Anuj Agnihotri Swatntra@swatntra_anuj
हरदोई के सनबीम स्कूल में जो घटना हुई है अब उसमे राजनीति हो रही है।
ममता मिश्रा का लगभग हर प्रबुद्ध व्यक्ति ने उनके वायरल वीडियो के तप्तेज पर विरोध किया, यहां तक कि मैं भी चाहता था कि उनके खिलाफ कार्रवाई को, FIR हुई ठीक है होनी चाहिए लेकिन SCSTACT मे जो मुकदमा पंजीकृत हुआ है वह निहायती ग़लत है, इससे नीलम वर्मा के प्रति उपजी सहानुभूति ख़त्म हो गई है।
वायरल वीडियो में जाति सूचक शब्द नहीं बोला गए न ही जाति जानकर कोई अपमान किया गया, न ही कोई जाति को लेकर किसी तरह का भाव था, मामला सिर्फ फीस कॉपी किताब कहां से खरीदने का था, हां वीडियो में 'यू शटअप, जस्ट शटअप, जैसे निरर्थक शब्द तेज आवाज में आवेशपूर्ण थे, जिनका मैने भी बहुत विरोध किया लेकिन यहां ममता मिश्रा जी के ऊपर जो FIR हुई है उसमे SCSTACT ग़लत है।
अब इससे होगा यह अगर ममता मिश्रा हाईकोर्ट जाति हैं तो पूरी FIR ही खत्म हो जाएगी, मै चाहूंगा कि ममता मिश्रा FIR QUES में रिट फाइल करें, इसमें अब दोनो पीड़ित है ममता मिश्रा भी और नीलम वर्मा भी, लेकिन अब नीलम को न्याय नहीं मिल पाएगा यदि FIR QUES हो गई, यदि SCSTACT को ममता मिश्रा जी ने चैलेंज नहीं किया तो ममता मिश्रा जी की बुढ़ौती खराब हो जाएगी।
ममता मिश्रा जी का मै पक्ष नहीं ले रहा हूं, जबकि ममता मिश्रा जी हमसे सात आठ सालों से फेसबुक से जुड़ी है हम लोगों के बीच संवाद भी हुआ है, लेकिन जब उनका वह अभिभावक के साथ बद्तमीजी वाला वीडियो वायरल हुआ मैने एक क्षण गवाए उन्हें अमित्र कर दिया उनका विरोध किया, लेकिन अब जो उनके साथ हो रहा है वह ग़लत है, क्योंकि निजी स्कूलों की फ़ीस पर मनमानी, ड्रेस कोड अलग-अलग, कोर्स चुनिंदा दुकानों पर MRP रेट वह भी बहुत ज्यादा मंहगा, उसे खरीदने का दवाव इत्यादि!
हां उनके विद्यालय की जांच हो, मान्यता रद्द हो, जुर्माना हो इन सब के पक्ष में हूं लेकिन इस पक्ष में नहीं हूं कि SCSTACT जैसे हथियार ब्राह्मणों के ऊपर चला दो।