
Abhay Kumar Sharma
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Abhay Kumar Sharma
@ComedianAbhay
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india Katılım Aralık 2017
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खबर ये नहीं है कि सर्वोच्च न्यायालय ने आज चुनाव आयोग के SIR को संवैधानिक बता दिया है।
असली खबर ये है कि अब इस देश में भाजपा तय करेगी कि कौन वोट कर सकता है और कौन नहीं।
खबर ये है कि इस देश के संविधान को बचाने का जो शायद अंतिम स्तंभ था, उसके कुछ हिस्से आज टूटकर गिर गए। #KhabarYehNahiHai
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Best wishes to my ministerial colleague Shri Nitin Gadkari Ji on his birthday. He is at the forefront of numerous efforts towards ensuring India gets next-generation infrastructure and enhanced connectivity. Praying for his long and healthy life.
@nitin_gadkari
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Voice is back
वैसे मैंने कई शो लिखे, कई बड़े कलाकारों के लिए स्क्रिप्ट लिखी लेकिन शेखर सुमन जी के साथ लिखने का जो मज़ा है वो कहीं नहीं है, मूवर्स एंड शेकर्स के समय से उनके साथ एक गज़ब की tuning रही है, वही मज़ा फिर उनके नये शो shekhar tonite के लिए लिख के आ रहा है... वो अपनी अदायगी से स्क्रिप्ट को next level पे पहुंचा देते है..


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इस आदमी का दिल कितना बड़ा है, साथ ही पूरे यादव परिवार का दिल बहुत नरम है
अपर्णा बिष्ट ने पार्टी का झंडा जलाया, वो झंडा जिसको मुलायम सिंह यादव ने डिज़ाइन कराया था, यही झंडा समाजवाद की पहचान थी। इस झंडे का इतिहास 34 सालों का है।
जिस दिन यह झंडा जलाया गया होगा उसे दिन नेताजी की आत्मा जरूर रोई होगी।
2017 में जब सरकार गई थी तो अखिलेश यादव को अपर्णा ने कहा था "भगवान इनको सद्बुद्धि दे"
समय-समय पर अपर्णा बिष्ट अखिलेश यादव पर कटाक्ष करती रहीं।
इन सबके बावजूद अखिलेश यादव ने हमेशा अपना बड़ा दिल दिखाया। प्रतीक यादव ससुराल वालों के साथ रहते थे। बीते सात आठ सालों में शायद ही उनकी कोई तस्वीर यादव परिवार की किसी व्यक्ति के साथ हो ( शादी ब्याह, फंक्शन या मय्यत ) छोड़ कर।
इसके बावजूद प्रतीक की मौत के बाद सबसे पहले पोस्टमार्टम हाउस अखिलेश यादव पहुंचे। जब तक पोस्टमार्टम होता रहा तब तक वह वहीं मौजूद रहे। अपर्णा बिष्ट दोपहर 3 बजे पहुंची, क्योंकि वो असम में थीं।
एक बड़े भाई की तरह अखिलेश यादव ने प्रतीक कर अंतिम समय मे भी हर कर्तव्य निभाया। अपना कोई फैसला थोपा नहीं, बल्कि अपर्णा बिष्ट ने जो फैसला लिया उसको मान दिया।


