Rahmtullah Khan

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@RahmtullahKhan

Editor @News_TimesToday | former Sr Correspondent- Samachar Plus | Earlier - India News, News India 24x7, Zee News, Dainik Navajyoti | Tweets are personal.

Jaipur, India Bergabung Şubat 2013
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Rahmtullah Khan
Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
देश में लोकसभा और विधानसभा के परिसीमन का खाका तैयार! राजस्थान में लोकसभा की करीब 10 सीटें और विधानसभा की 66 सीटें बढ़ने की संभावना। ऐसे में राजस्थान में लोकसभा की कुल 35 सीटें और विधानसभा की कुल 266 सीटें हो जाएंगी। वहीं पूरे देश में लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर करीब 750 सीटें होने की संभावना। यानी पूरे देश में लोकसभा की 207 सीटें बढ़ सकती है। विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर।
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News Times Today
News Times Today@News_TimesToday·
जयपुर। कायम रत्न अवार्ड 2026 सम्मान समारोह। मौलाना अबुल कलाम आजाद वेलफेयर सोसाइटी राजस्थान के बैनर तले नवाब दादा कायम ख़ाँ शहीद दिवस के मौके पर आयोजित किया जा रहा है अवॉर्ड समारोह। कॉन्सटीटयूशन क्लब में आयोजित किया जा रहा है अवॉर्ड समारोह। राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. खानू खान बुधवाली समारोह का आयोजन कर रहे है। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, सांसद राहुल कस्वा, पूर्व मंत्री रामलाल जाट, विधायक रफीक खान, पूर्व विधायक चेतन डूडी, विधायक अमीन कागजी, विधायक हाकम अली, विधायक जाकिर गैसावत, वक्फ बोर्ड पूर्व अध्यक्ष सलावत खान, जीवन खान, रफीक कुरैशी कांग्रेस नेता राहुल भाकर, कांग्रेस नेता रघुवीर सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद।
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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
जिला अध्यक्ष महोदय की बात मामूली बहुत छोटी सी है, लेकिन ये नीति कांग्रेस में गुटबाजी और निराशा बढ़ा देती है। जिला अध्यक्ष ने एक कांग्रेस नेता और पायलट समर्थक के साथ फोटो खिंचवाई फेसबुक पर पोस्ट की फिर डिलीट कर दी। क्योंकि बताया जा रहा है कि उन पर किसी विधायक का प्रेशर था।
Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan

राजस्थान कांग्रेस के एक जिला अध्यक्ष की सोशल मीडिया पोस्ट की चर्चा तेज़ हो रही है। जल्द खुलास होगा....

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Rahmtullah Khan
Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
राहुल गांधी पहली बार राजस्थान कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्षों और प्रदेश के पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में राहुल गांधी उनसे वन 2 वन बातचीत करेंगे। पदाधिकारियों का मनोबल बढ़ाएंगे। राहुल गांधी के साथ ये मीटिंग जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में होना बताई जा रही है।
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Rahmtullah Khan
Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
राजस्थान कांग्रेस के एक जिला अध्यक्ष की सोशल मीडिया पोस्ट की चर्चा तेज़ हो रही है। जल्द खुलास होगा....
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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
इस पोस्ट के कमेंट पढ़ लीजिए आदेश रावल जी, 80% लोगों ने दिनेश डांगी जी की खबरों को सटीक खबरें बताई है। @AadeshRawal @dineshdangi84
Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan

आदेश रावल जी, AICC सहित उत्तर भारत, दक्षिण भारत और पश्चिम भारत कांग्रेस की खबरों में राजस्थान से हमारे साथी पत्रकार दिनेश डांगी जी का कोई मुक़ाबला नहीं है, वे कभी किसी एजेंडे की ख़बरें नहीं चलाते है। कांग्रेस में कोई पत्ता हिलता है तो भी उनके पास सबसे पहले खबर पहुँच जाती है। बिना एजेंडे की और सबसे सटीक खबर देते है. डांगी जी लिखने में कभी लाग लपेट नहीं रखते। इसलिए एजेंडे वाली ख़बरों से बचना जरुरी है। ये बात पब्लिक पर छोड़ देते है पब्लिक से पूछते है कि कांग्रेस में सबसे सटीक ख़बरें देने वाला कौन है ? @AadeshRawal @dineshdangi84

