हमारी सरकार लगातार इस बात पर ज़ोर दे रही है कि Critical Technologies और Advanced systems में मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिले। Munition और Automated Systems में भारत frontrunner बन कर उभरे इसके लिए सरकार हर ज़रूरी कदम उठाने के लिए तैयार है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
हम सब मिलकर संकल्प लें, कि हम भारत को, defence और space technology में, पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाएँगे। आत्मनिर्भर भारत यानी - सुरक्षित भारत। आत्मनिर्भर भारत यानी - सक्षम भारत और आत्मनिर्भर भारत यानी - शक्तिशाली भारत: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
सरकार की सही policies और support से, हमारा private sector किसी भी challenge का सामना करने में सक्षम है। बस ज़रूरत है एक भरोसे की, एक साझेदारी की। और आज का दिन, यही भरोसा जगा रहा है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
आज भारत की Private Industries भी future warfare की अच्छी खासी समझ रखती हैं और उस दिशा में लगातार काम कर रही हैं। भारत को Munition और Automation का हब बनाने के लिए सबको मिल जुल कर काम करना होगा। भारत की डिफेंस कंपनीज का जब सामर्थ्य बढ़ेगा तभी देश का सुरक्षा चक्र और अधिक मज़बूत होगा: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
भविष्य के युद्धों में सबसे बड़ा अंतर इस बात पर निर्भर नहीं करेगा कि आपके पास सैनिकों की संख्या कितनी है, बल्कि इस बात पर निर्भर करेगा कि आपका देश Munition और Automation की दृष्टि से कितना Advanced और Capable है। इसकी झलक हम रूस यूक्रेन के युद्ध में देख रहे हैं और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में भी देख रहे हैं। भारत ने भी अपनी इस शक्ति का परिचय Operation Sindoor के दौरान दिया था: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
Manufacturing sector, खासकर defense manufacturing, भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकता है। इसी सोच के तहत, पिछले वर्षों में हमने साहसिक reforms किए, जैसे Ordnance Factory Boards का corporatization, ताकि उन्हें अधिक प्रभावी, पारदर्शी, आधुनिक और competitive बनाया जा सके। और इस corporatization के बाद, आज वे और भी ज्यादा शक्ति से काम कर रही हैं: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
अगर defense manufacturing के लिए हम दूसरों पर निर्भर रहते हैं तो, हमारी सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों खतरे में पड़ सकती हैं। इसीलिए defense manufacturing केवल युद्ध की जरूरत नहीं, बल्कि शांति, विकास और economic resilience की भी आवश्यकता है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
मुझे खुशी है कि यह establishment केवल high-technology industry नहीं, बल्कि MSMEs, छोटे उद्योगों और local economy के लिए भी एक बड़ा ecosystem तैयार करेगा। ammunition, missile, rocket systems और satellite parts के production से ancillary units, suppliers और vendors जुड़ेंगे, रोजगार बढ़ेगा और Shirdi सहित आसपास के युवाओं को cutting-edge technology का skill-set प्राप्त होगा; एवं वे और अधिक सामर्थ्य के साथ राष्ट्र-निर्माण में योगदान दें सकेंगे: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
आज का दिन रक्षा क्षेत्र के साथ-साथ अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। एक समय अंतरिक्ष क्षेत्र मुख्यतः ISRO तक सीमित था, लेकिन प्रधानमंत्री जी के vision और सरकार के reforms के कारण private sector के लिए भी यह क्षेत्र खुला है। IN-SPACe के गठन और ISRO की तकनीक व सुविधाओं को साझा करने से private companies अब तेजी से आगे बढ़ रही हैं: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
Universal Rocket Launching System का missile complex, भारत के भावी युद्ध प्रणाली को नई दिशा देगा। स्वदेशी तकनीक से युक्त यह rocket system हमारी सेना की मारक क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा और रणनीतिक रूप से game changer साबित होगा। यहाँ से निकला ‘सूर्यास्त्र’, दुश्मनों के मंसूबों का सूर्यास्त करने के लिए काफी होगा: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
आज जिन plants की शुरुआत हो रही है, वे केवल उत्पादन इकाइयाँ नहीं, बल्कि research-oriented hubs भी बनने जा रहे हैं, जहाँ advanced explosives से लेकर next generation weapons तक पर काम होगा। इससे हमारी armed forces की क्षमता और अधिक मजबूत होगी: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
जब हम Private Sector को बढ़ावा देने की बात करते हैं, तो उसके पीछे एक बड़ा कारण यह होता है कि private sector में risk लेने की क्षमता होती है। Private sector मतलब, efficiency. Private sector मतलब, economic development. Private sector मतलब, Research and development. Private sector मतलब, imagination. इसलिए रक्षा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में, Private sector के आ जाने से, यहाँ और भी ज्यादा investment और विकास देखने को मिल रहा है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
जब सरकार का vision और Private Sector का innovation साथ आता है, तब राष्ट्र नई ऊँचाइयाँ छूता है; और आज हम वही होते हुए देख रहे हैं: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
हमारा लक्ष्य है, कि आने वाले वर्षों में इसे 50 प्रतिशत तक ले जाएँ। आज का यह Artillery shells बनाने का कारखाना, यह missile complex और यह अंतरिक्ष complex, इसी बदलाव के जीवंत प्रमाण हैं। यह वो नया भारत है, जहाँ Private Sector केवल nuts and bolts का supplier नहीं, बल्कि पूरे के पूरे advanced एवं state-of-the art weapon system का innovator और उत्पादक बन रहा है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
आज, मुझे यह कहते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है कि हमारे द्वारा किये गए प्रयास रंग ला रहे हैं। पहले, जहाँ रक्षा उत्पादन में Private Sector की भूमिका नगण्य थी, आज वह लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
हमने यह अनुभव किया कि जो देश अपने हथियार खुद बनाता है, वही अपनी तक़दीर लिखता है। अब दुश्मनों को जवाब हमारी सेना देगी और ताकत हमारे कारखाने देंगे। और हमारी सोच का नतीजा आज सबके सामने है। आज स्थिति यह है साथियों कि विदेशी कंपनियाँ भी हमसे जुड़ना चाहती हैं, हमारे साथ technology transfer करना चाहती हैं। यानी कि हम रक्षा क्षेत्र में मज़बूती के साथ अपनी पहचान बढ़ा रहे हैं: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh