Sunder Chand
35.8K posts

Sunder Chand
@CaptSunderChand
Ex-Army l Editor l NBT Mumbai I Author | Ultra Runner 🏃 | Mind coach Mindfit Growth Channels
Mumbai Katılım Mayıs 2010
713 Takip Edilen3.5K Takipçiler

आज का अंतर्ज्ञान
हम हमेशा थोड़ा और चाहते रहते हैं - थोड़ा और पैसा, थोड़ा और मान, थोड़ी और सुरक्षा। यह चाह कभी पूरी नहीं होती, क्योंकि उसका स्रोत बाहर नहीं, भीतर की असंतुष्टि होती है। ‘काफी है’ कहना संतोष नहीं, गहरी समझ है। यह जानना कि अभी जो है, वही इस क्षण के लिए पर्याप्त है। इसका अर्थ रुक जाना नहीं, बल्कि लालच से मुक्त होकर आगे बढ़ना है। जो व्यक्ति ‘काफी’ पहचान लेता है, वही सच में समृद्ध होता है। उसकी खुशी भविष्य पर टिकी नहीं रहती, वह वर्तमान में जी पाता है। अंतहीन चाह जीवन को थका देती है। संतोष जीवन को थाम लेता है, गति को स्थिर करता है और मन को शांति देता है।
हिन्दी

आज का अंतर्ज्ञान
अक्सर हम चुप्पी से डरते हैं, इसलिए लगातार शोर ढूंढते रहते हैं - बातें, संगीत, स्क्रीन, काम। चुप्पी हमें असहज करती है, क्योंकि उसमें हम खुद से मिलते हैं। वहां कोई मुखौटा काम नहीं करता। लेकिन चुप्पी खाली नहीं होती। वह संकेतों, अंतर्ज्ञान और स्पष्टता से भरी होती है। चुप्पी में मन की परतें खुलती हैं और भीतर दबे हुए भाव सामने आते हैं। जब आप चुप्पी में बैठना सीख लेते हैं, तब मन की उलझनें अपने आप ढीली पड़ने लगती हैं। विचार धीमे हो जाते हैं और निर्णय स्पष्ट होने लगते हैं। जो व्यक्ति चुप्पी से मित्रता कर लेता है, वह भ्रम से बाहर आ जाता है। वह जान जाता है कि शांति बाहर से नहीं, भीतर से आती है।
हिन्दी

आज का अंतर्ज्ञान
हम अक्सर यह मान लेते हैं कि हर रिश्ता निभाना ही चाहिए, चाहे वह हमें भीतर से तोड़ ही क्यों न दे। समाज, परिवार और संस्कार हमें सिखाते हैं कि छोड़ना गलत है, लेकिन यह नहीं सिखाते कि खुद को बचाना भी ज़रूरी है। रिश्ते दबाव से नहीं, सम्मान से चलते हैं। जहां सम्मान नहीं होता, वहां संबंध धीरे-धीरे थकान, चिड़चिड़ेपन और कड़वाहट में बदल जाता है। ऐसे रिश्ते व्यक्ति की ऊर्जा को चूस लेते हैं। कुछ रिश्तों से दूरी बनाना त्याग नहीं, आत्म-संरक्षण होता है। यह स्पष्टता का निर्णय होता है, न कि कठोरता का। दूरी का अर्थ घृणा नहीं, संतुलन होता है। स्वस्थ दूरी भी प्रेम और समझ की एक सच्ची भाषा है।
हिन्दी

Running tips
RUN FASTER WITHOUT RUNNING HARDER
Most runners try to increase speed…
Elite runners increase cadence.
Cadence = number of steps you take per minute.
When you increase cadence slightly:
• You reduce braking force
• You land closer to your center of mass
• You minimize injury risk
• You improve running economy instantly
This is why elite runners look smooth—not forceful.
• Ideal range: 170–185 steps/min (not fixed—optimize, don’t copy)
• Increase gradually: +5% only (never jump suddenly)
• Use a metronome or music BPM to train rhythm
• Shorter, quicker steps = less joint stress
• Works best when paired with upright posture
Common Mistakes
Overstriding to “look fast”
Forcing cadence unnaturally
Ignoring rhythm and breath sync
Heel striking far ahead of body

English

आज का अंतर्ज्ञान
हम दूसरों से जितने कठोर नहीं होते, उससे कहीं ज़्यादा खुद से होते हैं। हर गलती पर खुद को कोसते हैं, हर चूक को अपनी अक्षमता का प्रमाण मान लेते हैं। यह आंतरिक कठोरता हमें अनुशासित नहीं बनाती, बल्कि भीतर से तोड़ने लगती है। जब आत्म-करुणा खत्म होती है, तो मन भारी रहने लगता है और व्यक्ति अपने ही भीतर सुरक्षित महसूस नहीं करता। ऐसे में बाहरी दुनिया की छोटी-छोटी बातें भी गहरी चोट देने लगती हैं। गलतियों को अपराध की तरह देखना अपरिपक्वता है। परिपक्वता यह समझने में है कि गलती सीखने का माध्यम है, पहचान नहीं। सीख स्वीकार करने से आती है, आत्म-दंड से नहीं।
हिन्दी

















