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Alchemy by Ayurveda ,Crafting Ayurvedic wellness from ancient roots. Reviving Ras Shastra with modern grace, where purity is ritual, beauty is sacred.

India Katılım Şubat 2019
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DesiAlchemist@Desi_Alchemist·
बिना निवेश के DesiAlchemist से जुड़ना चाहते है ? कोई MLM स्कीम नहीं है । आप में से कई ने हमारे प्रोडक्ट उपयोग किए है और उन्हें सराहा है । अब एफ़िलिएट स्कीम पर काम कर रहे है , जिससे आप हमारे साथ बिना कुछ भी निवेश के जुड़ सकते है । अगर आप इसमें जुड़ना चाहते है तो कृपया 7400961916 पर मेसेज कीजिए साथ अपना और अपने शहर का नाम भी लिखिए । हमे भी आपकी आवश्यकता है क्योकि हमारे पास कोई कॉर्पोरेट फंडिंग या इतना पैसा नहीं है की बड़े विज्ञापन अथवा सेलिब्रिटी से जुड़ सके लेकिन हमे लगता है की हमारे ग्राहक ही हमारे सेलिब्रिटी है क्योकि हमारे परिवार और मित्रो से भी पहले आप सभी ने हमे सपोर्ट किया है तो हमे लग रहा है की मिलकर और आगे बड़ा जा सकता है । तो आप कृपया व्हाट्सएप कीजिए और आपको लगता है की ये मेसेज से कोई अन्य जुड़ सकते है तो कृपया इसे रिर्पोट कीजिए , अभी रीच बहुत कम है इस कारण ये अधिक लोगो तक नहीं जा पाएंगे । आप सभी का बहुत बहुत आभार 🙏🏼 wa.me/message/KKXUI2…
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DesiAlchemist@Desi_Alchemist·
क्या आपने कभी सोचा है कि हिंदू पंचांग में कभी-कभी एक अतिरिक्त महीना क्यों जुड़ जाता है, जिसे “अधिक मास” कहा जाता है? बहुत से लोग इसे केवल धार्मिक परंपरा मानते हैं, लेकिन वास्तव में इसके पीछे अत्यंत गहरा खगोलीय और गणितीय आधार छिपा हुआ है। अधिक मास इसलिए जोड़ा जाता है ताकि चंद्र वर्ष और सौर वर्ष के बीच बनने वाले अंतर को संतुलित किया जा सके और ऋतुएँ तथा त्योहार अपने सही समय पर बने रहें। भारतीय पंचांग एक “लूनी-सोलर” प्रणाली है, अर्थात इसमें चंद्रमा और सूर्य — दोनों की गतियों का उपयोग किया जाता है। हिंदू महीनों की गणना मुख्यतः चंद्रमा के चक्र से होती है। एक अमावस्या से अगली अमावस्या तक का समय एक चंद्र मास कहलाता है, जिसकी अवधि लगभग 29.5 दिन होती है। इस प्रकार 12 चंद्र मास मिलकर लगभग 354 दिनों का एक चंद्र वर्ष बनाते हैं। लेकिन पृथ्वी को सूर्य का एक चक्कर पूरा करने में लगभग 365.24 दिन लगते हैं। इस कारण चंद्र वर्ष और सौर वर्ष में लगभग 11 दिनों का अंतर रह जाता है। यदि इस अंतर को ठीक न किया जाए, तो धीरे-धीरे ऋतुएँ और त्योहार अपने वास्तविक मौसम से हटने लगेंगे। कई वर्षों बाद होली शीत ऋतु में या दीपावली वर्षा ऋतु में आने लगेगी। इसी असंतुलन को ठीक करने के लिए लगभग हर 32 से 33 महीने में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे “अधिक मास” कहा जाता है। अब प्रश्न आता है कि अधिक मास वास्तव में बनता कैसे है। भारतीय पंचांग में सूर्य की स्थिति को “संक्रांति” द्वारा देखा जाता है। जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, उसे संक्रांति कहा जाता है। सामान्यतः प्रत्येक चंद्र मास के भीतर सूर्य एक नई राशि में प्रवेश करता है। लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि एक पूरी अमावस्या से अगली अमावस्या तक सूर्य किसी नई राशि में प्रवेश नहीं करता। अर्थात उस पूरे चंद्र मास में कोई संक्रांति नहीं होती। तब उस महीने को “अधिक मास” घोषित किया जाता है। हिंदू महीनों के नाम भी खगोलीय आधार पर रखे गए हैं। जिस महीने की पूर्णिमा किसी विशेष नक्षत्र के निकट पड़ती है, उसी नक्षत्र के आधार पर महीने का नाम रखा जाता है। उदाहरण के लिए चित्रा नक्षत्र के निकट पूर्णिमा आने पर “चैत्र”, विशाखा के निकट आने पर “वैशाख”, और श्रवण नक्षत्र के निकट आने पर “श्रावण” मास कहा जाता है। इस प्रकार भारतीय पंचांग केवल धार्मिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सूर्य, चंद्रमा, नक्षत्रों, ऋतुओं और प्रकृति के गहरे संतुलन पर आधारित अत्यंत विकसित कालगणना प्रणाली है। हमारे ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले ही समय और आकाशीय गतियों के इस सूक्ष्म विज्ञान को समझकर ऐसी व्यवस्था बनाई, जो आज भी प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखती है।
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DesiAlchemist@Desi_Alchemist·
क्या आप जानते है की अधिक मास की गणना कैसे होती है ? की किस माह को अधिक मास माना जाए , आए विस्तार से जानते है
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DesiAlchemist@Desi_Alchemist·
DesiAlchemist में क्या अलग है जो उसे विशेष बनाता है !
