बब्बन
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बब्बन
@Aquaserious9
बेटा,इधर ना देख वरना मैं तुझे देख लूंगा।।







Sydney Sweeney and her friend

आप गौर कीजिएगा देश में सत्ता विरोधी लहर हमेशा वहीं होगी, जहां विपक्ष की सरकारें हैं. एंकर आपको बताएंगे लोग सरकार से परेशान थे. लेकिन… वही सत्ता विरोधी लहर BJP सरकारों के लिए नहीं होती. हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र.. कहीं कोई लहर नहीं. लगभग एक सी स्कीम, एक से फायदे जनता को दिए जाते हैं. फिर भी विपक्ष की सरकार रिपीट नहीं कर पाती. सत्ता विरोधी लहर का होना स्वाभाविक है, लेकिन BJP की सरकारों के खिलाफ ये क्यों नहीं दिखता? हरियाणा का किसान मार खाकर भी BJP को चुनता है, क्या ये संभव है?

वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 BJP सांसदों में से, मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं - क्या उन्हें BJP की भाषा में “घुसपैठिए” कहें? और हरियाणा? वहाँ तो पूरी सरकार ही “घुसपैठिया” है। जो संस्थाएँ अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं - वो ख़ुद “remote controlled” हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएँ, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।



"विपक्ष को बराबरी का मौका नहीं मिला" "विपक्ष को Fair ground level नहीं मिलता" 😭😭 अरे कुतर्कियो, विपक्ष में होने का मतलब ही यही होता है कि चीजें और भी बदतर होगी आपके लिए, अगर ना हो तो फिर किस बात का पक्ष विपक्ष? और इस देश में कौन सा चुनाव Level playing field पर हुआ है??





ये हुमायूं कबीर है, बंगाल का मुसलमान हर चौक चौराहे पर इसके ऊपर जूता चप्पल फेंट रहा था, फिर भी ये दो सीट से जीत गया जहाँ 60 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम वोटर है, और तुम लोग को लगता है कि तुम लोग का वोट देने से कुछ बनता बिगड़ता है, जय हो EVM देवता, तुम ही सत्य हो, बाक़ी सब मिथ्या है,












