्त्री 54. वासुदेव दीक्षित 55. पंडित मोतीलाल शास्त्री 📚 Reference – Section B Marc Galanter, *Competing Equalities * Granville Austin, *Indian Constitution Thomas Metcalf, *Ideologies of the Raj* * Bernard Cohn, *Colonialism and Its Forms of Knowledge 🔹 C. ब्रिटिश आर्मी / मिलिटरी सपोर्ट रोल (56–70) 56. पंडित जसराज सिंह – Bengal Army 57. पंडित शिवराम पंत – Bombay Army 58. पंडित रामचंद्र त्र्यंबक – Company Army 59. चितपावन ravindra ब्राह्मण – Bombay Native Infantry 60. काशी राहुल ब्राह्मण सूबेदार – Bengal Army 61. मैथिल हरिराम ब्राह्मण – Military clerks 62. तंजावुर सोमनाथाम ब्राह्मण – Madras Army 63. पंडित बालाजी पंत 64. पंडित गोविंद शास्त्री 65. पंडित हरिनारायण 66. पंडित रामकृष्ण भट्ट 67. पंडित विष्णु पंत 68. पंडित दत्तात्रेय 69. पंडित शेषाद्रि अय्यर 70. पंडित रंगनाथ शास्त्री 📚 Reference – Section C Seema Alavi, *The Sepoys and the Company Kaushik Roy, *The Indian Army and British Rule Randolf Cooper, *Anglo-Maratha Campaigns Philip Mason, *A Matter of Honour 🔹 D. शिक्षा / अनुवाद / क्लर्क / अन्य पद (71–100) 71. हरप्रसाद शास्त्री – Asiatic Society 72. रामकृष्ण गोपाल भंडारकर 73. काशी के संस्कृत पंडित – Company translators 74. पुणे टी लखा ब्राह्मण – Revenue clerks 75. तंजावुर हरि ब्राह्मण – Education Dept 76. नागपुर ब्राह्मण – Judicial munshi 77. इलाहाबाद सोमी पांडे ब्राह्मण – High Court clerks 78. बनारस कानू दुबे ब्राह्मण – Record keepers 79. मिथिला राहुल ब्राह्मण – Survey Dept 80. केशवाचार्य 81. लक्ष्मीनारायण शास्त्री 82. गोविंदाचार्य 83. माधवाचार्य 84. शिवशंकर दीक्षित 85. हरिहर भट्ट 86. नारायण दीक्षित 87. बालमुकुंद शास्त्री 88. जगदीश शास्त्री 89. रामविलास शास्त्री 90. केदारनाथ शास्त्री 91. श्यामसुंदर भट्ट 92. दयानंद शास्त्री 93. गोपाल शास्त्री 94. वासुदेव दीक्षित 95. सीताराम शास्त्री 96. जगन्नाथ भट्ट 97. रामदत्त शास्त्री 98. उमेश शास्त्री 99. कैलाशनाथ भट्ट 100. सोमदेव शास्त्री 📚 Reference – Section D Nicholas Dirks, *Castes of Mind Bernard Cohn, *Colonialism and Its Forms of Knowledge Rosalind O’Hanlon, *Caste,

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NBT Hindi News
NBT Hindi News@NavbharatTimes·
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "विश्व इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि 8-9 वर्षों में सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है..." #RajnathSingh #India #BJP
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Vaibhav
Vaibhav@DCP_VC·
@dilipatil IQ = -180 of this person. suar hi gu aur mut khata pita hai.
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Dilip V. Patil
Dilip V. Patil@dilipatil·
🚩हिन्दू लड़कियोंसे निवेदन है किसीसे प्यार करनेसे पहले लड़केको गोमूत्र प्रसादके रूपमें जरूर दे याद रखें सनातनी हिंदू कभी मना नहीं करेगा 🐷 सूअर,हलालाकी पैदाई मदरसा छाप,जिहादी मानसिकताग्रस्त झोंबी,कभी नहीं पीयेगा कट्टर🇮🇳राष्ट्रवादी सनातनी🚩हिंदू बनो भाईचारा निभाते हुए चारा ना बनो
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Vaibhav retuiteado
Praveen प्रवीण
₹109 करोड़ जवानों के हक़ का ना देने पड़े , उस से बचने के लिए ₹244 करोड़ अदालतों में खर्च कर दिए इस सरकार ने। जिन जवानों ने देश के लिए अपना जीवन कुर्बान किया, उन्हें अपने अधिकारों के लिए अदालतों के चक्कर लगाने पड़े। यह सिर्फ पैसों का नहीं, सम्मान का सवाल है। सीमा पर खड़ा सैनिक देश से सिर्फ एक चीज़ चाहता है - न्याय। क्या वह उसका भी हक़दार नहीं है ?
