AMIT GAUTAM

40.8K posts

AMIT GAUTAM banner
AMIT GAUTAM

AMIT GAUTAM

@AMITGAUTA25

Social Activist जो हम लिखते हैं,बस सदियों का दर्द है,गुस्से का हमने अभी तक इजहार कहाँ किया! जय भीम,जय भारतवर्ष

Kanpur, India Katılım Ocak 2017
4.4K Takip Edilen8.5K Takipçiler
Sabitlenmiş Tweet
AMIT GAUTAM
AMIT GAUTAM@AMITGAUTA25·
✍️खाकी ने दौड़कर किया रास्ता साफ… 👮‍♂️🚑 ~ कानपुर के हैलट हॉस्पिटल के पास भारी जाम में एक मरीज फँस गया। परिजन असहाय थे, तभी उन्होंने डायल 112 पर कॉल कर मदद माँगी। मरीज की लोकेशन मिलते ही 112 के जांबाज सिपाही मौके पर पहुँचे और भीड़ में फँसे ई-रिक्शा को तलाश कर उसके आगे-आगे दौड़ते हुए रास्ता खाली करवाया। ~ मानवता, कर्तव्य और सेवा का परिचय देते हुए मरीज को समय पर हैलट हॉस्पिटल पहुँचाया गया। सचमुच, यही है असली पुलिस सेवा। ❤️ सलाम UP पुलिस को 👏 @Uppolice @KanpurPolice #GoodJob #UPPoliceInNews #Dial112 #HumanityFirst
AMIT GAUTAM tweet media
हिन्दी
3
5
23
2.1K
AMIT GAUTAM
AMIT GAUTAM@AMITGAUTA25·
~ भारत के शोषितों वंचितों पिछड़ों, बहुजन क्रांति के ध्वजवाहक,महिलाओं में शिक्षा अलख जगाने वाले सामाजिक क्रांति व शिक्षा के अग्रदूत राष्ट्रपिता ज्योतिवाराव फुले की जंयती की हार्दिक बधाईयाँ एंव शत्-शत् नमन | जब कभी भी भारतवर्ष के बहुजनों की महिलाओं के सशक्तिकरण का इतिहास लिखा जाएगा तो इसकी शुरुआत आई साहेब क्रांति ज्योति सावित्रीबाई राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले से शुरू होगी | ~ फुले साहब ताउम्र शोषितों के पक्ष में अन्यायकारी व्यवस्था के खिलाफ लड़ते रहे. 19वीं सदी के अंतिम दशक में पूना प्लेग महामारी से ग्रस्त हुआ था. फुले दम्पति ने प्लेग रोगियों की अथक सेवा की. इसी दौरान ज्योतिराव फुले भी प्लेग की चपेट में आ गए और 28, नवम्बर,1890 को उनका परिनिर्वाण हो गया | ~ राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले जी ने कहा है | विद्या बिना मति गयी, मति बिना नीति गयी,नीति बिना गति गयी,गति बिना वित्त गया,वित्त बिना शूद गये, इतने अनर्थ,एक अविद्या ने किये | #ज्योतिबा_फुले_जयंती #jyotibaphulejayanti
AMIT GAUTAM tweet media
हिन्दी
0
1
0
4
Er. अंजिला जाटव B.Tech. M.Tech.
