Archana Tiwari

1.6K posts

Archana Tiwari banner
Archana Tiwari

Archana Tiwari

@Archanaprayag

Responsible Citizen I Nationalist I Social Activists I Mother I SANATANI l पूर्व प्रदेश अध्यक्ष II राष्ट्रीय सम्पर्क प्रमुख @abbepjagat RP is not endorsement

India Katılım Şubat 2019
100 Takip Edilen2K Takipçiler
Archana Tiwari retweetledi
Dinesh shukla (Journalist) 🇮🇳
एक पदाधिकारी की जिम्मेदारी केवल एक पद पर बैठने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह संस्था के भविष्य को आकार देने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। जब कोई व्यक्ति किसी संस्था या राजनीतिक दल में पदाधिकारी बनता है, तो उसके कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी आती है कि वह संस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाए, नए लोगों को जोड़कर संस्था को मजबूत बनाए और पुराने सदस्यों के अनुभव और ज्ञान का लाभ उठाए। लेकिन कई बार पद की शक्ति और प्रतिष्ठा के कारण कुछ लोग भटक जाते हैं और संस्था को अपनी व्यक्तिगत जागीर समझने लगते हैं। वे मनमानी करने लगते हैं और संस्था के हितों को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे लोगों की वजह से न केवल संस्था को नुकसान होता है, बल्कि उनके अपने करियर पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है संस्था की सफलता और विकास के लिए यह आवश्यक है कि पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को समझें और संस्था के हितों को प्राथमिकता दें। उन्हें नए लोगों को जोड़ने और पुराने सदस्यों के साथ मिलकर काम करने का प्रयास करना चाहिए, ताकि संस्था मजबूत और आगे बढ़ सके। अंत में, एक पदाधिकारी की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपनी जिम्मेदारियों को कितनी ईमानदारी और निष्ठा से निभाता है। अगर वह संस्था के हितों को प्राथमिकता देता है, नए लोगों को जोड़कर संस्था को मजबूत बनाता है, और पुराने सदस्यों के साथ मिलकर काम करता है, तो वह न केवल संस्था को आगे बढ़ाएगा, बल्कि अपने को भी सफल बनाएगा संस्थापक/ संरक्षक अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद, एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जन सामान्य मंच आईपीएस जुगुल किशोर तिवारी, पूर्व डीआईजी UPP @rohitt_tripathi
Dinesh shukla (Journalist) 🇮🇳 tweet media
हिन्दी
1
1
4
169
Archana Tiwari retweetledi
Swami Anand Swaroop
Swami Anand Swaroop@kalisenachief·
50 हज़ार ट्वीट केवल ढाई घंटे में । इतने तो कुल अंबेडकरी गैंग के सदस्य भी नहीं होंगे । बीएन राव साहब एक नंबर पर पिछले ढाई घंटे से टेंड कर रहे हैं धन्यवाद सनातनियों #संविधान_निर्माता_BN_राव
Swami Anand Swaroop tweet mediaSwami Anand Swaroop tweet media
हिन्दी
110
539
1K
10.7K
Archana Tiwari retweetledi
Swami Anand Swaroop
Swami Anand Swaroop@kalisenachief·
आज शाम 5 बजे से शुरू हुआ #संविधाननिर्माता_बीएनराव का ट्विटर ट्रेंड, महज़ 45 मिनट में 11,000 ट्वीट्स के साथ भारत में नंबर 1 ट्रेंड बन गया!ये है सनातनियों की एकजुटता की शक्ति ...1 घंटे में 40K, 2 घंटे में 85K ट्वीट्स — जैसे बिजली के मीटर की तरह समर्थन बढ़ता गया ..अब यह स्पष्ट हो चुका है —बी. एन. राव ही असली संविधान निर्माता थे।नेहरू, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, कृष्‍णमाचारी और खुद अंबेडकर भी इस सच को स्वीकार चुके हैं।अब समय है — सत्य को स्थापित करने का,मिथकों को मिटाने का,और भारत को एक जातिविहीन, प्रभुतासंपन्न राष्ट्र बनाने का।#संविधाननिर्माता_बीएनराव#BNRaoRealConstitutionMaker#SanatanEkta#StopCastePolitics #संविधान_निर्माता_BN_राव
हिन्दी
176
429
890
10.8K
Archana Tiwari retweetledi
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद् (रजि0)
BN राव जी को कोटि- कोटि नमन। जय भारत। जय संविधान। 🙏🏻 #संविधान_निर्माता_BN_राव असली नायक को देश की जनता जान चुकी है 💪 संविधान निर्माता BN राव जी को मान चुकी है #संविधान_निर्माता_BN_राव
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद् (रजि0) tweet mediaअखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद् (रजि0) tweet mediaअखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद् (रजि0) tweet mediaअखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद् (रजि0) tweet media
हिन्दी
19
100
153
2.1K
Archana Tiwari retweetledi
Er Sanjay Kumar Trivedi
Er Sanjay Kumar Trivedi@Sanjay_Trivedi·
सभी सुविज्ञ व विवेकी लोगों को स्वामी जी को उनके इस मिशन में unconditional सहयोग देना चाहिए. यह उनका व्यक्तिगत आंदोलन नही है बल्कि उनके इस मिशन से समाज के एक बहुत बड़े वर्ग का सीधा हित जुड़ा हुआ है.
Swami Anand Swaroop@kalisenachief

