
kavi pradeep Pandey,(hindu kranti)
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kavi pradeep Pandey,(hindu kranti)
@BramhanSand
new religion kranti dharma ke pravartak kavi , YouTuber, vlogging


साई बाबा के मंदिरों से भीड़ गायब हो चुकी है। जानकर बताते है, यह आस पास के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में एक हुआ करता था, लेकिन अब सनातनी हिंदू यहाँ आना नहीं चाहते। आपके हिसाब से क्या कारण होगा ? 🤷🏻♂️




मुस्लिम मानसिकता को सबसे अच्छा हिंदू यूट्यूबर समझते हैं. इतना कुछ हो रहा है. राज्यों में चुनाव हैं. आईपीएल चल रहा है, धुरंधर हिट हो गई, संसद सत्र निकल गया पर भारत के सबसे बड़े यूट्यूबर ने पिछले 25 में 22 वीडियो ईरान पर बनाए हैं और ये बताया है कि अमेरिका हार रहा है.

“बाबा साहेब के बारे में भारत में इसलिए नहीं पढ़ाया जाता क्योंकि अगर लोग कानून सीख जाएँगे तो अंधभक्ति कौन करेगा”🔥😎 इस नन्ही सी मुस्लिम बच्ची की बातों से आप कितना सहमत हैं?

इमाम खुमैनी के सैनिकों में से एक, युद्ध के मैदान के बीचों-बीच, अपनी नमाज़ अदा करने के लिए रुक जाता है। साहस और आस्था, कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। #Iran #IranWar

एक बात पूछनी थी अगर मंदिर में यदि दान पेटी हटा दी जाए तो नाराज कौन होगा........? 👉 भगवान या पुजारी


पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं, फिर भी छोटे किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ की एक बार की सब्सिडी दे रहे हैं। इधर हमारा किसान अपनी फसलों के दाम और MSP की मांग कर रहा है। दोनों देशों में किसानों की हालत देखिए...

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं, फिर भी छोटे किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ की एक बार की सब्सिडी दे रहे हैं। इधर हमारा किसान अपनी फसलों के दाम और MSP की मांग कर रहा है। दोनों देशों में किसानों की हालत देखिए...

अयोध्या राम मंदिर दर्शन के बाद परिवार सहित खुशी-खुशी खाने पहुंची महिला। बगल में बैठा परिवार खाकर चला गया। वेटर ने उनकी प्लेट से बचा हुआ सलाद उठाया और सीधे अंदर रख दिया। थोड़ी देर बाद जब पूछा तो वेटर ने casually बोला वो लोग चले गए हम दूसरे....see more

अयोध्या राम मंदिर दर्शन के बाद परिवार सहित खुशी-खुशी खाने पहुंची महिला। बगल में बैठा परिवार खाकर चला गया। वेटर ने उनकी प्लेट से बचा हुआ सलाद उठाया और सीधे अंदर रख दिया। थोड़ी देर बाद जब पूछा तो वेटर ने casually बोला वो लोग चले गए हम दूसरे....see more

उस्मानी सुल्तान जुमे और ईद जैसे मौकों पर जब मस्जिद से जुलूस की शक्ल में निकलते थे, तो उन्होंने कुछ तनख्वाह पर लोगों को रखा होता था, जिनका काम होता था कि वो ऊँची आवाज़ में पुकारें: “घमंड मत करो, ऐ बादशाह! अल्लाह तुमसे बड़ा है!” उन्हें ये हुक्म होता था कि वो हाकिम को याद दिलाएँ कि वो इंसाफ करे; ये न भूले कि वो फ़ानी है और अल्लाह हमेशा रहने वाला है; उसकी हुकूमत एक दिन ख़त्म हो जाएगी, और ये कि उसे ये इख़्तियार अल्लाह की तरफ़ से एक तोहफा मिला है, जिसकी कुदरत और ताक़त उसकी अपनी ताक़त से कहीं ज़्यादा है ! वो आम लोग थे, न कि महल के कर्मचारी या सुल्तान द्वारा रखे गए लोग ! यह उस्मानी परंपरा थी ! आप ऐसा आज के दौर में करेंगे, तो शायद आपको अपनी बाकी ज़िंदगी जेल में बितानी पड़ेगी !

किसी भी जुलूस में ऐसे भद्दे गाने चलाना धर्म के साथ देश का अपमान है। इनपर संज्ञान लेना चाहिए। इसके खिलाफ प्रदर्शन होना चाहिए। ये धर्म को हानि और धार्मिक भावनाओं का अपमान है। पर एक भी संगठन ऐसी घटनाओं पर बात नहीं करेगा।