बहुत बहुत धन्यवाद जी 💐🙏
BSP@Bsp4u

मान्य @Er_Anjila_Jatav जी को राजस्थान के बीएसपी प्रदेश सचिव नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। आपके नेतृत्व, समर्पण और संघर्षशील व्यक्तित्व से संगठन को नई ऊर्जा एवं मजबूती मिलेगी। जय भीम - जय बसपा

हिन्दी
5
14
109
676
Santosh Patel DSP
Santosh Patel DSP@Santoshpateldsp·
जगन्नाथ पुरी जाते वक्त ढाबा में युवक जो खाना परोस रहा था उससे पूंछा कि हिंदी बोल रहे हो मालिक कौन है,जवाब आया कि मैं ही हूँ।कई साल पहले जोधपुर से 2500 किमी दूर उड़ीसा के अंगुल जिला में एक ढाबे में काम करने आया श्रवण राम युवा जो मालिक बन गया। छोटे काम से बड़ा बनने की प्रेरणा मिली
हिन्दी
10
164
952
19.9K
AMIT GAUTAM
AMIT GAUTAM@AMITGAUTA25·
@KraantiKumar ये युद्ध अब रूक जाना चाहिए
हिन्दी
0
0
1
108
Kranti Kumar
Kranti Kumar@KraantiKumar·
28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खुमैनी समेत 48 बड़े नेताओं और सैनिक अधिकारियों को मार डाला. अमेरिका और इजराइल को लगा वो जंग जीत गया है. आज युद्ध का 37वां दिन है, ईरान अभी भी ड्रोन मिसाइल और दमखम के साथ युद्ध में टिका हुआ है. आज ईरान ने बहरीन पर हमला कर BAPCO ऑइल रिफाइनरी को काफी नुकसान पहुंचाया. इराक पर हमला कर ऑइल डिपो को नेस्तनाबूद किया. अली खुमैनी ने मरने से पहले ईरान को 31 मिलिट्री जोन में बांट दिया था. हर जोन का कमांडर हमला करने का निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है. इस स्ट्रेटजी ने एक नही, 31 ईरान को जन्म दे दिया है. एक ईरान अमेरिका से संभल नही रहा था. यहां अब 31 पावर सेंटर हैं. इसी वजह से अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होमरूज़ नही खोल पा रहा है.
Kranti Kumar tweet mediaKranti Kumar tweet media
हिन्दी
24
149
848
21K
AMIT GAUTAM
AMIT GAUTAM@AMITGAUTA25·
✍️जब आप अपना पुराना, टूटा या बेकार हो चुका मोबाइल फोन किसी फेरीवाले को चंद बर्तनों के बदले दे देते हैं, तो आपको लगता है कि आपने कबाड़ का सही सौदा किया। लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसा खुलासा हुआ है, जो आपकी रातों की नींद उड़ा सकता है।* कटिहार का एक मामूली सा मोबाइल दुकानदार इस्तार आलम, इंटरनेशनल साइबर अपराधियों का ‘हथियार सप्लायर’ निकला है। यह गिरोह आपके पुराने फोन के मदरबोर्ड को चीन और बांग्लादेश के साइबर ठगों तक पहुँचा रहा था, ताकि आपका पर्सनल डेटा चोरी कर बैंक खाते साफ किए जा सकें। *क्या है पूरा मामला? कैसे हुई गिरफ्तारी..?* इस पूरे खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले की लालगंज पुलिस ने 16 मार्च की रात एक ट्रक को पकड़ा। इस ट्रक में 11,605 पुराने मोबाइल फोन भरे हुए थे, जिनकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपए आँकी गई। पुलिस ने जब ट्रक में सवार 8 लोगों को गिरफ्तार किया, तो उन्होंने बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले इस्तार आलम का नाम उगला। इसके बाद बिहार STF और यूपी पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर कटिहार के रौतारा इलाके से इस्तार को धर दबोचा। इस्तार कहने को तो एक छोटी सी मोबाइल दुकान चलाता था, लेकिन असल में वह एक इंटरनेशनल सिंडिकेट का सरगना था। *गली का ‘बर्तन वाला’ और पुराना मोबाइल: गिरोह का मॉडल...