हमारा आंदोलन किसी व्यक्ति-विशेष के महिमा-मंडन के लिए नहीं है — यह सत्य की स्थापना के लिए है। जो झूठ अब तक इतिहास बनाकर पढ़ाया गया, अब उसका पर्दाफाश होगा। 🔹 अंबेडकर संविधान निर्माता नहीं, अंग्रेजों के सहयोगी थे — हम इसे प्रमाण सहित सामने लाएँगे। 🔹 अनारक्षित वर्ग को जगाना है, और आरक्षित वर्ग को भी वास्तविक अधिकार दिलाने हैं। 🔹 यह आंदोलन सनातन के मूल सिद्धांत — सत्य की स्थापना — के लिए है। अब सबेरा होगा, अंधकार मिटेगा। कमल खिलेगा — और अगर नहीं खिलेगा, तो कुछ और खिलेगा, जो सच्चाई का प्रतीक होगा। 🚩 जय सनातन 🚩 🚩 जय जय भारत माता 🇮🇳 #Satyagrah4Truth #AmbedkarExposed #SanatanKiSthapna #JaiSanatan #UnreservedVoice #ReservationDebate #BharatKeAsliVeer #StopFalseIcons #OmNamoNarayan #JaiBharatMata

हिन्दी
1
2
5
53
Archana Tiwari retweetledi
Archana Tiwari retweetledi
जन सामान्य मंच
क्योंकि अपमान लगातार हिंदू, देवी देवताओं, धर्म ग्रंथों का हो रहा है, इसलिए सरकारें सो रही हैं। SCST के अपमान करने पर सजा है, होना भी चाहिए, किसी का कोई अपमान क्यों करे, किन्तु हमारे आस्था के प्रतीकों पर प्रहार खुलेआम हो रहे हैं। यही राम राज्य है ? आप क्या कहेंगे ? हमारे साथ आईए
जन सामान्य मंच tweet media
हिन्दी
4
10
34
1.8K
Archana Tiwari retweetledi
Er Sanjay Kumar Trivedi
Er Sanjay Kumar Trivedi@Sanjay_Trivedi·
संविधान व संविधान के आर्किटेक्ट श्री बी. एन. राव और अम्बेडकर पर उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व DIG एवं जन समान्य मंच के संस्थापक श्री जुगुल किशोर तिवारी जी के श्रवणीय विचार!
vedprakash dwivedi@vedprakash8888

संविधान व BN राव और अम्बेडकर पर क्या बोल गए यूपी पुलिस के पूर्व DIG जन समान्य मंच के संस्थापक श्री जुगुल किशोर तिवारी जी @ipsjkishore08 @jyotiTpandey05 @kalisenachief @pushkal_dwivedi @rohitt_tripathi @Shrimant_Peshwa @ShubhamShuklaMP