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मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।
देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
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प्रिय देशवासियों,
आज प. बंगाल आकर चुनाव की महाधांधली और महाबेईमानी के बारे में जानकर ये लगा कि अब बात केवल चुनाव की प्रक्रिया को बचाने की नहीं है, देश को बचाने की है।
आज देश उन गलत हाथों में चला गया है जो संविधान, लोकतंत्र, आरक्षण, स्वतंत्रता, समता-समानता, न्याय, गरिमा, देश की एकता-अखंडता, सद्भाव-सौहार्द-बंधुत्व, महिलाओं के मान-सम्मान, युवाओं, किसानों, मज़दूरों, शोषित, वंचित, ग़रीब कुल मिलाकर पीड़ित-पीडीए के वर्तमान व भविष्य के हक़ और अधिकारों के घोर विरोधी हैं।
भाजपाई और उनके मुख़बिर संगी-साथी आज़ादी से पहले भी देश के विरोधी थे और आज़ादी के बाद भी हैं।
अब देशवासियों को ये समझना है कि :
- देश की एकता और व्यवस्था को भंग करके कमज़ोर करनेवाले ये लोग किसके एजेंट हैं?
- स्वदेशी की बात करके विदेश से पैसा लेनेवाले ये लोग कौन हैं?
- ये अनरजिस्टर्ड क्यों हैं और अंडरग्राउंड क्यों रहते हैं?
- ये कोविड के नाम पर जनता से जमा किये चंदे का हिसाब क्यों नहीं देते हैं?
- ये भ्रष्टाचार को बढ़ाकर देश को बर्बाद क्यों कर रहे हैं?
- ये देश की तरक़्क़ी के लिए योजना बनानेवाले ‘योजना आयोग’ को समाप्त करके देश के विकास को ख़त्म करने की चाल क्यों चल रहे हैं?
- ये शिक्षा पर क़ब्ज़ा करके देश की मानसिक शक्ति को खोखला क्यों कर रहे हैं?
- ये सरकारी स्कूलों को बंद करके आम जनता के बच्चों को अनपढ़ रखने का षड्यंत्र क्यों कर रहे हैं?
- नोटबंदी से छोटे कारोबार के ख़ात्मे की साज़िश क्यों करी?
- नोटबंदी घोटाले में बैंकिंग व्यवस्था को नोट बदलने के नाम पर भ्रष्ट क्यों किया?
- जीएसटी को जानबूझकर उलझाऊ और भ्रष्ट बनाकर ये देश की अर्थव्यवस्था को चौपट क्यों कर रहे है?
- ये अपने लोगों को पैसा जमाकर करके बाहर क्यों भेज देते हैं?
- विश्वगुरु का दावा करनेवाले विश्व के विभिन्न देशों में भाग गये, देश के लुटेरों को ये लोग वापस क्यों नहीं ला रहे हैं?
- ये साम्प्रदायिकता का ज़हर फैलाकर देश की एकता को क्यों तोड़ना चाहते हैं?
- राजनीतिक दलों को तोड़कर ये लोग देश की राज-व्यवस्था को नेस्तनाबूद करने पर क्यों आमादा है?
अब वो निर्णायक समय आ गया है, जब हम सबको मिलकर इन देश विरोधी नकारात्मक ताक़तों को हमेशा के लिए हराना होगा, देश को बचाना होगा, और देश की नई आज़ादी के लिए तिंरगा उठाना होगा!
आपका
अखिलेश


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हमारा काम, प्रतिभा का सम्मान!
परीक्षा में टॉपर बनना एक बड़ी उपलब्धि है। इसीलिए ये छात्राएँ बधाई और प्रोत्साहन की पात्र हैं। आईपैड की हमारी ये छोटी सी भेंट इनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अंश रूप ही सही लेकिन अपना कुछ न कुछ योगदान अवश्य देगी और इन बच्चियों का भविष्य उज्ज्वल करेगी, यही कामना भी है और शुभकामना भी।
छात्राओं के साथ-साथ, इस अति विशिष्ट परिणाम को संभव बनाने में दिन-रात सहयोग करनेवाले इन बच्चियों की टीचर-गुरुजन, माता-पिता व अन्य परिजनों को भी हार्दिक बधाई!