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Rahmtullah Khan
Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
नेता कई तरह के होते है लेकिन एक खास किस्म का नेता भी होता है जो पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहते है हुए अपनी पार्टी से बगावत करे और अपनी ही पार्टी की सरकार गिराने की कोशिश करे। .... ये कौनसे नेता है आपको अच्छी तरह से मालूम है @AadeshRawal जी
Aadesh Rawal@AadeshRawal

नेता कई तरफ़ के होते हैं।लेकिन एक खास क़िस्म का नेता भी होता है जिसको सिर्फ़ मुख्यमंत्री बनना है।लड़ाई नहीं लड़ना चाहते।वो चाहते हैं कि लड़ाई कोई और लड़ें,वो तो सिर्फ़ बंद गले का सूट पहनकर शपथ लेने जाए।

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Rahmtullah Khan
Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
जो पीसीसी चीफ चेंज करा रहे थे वो अब क्या बोलेंगे... स्टूडेंट के राष्ट्रव्यापी मुद्दे के तहत राजस्थान कांग्रेस को हाई कमान ने पहला प्रोग्राम दिया है.. महज 17 दिन में दूसरी बार राहुल गांधी राजस्थान आ रहे हैं.. हिंदी बेल्ट और पूरे उत्तर भारत में राजस्थान कांग्रेस आलाकमान की पहली पसंद... मॉडल स्टेट @AadeshRawal @dineshdangi84
Dinesh Dangi@dineshdangi84

राजस्थान कांग्रेस के लिए यह अच्छी बात है कि महज 17 दिन में ही दूसरी बार राहुल गांधी राजस्थान आ रहे हैं... नो डाउट उत्तर भारत में राजस्थान कांग्रेस संगठन हाईकमान की पहली पसंद बन गया है... बूथ, मंडल, ब्लॉक और वार्ड लेवल पर गठित संगठन स्ट्रक्चर के चलते अब किसी प्रोग्राम में भीड़ जुटाने लिए पहले की तरह विधायकों और सांसदों पर ज्यादा डिपेंड नहीं रहना पड़ता...

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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
गोविंद सिंह डोटासरा की कल दिल्ली में मलिकार्जुन खड़गे ने उनके काम की तारीफ की। बताया जा रहा है कि राजस्थान कांग्रेस का मॉडल पूरे देश में कांग्रेस लागू करेगी। जिससे सभी राज्यों में कांग्रेस मजबूत हो। @GovindDotasra
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Rahmtullah Khan
Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
कांग्रेस अब 1 महीने पूरा भाजपा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी। ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी। सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, चिकित्सा जैसे मुद्दों को कांग्रेस उठाएगी। अगले 1 -2 दिन में कांग्रेस सर्कुलर जारी करेगी। राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस करेगी भाजपा सरकार का विरोध।
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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
आदेश रावल जी, ये रहा अजय माकन का वीडियो जो वायरल हो रहा है। @AadeshRawal
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Rahmtullah Khan
Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
आदेश रावल जी, फिक्स एजेंडा ना चलाया कीजिये। 25 सितम्बर 2022 को जो घटनाक्रम हुआ था तब पर्यवेक्षक मलिकार्जुन खड़गे और पायलट के समर्थक नेता अजय माकन जो बतौर पर्यवेक्षक आये थे उनसे उन सभी सरकार बचाने वाले 100 विधायकों ने कहा था कि उनमे से किसी को सीएम बना दीजिये सब सहमत है, लेकिन कांग्रेस की सरकार गिराने की कोशिश करने वाले सचिन पायलट को सीएम बनाने का प्रस्ताव पर्यवेक्षक लाए थे इसलिए विधायको ने सिर्फ पायलट की खिलाफत की ना कि हाईकमान की। उस वक़्त अशोक गहलोत को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की बात नहीं हुयी, वो सिर्फ साजिश थी। पायलट के समर्थक नेता अजय माकन उस साजिश में योगदान दे रहे थे। अजय माकन का बाद में एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें वे गहलोत पर तंज कर रहे थे। आदेश रावल जी आप मानेसर प्रकरण पर क्यों चुप हैं, बार बार 25 सितम्बर को याद करते हो, खुद की पार्टी की सरकार गिराने की किसने कोशिश की थी। ये सब सच्चाई है - @AadeshRawal
Aadesh Rawal@AadeshRawal

