असुर लोक

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@AsurL0k

व्यंग्य • विश्लेषण • बेबाक सवाल

asurlok Katılım Temmuz 2026
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हर सिंहासन की एक कहानी होती है .... हर भाषण के पीछे एक मंशा...... हर वादे के पीछे एक सवाल.... 🖋️असुरलोक
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Pooja Yadav
Pooja Yadav@PoojaYa53979624·
💔💔 किताबों के बोझ तले दबे, जब छात्रों के अरमान सिसकते हैं। तो लोकतंत्र के नींव के पत्थर, भी अंदर तक हिल जाते हैं। जब भविष्य की खातिर सड़क पर, युवाओं के सब्र का बांध टूटता है। तो सिर्फ एक छात्र नहीं रोता, हर घर का एक सपना टूटता है। अधिकारों की बात करने पर, जब कलम की आवाज दबाई जाती है। समझो उस दिन लोकतंत्र की, सबसे बड़ी हार हो जाती है।
Akhilesh Yadav@yadavakhilesh

जब बच्चे तक न उठा सकते आवाज़ तो कैसे कहें कि ये वतन है आज़ाद? भाजपा ख़त्म!

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𝑺𝒉𝒂𝒉𝒆𝒆𝒏🌺
मुख्यमंत्री रहते अपने आवास के पीछे ट्रक का टायर फटने पर डर कर भाग गए थे... पंजाब के किसानों से डर कर भाग गए थे.. डोनाल्ड ट्रंप के एक फोन पर सीजफायर करने भागे थे.. संसद में महिला सांसदों से डर कर भागे थे... Norway की महिला पत्रकार Helle Lyng का सवाल सुनकर भागे थे लाठी डंडे खाकर भी प्रदर्शनकारी छात्र रुके नहीं.. जैसे ही वे संसद भवन के करीब पहुंचे..... संसार के सबसे बहादुर 56 इंची छाती वाले यशस्वी नेता संसद के पिछले दरवाजे से भाग गए! इतना तो मिल्खा नहीं भागा था.. भक्त इसे शेर का दो कदम पीछे हटना बता रहे हैं... वैसे लोग तो यह भी कह रहे हैं जेवर चुराकर और बीवी छोड़कर भी भागे थे लेकिन हमें पर्सनल बातों से क्या लेना देना.. क्यों सही कहा न मित्रों? 🤣🤣
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Rajeev (वैराग्य)
Rajeev (वैराग्य)@Vairagya_Shanti·
एक स्टूडेंट ने Apple की स्पेलिंग लिखी दूसरे ने उसे गलत बता दिया। लेकिन जब टीचर ने कहा, तो तुम सही करके लिखो उसके बाद दूसरे स्टूडेंट ने जो Correction की, उसे देखकर टीचर भी अपना सिर पकड़ बैठे।
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Kajal
Kajal@mazikeenop7m·
शब्दों का खेल और सरकार पर सीधा अटैक! 🎯🤐 अंकल जी की राइमिंग में जनता का दर्द! सुनिये... 🔥
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बघीरा 😺
बघीरा 😺@LegalAdvisour·
इन बच्चियों के आंसुओ का हिसाब होकर रहेगा.. आज नहीं तो कल होगा.. दुग्गल... भाग जहाँ तक भागा जाए
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Kashish
Kashish@Kkashish_k·
अगर आपके बच्चे होते तब भी आप यही करते...? क्या हम आपके बच्चे नहीं हैं ..? ये लाइन किसी भी पत्थर दिल को पिघला दे.... लेकिन ये क्रूर तानाशाह की पुलिस है ये है देश का युवा देश का भविष्य किस तरह रोता बिलखता अपने जायज हक़ के लिए संघर्ष कर रहा है... ये वीडियो सच में विचलित कर देते हैं..... नहीं देखा जा रहा ये वीडियो और इसी तरह के बहुत से वीडियो इस समय पूरे सोशल मीडिया पर चल रहे हैं..... अभिजीत क्या चाहता है क्या नहीं इस बात को परे रखकर एक बार उन छात्रों की तरह सोचिए जो अपनी मेहनत के बलबूते पर ही आगे बढ़ सकते है , वे अपने सपनों और अपनी जायज़ मांगों के लिए जंतर मंतर पर इकट्ठे हुए थे.... क्या ये बच्चे देश का भविष्य इस तरह से ट्रीट किया जाना चाहिए...? राजनीति से परे भी कुछ बातें होती हैं...
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Kashish
Kashish@Kkashish_k·
@AsurL0k आपको तो खुश होना चाहिए न....
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असुर लोक
बड़े दुख के साथ कह रहा हूँ आज असुर जीत गए
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@Kkashish_k नहीं मैडम ऐसी बात नहीं है हम असुरों में भी थोड़ी सी इंसानियत है बस हमारा एक असुर बिगड़ गया है वो 56 इंच वाला सुधारता हूं उसको ,, बच्चोंपे ऐसा नहीं करना चाहिए था 😔
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Sudhanshu Yadav
Sudhanshu Yadav@SocialistSpirit·
The house is adjourned..... सोनम वांगचुक जी, आपकी आवाज़ संसद में विपक्ष ने उठा दी है, अब आप अपना फर्जी अनशन ख़त्म कर दीजिए।।। सत्ता में बैठे लोग शायद भूल रहे हैं कि आज जिन छात्रों पर जंतर मंतर पर लाठियाँ चलाई जा रही हैं, याद रखना कल यही दमनकारी नीतियाँ और इतिहास खुद को दोहराएगा।।।ऐसे ही तुम्हारे बच्चे भी लाठी खाएंगे, जब व्यवस्था का यह अहंकार हर नागरिक को अपनी ज़द में लेगा।।। संसद स्थगित (adjourn) करके या अनशन पर बैठे लोगों और छात्रों पर लाठीचार्ज करवाकर क्या देश के युवाओं की आवाज़ को दबाया जा सकता है? लाठियों के दम पर कब तक चलेगी हुकूमत? न्याय, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर बलप्रयोग आपकी प्रशासनिक विफलता और डर को साफ दर्शाता है।।। जब देश का युवा और प्रबुद्ध वर्ग सड़कों पर उतरने को मजबूर है, तब भी सत्ता में बैठे लोग चुप्पी साधे हुए हैं! संसद में उठती विपक्ष की आवाज़ हो या सड़कों पर उठती युवाओं की ललकार यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है।।। छात्रों पर लाठी चलाकर सत्ता अपना भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकती।।।
बघीरा 😺@LegalAdvisour