* इस गिरोह के काम करने का तरीका इतना व्यवस्थित और शातिर है कि आम इंसान को इसकी भनक तक नहीं लगती। गिरोह के सरगना इस्तार आलम ने देश के कई बड़े राज्यों जैसे बिहार, झारखंड, दिल्ली, तमिलनाडु और हैदराबाद में अपना एक बड़ा जाल बिछा रखा था। इस काम के लिए उसने बड़ी संख्या में ‘फेरीवालों’ को काम पर रखा था। ये लोग साधारण कबाड़ वाले बनकर गली-मोहल्लों में घूमते हैं ताकि किसी को शक न हो। इन फेरीवालों का मुख्य काम लोगों को लालच देना होता है। ये खासतौर पर घरों की महिलाओं को अपना निशाना बनाते हैं और उन्हें नए चमचमाते स्टील के बर्तन या प्लास्टिक के डिब्बों का लालच देते हैं। इसके बदले में वे लोगों से उनके घर में पड़े पुराने, खराब या टूटे हुए स्मार्टफोन माँगते हैं। अधिकतर लोग यह सोचकर अपना पुराना फोन उन्हें दे देते हैं कि ‘यह तो कचरा है, इसके बदले नया बर्तन मिलना फायदे का सौदा है’, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि वे अपना कीमती डेटा अपराधियों को सौंप रहे हैं। जब ये फेरीवाले अलग-अलग शहरों से हजारों की संख्या में मोबाइल इकट्ठा कर लेते हैं, तो इन्हें बड़े ट्रकों में भरकर बिहार के कटिहार भेजा जाता है। कटिहार इस्तार आलम का मुख्य केंद्र है। एक बार में करीब 10 से 20 हजार मोबाइल वहाँ पहुँचते हैं। वहाँ पहुँचने के बाद इस्तार अपनी दुकान में इन सभी फोनों को बेरहमी से तोड़ देता है और उनके अंदर से ‘मदरबोर्ड’ निकाल लेता है। मदरबोर्ड मोबाइल का वह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है जिसे फोन का ‘दिमाग’ कहा जाता है। फोन भले ही ऊपर से टूटा हो या बंद हो, लेकिन उसकी याददाश्त यानी सारा पर्सनल डेटा (फोटो, पासवर्ड, बैंक डिटेल्स) इसी मदरबोर्ड में सुरक्षित रहता है। इस्तार का असली मकसद इसी चिप या बोर्ड को निकालकर अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों तक पहुँचाना होता है, ताकि वे आपके डेटा का गलत इस्तेमाल कर सकें। *चीन और बांग्लादेश से कनेक्शन: डेटा की तस्करी...* पुलिस की जाँच में यह बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इस्तार आलम महज एक कबाड़ का कारोबारी नहीं था, बल्कि वह पिछले एक साल से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खतरनाक साइबर अपराधियों के साथ मिलकर काम कर रहा था। वह अपने द्वारा निकाले गए मोबाइल के मदरबोर्ड्स को चीन और बांग्लादेश के उन साइबर ठगों तक पहुँचाता था, जो कंबोडिया, मलेशिया और म्यांमार जैसे देशों में बैठकर बड़े-बड़े ‘साइबर स्कैम कंपाउंड’ यानी ठगी के केंद्र चला रहे हैं। यह एक बहुत बड़ा नेटवर्क है जो दुनियाभर के लोगों को अपना शिकार बनाता है। इन मदरबोर्ड्स का विदेशी हैकर्स के पास जाने का मतलब है आपकी निजी जानकारी का खतरे में पड़ना। दरअसल, ये