हिन्दी
0
3
16
90
Archana Tiwari retweetledi
जन सामान्य मंच
यदि आरक्षण और SC ST एक्ट से लड़ना है? मंदिरों को सरकारी कब्जे से मुक्त कराना है? त्रिशक्ति घर की माता, गो माता और पृथ्वी माता का ध्यान रखना है? निःशुल्क एवं समान शिक्षा तथा चिकित्सा व्यवस्था करनी है? ग्राम आधारित आर्थिकी एवं विकास के लिए हम से जुड़िए। हम आपके अनुरूप विकल्प देंगे
हिन्दी
0
13
29
804
Archana Tiwari retweetledi
Swami Anand Swaroop
Swami Anand Swaroop@kalisenachief·
भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के समय में 1915 में जब गांधी भारत आए तो जो सत्याग्रह वो 21 वर्ष साउथ अफ्रीका में भारतीयों के लिए चलाए कुछ वैसा ही काम भारत में भी अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ चलाना चाहते थे , चंपारण सत्याग्रह के 1917 जी एक किसान आंदोलन था काफ़ी सफल हुआ फिर 1918 का अहमदाबाद का मज़दूरों के लिए सत्याग्रह भीं काफ़ी सफल और प्रभावकारी था अंग्रेज़ परेशान हो गए और उनको डर सताने लगा । इसी बीच अंबेडकर 1917 में भारत आए और छात्रवृत्ति की शर्तों के अनुसार बड़ौदा राजघराने में सैन्य विभाग में सहायक की नौकरी किए कुछ ही महीने बाद आरोप लगा कर नौकरी छोड़ दिए और बांबे आ गए वहाँ उन्होंने सीडनहैम कॉलेज में नौकरी की शिक्षक की लेकिन उनके पढ़ाने से बच्चे संतुष्ट नहीं होते थे इस लिए स्कूल ने उन्हें बाहर निकाल दिया कारण एक और था उस समय अंबेडकर शिक्षक कम नेतागीरी ज़्यादा करने लगे थे थे । इस कॉलेज में पढ़ाते समय ही भारत में एक क्रांतिकारी घटना हुई चेम्सफोर्ड सुधारों के द्वारा ब्रिटिश सरकार भारत में आंशिक लोक तंत्र लाना चाहती थी उसकी पृष्ठभूमि भी आगे के लेखों में आपको पढ़ने को मिलेगा चुकी गांधी के सत्याग्रह के कारण भारत के लोग सभी हिंदू मुस्लिम एक होकर भारत को स्वतंत्र करा कर भारत की अपनी सरकार बनाना चाहते थे । चेम्सफोर्ड सुधार 1919 लागू हो उससे पहले लार्ड साउथबरो के नेतृत्व में एक समिति 1918 में भारत आई और सभी जगह घूम घूम कर सभी जाति समूह से उनके निर्वाचन के बारे में बात किया उनके समक्ष अंबेडकर ने डिप्रेस्ड क्लास के प्रतिनिधि के रूप में सम्मिलित होकर यह पहली बार मांग किया कि महारों को अलग निर्वाचक मंडल दिया जाए उन्हें हिंदुओं से अलग रखा जाए यह अंबेडकर के रूप में हिंदू समाज को कमजोर करने वाला अंग्रेजों को रत्न प्राप्त हो गया था । जो गाँधी के आंदोलन को दबाने ,कमजोर करने में मदद कर सकता था । आपको जानना चाहिए कि जब इस साउथबरो समिति के समक्ष अंबेडकर खड़े थे उस समय अंग्रेजी सरकार के स्कूल में शिक्षक थे और इसी के इनाम में अंबेडकर को अंग्रेजों ने फिर बड़ौदा रियासत से छात्रवृत्ति देकर बार-एट-लॉ कराया इतना ही नहीं अंग्रेजों ने अंबेडकर को तीनों गोल-मेज सम्मेलनों में डिप्रेस्ड क्लास के प्रतिनिधि के रूप में सम्मिलित किया और आगे चलकर डिप्रेस्ड क्लास के लिए अलग से सेपरेट स्लेटोरेट दिया जो गांधी के यरवदा जेल में अनशन के बाद पूना पैक्ट 1932 में