@RahulGandhi काँग्रेस सत्ता में होती तो इस दंगे फैलाने की नफरती साजिश के लिए खड़गे को भारत रत्न दे देती !
सुन फिरोज के पोते, ये भारत है तेरी अम्मी की बार नही
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के विरुद्ध इस्तेमाल की गई अभद्र और घटिया भाषा पूरी तरह निंदनीय, शर्मनाक और अस्वीकार्य है।
खरगे जी देश के एक वरिष्ठ और लोकप्रिय दलित और जननेता हैं - उनका अनुभव, कद और प्रतिष्ठा अतुलनीय है। उनका अपमान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि इस देश के SC-ST समाज के करोड़ों लोगों का भी अपमान है।
लेकिन यह कोई नई बात नहीं है - यह BJP-RSS की पुरानी और सुनियोजित मानसिकता है।
बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान हो, दलित नेताओं को नीचा दिखाना हो, या SC-ST समाज के प्रतिनिधियों पर व्यक्तिगत हमले हों - भाजपा और RSS का इतिहास गवाह है कि जब-जब कोई दलित नेता सच बोलता है, तब-तब ये उसे अपमानित करने पर उतर आते हैं।
यही इनकी विचारधारा है, यही इनका असली चरित्र और चेहरा है।
और, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से सीधा सवाल है - क्या आप हिमंता सरमा की इस भाषा का समर्थन करते हैं? आपकी चुप्पी मजबूरी नहीं, सहमति है।
प्रधानमंत्री अगर देश के करोड़ों दलितों के सम्मान पर हमला होते देख मुँह न खोलें - वो न सिर्फ अपनी ज़िम्मेदारी से भाग रहे हैं, बल्कि उस अपमान के हिस्सेदार भी हैं।
@RahulGandhi@INCIndia राहुल जी आप भी छुप जाएं , खेड़ा को देखो कैसे।मुंह छुपा के जा रहा, सच्ची बताओ यह घटिया फोटोशॉप का idea जॉर्ज सोरोस का है ना, तोह खेड़ा को क्यू फसाया, खुद बोलते
@RahulGandhi मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके बेटे प्रियांक खड़गे पहले ही सनातन हिन्दू धर्म त्यागकर ईसाई बन चुके इसीलिए हिन्दू दलितों से दूर-दूर तक बिल्कुल भी सम्बन्ध नहीं मल्लिकार्जुन खड़गे का
दलितों के नेता बिल्कुल भी नहीं मल्लिकार्जुन खड़गे केवल मुसलमानों के और ईसाईयों के ही नेता हैं वे
@RahulGandhi तुम खुद तुम्हारी भाषा सुधार लो तुम बुजुर्गों का कोई सम्मान नही करते, मनमोहन सिंह का कितना अपमान किया था ,तेरी पार्टी के अध्यक्ष और पुराने कोषा अध्यक्ष सीताराम केसरी जो दलित थे उनकी धोती खोलकर तुम लोगो ने वाशरूम में बंद कर दिया था बाद में उनके सामान सहित उनको फुटपाथ पर फेंक दिया
@RahulGandhi@INCIndia ठीक बोल रहा है हेमंता जब राहुल हमारे पीएम को बोलता ओय सुन, मोदी सरेंडर.. हम सब हिन्दू इसी पल का इंतजार कर रहे थे,खड़गे क्यू बोला कि जांच कराएं तो तुम लोग प्रूफ दो ना, कॉपी पेस्ट जैसे ट्रैवल एजेंट करते हैं, कुछ भी झूठ बोलोगे और हर बार की तरह ही ही हा हा कर के निकल जाओगे , देखो
जब जेल भी भेजना था तो माफी मंगवाकर वीडियो क्यों जारी कराया गया? और जब माफी ही मंगवानी थी तो जेल क्यों भेजा गया? क्या सत्ताधारी दल के ‘दबाव’ में सारे नियम क़ानून ताक पर रख दिए गए हैं? सब ‘राजा’ को ‘खुश’ करने में जुट गए हैं? लोकतंत्र, संविधान, नियम क़ानून इन सबका का भी कोई औचित्य है? ऐसा कौनसा क़ानून है जिसके तहत आरोपी को गिरफ्तार कर उससे माफी मंगवाने का वीडियो रिकॉर्ड किया जाए, फिर उस वीडियो को सर्कुलेट किया जाए?
*आज पूर्व डीजीपी से सुन लो*
*मुलायम अखिलेश के पाले हुए गुंडों का सच*
*हैरानी तो तब होती है*
*जब राम-कृष्ण वंसज हिन्दू*
*जो यह सब जानते हुए भी*
*इस नमाजवादी गुंडा पार्टी के मुखिया*
*टेड़ी नाक को वोट देते है*
*शर्म करो हिंदुओं*
*कम से कम*
*अपने वंसज का अपमान तो मत करो*