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Vaibhav
Vaibhav@DCP_VC·
@Mrs_Tyagiji मुखपुत्र हमेशा गद्दार रहे हैं। उनकी ही वजह से अखंड भारत खंड-खंड हुआ है। आज भी भारत अस्थिर स्थिति में है, मनुपुत्रों की वजह से। खालिस्तान, द्रविड़ आंदोलन, और अब उत्तर पूर्व और लद्दाख संघर्ष ने भारत को कई जगह से कमजोर किया है पर मनुपुत्र केवल अपना पेट और जेब भरने में लगे हैं ।
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Tina Tripathi
Tina Tripathi@akrititrip93018·
🔥ब्राह्मण का शांत रहना है उसकी शराफत है वरना तेवर तो आज भी अंगारों जैसे सुलगता हैं 🔥
Tina Tripathi tweet media
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Vaibhav
Vaibhav@DCP_VC·
@dayalg343 32 तीलियों वाला धर्म चक्र खुद बुद्ध का प्रतीक है। 32 तीलियाँ 32 लक्षणों को दर्शाती हैं, जिनके आधार पर अतीत से लेकर अब तक उनकी मूर्तियाँ बनाई जाती रही हैं। वहीं, 24 तीलियाँ बौद्ध धर्म के सार्वभौमिक नियमों का प्रतीक हैं। Hence, 24 spokes were chosen as a symbol of universal law.
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GURUDAYAL
GURUDAYAL@dayalg343·
सारनाथ के सिंह-स्तंभ पर असोक चक्र के दो स्वरूप हैं, बहुत कम लोग जानते हैं कि सारनाथ के सिंह-स्तंभ पर असोक चक्र दो प्रकार के हैं। 🔹 एक असोक चक्र में 32 आरे हैं। 🔹 दूसरे असोक चक्र में 24 आरे हैं। 32 आरे वाला असोक चक्र मुख्य है। इसीलिए वह शीर्ष पर स्थित है और चारों सिंह उसे अपने कंधों पर उठाए हुए हैं। 24 आरे वाला असोक चक्र उप है। इसीलिए वह सिंहों की गोल वेदी पर नीचे बने हैं, जिनकी संख्या 4 है। रोचक तथ्य यह है कि भारत ने राष्ट्रीय ध्वज के लिए मुख्य 32 आरे वाले असोक चक्र के बजाय 24 आरे वाले उप असोक चक्र का चयन किया है। ऐसा क्यों?? 🤔
GURUDAYAL tweet media
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Vaibhav
Vaibhav@DCP_VC·
@ThePushprajX 1 lakh self-declared manuputron ko America se degree dekh kar baha nikala ja raha hai. x.com/pushprajyadav9…
Pushpraj Yadav@pushprajyadav97

भारत की सबसे बड़ी अदालत अभी तक महामानव की डिग्री का राज़ नहीं जान पाई। लेकिन, अमेरिका ने फेक डिग्री के सहारे घुसे 1 लाख भारतीयों का राज़ खोल दिया है। अब इनका खदेड़ा होगा। ऐसे ही एक फ़र्ज़ी आदमी है विवेक रामास्वामी। विवेक ने बाबा रामदेव के कोरोनिल की तरह अल्जाइमर की एक फर्जी दवा बनाई। उसने दवा के दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में अपनी मां को भी दांव पर लगा दिया। आखिरकार 55 मिलियन डॉलर की लागत से दवा बनी। विवेक ने माल कमाने के लिए दवा की लागत 3 अरब डॉलर बताई। उसकी कंपनी में रिटायर्ड अमेरिकी पेंशनर्स ने अरबों डॉलर लुटाये। बाद में जब अमेरिकी डॉक्टरों ने विवेक की दवा का ट्रायल किया तो वह नकली निकली। विवेक की कंपनी 40 मिलियन डॉलर पर आकर क्रैश हो गई। भारत में रामदेव की तरह विवेक भी आज़ाद घूम रहा है।

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Pushpraj sharma
Pushpraj sharma@ThePushprajX·
अमेरिका में डिग्री और चीन में टैलेंट देखा जाता है, लेकिन भारत एक ऐसा देश जहां एक चमोड़ा -40 नंबर पाकर डॉक्टर बन जाता है और टैलेंट लोगों बिना जांच के SC ST एक्ट लगाकर जेल में डाल दिया जाता है।
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Bawal Zone 🔥
Bawal Zone 🔥@Nagrik18·
ब्राह्मण जन्म से महान होते हैं आप मजाक में भी ब्राह्मण व उसके बच्चे के लिए अपशब्दों का प्रयोग न करें ब्राह्मण हिंदूओं में पूजनीय हैं, पूजनीय भगवान का स्वरूप हैं वह एक ब्राह्मण की जुबानी 👇
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Pushpraj sharma
Pushpraj sharma@ThePushprajX·
अम्बेडकर को पता था कि श्याले मंदबुद्धि है इन नीले कबूतरों में दिमाग की कमी हमेशा रहेगी इसलिए इन भीमटो के लिए आरक्षण छोड़ गया।
Pushpraj sharma tweet media
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Vaibhav
Vaibhav@DCP_VC·
@DilipKu24388061 हिंदू का नहीं है. हिंदू के सारे मंदिर 20 सदी के बाद से बन रहे हैं।
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Dilip Kumar Singh
Dilip Kumar Singh@DilipKu24388061·
क्या कोई इस मंदिर पर बनी देवताओं के मूर्तियों की संख्या गिन कर बता सकता है ? नहीं ना ? यह केवल मंदिर का 25%हिस्सा है सोचिये मूर्तियों की जिन संख्याओं को हम गिन नहीं सकते उसे हमारे पूर्वजों ने सदियों पहले कैसे बनाया होगा (सुचिन्द्रम मंदिर, तमिलनाडु) #We_support_hindutava_unity
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Vaibhav
Vaibhav@DCP_VC·
@KhushbuRaghv वैसे चारो श्रेन्डी में से नंबर 3 को छोड़ कर बाकी तीन केवल एक ही जाति में मौजुद हैं। जो खुद को मनुपुत्र कहते हैं उस जाति में।
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Khushboo
Khushboo@KhushbuRaghv·
कितने भाई बहन सहमत है? कमेंट में अपनी राय जरूर देना। शुभ रात्रि 🙏
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Vaibhav
Vaibhav@DCP_VC·
@Raazvalmiki7250 इस पोस्टर का पूरी गंभीरता से विरोध किया जाना चाहिए। यह डॉ. अंबेडकर का अपमान है। उन्होंने अपनी 22 प्रतिज्ञाओं में राम को नहीं माना और ब्राह्मणों से मनुस्मृति को सार्वजनिक रूप से जलवाया; उनका कहना था कि यह किताब देश की तरक्की में ज़हर के समान है।
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Rajesh Valmiki Chouhan
Rajesh Valmiki Chouhan@Raazvalmiki7250·
जातिवाद छुआ छूत और असमानता देश और धर्म के लिए किसी कोड़ की बीमारी से कम नही है जिस तरह कोड़ शरीर को गलाता है उसी तरह जातिवाद धर्म को खत्म कर देता है... आपसी समानता धर्म समाज के लिए बहुत जरुरी है जय वाल्मीकि जय श्री राम 🙏 जय मनुस्मृति जय संविधान 🙏🇮🇳 जय भीम जय भारत 🙏
Rajesh Valmiki Chouhan tweet media
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Vaibhav
Vaibhav@DCP_VC·
@ScienceJourney2 क्योंकि वासुदेव कोई वैदिक पात्र नहीं, बल्कि बौद्ध पात्र हैं। बौद्ध वासुदेव 'धम्म पालक' (धर्म के रक्षक) हैं, लेकिन आज कृष्ण के रूप में जो पात्र जाना जाता है—और जिसे बौद्ध वासुदेव की छवि पर ही गढ़ा गया है—उसे 'मनुवाद' को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था।
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Science Journey
Science Journey@ScienceJourney2·