विदेशी हैकर्स इतने शातिर होते हैं कि वे आधुनिक सॉफ्टवेयर और मशीनों के जरिए आपके उन पुराने मदरबोर्ड से भी डेटा रिकवर कर लेते हैं। भले ही आपने अपना फोटो, वीडियो, कॉन्टैक्ट लिस्ट या बैंक से जुड़ी जानकारी डिलीट कर दी हो, लेकिन ये हैकर्स उन्हें वापस निकालकर आपकी पहचान चोरी कर सकते हैं और आपके बैंक खातों में सेंध लगा सकते हैं। हैरानी की बात यह भी है कि इस्तार का यह धँधा सिर्फ विदेशों तक ही सीमित नहीं था। उसने भारत के भीतर भी साइबर अपराधियों को यह ‘कच्चा माल’ उपलब्ध कराया। वह इन मदरबोर्ड्स को भारत के सबसे कुख्यात साइबर अपराध केंद्र ‘जामताड़ा’ और बिहार के स्थानीय छोटे-बड़े ठगों को भी बेचता था।
हिन्दी
0
0
1
30
AMIT GAUTAM
AMIT GAUTAM@AMITGAUTA25·
✍️1857 की जंगे आजादी की बहुजन महानायिका महान देशभक्त वीरांगना,महान क्रांतिकारी झलकारी बाई कोरी के शहादत दिवस पर शत्-शत् नमन विनम्र श्रद्धांजलि | जा कर रण में ललकारी थी,वह तो झाँसी की झलकारी थी,गोरों से लड़ना सिखा गई,है इतिहास में झलक रही,वह भारत की ही नारी थी | झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को देश का बच्चा- बच्चा जानता है,लेकिन क्या आपने कभी झलकारी बाई का नाम सुना है? अगर नहीं सुना तो अब सुन भी लीजिए और उन्हें अच्छे से जान भी लीजिए। झलकारी बाई और रानी लक्ष्मीबाई का गहरा नाता रहा है | बहुजन नायिका वीरांगना झलकारी बाई झांसी की सबसे बहादुर सैनिक,सूझबूझ और साहस से बचाई थी रानी लक्ष्मीबाई की जान | ~ जातिवाद का दंश झेलने वाले समाज में झलकारी बाई ने अपने पराक्रम के बूते अपनी सर्वश्रेष्ठता साबित की थी। हालांकि उनका साहस और शौर्य धर्म के ठेकेदारों,सामंतवादियो से सहन नहीं होता था। इसके बावजूद वह अपने मार्ग पर डटी रहीं | बहुजन नायिका महान क्रांतिकारी,वीरांगना झलकारी बाई कोरी पर बहुजन गायिका सीमा आजाद जी (फैजाबाद) ने एक गीत भी गाया मेरी झलकारी बाई आप इस सांग को यूट्यूब से डाउनलोड कर सकते है | @grtbabamanish @vkjatav84 🙏🙏
AMIT GAUTAM tweet media
हिन्दी
0
1
0
36
AMIT GAUTAM
AMIT GAUTAM@AMITGAUTA25·
@KraantiKumar ये बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो जायेगी
हिन्दी
0
0
1
45
Kranti Kumar
Kranti Kumar@KraantiKumar·
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है अगर अमेरिका - ईरान युद्ध के कारण इंटरनेट ठप होने का खतरा बढ़ गया है. होमरूज़ खाड़ी के नीचे केबल्स बिछी है. अगर इन केबल्स को नुकसान पहुंचा तो भारत समेत दुनिया भर में इंटरनेट स्पीड स्लो हो सकती है. सोशल मीडिया और वीडियो कॉल जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. खाड़ी देशों से आने वाला पैसा और बुकिंग ट्रांजेक्शन भी धीमा पड़ सकता है. ज्यादातर लोगों को लगता है इंटरनेट सैटेलाइट के जरिए चलता है. असल में ज्यादातर इंटरनेट जमीन और समुद्र के नीचे बिछी फाइबर ऑप्टिक केबल्स से चलता है. केबल्स के कारण डाटा एक जगह से दूसरी जगह तेजी से पहुंचता है. अगर एक भी फाइबर ऑप्टिक केबल कटा तो समझो महीनों तक इंटरनेट स्लो या ठप ?
