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अमित दुबे
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अमित दुबे
@Am_du1
#Sanatan_dharm is based on universal #Laws of nature of reality, deepar understanding of #cosmic existence. justice #science_dharma
Bhopal, India Katılım Temmuz 2020
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सेवा, शक्ति और समर्पण इन तीनों का स्वरूप हैं हनुमान।
जय बजरंग बलि हनुमान॥
#Tuesday #MorningVibe #HappyTuesday
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आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा।
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा।।
🌿ॐ कैलाश पति नमः🌿⛳
#harharmahadevॐ 🙏🏻

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जय माता दी 🚩
नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इससे माँ बहुत प्रसन्न होतीहैं। शास्त्रों के अनुसार 2 वर्ष से 9 वर्ष तक की कन्या के पूजन का विधान बताई गई है। हर उम्र के कन्या के पूजन के अलग अलग नाम और महत्व हैं। जैसे;
2 वर्ष की कन्या को #कुमारी कहते हैं, इसके पूजन से दुःख, दारिद्रय, भय का नाश होता है और धन, आयु और बल में वृद्धि होती है।
3 वर्ष की कन्या को #त्रिमूर्ति कहते हैं। जिनके पूजन से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
4 वर्ष की कन्या को #कल्याणी कहते हैं। जिनके पूजन से विद्या, विजय और विभिन्न सुख की प्राप्ति होती है
5 वर्ष की कन्या को #कालिका कहते हैं। इनकी पूजा से शत्रुओं का विनाश होता है।
6 वर्ष की कन्या को #चंडिका कहते हैं। इनकी पूजा से धन और ऐश्वर्य मिलती है।
7 वर्ष की कन्या को #शांभवी कहते हैं। इनकी पूजन से दुख दारिद्रय का नाश, और विजय मिलती है।
8 वर्ष की कन्या को #दुर्गा कहते हैं। इनके पूजन से इहलोक में ऐश्वर्य और परलोक में उत्तम गति मिलती है।
9 वर्ष की कन्या को #सुभद्रा कहते हैं। इनकी पूजा से जटिल रोग का नाश होता है।
10 वर्ष की कन्या को #रोहिणी कहते हैं।
और नवरात्र के अलग अलग दिन अलग अलग भोग का भी वर्णन है। जैसे;
पहला दिन: गाय का घी, रोग मुक्ति
दूसरा दिन: चीनी, आयुष्मान प्राप्ति यानी दीर्घायु
तीसरा दिन: दूध, दुख से मुक्ति
चौथा दिन: मालपुआ, हर विपत्ति से छुटकारा
पांचवां दिन: केला, बौद्धिक क्षमता में वृद्धि
छठा दिन: मधु (शहद), सुंदर स्वरूप
सातवां दिन: गुड़, शोक और तनाव से मुक्ति
आठवां दिन: नारियल, अवसाद, आत्मग्लानि से मुक्ति
नौवां दिन: धान का लावा, लोक परलोक सुखकर।
इसीलिए, नवरात्रि, शारदीय हो या वसन्तिक, विधि विधान से पूजन करने से माँ प्रसन्न होकर मनवांछित फल देती हैं।
ॐ श्री दुर्गा देव्यै नमः।

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