
#GodMorningFriday
साधु-संत की पहचान.
साधु-संत की एक यह पहचान भी है
कि उसके सानिध्य में जाने से सुख महसूस होता है। विचार सुनकर मन की करोड़ों उपाध यानि बकवास विचार समाप्त हो जाते हैं।
ऐसा संत चाहे चौदह लोकों में कहीं भी मिले, उसकी खोज करनी चाहिए और उसके सत्संग विचार सुनने चाहिए।

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