गांधी परिवार ने अशोक गहलोत का इम्तिहान लिया था 👇 @moliticsindia

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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
पंजाब कांग्रेस को लेकर कांग्रेस ने पर्यवेक्षक नियुक्त किए, अजय माकन, मिनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव को पर्यवेक्षक बनाया।
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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
नेशनल मीडिया, प्रायोजित नैरेटिव और राजस्थान कांग्रेस का मौजूदा घटनाक्रम इंडिया न्यूज के वरिष्ठ पत्रकार मनोहर बिश्नोई की कलम से
Manohar Vishnoi@VishnoiManohar

नेशनल मीडिया, प्रायोजित नैरेटिव और राजस्थान कांग्रेस का मौजूदा घटनाक्रम दिल्ली में साल 2016 से 2023 तक विभिन्न बड़े मीडिया संस्थानों में कार्य करने के दौरान मुझे राष्ट्रीय मीडिया की कार्यशैली को बेहद करीब से देखने और समझने का अवसर मिला। इस अनुभव के आधार पर मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि देश के अनेक प्रतिष्ठित माने जाने वाले पत्रकारों की राज्यों की राजनीति और जमीनी घटनाक्रमों पर पकड़ उतनी मजबूत नहीं होती, जितनी आम धारणा बनाई जाती है। वास्तविकता यह है कि अधिकांश राष्ट्रीय मीडिया के पत्रकार राज्यों से जुड़ी राजनीतिक खबरों, समीकरणों और अंदरूनी घटनाक्रमों की जानकारी के लिए क्षेत्रीय मीडिया के पत्रकारों पर निर्भर रहते हैं। चाहे राजस्थान की राजनीति हो, बिहार में सत्ता परिवर्तन के घटनाक्रम हों, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, केरल, बंगाल या अन्य राज्यों की उठापटक, दिल्ली में बैठा पत्रकार अक्सर स्थानीय पत्रकारों द्वारा जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर ही अपनी रिपोर्ट तैयार करता है। मैंने स्वयं कई अवसरों पर देखा है कि राष्ट्रीय मीडिया के बड़े-बड़े पत्रकार राज्यों की राजनीतिक परिस्थितियों को समझने और खबरों की पुष्टि करने के लिए क्षेत्रीय पत्रकारों से लगातार संपर्क साधते थे। लेकिन विडंबना यह है कि जब खबर प्रसारित होती है तो उसका श्रेय राष्ट्रीय मीडिया को मिलता है, जबकि जमीनी तथ्य और सूचनाएँ क्षेत्रीय पत्रकारों की मेहनत का परिणाम होती हैं। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 इसका एक बड़ा उदाहरण है। टिकट वितरण से लेकर मुख्यमंत्री चयन की लंबी प्रक्रिया और उसके बाद सरकार के भीतर उत्पन्न राजनीतिक संकट तक, हमने पूरे घटनाक्रम को बेहद नजदीक से कवर किया। उस दौर में भी राष्ट्रीय मीडिया के अनेक पत्रकार पूर्व निर्धारित एजेंडे के तहत खबरें चला रहे थे, जबकि वास्तविक जानकारी के लिए वे राजस्थान के