CG Forest & Climate Change Department

631 posts

CG Forest & Climate Change Department banner
CG Forest & Climate Change Department

CG Forest & Climate Change Department

@ForestCgGov

This is the Official account of Forest & Climate Change Department, Government of Chhattisgarh. Rts are not Endorsements.

Chhattisgarh, India Katılım Haziran 2021
115 Takip Edilen2.3K Takipçiler
CG Forest & Climate Change Department
खैरागढ़ के ईको कैंप छिंदारी में ‘बर्डवॉक’ बना आकर्षण का केंद्र प्रकृति प्रेमियों को मिल रहा अनूठा अनुभव, बढ़ रही संरक्षण के प्रति जागरूकता रायपुर, 30 मार्च 2026/ वन विभाग खैरागढ़ द्वारा ईको कैंप छिंदारी में शुरू की गई ‘बर्डवॉक’ पहल प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है। यह पहल वन मंत्री श्री केदार कश्यप की प्रेरणा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। वर्ष 2026 से प्रारंभ इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को विशेषज्ञों की देखरेख में पक्षी भ्रमण (बर्डवॉक) आयोजित किया जा रहा है। इसमें आम नागरिकों, विद्यार्थियों और प्रकृति प्रेमियों को भाग लेने का अवसर मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि ईको कैंप छिंदारी जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्र है, जहां छत्तीसगढ़ में पाई जाने वाली पक्षियों की लगभग 35 प्रतिशत प्रजातियाँ देखी जा सकती हैं। यहां आने वाले पर्यटक विभिन्न रंग-बिरंगे पक्षियों को नजदीक से देखकर मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। हाल के बर्डवॉक कार्यक्रमों में खैरागढ़ के संगीत एवं कला के छात्र- छात्राओं सहित दुर्ग, रायपुर और राजनांदगांव से आए पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों को पक्षियों के व्यवहार, घोंसला निर्माण और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में जानकारी दी जा रही है। यह पहल केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की सीख भी देती है। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों को शांत रहने, प्लास्टिक का उपयोग न करने और वन्यजीवों के आवास का सम्मान करने जैसे नियमों का पालन कराया जाता है। पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए वयस्कों से 200 रुपए तथा विद्यार्थियों से 50 रुपए का सहयोग शुल्क निर्धारित किया गया है। ईको कैंप का संचालन स्थानीय समुदाय द्वारा किया जा रहा है, जिसे वन विभाग का वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग प्राप्त है। ईको कैंप छिंदारी में बर्डवॉक के साथ-साथ बोटिंग, टेंटिंग, कैंपिंग तथा छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों जैसे फरा, ठेठरी और खुरमी का आनंद लेने की भी सुविधा उपलब्ध है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह स्थल पर्यटकों के लिए एक आदर्श पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। वन विभाग ने इच्छुक नागरिकों से बर्डवॉक में शामिल होने के लिए अग्रिम पंजीकरण कराने का आग्रह किया है, ताकि सभी को सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण अनुभव मिल सके। यह पहल इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
CG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet media
हिन्दी
0
0
0
27
CG Forest & Climate Change Department
नागोया प्रोटोकॉल- पारंपरिक ज्ञान के उपयोग से लाभ उसे देश के स्थानीय लोगों के साथ बराबरी से साझा किए जाने का अंतरराष्ट्रीय समझौता.....
