
कल शाम होने वाली पत्नी से WhatsApp पर बातचीत हो रही थी तभी वो बोली 35 हजार कैश लेते आना मुझे एक पायल लेनी है। मैं कुछ देर तक फोन हाथ में लेकर बैठा रहा क्योंकि मैं जानता था मेरे अकाउंट में 15 हजार भी नहीं हैं। मैं 12–15 हजार महीने कमाने वाला लड़का हूँ कोई बिजनेस नहीं है कोई जमीन-जायदाद नहीं। बस एक नौकरी… और हर महीने खत्म होती हुई salary। लेकिन शायद रिश्तों में ये बातें अब मायने नहीं रखतीं। कुछ दिन पहले मैं उसे लहंगा दिलाने ले गया था। मेरे पास कुल 23 हजार थे मैंने सोचा था 18–19 हजार तक का ले लेंगे बाकी पैसों से कहीं बैठकर खाना खा लेंगे थोड़ा future के लिए भी बच जाएगा लेकिन उसे 30 हजार वाला लहंगा पसंद आया। मैंने धीरे से कहा — 19 वाला भी अच्छा लग रहा है वो ले लो ना। उसने वहीं सबके सामने जवाब दिया औकात नहीं थी तो यहां लाए ही क्यों? उस दिन पहली बार महसूस हुआ कि गरीबी सिर्फ जेब में नहीं होती कभी-कभी सामने वाले की नजरों में भी दिखा दी जाती है। फिर कुछ दिन बाद झुमके खरीदने गए उसे 25 हजार वाले पसंद आए। मैंने हां तो बोल दी… लेकिन दुकान से थोड़ा हटकर दोस्त को फोन लगाया —भाई 10 हजार भेज सकता है क्या? बाद में लौटा दूंगा। शायद उसे मेरी बात सुनाई दे गई थी वापस आई और बोली —छोड़ो… 16 हजार वाले ही दिखा दो। उस वक्त उसने पैसे बचाए नहीं थे उसने मुझे एहसास कराया था कि मैं afford नहीं कर सकता। और अब कल शाम ये पायल वाली चैट सच बताऊँ? अब डर खर्चों का नहीं लगता। डर इस बात का लगता है कि मैं धीरे-धीरे इंसान कम और ATM ज्यादा बनता जा रहा हूँ। सबसे अजीब चीज़ क्या है पता है? जब मैं ये बातें किसी को बताता हूँ तो लोग कहते हैं —झूठ बोल रहा है बंदा। Attention चाहिए ऐसी लड़कियाँ होती ही नहीं। शायद इसलिए क्योंकि लोग सिर्फ reels में प्यार देखते हैं। असल जिंदगी में लड़कों के financial pressure नहीं। कोई नहीं देखता कि एक 15 हजार कमाने वाला लड़का 30–35 हजार की चीज़ खरीदने से पहले अपनी जरूरतें नहीं…अपनी इज़्ज़त गिरवी रखता है। और सबसे दुख वाली बात? हर बार पैसे की बात होने के बाद मुझे उससे प्यार कम अपनी औकात ज्यादा याद आने लगती है। अब सच-सच बताना —अगर शादी से पहले ही एक लड़की बार-बार ऐसी चीजें मांगने लगे जो लड़का clearly afford नहीं कर सकता और उसकी मजबूरी सुनने के बजाय उसे छोटा महसूस कराए तो ऐसे रिश्ते को निभाना चाहिए या वक्त रहते छोड़ देना चाहिए?

