समाप्त हुआ । आपको एक बात जरूर जानना चाहिए जो गोलमेज सम्मेलन 1930,1931,1932 में हुवे थे उसमें जिन्ना और अंबेडकर तीनों सम्मेलनों में सम्मिलित हुवे थे इस लिए की अंग्रेजों की बाँटों और राज्य करो की नीति में ये दोनों फिट बैठते थे जिन्ना पाकिस्तान माँगते थे और अंबेडकर दलितिस्तान और भारतीय आंदोलन इससे कमजोर होता चला गया आगे आपको हर जगह जिन्ना (पाकिस्तान संस्थापक) और अंबेडकर (डिप्रेस क्लास केवल नहरों के नेता ) हमेशा एक साथ दिखे आज भी कमोबेश जिन्ना के लोग और अंबेडकर के लोग एक साथ होकर भारत को कमजोर करने में लगे हुवे हैं । तथाकथीत दलितों को समझना होगा कि योगेंद्र नाथ मंडल के नेतृत्व में दलितों का पूरा समूह जिन्ना के साथ पाकिस्तान 🇵🇰 गया था लेकिन मंडल भारत वापस भाग आए और हमारे दलित भाई आज भी वहाँ मारे जा रहे हैं । लेकिन हम भारतीयों को इस साज़िश को समझना होगा और इससे मजबूती से लड़ना होगा बिना डरे और बिना रुके । इस प्रकार अम्बेडकर ना कभी स्वतंत्रता के आंदोलन में रहे ना संविधान निर्माण में हमेशा अपना भला सोचे और अंग्रेजों से लाभ लिए दूसरी तरफ़ बीएन राइ साहब ने सदा भारत के लिए काम किया और अंत में एक मजबूत संविधान भारत को दे गए।#संविधान_निर्माता_BN_राव
Swami Anand Swaroop tweet mediaSwami Anand Swaroop tweet media
हिन्दी
60
181
498
9.1K
Archana Tiwari retweetledi
Wing Commander (Dr.) Pushkal Vijay Dwivedi
किसी ने मुझसे पूंछा की आरक्षण आने से पहले ब्राह्मण क्षत्रिय क्या कर रहे थे तो मुझे थोड़ा रिसर्च करना पड़ा . पूरा पढ़िए और जानिये कि अंबेडकर जी को पढ़ाई लिखाई करवाने के अलावा हम और क्या कर रहे थे . 1. चंद्रशेखर आज़ाद जाति: ब्राह्मण कितनी बार जेल गए: कई बार (सटीक संख्या ज्ञात नहीं) अंतिम परिणति: ब्रिटिश गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को गोली मार ली। ⸻ 2. वीर सावरकर जाति: चितपावन ब्राह्मण कितनी बार जेल गए: दो बार (दोनों बार आजीवन कारावास, सेल्युलर जेल अंडमान में) अंतिम परिणति: लंबे कारावास के बाद रिहा हुए और स्वतंत्रता के बाद भी सक्रिय रहे। ⸻ 3. पं. मदन मोहन मालवीय जाति: ब्राह्मण कितनी बार जेल गए: कई बार अंतिम परिणति: देश सेवा में जीवन बिताकर स्वाभाविक मृत्यु। ⸻ 4. बाल गंगाधर तिलक जाति: चितपावन ब्राह्मण कितनी बार जेल गए: दो बार (एक बार मंडाले जेल, बर्मा में) अंतिम परिणति: बीमारी के कारण मृत्यु। ⸻ 5. भगत सिंह जाति: क्षत्रिय (कत्री) कितनी बार जेल गए: कई बार अंतिम परिणति: 1931 में ब्रिटिश सरकार द्वारा फांसी दी गई। ⸻ 6. राम प्रसाद बिस्मिल जाति: ब्राह्मण कितनी बार जेल गए: एक बार (काकोरी कांड के दौरान) अंतिम परिणति: 1927 में फांसी दी गई। ⸻ 7. राजगुरु (शिवराम हरि राजगुरु) जाति: देशस्थ ब्राह्मण कितनी बार जेल गए: एक बार अंतिम परिणति: 1931 में फांसी दी गई। ⸻ 8. रानी लक्ष्मीबाई जाति: ब्राह्मण कितनी बार जेल गईं: नहीं अंतिम परिणति: 1858 में झांसी की लड़ाई में युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं। ⸻ 