DIVYA CHOUBISA

18.9K posts

DIVYA CHOUBISA banner
DIVYA CHOUBISA

DIVYA CHOUBISA

@DIVYACHOUBISA5

#NFU #music lover 🎧🎧# #❤️❤️❤️❤️❤️❤️#$@& 💟 #time is money; time is valuable. time is precious 💞💞💞💞# Divya trivendra Choubisa https://t.co/BIFwQJF1K7 (Chemistry)B.Ed .

udaipur Katılım Temmuz 2022
3.6K Takip Edilen4.4K Takipçiler
Radhe Meena
Radhe Meena@Radhemahwa·
मुकेश भाकर (MLA) - कोमल मीणा (RJS) सुनीता मीणा (गरीब बेरोजगार) -सुनील बैरवा (बेरोजगार) दोनों दौसा जिले के लालसोट साइड की घटना है 1. सुनीता मीणा और सुनील बैरवा है एक दूसरे से प्यार करते थे दोनों गरीब परिवार से थे। इस केस में लड़का कमजोर+गरीबी के कारण परिवार + समाज की असहमति हुई इसके चलते भागकर शादी की। 2. मुकेश कोमल भाकर केस में पावर+पैसा के चलते परिवार व समाज की आपसी सहमति से शादी हुई है। गरीब वाले केस में लड़के के परिवार पर एक फरमान जारी करके 4 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। आज हर समाज इसी दोगलेपन का शिकार हो चुकी है। Note: हर समाज में पावरफुल+अमीर के साथ गरीब खड़े मिलेंगे परंतु गरीब के साथ ना गरीब ना अमीर कोई साथ नहीं होगा।
Radhe Meena tweet mediaRadhe Meena tweet media
हिन्दी
84
260
1.3K
91.5K
DIVYA CHOUBISA
DIVYA CHOUBISA@DIVYACHOUBISA5·
@Radhemahwa @ManojRa22325528 सभी समाज के लोगों को बराबर का हक होना चाहिए।
हिन्दी
0
0
3
819
DIVYA CHOUBISA
DIVYA CHOUBISA@DIVYACHOUBISA5·
@askshivanisahu इसलिये अपने अनमोल जीवन को समझे। बुजुर्ग अंकल जी ने सच कहा भगवान ने कभी बिल नहीं दिया।
हिन्दी
0
0
0
99
DIVYA CHOUBISA retweetledi
Shivani Sahu
Shivani Sahu@askshivanisahu·
एक 80 साल के बुज़ुर्ग का हार्ट का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन अस्पताल का बिल आया 8 लाख रुपये। बिल देखते ही बुज़ुर्ग की आँखों से आँसू बहने लगे। यह देख डॉक्टर बोले, आप चिंता मत कीजिए चाहें तो मैं बिल कुछ कम कर देता हूँ। बुज़ुर्ग मुस्कराए और बोले, डॉक्टर साहब यह बिल बहुत कम है। अगर 10 लाख भी होता, तब भी मैं दे देता। डॉक्टर हैरान रह गए। उन्होंने पूछा “फिर आप रो क्यों रहे हैं?” बुज़ुर्ग की आवाज़ भर आई। उन्होंने कहा, मेरे आँसू पैसों की वजह से नहीं हैं। मेरे आँसू इस बात के हैं कि जिस भगवान ने 80 साल तक मेरे दिल को संभाला, उन्होंने कभी कोई बिल नहीं भेजा। और आपने मेरा दिल सिर्फ 3 घंटे संभाला और उसका बिल 8 लाख रुपये बना दिया। बुज़ुर्ग ने ऊपर देखा और धीरे से कहा— हे भगवान, आप हमसे कितना प्यार करते हैं। फिर भी हम आपकी बात नहीं मानते। हमें माफ़ करना और हमें सही रास्ते पर चलने की ताक़त देना। फोटो: सांकेतिक
Shivani Sahu tweet media
हिन्दी
42
129
990
119K
DIVYA CHOUBISA
DIVYA CHOUBISA@DIVYACHOUBISA5·