हिन्दी
0
0
0
8
CG Forest & Climate Change Department
🎥🌿 आर्द्रभूमि से सीख — प्रकृति की पुकार 🌿🎥 बिलासपुर के वन चेतना केंद्र, सकरी में आयोजित ‘आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी एवं पक्षी संरक्षण’ कार्यशाला की कुछ झलकियाँ… जहाँ विशेषज्ञों ने बताया — 💧 आर्द्रभूमियाँ सिर्फ जल स्रोत नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं 🕊️ पक्षियों के लिए सुरक्षित आवास का महत्व 🌱 जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन में इनकी अहम भूमिका ✨ कोपरा जलाशय (छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट) की विशेषताओं और संरक्षण पर भी विशेष चर्चा की गई 👩‍🎓👨‍🎓 विद्यार्थियों की उत्साही भागीदारी और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन ने इस आयोजन को और भी सार्थक बना दिया 📢 आइए, हम सब मिलकर आर्द्रभूमियों और पक्षियों की रक्षा का संकल्प लें #WorkshopHighlights #WetlandsMatter #SaveBirds #NatureConservation #Bilaspur #Chhattisgarh #EcoAwareness 🌍💚
हिन्दी
0
0
0
20
CG Forest & Climate Change Department
🌿 बिलासपुर | 27 मार्च 2026 🌿 वन चेतना केंद्र, सकरी में ‘आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी एवं पक्षी संरक्षण’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में आर्द्रभूमियों के महत्व, जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन एवं पक्षियों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा गहन चर्चा की गई। ✨ छत्तीसगढ़ के प्रथम रामसर साइट कोपरा जलाशय की विशेषताओं और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई। 👨‍🏫 विभिन्न विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक, सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से आर्द्रभूमियों के महत्व को समझाया, वहीं विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता के साथ अपने ज्ञान को समृद्ध किया। 👥 कुल 70 विद्यार्थियों की सहभागिता के साथ यह आयोजन जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। 🌱 यह पहल पर्यावरण संरक्षण और पक्षी सुरक्षा के प्रति समाज को प्रेरित करने का एक सशक्त प्रयास है। #WetlandConservation #BirdProtection #EnvironmentAwareness #Chhattisgarh #Bilaspur #NatureLovers #SaveWetlands #EcoFriendly 🌍🕊️
हिन्दी
0
0
0
15
CG Forest & Climate Change Department
दिनांक 31-03-2026 को कुंवरगढ़ महोत्सव, कुरा धरसीवां में छत्तीसगढ़ हर्बल का स्टॉल लगाया गया, जहां माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्टॉल का निरीक्षण एवं विजिट किया गया। इस अवसर पर वन आधारित उत्पादों, जनजातीय आजीविका और प्राकृतिक हर्बल उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की गई। यह पहल जंगल से जुड़े समुदायों को सशक्त बनाने और छत्तीसगढ़ के हर्बल उत्पादों को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। #kuwargarhmohatsav #cmo #chhattisgarhherbals
CG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet media
हिन्दी
0
0
0
10
CG Forest & Climate Change Department
महुआ—छत्तीसगढ़ का “पीला सोना” जंगलों में महुआ के फूल ज़मीन को पीले रंग से ढक देते हैं और हर फूल के साथ जुड़ी होती है मेहनत, परंपरा और हजारों वनवासी परिवारों की आजीविका। जो कभी सिर्फ कच्चे रूप में बेचा जाता था, वही आज लड्डू, कुकीज़ और अन्य वैल्यू एडेड उत्पादों के रूप में नई पहचान बना रहा है। महुआ सिर्फ एक वन उपज नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और प्रकृति के साथ संतुलन का प्रतीक है। chhattisgarhherbal.com #Mahua #ChhattisgarhHerbals #ForestToMarket #VocalForLocal #TribalLivelihood
हिन्दी
0
0
0
9
CG Forest & Climate Change Department
औषधीय पौधों की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने किया नर्सरी का निरीक्षण ⛳ छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने 25 मार्च को महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड का दौरा किया । ⛳ श्री विकास मरकाम ने बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न औषधीय पादप नर्सरियों का सघन निरीक्षण किया तथा क्षेत्र भ्रमण कर चल रहे विकास कार्यों का भी जायजा लिया। निरिक्षण के दौरान बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस.राव और विभिन्न अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। ⛳ श्री विकास मरकाम ने भनपुरी स्थित नर्सरी एवं कृषक प्रशिक्षण केन्द्र में आगामी वर्षा ऋतु में वितरण हेतु तैयार किए जा रहे मण्डूकपर्णी, सतावर, बच और ब्राम्ही के पौधों का भी निरीक्षण किया । ⛳ श्री विकास मरकाम ने ग्राम तेन्दूलोता में बच और ब्राम्ही के कृषि क्षेत्र को विस्तार देने तथा किसानों को इसके आर्थिक लाभों के प्रति प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने देवरी 10 प्रकार के औषधीय पौधों वाले ‘मल्टीलेयर प्लांटेशन’ मॉडल का भी अवलोकन किया तथा देवरी स्थित नर्सरी में उन्होंने विभिन्न ‘एग्रो फारेस्ट्री मॉडल’ जैसे सागौन के साथ लेमनग्रास, वेटिवर और पचौली के रोपण की सराहना करते हुए बताया कि अंतरवर्तिय फसलों के माध्यम से किसान कम समय में पारंपरिक खेती की तुलना में कहीं अधिक मुनाफा कमा सकते हैं । ⛳ श्री विकास मरकाम ने दौरे के अगले चरण में डोंगरगांव और डोंगाझर नर्सरियों में सैलेशिया और सतावर की उन्नत ‘सिंपशेट्टी’ प्रजाति का निरीक्षण किया गया, जो अन्य प्रजातियों की तुलना में अधिक उत्पादन देती है. यहाँ उपयोग की जा रही नवीन तकनीकों जैसे रेनपाईप एप्लीकेशन और विड़मेट पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में अधिक से अधिक किसानों को प्रशिक्षण से जोड़कर औषधीय एवं सुगंधित पादपों के कृषिकरण का विस्तार किया जाए। उन्होंने वनों में औषधीय पौधों के सघन रोपण, उनके प्राथमिक प्रसंस्करण और स्थानीय जनजातियों, ग्रामीणों एवं परंपरागत वैद्यों को आवश्यकतानुसार पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कर उन्हें लाभान्वित करने की कार्ययोजना पर बल दिया.
