
इन मोहतरमा ने एक प्रोटेस के दौरान बुर्का फेंक कर अजीब सा पतला वस्त्र पहन लिया है। और अरबी में शायद लिखा है " मैं क्या पहनूंगी ये मैं तय करूंगी " ना कि तीन प्रतिशत ब्राह्मण। अब कुछ अनपढ़ ब्राह्मण आएंगे और कहेंगे कि ये तो विदेश का है वहां ब्राह्मण कहा से आ गए ? इसने किसी मौलाना के लिए कहा है। तो उन्हें यही कहूंगी, क्या तुम इस दुनिया के सेकुलरिज्म को कायम रखने के लिए ये नन्हा सा इल्ज़ाम अपने सर नहीं ले सकते 😁

हिन्दी