स्कूल व्याख्याता व वरिष्ठ अध्यापक, शिक्षक भर्ती, पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड-III भर्ती 2027 1.स्कूल व्याख्याता - 10 हजार पद 2.वरिष्ठ अध्यापक - 15 हजार पद 3.शिक्षक भर्ती - 35 हजार पद 4.लाइब्रेरियन भर्ती- 4500+ हजार पद
NE
0
0
0
72
DIVYA CHOUBISA
DIVYA CHOUBISA@DIVYACHOUBISA5·
@azizkavish भारत के लोग कब एक स्त्री के जीवन को समझेंगे
हिन्दी
0
0
0
36
Kavish aziz
Kavish aziz@azizkavish·
पीरियड हो रहे हैं तो सबूत दिखाओ.... हैदराबाद के मलकाजगिरी के गवर्नमेंट कॉलेज की 19 साल की स्टूडेंट वर्शिनी कॉलेज पहुंचने में लेट हो गई। लेक्चरर्स ने वर्शिनी को क्लासरूम में नहीं घुसने दिया। उसने अपने लेक्चरर को बताया कि उसे पीरियड्स हो रहे हैं, इसलिए उसे देर हो गई। उस लेक्चरर ने कहा पीरियड हो रहा है तो सबूत दो... यही नहीं पूरे क्लास के सामने वर्षिनी को बेइज्जत किया और गाली दे वर्शिनी घर लौट गई। घर पहुंचते ही वह बेहोश हो गई और उसके माता-पिता उसे तुरंत हॉस्पिटल ले गए। हॉस्पिटल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया, उसके दिमाग में खून का थक्का जम गया था! माता-पिता का कहना है कि उसकी मौत बेइज्जती और तनाव की वजह से हुई।
Kavish aziz tweet mediaKavish aziz tweet media
हिन्दी
92
679
1.7K
88.6K
DIVYA CHOUBISA
DIVYA CHOUBISA@DIVYACHOUBISA5·
@up_ka_l_adka सही समय पर शादी करना बहुत जरूरी है
हिन्दी
0
0
0
14
निर्मोही
निर्मोही@up_ka_l_adka·
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने शादी, उम्र और सफलता को लेकर समाज की दोहरी सोच को खुलकर सामने रख दिया है। वीडियो में एक मां अपनी MBBS/MD डॉक्टर बेटी के लिए दूल्हा न मिलने का दर्द बयां कर रही हैं। उनका कहना है कि बेटी 30–32 साल की है, पूरी तरह फिट है, लेकिन जब वे 32–34 साल के लड़के देखते हैं तो वे उन्हें अंकल जैसे लगते हैं कोई गंजा है, कोई जरूरत से ज्यादा मोटा। यह बयान सामने आते ही इंटरनेट दो हिस्सों में बंट गया। कई लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया अगर 34 साल का लड़का अंकल कहलाता है, तो उसी उम्र की लड़की आंटी क्यों नहीं...? यूजर्स ने यह भी याद दिलाया कि आज के समय में डॉक्टर बनने, सेटल होने और आर्थिक रूप से मजबूत होने में 30–32 साल लगना आम बात है। पढ़ाई, नाइट ड्यूटी और काम के दबाव का असर शरीर और लुक्स पर पड़ना भी स्वाभाविक है। एक और कड़वा सच यह है कि आजकल के युवा पहले सफलता और स्थिरता चाहते हैं, फिर शादी। वजह साफ है जब तक करियर मजबूत न हो, तब तक शादी के खर्च और जिम्मेदारियां उठाना आसान नहीं होता। ऐसे में अगर शादी देर से हो रही है, तो उसकी जड़ें खुद सिस्टम में हैं। और अगर उम्र को लेकर इतनी ही चिंता थी, तो सवाल यह भी उठता है कि पढ़ाई के बीच ही शादी क्यों नहीं कर दी गई...? दरअसल यह मामला किसी एक मां या बेटी का नहीं, बल्कि उस सोच का है जहाँ शादी के पैमाने आज भी लुक्स और उम्र से तौले जाते हैं, समझ और समानता से नहीं। शायद अब वक्त आ गया है कि हम अंकल–आंटी की बहस छोड़कर हकीकत और संतुलन की बात करें।