CG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet media
हिन्दी
0
1
2
78
CG Forest & Climate Change Department
सफलता की कहानी- गौरेला पेंड्रा मरवाही में लेमनग्रास क्रांति; शून्य बजट से समृद्धि की राह.....
CG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet media
हिन्दी
0
1
2
81
CG Forest & Climate Change Department
छत्तीसगढ़ के वन विभाग ने वन्यजीव तस्करों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में केशकाल वनमंडल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए तेंदुए की खाल की तस्करी करने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुखबिर की सूचना पर विभाग के ही एक कर्मचारी ने खरीदार बनकर जाल बिछाया और फरसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग पर घेराबंदी कर तस्करों को रंगे हाथों धर दबोचा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि लगभग 7 महीने पहले भरमार बंदूक से इस तेंदुए का शिकार किया गया था। विभाग ने मौके से खाल के साथ-साथ तस्करी में इस्तेमाल वाहन और मुख्य आरोपी से शिकार में प्रयुक्त बंदूक भी जप्त कर ली है। पकड़े गए आरोपी कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिले के निवासी हैं, जिन पर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत सख्त कार्यवाही की जा रही है। वन विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और शिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
CG Forest & Climate Change Department tweet media
हिन्दी
0
0
2
67
CG Forest & Climate Change Department
🌳 वनों की सुरक्षा को मिला नया कवच! 🌳 छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम, कवर्धा परियोजना मंडल द्वारा एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है 💪 📌 कैम्पा मद से 227 नए मुनारों (Boundary Pillars) का सफल निर्माण 👉 वन सीमाओं को अब मिला मजबूत और स्थायी संरक्षण 👉 अवैध अतिक्रमण पर लगेगी प्रभावी रोक 👉 वन रक्षकों के लिए निगरानी हुई आसान ✨ यह पहल न केवल वन भूमि की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करेगी, बल्कि भविष्य में विवादों को भी कम करेगी। 🌿 प्रबंध संचालक एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री प्रेम कुमार (भा.व.से.) द्वारा भी इस कार्य की सराहना की गई। 🌱 सुरक्षित वन = समृद्ध पर्यावरण = बेहतर भविष्य #Chhattisgarh #ForestDevelopment #VanVikas #EnvironmentProtection #GreenFuture #CAMPA #Kawardha #ForestConservation
CG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet media
हिन्दी
1
1
4
76
CG Forest & Climate Change Department
सशक्त छत्तीसगढ़, समृद्ध पर्यटन! वन मंत्री श्री केदार कश्यप जी की दूरगामी सोच से साकार हुआ 'मोहरेंगा नेचर सफारी'। यह परियोजना न केवल वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय लोगों और महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाएगी। यहाँ प्रकृति के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का बेजोड़ संगम है। आइए, छत्तीसगढ़ की इस अनूठी प्राकृतिक संपदा का हिस्सा बनें।
CG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet media
हिन्दी
0
1
3
72
CG Forest & Climate Change Department
इस नवरात्रि अपनाएं तिखुर, व्रत के दौरान शरीर को ठंडक देने और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने के लिए यह एक सहज और प्राकृतिक विकल्प है। तिखुर अपने शीतल स्वभाव, हल्केपन और आसान पाचन के कारण व्रत में विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है। पारंपरिक वन-आधारित सुपरफूड के रूप में इसकी शुद्धता और सादगी इसे व्रत के दौरान एक भरोसेमंद और संतुलित आहार बनाती है। chhattisgarhherbal.com #chhattisgarhherbals #NavratriSpecial #Tikhur #fastingdelight #NaturalWellness
हिन्दी
0
0
2
42
CG Forest & Climate Change Department