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DesiAlchemist@Desi_Alchemist·
पहली बार कैमरे के सामने आने का प्रयास किया है और DesiAlchemist के बारे में बात की , आप बताए कैसा है ?
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गर्मियों में त्वचा को सिर्फ नमी नहीं, ठंडक और संतुलन की आवश्यकता होती है। Aloe Vera Gel अपनी शीतल प्रकृति के कारण त्वचा की गर्मी को शांत करता है, जलन, लालिमा और थकान को कम करता है, और त्वचा को हल्का, ताज़ा और संतुलित महसूस कराता है। धूप के बाद, या दिन में कभी भी जब त्वचा भारी लगे बस एक हल्की परत, और तुरंत आराम। ना चिपचिपाहट, ना भारीपन सिर्फ एक शुद्ध, शांत अनुभव। Desi Alchemist Ayurveda & Rasashastra for Every Home desialchemist.com/products/aloe-…
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DesiAlchemist@Desi_Alchemist·
वीर रस बियर्ड आयल हमे बहुत प्रसन्नता हो रही है हमारा नया प्रोडक्ट लाते हुए जो सिर्फ पुरुषों को ध्यान में रखकर बनाया हुआ है । दाढ़ी सिर्फ एक स्टाइल नहीं होती… यह आपकी पहचान और व्यक्तित्व का हिस्सा होती है। लेकिन अक्सर हम इसे केवल एक साधारण तेल दे देते हैं, जबकि इसे ज़रूरत होती है एक सही देखभाल की। Veer Ras Beard Oil इसी सोच से तैयार किया गया है एक ऐसा आयुर्वेदिक बियर्ड केयर एलिक्सिर जो केवल ग्रूमिंग तक सीमित नहीं, बल्कि एक अनुशासित दैनिक रिचुअल का हिस्सा बन सके। इसमें शामिल हैं carefully selected oils: Jojoba Oil – beard को संतुलित और smooth feel देने के लिए Badam Oil – गहरी पोषण और softness के लिए Argan Oil – shine और manageability के लिए Castor Oil – beard को dense और strong feel देने के लिए Kalonji Oil – पारंपरिक पोषण के लिए Bhringraj और Amla infused oils Essential oils का blend Swarna Bhasma यह blend मिलकर दाढ़ी को अधिक कोमल, सुसज्जित और सहज महसूस कराने में सहायक है, साथ ही skin को dryness और discomfort से बचाने में मदद करता है। साथ ही नीचे की त्वचा को आरामदायक और पोषित रखने में मदद करता है। यह कोई त्वरित समाधान नहीं, बल्कि एक सरल और विचारपूर्ण तरीका है उन लोगों के लिए जो अपनी दाढ़ी की देखभाल को गंभीरता से लेते हैं। ये 470/- में 30 ml है desialchemist.com/products/veer-…
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उषापान अर्थात सुबह उठकर खाली पेट पानी पीना, आयुर्वेद में दिन की शुरुआत की एक महत्वपूर्ण आदत मानी गई है। विशेष रूप से रात भर रखा हुआ पानी, जिसे सुबह धीरे-धीरे बैठकर पिया जाए, शरीर को भीतर से जागृत करने में सहायक माना जाता है। सुबह खाली पेट पानी पीने से पेट साफ रहने में सहायता मिलती है। कई लोगों को इससे सुबह की शौच नियमित होने, भारीपन कम होने और शरीर हल्का महसूस होने में मदद मिलती है। जब पेट साफ रहता है, तो दिन भर पाचन भी बेहतर रहता है और भूख ठीक लगती है। उषापान शरीर की रात्रि भर की शुष्कता को भी कम करता है। पूरी रात के बाद शरीर को सबसे पहले जल मिलने से ताजगी अनुभव होती है, आलस्य कम लगता है और दिन की शुरुआत अधिक सक्रिय रूप से हो पाती है। आयुर्वेद के अनुसार सुबह का यह जल पाचन अग्नि को धीरे-धीरे जागृत करता है। इससे भोजन अच्छे से पचने में सहायता मिलती है, गैस, भारीपन और भोजन के बाद होने वाली असुविधा कम हो सकती है। यदि ताँबे के