जंतर मंतर पर दिल्ली पुलिस ने लाठी चार्ज करना शुरू कर दिया है. दोपहर बाद अगर उन्हें हटाने के लिए टियर गैस का इस्तेमाल करना पड़े तो मुझे हैरानी नहीं होगी मै भले ही अभिजीत और सोनम वांगचुक का समर्थन ना करू लेकिन दिल्ली पुलिस की इस कार्यवाही का विरोध जरूर करूंगा ये क़ोई घुसपैठिये नहीं है जिन पर लाठिया बरसाई जा रही है, अगर वो शांति से संसद मार्च करना चाहते है तो दिक्कत क्या है? उन्हें अपने मन की कर लेने दो वैसे भी उनके मार्च से कौन सा धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे देगा?

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Sudhanshu Yadav
Sudhanshu Yadav@SocialistSpirit·
जब चौथा स्तंभ ही अपना ज़मीर बेच दे... जब लोकतंत्र का चौथा स्तंभ अपनी रीढ़ की हड्डी खो देता है और सत्ता की चाटुकारिता में लीन हो जाता है, तो सिर्फ सत्ता ही बेलगाम नहीं होती, बल्कि पूरे देश को और आने वाली पीढ़ियों को उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है।।। आज देश के सामने एक अजीब विरोधाभास खड़ा है।।। जब जंतर-मंतर पर तनाव होता है, तो मीडिया के एक बड़े हिस्से को सिर्फ पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की चोटें दिखाई देती हैं। बेशक, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ हिंसा नहीं होनी चाहिए, लेकिन... छात्रों की आवाज़ कहाँ है? क्या किसी ने उन युवाओं, उन छात्रों के दर्द को समझने की कोशिश की जो अपने हक और न्याय के लिए सड़कों पर उतरे हैं??? एकतरफ़ा नरेटिव क्यों? जब @AmanChopra_ जैसे पत्रकार केवल एक पक्ष का दुख बड़ा दिखाने में लग जाते हैं, तो छात्रों की फिक्र और उनकी माँगों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया जाता है।।। अब समय सोचने का है पत्रकारिता का धर्म सत्ता से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ बनना है, न कि पीआर एजेंसी की तरह काम करना।।।
Aman Chopra@AmanChopra_