छत्तीसगढ़ हर्बल्स का महुल दोना-पत्तल अब महामाया मंदिर, बिलासपुर में भोग वितरण के लिए उपयोग किया जा रहा है। यह पहल प्रकृति और परंपरा का सुंदर संगम है, जहां इको-फ्रेंडली विकल्प अपनाकर प्लास्टिक के उपयोग को कम किया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार ये दोना-पत्तल स्थानीय महिलाओं को रोजगार देने के साथ-साथ वन आधारित आजीविका को भी बढ़ावा दे रहे हैं। #ChhattisgarhHerbals #Mahul #EcoFriendly #VocalForLocal #SustainableLiving
CG Forest & Climate Change Department tweet media
हिन्दी
0
0
2
72
CG Forest & Climate Change Department
21मार्च 2026 सुबह 11.00 बजे छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवंऔषधि पादपबोर्ड, द्वारा आयोजित "बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला के पदभार ग्रहण समारोह" का आयोजन किया गया ⛳ छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपराएवं औषधि पादपबोर्ड, द्वारा 21 मार्च 2026 सुबह 11.00 बजे "बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला के पदभार ग्रहण समारोह" का आयोजन राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर, जीरो प्वाईट, रायपुर में किया गया। ⛳ कार्यक्रम में सर्वप्रथम बोर्ड के माननीय अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यवा श्री अंजय शुक्ला जी को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए बोर्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं योजनाओं के विस्तार से जानकारी दी, उन्तेोंने बताया कि बोर्ड वर्तमान में औषधीय पौधों की खेती हेतु विशेष योजना चला रहा है, जिसके अंतर्गत धमतरी जिले में महानदी के किनारे खस की खेती महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से की जा रही है, जिन्हें फसल उत्पादन के पहले ही एडवांस सं. 25.00 लाख विकेताओं द्वारा प्रदान किया गया, वही गैरिला-पेण्डा-मरवाही जिले में लेमनग्रास की खेती स्व-सहायता समूहों के माध्यम से की जा रही है। बोर्ड के द्वारा किए जा रहे फलस्वरूप खेती में किए जा रहे नवाचार योजना केलिए राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार भी मिला है। ⛳ इसके बाद कार्यक्रम में बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्याला श्री अंजय शुक्ला ने उस्तावर कर पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण समारोह में पधारे हुए सभी लोगों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दी। ⛳ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जगदलपुर के विधायक माननीय श्री किरण सिंह देव ने बोर्ड के कार्यों की सराहना करते हुए सभी से यह बात साझा कि दिसंबर माह में बोर्ड द्वारा किए गए एक संभागीय स्तर के एक वैद्य सम्मेलन में विभिन्न प्रकार की बीमारियों का उपचार करने वाले सैकड़ों वैद्यों से मिलने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्हेंनि यह भी कहा कि बस्तर में यदि कोई आदिवासी बीमार होता है, वह सबसे पहले वैद्यों के पास जाता है, जिसका उपचार वैध निःशुल्क कर देते हैं। ⛳ कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि तकनीकी शिक्षा मंत्री माननीय श्री खुशवंत साहेव ने नवनियुक्त माननीय उपाध्यक्ष को बधाई देते हुए सभी लोगों से गर्व से यह बात कि वैद्यगण बड़ी-बड़ी बीमारियों के लिए छोटी-छोटी जड़ी-बूटी देकर अत्यंत कम खर्च में उपचार कर देते है। इसके बाद कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पधारे हुए घरसी चेत्र के विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा ने बोर्ड के चौये उपाध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करने की बधाई दी। ⛳ तत्पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय वनमंत्री श्री केदार कश्यप जी ने अपने उद्‌बोधन में बताया कि पूरे छत्तीसगढ़ में 60.00 लामा वर्ग कि.मी. वन क्षेत्र है और पिछले कुछ वर्षों में वनक्षेत्रों में 683 वर्ग कि.मी. की वृद्धि हुई है, जो कि छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ के जंगलों में खासकर बस्तर के जंगलों में दुर्लभ वनौषधियों का भंडार है, जिसका उपयोग वहाँ के वैद्य आम लोगों के उपचार में करते है। बस्तर गोत्र के लगभग 80 प्रतिशत लोग बनों पर और उनसे प्राप्त होने वाले वनौषधियों पर निर्भर है, उन्हेंनि सभी से निवेदन किया कि आज 21 मार्च अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के मौके पर सभी संकल्प ले कि वे सत्तीसगढ़ की परंपरा, संस्कृति तथा परंपरागत ज्ञान का संरक्षण भविष्य की पीड़ियों के लिए करेंगे। ⛳ कार्यक्रम में श्री गुरु बालदास साहेब जी, राजस्व मंत्री माननीय श्री टेकराम वर्मा, अभनपुर विधायक श्री इंड कुमार साहू, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, आर.