9. मंगल पांडे जाति: ब्राह्मण कितनी बार जेल गए: नहीं, सीधे कोर्ट मार्शल हुआ अंतिम परिणति: 1857 में फांसी दी गई। ⸻ 10. तात्या टोपे जाति: ब्राह्मण कितनी बार जेल गए: एक बार पकड़े गए अंतिम परिणति: ब्रिटिश सरकार द्वारा फांसी दी गई। ⸻ 11. नाना साहेब पेशवा द्वितीय जाति: चितपावन ब्राह्मण कितनी बार जेल गए: कभी गिरफ्तार नहीं हुए अंतिम परिणति: 1857 की क्रांति के बाद लापता हो गए, अंतिम जानकारी अज्ञात। ⸻ 12. कुंवर सिंह जाति: राजपूत (क्षत्रिय) कितनी बार जेल गए: नहीं अंतिम परिणति: 1857 की क्रांति में लड़ते हुए घायल होकर मृत्यु हुई। ⸻ 13. पं. जवाहरलाल नेहरू जाति: कश्मीरी ब्राह्मण कितनी बार जेल गए: 9 बार अंतिम परिणति: भारत के पहले प्रधानमंत्री बने, स्वतंत्र भारत में स्वाभाविक मृत्यु। 14. बाबा साहेब अंबेडकर जाति- (रहने दीजिए , sc /st एक्ट लग जाएगा 🙏) कितनी बार जेल गए : एक बार भी नहीं अंतिम परिणति : अंग्रेज़ों के समय भी मलाईदार पद पर रहे और भारत की आज़ादी के बाद भी
Wing Commander (Dr.) Pushkal Vijay Dwivedi tweet media
हिन्दी
377
1K
2.9K
143.4K
Archana Tiwari
Archana Tiwari@Archanaprayag·
जय हिन्द, जय हिन्द की सेना 🇮🇳🇮🇳 #IndianArmy
हिन्दी
0
0
0
384
Archana Tiwari
Archana Tiwari@Archanaprayag·
@sparrttann भैया जुगुल किशोर तिवारी (IPS)
हिन्दी
0
0
0
4
शेरलॉक
शेरलॉक@sparrttann·
@Archanaprayag तिवारी जी आपके बगल में ये फोटो किसकी है बाएं साइड??
हिन्दी
1
0
1
9
Archana Tiwari
Archana Tiwari@Archanaprayag·
भगवान श्री परशुराम जी के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में दिनाँक 29 अप्रैल को शाम 5 बजे आप सभी जगत पिता ब्रह्मदेव धर्मशाला पर सादर आमंत्रित हैं। जय परशुराम 🙏 #परशुराम
Archana Tiwari tweet media
हिन्दी
10
38
198
2K
Archana Tiwari retweetledi
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद् (रजि0)
सम्पूर्ण देश में ब्राह्मणों को एकजुट करने की सार्थक पहल। शुरुआत उत्तरप्रदेश से। @ABBEPCHITRAK00T @VoiceOfBrahmins @Team_Brahmin @VipraSena @anuj_hanumat @Archanaprayag @ipsjkishore08 @SawarnArmychief #आभार_सभी_संगठनों_का 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद् (रजि0) tweet media
हिन्दी
7
24
46
773
Archana Tiwari
Archana Tiwari@Archanaprayag·
जब आपका मानसिक स्तर विशुद्ध दिवालिया हो जाए एवं न संदर्भ ज्ञात हो तो कलुषित मन से विक्षिप्त,वैमनस्य एवं अपमानजनक कुविचार निकलते हैं।
Mrinal Pande@MrinalPande1

तो पत्नी के चरित्र पर मन में शक होने पर पिता द्वारा दी गई आज्ञानुसार पुत्र परशुराम जी का अपनी निरपराध माँ का वध करना धर्म की स्थापना और अधर्म का विनाश माना जा सकेगा ?

हिन्दी
0
0
2
53
Archana Tiwari
Archana Tiwari@Archanaprayag·
अक्षय तृतीया की अनंत शुभकामनायें। ईश्वर आप सभी का जीवन सुख, सम्पदा एवं वैभव से परिपूर्ण रखें। #akashytritiya
Archana Tiwari tweet media
हिन्दी
0
0
5
51