निर्मोही tweet media
हिन्दी
208
273
1K
85.8K
DIVYA CHOUBISA
DIVYA CHOUBISA@DIVYACHOUBISA5·
@premkumarcbn01 Kya time aa gya h log educated hokr bhi esa kehte h Tina dabi ma'am ne kaha tha n ki pyar me age matter ni krti h
Eesti
0
0
0
83
DIVYA CHOUBISA retweetledi
Gajendra Singh( Lecturer)
Gajendra Singh( Lecturer)@gajendra_s01·
इस भयानक सर्दी की वजह से स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है इससे छोटे बच्चे बच्ची बहुत खुश हैं इस बच्ची का कहना है कि भगवान जी अप्रैल तक धूप ही ना निकले ताकि हमारी छुट्टी रहे बचपन में सब ऐसा ही सोचते थे कि स्कूल न जाना पड़े सर्दी में 😅😅 क्या आपके भी कुछ बहाने थे ? @gajendra_s01
हिन्दी
8
132
780
25.9K
Yogi Adityanath
Yogi Adityanath@myogiadityanath·
जब भी बंटे थे, तो कटे थे! बंटना नहीं है, एकजुट होकर कांग्रेस और RJD के 'जंगलराज' और 'माफियाराज' का मुंहतोड़ जवाब देना है...
हिन्दी
239
991
3.4K
37.1K
DIVYA CHOUBISA retweetledi
Ganesh Godara
Ganesh Godara@guneshgodara·
प्रधानाचार्य पद पर सीधी भर्ती आयोजित की जाए तो तृतीय श्रेणी के लगभग 276000 वरिष्ठ अध्यापक के लगभग 130000 ओर युवा व्याख्याता लगभग 50000 शिक्षकों को उच्च पदों पर पहुंचने का मौका मिलेगा किन्तु पिछली सरकार ने रेसला शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारियों के दबाव में आ कर सीधी भर्ती परीक्षा को समाप्त कर दिया है माननीय शिक्षा मंत्री श्री @madandilawar जी आप से आग्रह है कि आप उच्च पदों पर युवा शिक्षकों को पहुंचने का मौका प्रदान करे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ओर गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की भी यही योजना है कि युवा को अधिक से अधिक आगे बढ़ने का मौका मिले
हिन्दी
21
103
362
26.9K
DIVYA CHOUBISA retweetledi
Bhera ram
Bhera ram@JATbera1·
किताबों का दौर चल रहा है सोचा 'खुद पर लिख दूं कुछ शब्द' जो मेरे हर बेरोजगार भाई की कहानी को बयां करते हैं 🙌🙏 शुरुआत कर रहा हूं एक किताब की,,, जिसके शुरुआती अंश आपके सामने रख रहा हूं अपनी राय जरुर देना... यह कहानी 110% सच्चाई पर आधारित.... रीट — एक प्रेम कथा (मेरी अधूरी कहानी) : “जब समझ आया, तब बहुत देर हो चुकी थी…” गांव की गलियों में पला-बढ़ा एक लड़का, जिसकी दुनिया खेतों की मिट्टी, नहर का पानी और माँ के हाथ की रोटियों तक सीमित थी। सरकारी स्कूल में पढ़ाई की — टूटी कुर्सियाँ, धूल भरी स्लेटें और मास्टर साहब की डाँट ही असली किताबें थीं। फिर भी, उस लड़के की आँखों में एक चमक थी — कुछ बनने की, कुछ करने की, और सबसे बढ़कर… अपने माँ-बाप का नाम रोशन करने की। लेकिन वक्त ने उसे शहर पहुँचा दिया — कॉलेज की भटकने वाली गलियों में। वहाँ न कोई खेत