दो ख़बरें - जंतर मंतर पर पत्थरबाजी में कई पुलिस वाले ज़ख़्मी। - CJP के समर्थक जो भूख हड़ताल पर थे( उनके हिसाब से), वो उन्होंने ख़त्म कर दिया है।

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𝑺𝒉𝒂𝒉𝒆𝒆𝒏🌺
जनता को Abhijit या Sonam की ज़रूरत नहीं है..जनता खुद सबसे ताकतवर है.. छात्र संसद भवन के करीब पहुंच गए है.. Modi जी ने Parliament गेट को बंद करने के आदेश दे दिए हैं क्योंकि मोदी जी को छात्रों से और उनकी मांगों से डर लगता है.. लेकिन यह Abhijit Dipke कहां छुप गया है..इसको तो सबसे आगे होना चाहिए था Parliament march में सच्चाई यह है किसी भी प्रोटेस्ट के लीडर्स और रिप्रेजेंटेटिव्स को तो सरकारें कंट्रोल कर सकती हैं लेकिन जनता की उस भीड़ को कैसे कंट्रोल करोगे जो अपने अधिकारों को बचाने के लिए सर पर कफ़न बांध चुकी है
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Kajal
Kajal@mazikeenop7m·
😱सामने इतनी पब्लिक हो तो हिम्मत भी कहती है,कि 'थोड़ा पीछे हट जाओ'! अब तीनों बैठकर बस यही रिसर्च कर रहे हैं कि बिना नजर में आए चुपके से इस मामले को खिसकाया कैसे जाए! 😃😃Watch till end ...
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Kashish
Kashish@Kkashish_k·
हर पल जान के लिए जोखिम और धरती की इतनी गहराई..😨 आज पता चला कि इतनी महंगी होने के बाद भी यह इतनी लोकप्रिय क्यों है.. जो पाने में मुश्किल होते हैं वही कीमती क्यों होते हैं.....???
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Rajak Shaikh
Rajak Shaikh@imrajak_·
अभी थोड़ी देर पहले सम्मी (समीक्षा) का फ़ोन आया था । कह रही थी भैया मोबाइल तो मैं कार में भूल गई ।अब क्या करूँ ? मैंने बोला खा लो , QR code भेज देना । अब मैं सोच 🤔 रहा हूँ ? पेमेंट कर दूँ? या बर्तन धुलवाऊँ?😛😛 @Rose_____000
Rajak Shaikh tweet media
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सत्यम भाई 🫂🇮🇳
20 जुलाई को सोनम बांगचुंग ने संसद तक शांति मार्च का ऐलान किया था। हैरानी की बात नहीं कि छात्र, युवा और तमाम सामाजिक संगठन इस मार्च में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहीं अभिजीत दीपके ने कहा है कि हम मार्च को किसी भी तरीक़े से बदनाम होने नहीं देंगे हालांकि पुलिस प्रशासन ने कहा है कि इस मार्च को करने की इजाज़त नहीं ली गई है? अब देखने वाली बात है कि ये मार्च कहां तक सफ़ल हो पाता है या पुलिस इन्हें मार्च करने देती है या आगे बढ़ने से रोक देगी। वहीं जंतर मंतर पर लोगों की भीड़ रात से बढ़ती ही जा रही है। क्या असर होगा इस मार्च का? इसके बाद कौन सा क़दम उठाते हैं सीजेपी ये अब रोचक हो चुका है। इस आपकी क्या प्रतिक्रिया है
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असुर लोक
@LegalAdvisour बुझदिल सरकार कायर सरकार असुरी सरकार निकम्मी सरकार दोगला सरकार भांड सरकार
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बघीरा 😺
बघीरा 😺@LegalAdvisour·
जंतर मंतर पर दिल्ली पुलिस ने लाठी चार्ज करना शुरू कर दिया है. दोपहर बाद अगर उन्हें हटाने के लिए टियर गैस का इस्तेमाल करना पड़े तो मुझे हैरानी नहीं होगी मै भले ही अभिजीत और सोनम वांगचुक का समर्थन ना करू लेकिन दिल्ली पुलिस की इस कार्यवाही का विरोध जरूर करूंगा ये क़ोई घुसपैठिये नहीं है जिन पर लाठिया बरसाई जा रही है, अगर वो शांति से संसद मार्च करना चाहते है तो दिक्कत क्या है? उन्हें अपने मन की कर लेने दो वैसे भी उनके मार्च से कौन सा धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे देगा?
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