
Asn
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🚨 Pas de chapitre cette semaine on va juste devenir FOU





Si l’argument du shirk akbar ne suffit pas pour dissuader les musulmans de voter LFI, faut leur rappeler que leur gourou Melenchon est un énorme raciste qui s’en est pris plus d’une fois au peuple tchétchène avec des paroles que MÊME MARINE LE PEN n’oserait pas tenir

Les khoutbas qui durent 30-40 minutes w’Allah c’est une folie

Devant des manifestants pro palestiniens à Nice, un passant simule une agression antisémite dés l’arrivée de la police. Quelle honte.

Finding a PlayStation 3 in The Last of Us Part 2 🔥 🎮


#Bulldozer #MP "ऊपर से बहुत प्रेशर है, स्कूल तोड़ना पड़ेगा! " मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही तहसील अंतर्गत ढाबा गांव में अब्दुल नईम ने लगभग 20 लाख रुपये खर्च करके एक स्कूल भवन बनवाया। गांव की आबादी करीब दो हजार है, जिसमें केवल चार मुस्लिम परिवार हैं। सबसे करीब स्कूल पांच किलो मीटर दूर है। चुकी बच्चों को शिक्षा की भारी कमी है, इसलिए नईम ने नर्सरी से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई शुरू करने की योजना बनाई। लेकिन तीन दिन पहले एक अफवाह फैलाई गई कि नईम ने "अवैध मदरसा" बनवाया है और यहां बच्चों को "अनधिकृत रूप" से शिक्षा दे रहे हैं। गाँववालों के अनुसार, एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी जांच करने आए और क्लीन चिट् देकर गए। साथ ही पंचायत से NOC लेने को भी कहा। अगले दिन पंचायत ने 11 जनवरी को नईम को नोटिस जारी कर भवन गिराने का आदेश दिया। जब नाईम पंचायत भवन गए तो कथित रूप से उनसे आवेदन न लेकर सोमवार को आने को कहा गया। नईम ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि भूमि के सारे कागजात पूरे हैं और 30 दिसंबर को स्कूल शिक्षा विभाग में संचालन अनुमति के लिए आवेदन जमा किया गया था। लेकिन भवन तोड़ने का आदेश दिया जा चुका था। जब गांव वालों ने स्कूल तोड़े जाने के नोटिस का विरोध किया, तो पंचायत ने आनन-फानन में भवन को NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी कर दिया। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। शाम को एसडीएम साहब ने नईम को बताया कि "ऊपर से बहुत प्रेशर है, स्कूल तोड़ना पड़ेगा।" गांव वालों ने कहा कि यदि कोई कानून उल्लंघन हुआ है, तो जुर्माना भरकर उसकी भरपाई की जा सकती है। भवन तोड़ने पर उनके बच्चे पढ़ नहीं पाएंगे। जब NOC के बाद भी सोमवार को भवन तोड़ने का आदेश वापिस नहीं हुआ तब गाँव वालों ने 80 किलोमीटर दूर कलेक्टर की जनता दरबार से मिलने की का प्लान बनाएं। आज (मंगलवार) को जैसे ही सैकड़ों ग्रामीण नईम के साथ बैतूल कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन सौंपने पहुंचे, उन्हें रास्ते में पुलिस ने रोक दिया। घंटो बाद जब उन्हें छोड़ा गया और वह जनता दरबार में पहुँचे और अपनी बात रखी। तब कलेक्टर साहब ने जांच की बात कही। जब कलेक्टर साहब जांच की बात कर रहे थे इस बीच एसडीएम साहब कथित रूप से भवन तोड़ रहे थे। सर्व शिक्षा अभियान की आपको शुभकामनाएं !

Didn't payoff as well as I'd hoped but this will always be one of the craziest chapter releases I've ever experienced, such a fire direction to take the story. Sukuna just snatches the pen & runs the show for the rest of the fucking manga