था, न मिट्टी की खुशबू, बस रोशनी थी — जो आँखों को चौंधिया देती थी, पर मन को अंधा बना देती थी। शुरुआती दिनों में वो भीड़ में खो गया — दोस्तों की हँसी, बाइक की रफ़्तार, मोबाइल की झिलमिल दुनिया… सब कुछ इतना चमकीला लगा कि उसने अपनी असलियत भुला दी। उसे लगा यही जिंदगी है, यही सफलता की सीढ़ी है। पर धीरे-धीरे एहसास हुआ कि यह सब बस कुछ दिन की चमक थी — एक ऐसा भ्रम जो भीतर का अंधेरा और गहरा कर देता है। एक दिन लाइब्रेरी के बाहर अकेले बैठा था वो, चारों तरफ हँसी-मज़ाक था, पर उसके भीतर एक सन्नाटा। अचानक दिमाग में बापू की झुकी हुई पीठ और माँ के फटे आँचल की तस्वीर उभर आई। उसे याद आया — कैसे हर महीने किराए के लिए पैसे माँ-बाप किसी से उधार लेकर भेजते हैं, कैसे पिता खेत से लौटकर थके हाथों से कहते, “ले बेटा, ये महीना भी निकाल ले… बस अबकी बार लग जा।” और वो उन पैसों से दोस्तों को चाय पिलाता, फिल्में देखता, और कहता — “अभी तो जिंदगी शुरू हुई है।” लेकिन उस दिन उसे अपनी हँसी भारी लगने लगी। अंतरात्मा ने पहली बार ज़ोर से झकझोरा। वो समझ गया — कॉलेज की यह गलियाँ, ये शोर, ये दोस्तियाँ — सब कुछ अस्थायी हैं। यहाँ से निकलकर ही शायद वो अपने माँ-बाप की तकदीर बदल सकता है। उसने फैसला किया — अब और नहीं। वो कॉलेज की आख़िरी सीढ़ी पर रुका, पीछे मुड़कर देखा — और महसूस किया कि यह जगह सिर्फ सपनों का कब्रिस्तान है, जहाँ बहुत से लड़के अपनी मेहनत, इरादे और उम्मीदें गँवा चुके हैं। वो वहाँ से चल पड़ा — एक छोटे से बैग में कुछ कपड़े, कुछ किताबें, और दिल में बहुत सारा बोझ लेकर। शहर की ओर निकला — अपने सपनों को लेकर, अपनी गरीबी से लड़ने के लिए, और उन झुर्रियों को मिटाने के लिए जो माँ-बाप के चेहरों पर वक्त ने उकेरी थीं। लेकिन शहर पहुँचकर भी जिंदगी आसान नहीं थी। न नौकरी मिली, न ठिकाना। किराए के कमरे में बैठा, जब हर महीने पैसे माँगता, तो भीतर एक चुभन उठती — “क्या मैं वाकई बेटा हूँ उनका, या बोझ?” हर बार जब मोबाइल पर माँ की आवाज़ आती — > “बेटा, खाना खा लिया?” तो आँखें नम हो जातीं। क्योंकि वो जानता था कि माँ भूखी होगी, पर फिर भी कहेगी ‘खा लिया।’ धीरे-धीरे वह खुद से नफ़रत करने लगा — क्योंकि अब उसे समझ आने लगा था कि जिंदगी का सबसे बड़ा सच क्या है — > “गरीब की उम्मीद सबसे बड़ी पूँजी होती है, और अगर वो भी टूट जाए, तो इंसान ज़िंदा रहकर भी मर जाता है।” अब वो वही लड़का है जो कभी कॉलेज की गलियों में घूमता था, पर आज कोचिंग सेंटर की भीड़ में खो गया है। जिसके सपने अब भी ज़िंदा हैं, पर आँखों में अब चमक नहीं, धैर्य है। जो हर सुबह खुद से कहता है — > “माँ-बाप के सपने अधूरे नहीं रहेंगे, चाहे इसके लिए पूरी जवानी ही क्यों न लगानी पड़े।” यह कहानी उसी लड़के की है, जो मज़बूरी में शिक्षक बना — पर उसके भीतर आज भी एक सपना जलता है, जो कहता है — “कभी तो वो दिन आएगा, जब गाँव के लोग कहेंगे — देखो, वही