पत्रकारों पर ही निर्भर थे। दिल्ली स्थित 24 अकबर रोड और 10 जनपथ की बैठकों से लेकर जोधपुर और राजस्थान हाउस में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों तक, अधिकांश सूचनाएँ क्षेत्रीय पत्रकारों के माध्यम से ही बाहर आती थीं। इसके बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर अक्सर ऐसा माहौल बनाया जाता था मानो राजनीतिक घटनाक्रमों की पूरी समझ केवल दिल्ली के कुछ चुनिंदा पत्रकारों के पास ही हो। आज राजस्थान कांग्रेस से जुड़े हालिया घटनाक्रम को देखकर वही पुराना पैटर्न फिर दिखाई देता है। कुछ वरिष्ठ पत्रकार एक विशेष राजनीतिक नैरेटिव को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश के कुछ छोटे-मोटे नेताओं को यह विश्वास दिलाया जाता है कि यदि वे कुछ विशेष बयान देंगे तो उन्हें राष्ट्रीय मीडिया में प्रमुखता मिलेगी, केंद्रीय नेतृत्व का ध्यान आकर्षित होगा और उनकी राजनीतिक हैसियत बढ़ेगी। इसी लालच या भ्रम में कई नेता ऐसे बयान दे बैठते हैं जो न तो उनके राजनीतिक भविष्य के लिए लाभकारी होते हैं और न ही उस नेतृत्व के लिए जिसके प्रति वे अपनी निष्ठा व्यक्त करते हैं। अंततः उन्हें न कोई बड़ा राजनीतिक लाभ मिलता है और न ही संगठन में कोई विशेष स्थान। उलटे ऐसे बयान पार्टी के भीतर अनावश्यक विवाद और भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं। हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जुड़े बयानों और उनके बाद उत्पन्न राजनीतिक चर्चाओं को भी इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। राजस्थान की राजनीति को समझने वाले लोग जानते हैं कि प्रदेश की वास्तविक परिस्थितियाँ और राजनीतिक समीकरण अक्सर दिल्ली में बैठकर बनाई गई धारणाओं से अलग होते हैं। लेकिन फिर भी कुछ पत्रकार प्रायोजित एजेंडे और पूर्व निर्धारित निष्कर्षों के आधार पर खबरों को प्रस्तुत करने का प्रयास करते हैं। कई टीवी बहसों, राजनीतिक रिपोर्टों और विश्लेषणों में यह दृष्टिकोण बार-बार सामने आया। कुछ नामों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएँ होती रही हैं कि उनकी रिपोर्टिंग और विश्लेषण अक्सर एक विशेष एजेंडे के अनुरूप दिखाई देते थे, जिसके कारण उनकी निष्पक्षता पर भी सवाल उठते रहे। वास्तविकता यह है कि राजस्थान की राजनीति केवल किसी एक नेता, एक धड़े या एक नैरेटिव के इर्द-गिर्द नहीं घूमती। यहाँ के राजनीतिक समीकरण, सामाजिक संरचना, क्षेत्रीय प्रभाव, संगठनात्मक ताकत और नेतृत्व क्षमता जैसे अनेक कारकों से तय होते हैं। लेकिन राष्ट्रीय मीडिया के पत्रकारों का एक वर्ग अक्सर इन जटिलताओं को नजरअंदाज कर सरल और सनसनीखेज राजनीतिक कथानक प्रस्तुत करता है।1/2 ….

