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Uzma Parveen
Uzma Parveen@UzmaParveen94·
गौर से देखो इंसानियत और ईमानदारी की मूर्त को ,इनका नाम है , अंजू माने जो महाराष्ट्र के पुणे शहर में कचरा बीनने का काम करती हैं। अंजू माने सुबह–सुबह कचरा बीनने गई तो उन्हें रास्ते में एक बैग मिला ,जिसे खोला तो उसमें 10 लाख रुपए और कुछ सोने के जेवर निकले। अंजू माने ने अपना काम छोड़कर जिस जगह बैग मिला उससे दूर खड़ी हो गई और बैग के मालिक का इंतजार करने लगी। दोपहर के वक्त उन्होंने देखा कि एक आदमी परेशान और पसीने में तर हुआ पड़ा है और बेचैनी के साथ इधर उधर कुछ ढूंढ रहा है। अंजू माने उस आदमी के पास गई और परेशानी की वजह पूछी तो उस आदमी ने बताया कि उसका बैग गलती से कही गिर गया है जिसमें 10 लाख और कुछ सोने के जेवर भी हैं। अंजू माने ने पहले उस आदमी को पानी पिलाया और उसका ढांढस बधाया, फिर उसका बैग उसे सौंप दिया ,आदमी बैग पाकर खुशी से झूम उठा और अपने पैसे,जेवर देखकर भावुक हो गया। अंजू माने की ईमानदारी और इंसानियत पूरे पुणे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं, आर्थिक तंगी होने के बाद भी ईमानदारी और इंसानियत नहीं छोड़ी , ऐसी वीरांगना को सलाम हैं।🫡
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Javed Akhtar
Javed Akhtar@java0786·
@UzmaParveen94 Very good, lekin inki dress se nahi lagta ki inka profession jo likha hai vahi hai
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