पात्र में पानी रखा जाए, तो परंपरागत रूप से इसे और भी उपयोगी माना गया है। ताँबे के पात्र में रखा पानी सुबह सामान्य मात्रा में पिया जाता है। सामान्यतः 1–2 गिलास पर्याप्त माने जाते हैं। बहुत अधिक मात्रा में एक साथ पानी पीना आवश्यक नहीं है। उषापान करने की सरल विधि: • रात को सोने से पहले एक साफ पात्र में पानी भरकर रख दें। • सुबह उठने के बाद, बिना कुछ खाए-पिए, आराम से बैठकर पानी पिएँ। • पानी धीरे-धीरे पिएँ, बहुत जल्दी नहीं। • इसके बाद थोड़ी देर टहलना और फिर दिनचर्या शुरू करना अच्छा माना जाता है। छोटे बच्चों में बहुत अधिक मात्रा में पानी न दें। उन्हें थोड़ी मात्रा से शुरुआत कराएँ। यदि किसी को कोई विशेष रोग, बार-बार उल्टी, पेट की समस्या या चिकित्सकीय कारण हो, तो अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। कई बार अच्छी आदतें समझाने से नहीं, बल्कि घर के बड़े लोगों को देखकर अपने-आप सीख ली जाती हैं। यही उषापान की सबसे सुंदर शुरुआत है। #UshaPan #MorningRoutine #Ayurveda #HealthyHabits #CopperWater
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क्या आपने पेप्सी खाई है
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एक वर्ष पहले, अक्षय तृतीया के शुभ दिन हमने Desi Alchemist को ठाकुर जी के चरणों में समर्पित करके इसकी शुरुआत की थी। तब यह केवल एक छोटा-सा विचार, कुछ सूत्र, कुछ जड़ी-बूटियाँ और बहुत सारा विश्वास था। हमने छोटे-छोटे batch में products बनाए, उन्हें परखा, सीखा, सुधारा। फिर website बनी, पहला order आया, पहली बार किसी ने हमारे प्रयास पर विश्वास किया। धीरे-धीरे यह यात्रा आगे बढ़ती रही। हमें अपने आचार्यों से सीखने का अवसर मिला, exhibitions में जाने का अवसर मिला, और सबसे बड़ा सौभाग्य मिला आपका साथ। आज Desi Alchemist लाखों लोगों तक पहुँचा है, पर हमारे लिए सबसे बड़ा महत्व अब भी उसी बात का है आपका विश्वास। यदि आपने कभी हमारी किसी post को देखा, हमारे किसी product को अपनाया, हमें support किया या किसी अपने को हमारे बारे में बताया तो इस एक वर्ष में आपका भी उतना ही हिस्सा है। आपके सहयोग और ठाकुर जी के आशीर्वाद के बिना यह संभव नहीं था। हृदय से धन्यवाद। Desi Alchemist Ayurveda & Rasashastra for Every Home यह तो बस शुरुआत है। #DesiAlchemist #Ayurveda #Rasashastra #IndianBrand #StartupJourney
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गर्मी में त्वचा, बाल और शरीर को केवल नमी नहीं, शीतलता और सहज देखभाल की आवश्यकता होती है। एलोवेरा जेल इसी कारण वर्षों से ग्रीष्मकालीन देखभाल का एक सरल और प्रिय भाग माना जाता है। धूप के बाद त्वचा को शांत करने के लिए इसे गुलाबजल के साथ लगाया जा सकता है। घमौरियों और जलन में चंदन तथा थोड़ा फिटकरी जल मिलाकर उपयोग किया जा सकता है। तैलीय त्वचा के लिए नीम, आभा के लिए केसर, रूखी त्वचा के लिए बादाम तेल, और बालों व सिर की त्वचा के लिए भृंगराज व आंवला के साथ इसका उपयोग किया जा सकता है। एक ही एलोवेरा जेल, पर हर आवश्यकता के लिए अलग उपयोग। वही निर्मल एलोवेरा, वही कोमल अनुभव। अब 100 ml और 200 ml दोनों में उपलब्ध। 100 ml – ₹85 200 ml – ₹165 Desi Alchemist Ayurveda & Rasashastra for Every Home desialchemist.com/products/aloe-…