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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
आदेश रावल जी, AICC सहित उत्तर भारत, दक्षिण भारत और पश्चिम भारत कांग्रेस की खबरों में राजस्थान से हमारे साथी पत्रकार दिनेश डांगी जी का कोई मुक़ाबला नहीं है, वे कभी किसी एजेंडे की ख़बरें नहीं चलाते है। कांग्रेस में कोई पत्ता हिलता है तो भी उनके पास सबसे पहले खबर पहुँच जाती है। बिना एजेंडे की और सबसे सटीक खबर देते है. डांगी जी लिखने में कभी लाग लपेट नहीं रखते। इसलिए एजेंडे वाली ख़बरों से बचना जरुरी है। ये बात पब्लिक पर छोड़ देते है पब्लिक से पूछते है कि कांग्रेस में सबसे सटीक ख़बरें देने वाला कौन है ? @AadeshRawal @dineshdangi84
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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
राजस्थान में राज्यसभा की 3 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन हो गया है। 2 सीटों पर भाजपा के सतीश पूनिया, अलका गुर्जर और 1 सीट पर कांग्रेस के नीरज डांगी ने जीत दर्ज की है। आज नाम वापसी का समय खत्म होने के बाद तीनों उम्मीदवारों को निर्विरोध चुने जाने की घोषणा कर दी गई। विधानसभा सचिव और चुनाव अधिकारी ने तीनों उम्मीदवारों के निर्वाचन सर्टिफिकेट जारी कर दिए हैं। राज्यसभा चुनावों के लिए 18 जून को वोटिंग होनी थी, लेकिन तीन सीटों पर तीन ही उम्मीदवार होने के कारण वोटिंग की जरूरत नहीं पड़ी। तीनों सांसदों का कार्यकाल जून 2032 तक रहेगा। कांग्रेस राज के दौरान राज्यसभा चुनावों के दौरान कड़ा मुकाबला होने के कारण विधायकों की बाड़ेबंदी की गई थी, लेकिन इस बार ऐसी जरूरत नहीं पड़ी। राज्यसभा की तीनों सीटों पर संख्या बल के हिसाब से 2 पर भाजपा और 1 पर कांग्रेस की जीत के समीकरण थे। राज्यसभा से राज्यसभा के 10 सांसद हैं। कांगेस और बीजेपी दोनों के बराबर 5-5 सांसद हैं। अगले चुनावों के बाद से बीजेपी संख्या बल में कांग्रेस से आगे निकल जाएगी। अब 2 साल बाद राज्यसभा चुनाव होंगे। बीेजपी से ये 5 राज्यसभा सांसद-: मदन राठौड़, घनश्याम तिवाड़ी, चुन्नीलाल गरासिया, सतीश पूनिया, अलका सिंह। कांग्रेस से ये 5 राज्यसभा सांसद -: सोनिया गांधी, मुकुल वासनिक, रणदीप सिंह सुरजेवाला, प्रमोद तिवारी, नीरज डांगी। अब 2 साल बाद जून 2028 में होंगे 4 सीटों पर राज्यसभा चुनाव राजस्थान में अब 2 साल बाद जून 2028 में 4 सीटों पर राज्यसभा चुनाव होंगे। जून 2028 में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल वासनिक, प्रमोद तिवारी, बीजेपी सांसद घनश्याम तिवाड़ी का कार्यकाल पूरा होगा।
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Rahmtullah Khan
Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
ममता बनर्जी ने मुश्किल वक़्त में मेरा साथ दिया अब उनके मुश्किल वक़्त में मैं उनका साथ नहीं छोड़ूंगा - शत्रुघ्न सिन्हा
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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
संकट मोचक.....
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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
सचिन पायलट को लेकर अपने बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा मैंने जो कहा दिल से कहा है। मैंने किसी पर आरोप नहीं लगाया। जो घटनाएं हुई उन्हें मैं एक बार देश के सामने रखना चाहता था क्योंकि देश में एक माहौल बन गया था कि अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री रहने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष का पद स्वीकार नहीं किया। कौन उस पद पर नहीं रहना चाहता। मैंने तथ्य सामने रखे थे। अगर उनमें कोई तथ्य गलत है तो वे मुझसे बात कर सकते हैं, मैं उन्हें जवाब दे दूंगा।
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Rahmtullah Khan
Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
जयपुर। कांग्रेस से नीरज डांगी, भाजपा से सतीश पुनिया और अलका गुर्जर राज्य सभा सांसद के पद पर निर्विरोध निर्वाचित, विधानसभा सचिवालय ने दिये सर्टिफिकेट।
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Rahmtullah Khan
Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
Correct.....
Manohar Vishnoi@VishnoiManohar

25 सितंबर 2022 की घटना का खुलासा खुद अशोक गहलोत ने कर दिया! उस दिन मैं दिल्ली में था और हमने रिपोर्ट किया था — कांग्रेस के कुछ लोग अशोक गहलोत के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे थे। वरना गहलोत सोनिया गांधी और अलाकमान के आदेश की अवहेलना करने वाले नहीं थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले इतनी जल्दबाजी में CLP बैठक बुलाने की कोई जरूरत नहीं थी। एक तरफ गहलोत को अध्यक्ष बनाने की चर्चा, दूसरी तरफ दिग्विजय सिंह को उनके खिलाफ तैयार किया जा रहा था। गहलोत ने साजिश भांप ली।
25 सितंबर 2022 को बड़ा राजनीतिक भूचाल आया। 29 सितंबर को गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की, माफी मांगी और पूरी साजिश की जानकारी दी। कुछ दिनों बाद सबसे पहली गाज प्रदेश प्रभारी पर गिरी। उस समय कई लोगों ने मानेसर वाली घटना से भी ज्यादा 25 सितंबर को गंभीर माना। इस मामले में अशोक को बदनाम किया गया लेकिन असल में साजिश ही थी। #RajasthanPolitics #AshokGehlot

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