डी.ए. अध्यक्ष श्री नन्ने साहू, नागरिक आपूर्ति कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष, श्री केदारनाथ गुप्ता, निःशक्तजन आयोग के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, बीज निगम अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर जी, राज्य अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा जी, श्री अशोक बजाज जी (प्रदेश कार्यालय मंत्री), श्री आलोक ठाकुर जी (किसान मोर्चा प्रदेश अध्शा), श्री अरविन्द ठाकुर (अध्या सरपंच संप रायपुर), श्री श्याम नारंग (जिला अध्यक्ष रायपुर ग्रामीण), श्री संतोष शुक्ला जी (महामंत्री रायपुर ग्रामीण), श्री रमेश ठाकुर (जिला अध्यक्ष रायपुर बाहर), श्री अमित साहू (प्रदेश मंत्री भाजपा), श्री उपकार चन्द्राकर (पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश महामंत्री), श्री शिवशंकर वर्मा (जिला उपाध्यक्ष), श्री पिन्टू साहू (जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा रायपुर ग्रामीण), श्री सुरेन्द्र पाटनी (रायपुर ग्रामीण प्रभारी), श्री तुषार चोपड़ा (जिला मंत्री रायपुर शहर), श्री गुरू सौरभ साहेब (जिला पंचायत सभापति), श्रीमति स्वाति वर्मा (जिला पंचायत सभापति), श्री श्याम कुमार शुक्ला (अध्यक्ष ब्राम्हण सामाज), मंडल अध्यक्षगण श्री किशोर साहू, श्री मनोज वर्मा, श्री आयु चन्द्रवंशी, श्री अशोक सिन्हा, श्री सुनील शर्मा, श्री चन्द्रकांत सातू, श्री किशोर साहू, श्री हरिशंकर वर्मा, श्रीमत्ति सोना वर्मा उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त श्री गोपेश साहू (जोन अध्यक्ष), श्री हितेन्द्र तिवारी (अध्यक्ष रायपुर बार), श्रीमति उमा व्यास तया युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्री मयंक यादव, श्री हनुमंत आडिल, श्री महेश यहु, श्री रामकुमार बेस, श्री नीरज चन्द्रकार, श्री मोजराम धीवर, श्री विलराज छाबड़ा, श्री प्रमोद निषाद, श्री शशिकांत साहू सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव सहित कार्यालय के समस्त स्टॉफ मौजूद रहे।
CG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet media
हिन्दी
0
0
2
54
CG Forest & Climate Change Department
21 मार्च 2026 अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर "2047 के विकसित छत्तीसगढ़ लक्ष्य को पूरा करने में हर्बल सेक्टर की भूमिका" 🌳 21 मार्च 2026 अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस* के अवसर पर "2047 के विकसित छत्तीसगढ़ लक्ष्य को पूरा करने में हर्बल सेक्टर की भूमिका" विषय पर छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड (वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग) द्वारा संगोष्ठी का आयोजन बोर्ड कार्यालय के सभागार में राज्य वन अनुसंधान के द्वितीय तल, जीरो पॉइंट, बलौदा बाजार रोड रायपुर पर किया गया । 🌳 संगोष्ठी में कॉलेज के छात्र- छात्राओं, हर्बल सेक्टर में स्टार्टअप के माध्यम से कार्य करने के इच्छुक गणमान्य नागरिकों ने कार्यक्रम में भागीदारी की । 🌳 संगोष्ठी में बोर्ड के द्वारा किए जा रहे कार्य तथा योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई तथा उनसे संबंधित वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया ।तत्पश्चात, प्रेजेंटेशन के माध्यम से औषधि पौधा संरक्षित क्षेत्र और टिशु कल्चर के माध्यम से औषधि पौधों को कैसे लैब में बनाया जा सकता है, इसके संबंध में जानकारी दी गई । संगोष्ठी में विभिन्न औषधि एवं सुगंधित पौधों की खेती करने से संबंधित जानकारी भी प्रेजेंटेशंस के माध्यम से बोर्ड के कर्मचारियों द्वारा दी गई । 🌳 संगोष्ठी में पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी के प्रोफेसर श्री कमलेश कुमार शुक्ला जी ने अपना प्रेजेंटेशन दिया जिसके अंतर्गत उन्होंने मेडिसिनल प्लांट्स के अंदर पाए जाने वाली बीमारियों से लड़ने की क्षमता उत्पन्न करने वाले माइक्रोब्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी । 🌳 संगोष्ठी में बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव ने संगोष्ठी में भाग ले रहे छात्र-छात्राओं तथा स्टार्टअप के माध्यम से हर्बल सेक्टर में कार्य करने वाले आम लोगों को बोर्ड द्वारा औषधि पौधों की खेती संबंधित योजनाओं का लाभ लेकर औषधि पौधों की खेती कर अच्छा पैसे कमाने के लिए प्रोत्साहित किया तथा 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ लक्ष्य को पूरा करने में अपना योगदान देने के लिए आवाहन किया ।
CG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet media
हिन्दी
0
0
2
54
CG Forest & Climate Change Department
वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो मध्य क्षेत्र भोपाल ,राज्य स्तरीय उड़न दस्ता वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग छत्तीसगढ़,और दंतेवाड़ा के स्थानीय वनमण्डल के स्टाफ के साथ मिलकर दंतेवाड़ा वन परिक्षेत्र में दिनांक 17/3/2026 को दल के द्वारा वन्यप्राणी बाघ तथा तेंदुए की खाल की तस्करी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। 🔍 मुखबिरों से प्राप्त सूचना के संकलन के पश्चात टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए वन्यप्राणी बाघ एवं तेंदुए की खाल की तस्करी करते हुए 9 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ⚖️ सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, तथा फरार अन्य आरोपियों को पकड़ने की मुहिम लगातार जारी है। 👮‍♂️ यह कार्यवाही HOFF साहब के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न की गई। 🌱 वन्यजीव हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं – इनके संरक्षण में सहयोग करें और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें। #WildlifeProtection #SaveWildlife #ForestDepartment #AntiPoaching #Dantewada #Tiger #Leopard #Chhattisgarh
CG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet media
हिन्दी
1
1
5
119
CG Forest & Climate Change Department
छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ मर्यादित के मार्गदर्शन में संवेदनशील क्षेत्र में तेंदूपत्ता की बेहतर गुणवत्ता और उत्पादन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फड़– अर्जुनल्ली, चंदनगिरी, पामेड़ समिति रसपाल्ली, गुन्लापेटा, मोदकपल्ली और गेर्रागुडा में प्रूनिंग (छंटाई) कार्य प्रारंभ किया गया है। इस पहल से तेंदूपत्ता के पौधों की स्वस्थ वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आने वाले मौसम में बेहतर संग्रहण संभव होगा। तेंदूपत्ता संग्राहक वनवासी परिवारों के लिए आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जिससे उन्हें मौसमी रोजगार और आय प्राप्त होती है तथा उनके जीवनयापन को सहारा मिलता है। #CGMFPFED #Tendupatta #ForestLivelihood ##LaghuVanopaj #Chhattisgarh
CG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet media
हिन्दी
0
0
2
89
CG Forest & Climate Change Department
🦋 Invitation: Butterfly Day Webinar 🦋 We are pleased to invite you to a Butterfly Day Webinar organized by the Chhattisgarh Wetland Board in collaboration with the Foundation for Ecological Security (FES). Butterflies are important indicators of a healthy ecosystem and play a crucial role in pollination and biodiversity conservation. Protecting butterfly habitats such as wetlands, forests, and grasslands helps maintain ecological balance and supports many other species. This webinar will focus on the importance of butterflies, their ecological role, and discussions on strategies for butterfly conservation and habitat protection. 📅 Date: 14th March ⏰ Time: 12:00 PM 🔗 Join the webinar using the Zoom link: us06web.zoom.us/j/85194370185 We warmly invite you to participate in this informative session and join the discussion on butterfly conservation and biodiversity protection.