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स्वर्ण रस नाम के अनुरूप इसमें स्वर्ण का रस , स्वर्ण द्रुति के रूप में मिला हुआ है , साथ ही इसमें नियासियामिड और हाइलोरिनिक एसिड भी है । जो की स्किन के लिए बहुत ही लाभप्रद है , साथ ही केसर , चंदन आदि औषधीया भी है । आप चाहे कोई भी कंपनी का प्रोडक्ट उपयोग करे पर अगर आप इसके साथ स्वर्ण रस यानी इसे जोड़ लेंगे तो अद्भुत परिणाम प्राप्त होंगे क्योंकि ये सीरम आपके क्रीम या अन्य प्रोडक्ट का भी असर बढ़ा देगा । और आप सिर्फ एक माह में वास्तविक अंतर महसूस कर पाएंगे । desialchemist.com/products/swarn…
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रोज़हिप सौन्दर्य रिचुअल उनके लिए जो त्वचा को अधिक ताज़ा, निखरी हुई और उज्ज्वल महसूस करना चाहते हैं। स्वर्ण आभा सीरम + रोज़हिप एलिक्सिर स्वर्ण आभा सीरम की आभा और रोज़हिप एलिक्सिर की सौम्य पोषण शक्ति मिलकर त्वचा को अधिक ताज़ा, समान और जीवंत महसूस कराने में सहायक हो सकती है। • निस्तेज, असमान और थकी हुई दिखने वाली त्वचा के लिए उपयुक्त • त्वचा को अधिक कोमल, निखरी हुई और उज्ज्वल महसूस कराने में सहायक • ऐसे लोगों के लिए उपयुक्त जो त्वचा में ताज़गी और स्वाभाविक निखार चाहते हैं • प्रतिदिन के सौम्य निखार और हल्के पोषण के लिए उपयुक्त जब त्वचा को चाहिए ताज़गी और स्वाभाविक निखार, तब चुनें रोज़हिप सौन्दर्य रिचुअल। desialchemist.com/products/roseh…
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जोजोबा सौन्दर्य रिचुअल उनके लिए जो त्वचा में हल्का लेकिन संतुलित पोषण चाहते हैं। स्वर्ण आभा सीरम + जोजोबा एलिक्सिर स्वर्ण आभा सीरम और जोजोबा एलिक्सिर का यह संयोजन उन लोगों के लिए बनाया गया है जो त्वचा पर भारीपन महसूस किए बिना एक संतुलित और सहज रिचुअल चाहते हैं। • ऐसी त्वचा के लिए जिसे बहुत अधिक भारी या तैलीय उत्पाद पसंद नहीं • त्वचा को अधिक संतुलित, मुलायम और सहज महसूस कराने में सहायक • सामान्य, मिश्रित या हल्की तैलीय त्वचा के लिए विशेष रूप से उपयुक्त • प्रतिदिन सुबह या दिन में उपयोग के लिए एक हल्का और सुंदर रिचुअल जब त्वचा को चाहिए संतुलन और हल्का पोषण, तब चुनें जोजोबा सौन्दर्य रिचुअल। desialchemist.com/products/jojob…
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स्वर्ण आभा सौन्दर्य कलेक्शन आयुर्वेद में माना गया है कि स्वर्ण जिस द्रव्य के साथ संस्कारित होकर मिलता है, उसकी उपयोगिता और गुणों को और अधिक प्रभावी बना देता है। इसी विचार से हमने स्वर्ण आभा सीरम को 4 अलग-अलग आयुर्वेदिक एलिक्सिर के साथ जोड़ा है, ताकि हर त्वचा अपनी आवश्यकता के अनुसार सही सौन्दर्य रिचुअल चुन सके। कुमकुमादी – प्राकृतिक आभा और चमक के लिए बादाम – गहरी पोषण और कोमलता के लिए जोजोबा – हल्के और संतुलित पोषण के लिए रोज़हिप – ताज़गी और निखार के लिए स्वाइप कीजिए और जानिए, आपके लिए कौन-सा स्वर्ण आभा सौन्दर्य रिचुअल सबसे उपयुक्त है। desialchemist.com/collections/sw…
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शुद्धाद्वैत ब्रह्मवाद स्थापक, पुष्टि भक्तिमार्ग प्रवर्तक, भगवदवदनानलावतार, सदा वस्तुतः कृष्ण एवं श्रीजी के वल्लभ, समग्र पुष्टि सृष्टि के प्राणाधार अखंड भुमंडलाचार्य, जगद्गुरु श्रीमहाप्रभु श्रीमद् श्रीवल्लभाचार्यचरण के ५४८वे प्रागट्य महामहोत्सव की परम मंगल बधाई!
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