Kranti Kumar tweet mediaKranti Kumar tweet media
हिन्दी
23
108
568
12.3K
AMIT GAUTAM
AMIT GAUTAM@AMITGAUTA25·
‘‘भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना में बाबा साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर  ने अहम भूमिका निभाई हैं,उनके द्वारा प्रदान किये गए दिशा-निर्देशों या निर्देशक सिद्धांत के आधार पर भारतीय रिजर्व बैंक बनाई गई थी |   💥बैंक की कार्यप्रणाली या काम करने की शैली और उसका दृष्टिकोण डॉ बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर  ने हिल्टन यंग कमीशन के सामने रखा था.जब 1926 में ये कमीशन भारत में रॉयल कमीशन ऑन इंडियन करेंसी एंड फिनांस के नाम से आया था |
हिन्दी
0
0
0
6
AMIT GAUTAM retweetledi
AMIT GAUTAM
AMIT GAUTAM@AMITGAUTA25·
✍️भारतीय रिज़र्व बैंक स्थापना दिवस | भारतीय वित्तीय प्रणाली के प्रमुख स्तंभ भारतीय रिजर्व बैंक के स्थापना दिवस के अवसर पर, भारतीय संविधान के शिल्पकार, गणतंत्र के महानायक, महामानव, परमपूज्य बोधिसत्व, भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के चरणों में शत-शत नमन। यह सर्वविदित है कि भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना में बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके द्वारा दिए गए आर्थिक विचारों और सिद्धांतों ने ही RBI की नींव को मजबूत आधार प्रदान किया। सन् 1926 में जब हिल्टन यंग कमीशन भारत आया, तब बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ “The Problem of Rupee: Its Origin and Its Solution” के माध्यम से भारतीय मुद्रा व्यवस्था पर गहन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उनके विचारों से प्रभावित होकर ब्रिटिश सरकार ने इन्हें आधार बनाते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 लागू किया, जिसके तहत RBI की स्थापना हुई। आज जब हम RBI का स्थापना दिवस मना रहे हैं, तो यह याद रखना आवश्यक है कि इसकी बुनियाद में बाबा साहेब के विचार, दृष्टि और दूरदर्शिता शामिल है। बाबा साहेब को याद किए बिना RBI का स्थापना दिवस अधूरा है। @Mayawati @vkjatav84 @grtbabamanish @MurariLalBharti #RBI90 #90YearsOfRBI #FinancialResilience #StabilityTrustGrowth #RBIFoundationDay 🙏
AMIT GAUTAM tweet media
हिन्दी
1
1
1
27
Mr. Arvind
Mr. Arvind@arvindmarag·
👶✨ आज घर में आई एक नन्हीं परी… और मैं बन गया मामा! 💖 खुशियों ने आज हमारे आंगन में दस्तक दी है 🏡🌸 उसकी छोटी-छोटी मुस्कान ने दिल जीत लिया 🥹💫 नई जिम्मेदारी, नया रिश्ता… और ढेर सारा प्यार ❤️👶 मेरी भांजी के लिए दुआ है – उसकी जिंदगी हमेशा खुशियों से भरी रहे 🙏✨
Mr. Arvind tweet media
हिन्दी
159
92
276
3.8K
Vikas Kumar Jatav
Vikas Kumar Jatav@vkjatav84·
बाबा साहब के इस फर्जी पोते के मालिक (असली सुजात अम्बेडकर है) अखिलेश यादव जी रोजाना साधुओं के चरणों मे बैठे रहते है और यह बन्दा अखिलेश के गुरुओं के भेष खोल रहा है। अजीब है। ☺️☺️😊☺️😊 असली @Sujat_Ambedkar है।
Vikas Kumar Jatav tweet media
हिन्दी
10
44
146
2K
Vikas Kumar Jatav
Vikas Kumar Jatav@vkjatav84·
गलती खोजने वाले को "जय भीम" ☺️☺️😊☺️😊☺️😊
Vikas Kumar Jatav tweet media
हिन्दी
56
37
278
7.8K
AMIT GAUTAM
AMIT GAUTAM@AMITGAUTA25·
@ishita_9529 ये तो बहुत बड़ा धोखा है ऐसी पत्नी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए |