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प्रिय चायवालों,
फतेहपुर में हमने आपमें से एक, जिस ‘आत्मनिर्भर आर्यन’ की दुकान पर प्रेमपूर्वक चाय पी थी उसकी चाय का सैंपल फूड सिक्योरिटी विभाग ने लेकर, आर्यन को ये धमकी दी है कि तुम एल्युमीनियम के बर्तन में चाय बनाते हो, तुम्हारी दुकान सील कर देंगे। शुक्र है ये नहीं कहा कि ‘लाल’ सिलेंडर पर बनाते हो तो सील कर देंगे, वैसे कह भी नहीं पाते क्योंकि सिलेंडर तो मिल नहीं रहा है।
ये धमकी सिर्फ़ एक आर्यन को नहीं है, उन सब आर्यन को है जो महा-बेरोज़गारी के इस भाजपाई दौर में चाय बनाकर या अपना कोई छोटा-मोटा काम करके अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा किसी को नौकरी-रोज़गार तो देती नहीं है उसके विपरीत जो स्वयं अपनी मेहनत से कुछ करना चाहते हैं, उनको सिर्फ़ इसलिए धमकाती है क्योंकि हम जैसे लोग उनके काम को सम्मान देने के लिए, उनके कारोबार को प्रोत्साहित करने के लिए, उनके पास चले जाते हैं।
अब जब ये सरकारी विभाग का छोटापन, लखनऊ तक पहुँचेगा तो देखते हैं, इस कुकृत्य के लिए ऐसे अधिकारियों का निलंबन होता है या उनको इनाम दिया जाता है।
फूड सिक्योरिटी विभाग कभी अपने भ्रष्टाचार का भी तो सैंपल ले। उस घूसखोर विभाग में महा-भ्रष्टाचार के जो बेहद बुरे हालात हैं, उसके आधार पर नाम बदलनेवालों को एक सुझाव ये है कि वो इस विभाग का नाम बदलकर सीधे ‘मिलावट विभाग’ ही कर दें या ‘भाजपा चंदा विभाग’।
इससे पीड़ितों में ‘प्रीपेड पीड़ित’ के बाद ‘टी पीड़ित’ की एक और नई श्रेणी जुड़ गयी है। अब पूरे प्रदेश के चाय बेचनेवाले ‘पीडीए’ से जुड़ जाएंगे और एक नई चाय शुरू करेंगे जिसका नाम होगा ‘पीडीए टी’।
भाजपा ने अपनी तुच्छ राजनीति को पाताल से भी नीचे ले जाकर खड़ा कर दिया है। घोर निंदनीय!
हम हर छोटे-से-छोटे गुमटी-टपरीवाले, रेहड़ी-पटरी-फेरी-ठेलेवालों, साप्ताहिक हाट-सब्ज़ी बाज़ारवालों और हर छोटे-बड़े दुकानदार, काम कारोबार-कारख़ानेवालों की, अपनी रोज़ी-रोटी कमाने की सम्मानजनक कोशिश करनेवालों के साथ खड़े हैं और हमेशा रहेंगे।
हम उन सबसे कहेंगे :
मत डरिए, अपना काम करिए!
चिंता न करें : बुरे दिन जानेवाले हैं!
आपका
अखिलेश
#बुरे_दिन_जानेवाले_हैं
विशेष : इस कु-समाचार के बारे में जब भाजपा के कट्टर समर्थकों तक को पता चलेगा तो वो भी बेहद शर्मिंदा होंगे, वैसे सत्ता का लाभ उठा रहे कुछ स्वार्थी लोगों के सिवाय भाजपा के समर्थक लोग अब कुछ ज़्यादा बचे ही नहीं हैं।

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अगर इस बेटी की मदद किसी ने नहीं किया हो अब तक तो मुझे इसका पता दे। मैं भिजवाता हूँ ऑटोमैटिक ट्राइसाइकिल। धन्यवाद @khurpenchh 🙏🏻
खुरपेंच@khurpenchh
आइए सब मिलकर कटिहार की इस बेटी को एक ऑटोमैटिक ट्राइसाइकिल दिलवाते हैं, @DM_Katihar से अनुरोध है कि इस बिटिया को तत्काल ट्राइसाइकिल दी जाए।
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