लड़का है… जिसने अपने माँ-बाप का सिर ऊँचा कर दिया।” यह कहानी सिर्फ एक लड़के की नहीं, हर उस बेटे की है जो शहर में रहकर भी गाँव नहीं भूलता, हर उस माँ की है जो उम्मीदों से बेटे को रोज़ याद करती है, और हर उस पिता की है जो थकी हुई मुस्कान में हौसला ढूँढता है। यह कहानी है — “रीट: एक प्रेम कथा — मेरी अधूरी कहानी” जहाँ प्रेम नौकरी से है, और इम्तिहान ज़िंदगी का। पढ़ कर जरूर बताना 🙌🙏 यह सिर्फ भूमिका है यदि आपको अच्छी लगे तो आगे जारी रखूंगा
हिन्दी
105
107
847
51.2K
DIVYA CHOUBISA retweetledi
Nirmal Choudhary
Nirmal Choudhary@NirmlChoudhary·
जब जुनून देश के लिए हो, तो जीत सिर्फ अपनी नहीं — भारत की होती है! 🇮🇳 ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता श्री नीरज चोपड़ा जी को “भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल” की रैंक से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। उन्होंने एक बार फिर साबित किया है कि हौसले अगर तिरंगे में रंगे हों, तो हर मंच पर भारत का परचम लहराता है। यह सम्मान उस युवा भारत की भावना का है जो पसीने से इतिहास लिखता है और हर जीत के साथ देश का मान बढ़ाता है। @Neeraj_chopra1 @adgpi #NirmalChoudhary
Nirmal Choudhary tweet media
हिन्दी
22
143
2.4K
47.9K
DIVYA CHOUBISA retweetledi
Bhera ram
Bhera ram@JATbera1·
थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती 5 साल से एक संपन्न होती है और मात्र 7500 पद?? यह बेरोजगारों के साथ न्याय वाली बात नहीं है, राजस्थान के इतिहास की सबसे चर्चित और बड़ी भर्ती मानी जाती है जिसकी गूंज गांव के गुवाड़ से लेकर विधानसभा तक रहती है, लाखों बेरोजगार शामिल होते हैं पद बढ़ने चाहिए🙏
हिन्दी
36
348
1.2K
26.3K
DIVYA CHOUBISA retweetledi
सरकारी मास्टर BSTCधारी
#REET शिक्षक भर्ती ग्रेड 3rdहेतु 7500 पद ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। भले ही विस्तृत विज्ञप्ति जारी होने में 1/2महीने लेट हो जाए या एग्जाम डेट 1/2महीने आगे खिसका दो पर पदों की संख्या कम से कम 25/30 हजार तो होनी चाहिए ना 😥🙏 #अध्यापक_भर्ती_में_पद_बढ़ाओ @alokrajRSSB @RajCMO
सरकारी मास्टर BSTCधारी tweet media
हिन्दी
53
397
910
25K
DIVYA CHOUBISA retweetledi
RT Jangid
RT Jangid@Edu_news2·
REET भर्तियों में अब तक के ऐतिहासिक पदों का वर्गीकरण :- ◆ कौन कौन चाहते हैं पदों में बढ़ोतरी हो ! ◆ 2011- 20000 ◆ 2012-39000 ◆ 2015- 15000 ◆ 2018- 54000 ◆ 2021- 15000 L-1 ◆ 2022-48000 ◆ 2025- L-1&L-2 ◆ इतिहास में सबसे कम #रीट_भर्ती_पद_बढ़ाओ
हिन्दी
8
166
336
11.2K
DIVYA CHOUBISA retweetledi
𝗠𝗮𝗿𝗶𝘆𝗮𝗺_𝗠𝗕𝗗
