तेरी चाहत के गुलाबी रंग में, आज रूह तक को भिगो लिया है,
इन नशीली निगाहों में मैंने, सारा जहाँ जैसे पिरो लिया है।
लब खामोश हैं पर धड़कनें सिर्फ तेरा ही नाम पुकारती हैं,
इस हया के पर्दे में मैंने, खुद को मुकम्मल तुझमें खो लिया है।
#उन्मुक्त_मन
#आद्रिका
इन झुकी हुई पलकों में, चाहत का एक समंदर है,
तुम्हें पाने की एक बेचैनी, आज भी मेरे अंदर है।
तेरी यादों की खुशबू से, महकती है ये तन्हाई,मेरे दिल के हर कोने में, बस तेरा ही मंज़र है।
#बज़्म
#आद्रिका
तुमसे मिलकर,
प्रेम की परिभाषा
मैंने बस इतनी सी जानी
की जहां भरोसा होता हैं
वहाँ केवल प्रेम और बस प्रेम होता है… ❤️🧡
#सुप्रभात_जिंदगी
#सुगंधा
#हर_हर_महादेव
#ॐ_नमः_शिवाय
#वंदे_मातरम्