CG Forest & Climate Change Department tweet media
English
0
0
1
81
CG Forest & Climate Change Department
बोर्ड की समीक्षा बैठक में निर्णय - बस्तर और सरगुजा संभाग में बोर्ड/शासन की योजनाओं का जमीनी स्तर तक विस्तार किया जाएगा ✅ 12 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की समीक्षा बैठक का आयोजन कार्यालय सभागार में किया गया। ✅ इस अवसर पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष माननीय श्री विकास मरकाम द्वारा की गई। समीक्षा बैठक में सर्वप्रथम बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला जी को माननीय अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव, बोर्ड कार्यालय के समस्त कर्मचारियों तथा बैठक में उपस्थित सभी अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा बधाई दी गई तथा पुष्प गुच्छ प्रदान कर स्वागत किया गया । ✅ समीक्षा बैठक में बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव द्वारा बोर्ड के द्वारा किए जा रहे सभी कार्यों एवं योजनाओं का विस्तार पूर्वक प्रस्तुतीकरण दिया गया । प्रस्तुतीकरण में वन क्षेत्रों में औषधीय पौधा रोपण, औषधीय पौधों का कृषिकरण तथा नवाचार कार्यों की जानकारी प्रदान की गई । ✅ समीक्षा बैठक में माननीय अध्यक्ष श्री विकास मरकाम द्वारा नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला को बधाई देते हुए बोर्ड के सभी कार्यों का विस्तार छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचाने के विज़न के साथ विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा संभाग में बोर्ड के कार्यों एवं योजनाओं को पहुँचाने हेतु रोडमैप तैयार किए जाने हेतु निर्देशित किया गया । माननीय अध्यक्ष महोदय द्वारा स्थानीय वैद्यों को स्थायी पंजीकरण हेतु प्रयास करने के लिए भी निर्देशित किया गया । ✅ बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला ने अपनी प्रथम बैठक में कहा कि औषधीय पौधों का क्षेत्र अपार संभावनाओं का क्षेत्र में तथा उन्होनें यह भी कहा कि उनका सपना है कि "बस्तर औषधीय पौधों के माध्यम से दुनिया का सबसे समृद्ध क्षेत्र बन सके" । ✅ बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव द्वारा माननीय अध्यक्ष श्री विकास मरकाम एवं बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला को यह आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द दिए गए निर्देशानुसार विस्तृत कार्य योजना बनाकर औषधीय पौधों की खेती के जरिए प्रथम चरण में बस्तर क्षेत्र में तत्काल कार्य शुरू किया जाएगा, जिसमें बस्तर क्षेत्र में पहले से की जा रही पॉम ट्री तथा नीलगिरी के प्लटिशन में औषधीय पौधों की मल्टीकापिंग द्वारा कार्य किया जावेगा तथा जल्द से जल्द बोर्ड/शासन की सभी योजनाओं को धरातल पर पहुँचाने हेतु द्रुत गति से कार्य किया जावेगा ।
CG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet mediaCG Forest & Climate Change Department tweet media
हिन्दी
0
0
1
110
CG Forest & Climate Change Department
Introducing Arogya Amrit Avaleha, a natural Ayurvedic health supplement prepared at the VDVK Panchakki in Jashpur by women Self Help Groups. Made from forest-sourced herbs, this formulation helps support immunity, mental wellness, and overall health. A product that brings together the power of nature and the dedication of women entrepreneurs, promoting both wellness and community empowerment. chhattisgarhherbal.com #ChhattisgarhHerbals #cgherbals #ArogyaAmritAvaleha #forestproduce #chyawanprash
English
0
0
1
91