हिन्दी
1
0
1
640
Ishita
Ishita@ishita_9529·
अमृतसर के एक वालीबॉल खिलाड़ी लखवीर सिंह 2024 में पत्नी के साथ दुबई गए थे लेकिन रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। कुछ दिन बाद पत्नी भारत अकेली लौटी सीधा अपने मायके चली गई। लड़के के पिता ने बताया बहु मृत्यु का प्रमाण पत्र सरपंच के माध्यम से भेजा है और तलाक का केस कर दिया...See more
Ishita tweet mediaIshita tweet media
हिन्दी
85
57
506
290.9K
AMIT GAUTAM
AMIT GAUTAM@AMITGAUTA25·
@KraantiKumar ये युद्ध अब खत्म होना चाहिए नहीं तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जायेगी |
हिन्दी
0
0
0
761
Kranti Kumar
Kranti Kumar@KraantiKumar·
डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया USS Gerald Ford एयरक्राफ्ट कैरियर पर ईरान ने 17 बार हमला किया. एयरक्राफ्ट को भारी नुकसान पहुंचा है. ड्यूटी ऑफ के बाद आज ये एयरक्राफ्ट कैरियर मरम्मत कार्य के लिए Croatia पहुंच गया है. द्वितीय विश्वयुद्ध के समय अमेरिका के पास 50 से ज्यादा एयरक्राफ्ट कैरियर था. अब केवल 10 एयरक्राफ्ट कैरियर है. मिसाइल टेक्नोलॉजी ने एयरक्राफ्ट कैरियर की अहमियत को कम कर दिया. निर्माण में समय और पैसा ज्यादा लगता है, 5 लाख का एक ड्रोन मिसाइल 1,00,000 करोड़ के एयरक्राफ्ट को डूबा देगा. इसी वजह से अब एयरक्राफ्ट को भरोसेमंद हथियार नही माना जाता है.
Kranti Kumar tweet mediaKranti Kumar tweet media
हिन्दी
24
237
1.4K
57.3K
AMIT GAUTAM
AMIT GAUTAM@AMITGAUTA25·
@journalist_syed बहुजन विचारधारा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले इंसान
हिन्दी
0
0
6
167
Rajpath Bharat
Rajpath Bharat@journalist_syed·
गले में पंचशील पटका मुख्यमंत्री रहते पंचशील जिले का नाम बदलकर हापुड़ बाक़ी सब खैरियत है
Rajpath Bharat tweet media
हिन्दी
73
299
977
7.3K
AMIT GAUTAM
AMIT GAUTAM@AMITGAUTA25·
✍️औरैया की बारात में हुआ अजीब मामला कानपुर से आई एक बारात में एक युवक को डांस करना भारी पड़ गया। खबर के मुताबिक— युवक ने बारात वाले दिन ही नया iPhone 17 Pro खरीदा था बारात जब औरैया के सतेश्वर मुहाल पहुंची, तो DJ पर डांस के दौरान अचानक उसका फोन नाले में गिर गया 😬 इसके बाद युवक काफी देर तक नाले में फोन ढूंढता रहा |
हिन्दी
0
0
1
65
Kranti Kumar
Kranti Kumar@KraantiKumar·
बेबीलोन को फतेह करने के बाद Alaxender की सेना आर्य भूमि ईरान को जीतने निकल पड़ी. Zagros की कठिन पर्वत श्रृंखला दीवार की तरह ईरान के रक्षा में खड़ी थी. Alaxender के 50,000 सैनिकों को Zagros की घुमावदार पहाड़ियों को पार करने में बड़ी कठिनाई आयी. इस पहाड़ी पर आगे का रास्ता दिखता नही, पथरीले ढलान और फिसलन के कारण घोड़ों को काफी दिक्कतें आयी. Alaxender के 10,000 सैनिक यानी 20% ज्यादा सैनिक Zagros की पहाड़ी को पार करते हुए मारे गए. Donald Trump ने जब अपने आर्मी जनरल से पूछा पूरे ईरान पर कब्ज़ा करने के लिए कितने सैनिक लगेंगे. जवाब आया 2,00,000 आर्मी और 18 महीने का समय. Donald Trump शुरू से ईरान पर कब्ज़ा करने का कोई प्लान नही था. उनका प्लान केवल ईरान के परमाणु ताक़त को खत्म कर के Kharg Island पर कब्ज़ा करना, जो केवल 1800 सैनिकों के दम पर मुमकिन है. आज भी ईरान को पार करना और जीतना नामुमकिन है.
Kranti Kumar tweet mediaKranti Kumar tweet media
हिन्दी
16
59
423
22.1K