
एचपीएससी की भर्ती में हरियाणा के युवाओं के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है। हरियाणा के प्रतिभाशाली युवाओं की अपेक्षा अन्य राज्यों के प्रतिभागियों की भर्ती करना समझ से परे है।
हाल ही में एचपीएससी की असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) भर्ती में 60 चयनित उम्मीदवारों में से 41 उम्मीदवार हरियाणा से बाहर के हैं। इस भर्ती से हर हरियाणावासी के मन में अनेक सवाल उठ रहे हैं।
क्या हरियाणा के युवा प्रतिभाशाली व योग्य नहीं हैं। क्या प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में उचित ढंग से पढ़ाई नहीं करवाई जा रही जो कि प्रदेश के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में बढिय़ा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे।
यह भी सवाल कौंधता है कि हरियाणा की प्रतिष्ठित नौकरियों के लिए अन्य राज्यों के प्रतिभागी कैसे उपयुक्त साबित हो रहे हैं और हरियाणा के युवा पीढ़ी केवल ग्रुप-डी की नौकरियों के ही योग्य हैं।
कुछ वर्ष पहले तक हरियाणा के युवा प्रदेश की नौकरियों के लिए श्रेष्ठ उम्मीदवार थे लेकिन अचानक उनकी मेहनत और प्रतिभा पर प्रश्नचिह्न लगा दिया गया है।
प्रदेश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का किसी को भी अधिकार नहीं है। इसलिए सरकार को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाते हुए प्रदेश के युवाओं को नौकरियों में नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए।
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