महाकाव्य महाभारत के चरित्र कृष्ण के उँगलियों में चक्र इच्छानुसार प्रकट और किसी भी हत्या कर सकता था और किया भी लेकिन लड़ाई के बीच में गुस्सा होने पर चक्र की बजाय ये बुद्ध धम्म का चक्क उठाना समझ नहीं आ रहा ? क्या लगता है आपको कमेंट करे।
बसावन इंडिया@BasavanIndia

धम्म चक्र बौद्ध धर्म का सबसे प्राचीन और पवित्र प्रतीक है जिस प्रकार क्रॉस ईसाई धर्म का और डेविड का सितारा यहूदी धर्म का प्रतीक है, उसी प्रकार धम्म चक्र बौद्ध धर्म का प्रतिनिधित्व करता है। यह बौद्ध धर्म के आठ शुभ प्रतीकों में से एक है! भारतीय उपमहाद्वीप में चक्र का इतिहास अत्यंत प्राचीन है सिन्धु घाटी सभ्यता की मुहरों पर भी चक्र या पहिए के चिह्न मिलते हैं वहाँ प्रायः छह तीलियों वाले चक्र दिखाई देते हैं आगे चलकर बुद्ध ने अपनी शिक्षाओं के प्रतीक के रूप में आठ तीलियों वाले धम्म चक्र को अपनाया, जो आष्टांगिक मार्ग का प्रतिनिधित्व करता है, बाद में सम्राट अशोक ने 24 तीलियों वाले अशोक चक्र को शासन, न्याय और धम्म का प्रतीक बनाया, जो आज भारतीय तिरंगे के केंद्र में सुशोभित है। धम्म चक्र की यह यात्रा सिन्धु सभ्यता से बुद्ध और अशोक तक निरंतर दिखाई देती है यह केवल धर्म का नहीं, बल्कि ज्ञान, नैतिकता, प्रगति और जीवन की सतत गति का भी प्रतीक है सारनाथ में बुद्ध द्वारा दिए गए प्रथम उपदेश को “धम्म चक्र प्रवर्तन” कहा गया, क्योंकि वहीं से ज्ञान का यह चक्र गतिमान हुआ और बौद्ध धर्म विश्व के विशाल भूभाग तक पहुँचा। अब प्रश्न उठता है कि कृष्ण का चक्र “सुदर्शन” क्यों कहलाता है “सुदर्शन” का शाब्दिक अर्थ है सुन्दर दर्शन, अर्थात ऐसा दर्शन जो मन को आकर्षित करे और सत्य का बोध कराए ऐतिहासिक व्याख्याओं के अनुसार, सुदर्शन चक्र को युद्ध के अस्त्र के रूप में नहीं, बल्कि धर्म, ज्ञान और नैतिक व्यवस्था के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। क्या कोई हथियार देखने में सुंदर हो सकता है हथियार तो संहार और भय का प्रतीक होता है असल में, कृष्ण का “सुदर्शन चक्र” कोई घातक अस्त्र नहीं, बल्कि धम्म चक्र का ही सु-दर्शन है! इस तथ्य की पुष्टि सिक्कों के प्रमाण से भी होता है यवन राजा अगाथोक्लिस (190–180 ई.पू.) द्वारा जारी सिक्कों पर कथित वासुदेव कृष्ण के हाथ में धम्म चक्र अंकित है इस चक्र में वही आठ आरे बने हैं जो बुद्ध के धम्म चक्र में पाए जाते हैं। यह साफ संकेत है कि कथित कृष्ण का “सुदर्शन चक्र” वास्तव में बुद्ध के “धम्म चक्र” का रूपक है। बुद्ध का धम्म चक्र इतना सु-दर्शन था कि लोग उसकी ओर सहज ही खिंच जाते थे। उनके उपदेश, उनके विचार और उनका धम्म मार्ग ही “सुन्दर दर्शन” यानी सुदर्शन थे। कृष्ण का “सुदर्शन चक्र” वास्तव में बुद्ध का धम्म चक्र ही है यह हथियार नहीं, बल्कि ज्ञान और धर्म का चक्र है यह धम्म चक्र केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि विचारों की वह शक्ति है जिसने राजाओं को बदल दिया, समाजों को दिशा दी और करोड़ों लोगों को समानता, करुणा तथा विवेक का मार्ग दिखाया। #धम्म_चक्र #सुदर्शनचक्र

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poop Country
poop Country@poopcountry·
Festival celebrations in India. Throwing color and dirty water on passing train and random passengers.
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