ओडिशा में भारी बारिश के बीच सड़क टूट जाने के कारण एक एम्बुलेंस कर्मचारी ने मरीज को गोद में उठाकर 2 किलोमीटर भागा और जान बचाई..! ओडिशा के केन्द्रोपाड़ा जिले में बहुत तेज़ बारिश हो रही थी। पानी इतना गिरा कि कई रास्ते टूट गए, खेतों में पानी भर गया, और गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया..! उसी दौरान एक महिला की तबीयत अचानक बहुत खराब हो गई। परिवार ने 108 एम्बुलेंस को कॉल किया, कुछ देर बाद हरी बत्ती वाली एम्बुलेंस गांव तक तो पहुंच गई, लेकिन अस्पताल ले जाने वाला रास्ता बीच में टूटा हुआ था..! अब सवाल था, क्या मरीज को यूं ही छोड़ दिया जाए? लेकिन तभी सामने आता है एक नाम मानस कुमार मलिक उसने मरीज को गोद में उठाया और बिना कुछ सोचे, बिना कुछ कहे, कीचड़ और पानी से भरे खेतों से होते हुए करीब 2 किलोमीटर तक दौड़ता रहा..! कई बार पैर फिसला, कई बार रास्ता गुम हुआ, लेकिन उन्होंने हर नहीं मानी अस्पताल पहुंच कर उस महिला का इलाज कराया, इतना ही नहीं महिला की जेब से 6,500 रूपये गिरे उनको उठाकर वापस भी कर दिया..! वही ही हमारे लिए असली हीरो हैं जो गरीब की मदत करता हैं..! ❤️
𝗠𝗮𝗿𝗶𝘆𝗮𝗺_𝗠𝗕𝗗 tweet media
हिन्दी
76
200
504
12K
DIVYA CHOUBISA retweetledi
Meenu kumari
Meenu kumari@meenukumaricute·
बोलने को और शब्द नहीं है:– निशब्द हु मैं....☹️दिवाली का पर्व नजदीक है। हर कोई इसकी तैयारियों में लगा हुआ है। इस बीच दिवाली को लेकर एक 21 साल के युवक ने कुछ ऐसा पोस्ट किया है ...जिसनें लाखों लोगों को झकझोर दिया है.... युवक ने लिखा है कि दोस्तों कैंसर जीत गया और मैं हार चुका हूं। उसने दिवाली से पहले अपने दर्द को बयां करते हुए लिखा कि शायद मैं इस वर्ष जिंदा ना बचूं। रेडिट पर युवक के इस पोस्ट में बताया कि कई महीनों की कीमोथेरेपी और अस्पताल में रहने के बाद, डॉक्टरों ने उपचार के सभी विकल्प समाप्त कर दिए हैं। जिसके चलते वह इस वर्ष संभवतः जिंदा नहीं रह पाएगा। युवक के इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर लोगों को इमोशन कर दिया है। हजारों लोगों ने प्रार्थनाएं की है। युवक ने अपनी पोस्ट पर लिखा कि सुनिए सब लोग, मैं 21 साल का हूं। मुझे 2023 में स्टेज 4 कोलोरेक्टल कैंसर का पता चला था। इतने कीमोथेरेपी सेशन और अस्पताल में रहने के बाद, जितना मैं गिन भी नहीं सकता, डॉक्टरों ने मुझे बता दिया है कि अब कुछ भी करने को नहीं बचा है। मैं शायद इस साल के अंत तक जीवित नहीं रह पाऊं...!! दिवाली जल्द ही आ रही है, और सड़कों पर रोशनी अभी से दिखाई देने लगी है। यह जानकर दुख हो रहा है कि मैं उन्हें आखिरी बार देखूंगा। मुझे वो रोशनी, वो हंसी और वो शोर बहुत याद आएगा। जिंदगी को चलते देखना अजीब लगता है जबकि मेरी जिंदगी चुपचाप खत्म हो रही है। मुझे पता है कि अगले साल, कोई और मेरी जगह दीये जलाएगा और मैं बस एक याद में ही रहूंगा...!!
Meenu kumari tweet media
हिन्दी
66
151
685
33.2K
DIVYA CHOUBISA retweetledi
Bhera ram
Bhera ram@JATbera1·
कुदरत ने वो मंजर दिखाया के आँसू सूख गए, किसान के अरमान पानी में डूब गए।💔💔
Bhera ram tweet media
हिन्दी
57
147
1.4K
30.1K